-Dinesh kumar
ShareChat
click to see wallet page
@62048639t
62048639t
-Dinesh kumar
@62048639t
पधारो सा! 2 करोड़ लोगां क परिवार म थांको बहुत बहुत
#जमानें में हलचल
जमानें में हलचल - बाहों में आकर अब मुझे खराब तुम्हारी लगता है, क्योंकि पहले तू आदमी भोला भाला था, अब तू आदमी खराब लगता है। TR बाहों में आकर अब मुझे खराब तुम्हारी लगता है, क्योंकि पहले तू आदमी भोला भाला था, अब तू आदमी खराब लगता है। TR - ShareChat
#जमानें में हलचल #जमानें में हलचल ✍️🙏
जमानें में हलचल - भला मैं कैसे कहूँ तुझे अपना, क्योंकि तुमनें तो तोडा़ है,मेरा हर सपना। भला मैं कैसे कहूँ तुझे अपना, क्योंकि तुमनें तो तोडा़ है,मेरा हर सपना। - ShareChat
#जमानें में हलचल #जमानें में हलचल ✍️🙏
जमानें में हलचल - दिए हम तुम्हें अपना दिल तो दे ' বনম मगर आप हमें दे रहें हैं गम, अब तो ऐसा लगता है हमें , कि अपनी मस्ती भरी जिंदगी में आग लगा चुके हैं हम। दिए हम तुम्हें अपना दिल तो दे ' বনম मगर आप हमें दे रहें हैं गम, अब तो ऐसा लगता है हमें , कि अपनी मस्ती भरी जिंदगी में आग लगा चुके हैं हम। - ShareChat
#जमानें में हलचल #जमानें में हलचल ✍️🙏
जमानें में हलचल - किया नहीं जाता हो जाता है प्यार दिल दिया नहीं जाता , फिर भी दिल दिया जाता है, शादी भी किया नहीं जाता , मगर घर परिवार और समाज के कारण शादी किया जाता है, मगर फिर शादी के बाद क्यों एक दूसरे को दर्द और गम दिया जाता है, इस गम को कम करनें के लिए क्यों दारू पिया जाता है। किया नहीं जाता हो जाता है प्यार दिल दिया नहीं जाता , फिर भी दिल दिया जाता है, शादी भी किया नहीं जाता , मगर घर परिवार और समाज के कारण शादी किया जाता है, मगर फिर शादी के बाद क्यों एक दूसरे को दर्द और गम दिया जाता है, इस गम को कम करनें के लिए क्यों दारू पिया जाता है। - ShareChat
#जमानें में हलचल #जमानें में हलचल ✍️🙏
जमानें में हलचल - दो तीन महीनें के बाद घर आए, हमारी हालचाल भी नहीं पूछा और शूरू हो गए, में जितनें भी बेदर्द पति हैं, दुनियाँ लगता है तुम सबके गुरु हो गए। दो तीन महीनें के बाद घर आए, हमारी हालचाल भी नहीं पूछा और शूरू हो गए, में जितनें भी बेदर्द पति हैं, दुनियाँ लगता है तुम सबके गुरु हो गए। - ShareChat
#जमानें में हलचल #जमानें में हलचल ✍️🙏
जमानें में हलचल - पहले मुहब्बत चीज है क्या सिखो, फिर किसी का हाथ पकड़ना सिखो, फिर हाथ पकड़कर साथ साथ ताउम्र चलना सिखो , कभी सुख दुख में साथ निभाना तो कभी दुख दर्द भी बांटना सिखो। पहले मुहब्बत चीज है क्या सिखो, फिर किसी का हाथ पकड़ना सिखो, फिर हाथ पकड़कर साथ साथ ताउम्र चलना सिखो , कभी सुख दुख में साथ निभाना तो कभी दुख दर्द भी बांटना सिखो। - ShareChat
#जमानें में हलचल #जमानें में हलचल ✍️🙏
जमानें में हलचल - कभी समय की कीमत हम भी नहीं समझते থ कभी अपनों की सेवा में, तो कभी गैरों की सेवा में अपना कीमती समय दिया करते थे, मगर समय के साथ सभी बदल गए॰ हम नासमझ थे,मतलबियों को अपना समझते थे। कभी समय की कीमत हम भी नहीं समझते থ कभी अपनों की सेवा में, तो कभी गैरों की सेवा में अपना कीमती समय दिया करते थे, मगर समय के साथ सभी बदल गए॰ हम नासमझ थे,मतलबियों को अपना समझते थे। - ShareChat
#जमानें में हलचल #जमानें में हलचल ✍️🙏
जमानें में हलचल - एक बार समय हाथ से निकल जाएगा , फिर सारी उम्र पछताओगे , कोई साथ नहीं देगा , कोई हाथ नहीं देगा , घुट घुटकर मर जाओगे| एक बार समय हाथ से निकल जाएगा , फिर सारी उम्र पछताओगे , कोई साथ नहीं देगा , कोई हाथ नहीं देगा , घुट घुटकर मर जाओगे| - ShareChat
#जमानें में हलचल #जमानें में हलचल ✍️🙏
जमानें में हलचल - हमारी जिंदगी में दुख दर्द और गम भरा है तो करें हम, क्या किसी तरह जिंदगी जीना है फिर मरना बस 8, यहाँ के लोग हैं बेरहम , भगवान् भी हैं बेरहम, तो फिर भला क्या करें हम। हमारी जिंदगी में दुख दर्द और गम भरा है तो करें हम, क्या किसी तरह जिंदगी जीना है फिर मरना बस 8, यहाँ के लोग हैं बेरहम , भगवान् भी हैं बेरहम, तो फिर भला क्या करें हम। - ShareChat
#जमानें में हलचल #जमानें में हलचल ✍️🙏
जमानें में हलचल - वैसे तो प्यार हर किसी के लिए जरुरी है, मगर एक दूसरे को अच्छी तरह समझ लेना भी जरुरी है, बिना सोंचे समझे एक के होना, ೯ಾ; फिर कुछ दिनों के बाद, एक दूसरे को खोना, फिर घुट घुटके रोना मजबूरी है। वैसे तो प्यार हर किसी के लिए जरुरी है, मगर एक दूसरे को अच्छी तरह समझ लेना भी जरुरी है, बिना सोंचे समझे एक के होना, ೯ಾ; फिर कुछ दिनों के बाद, एक दूसरे को खोना, फिर घुट घुटके रोना मजबूरी है। - ShareChat