mukesh sharma
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दिल से - मानवता का परिचय जाती और धर्म मानवता की पहचान है ! मारने और काटने की बात करने वाला कोई धर्म नहीं होता है ! इसे केवल जानवर का ही समाज कहा जाता है ! ऐसे लोग केवल अपने लिये जीते है और केवल अपनी बात करते है ! हिन्दू धर्म में खुले में जन सभा , धर्म सभा और मंदिरों में किसी को भी मारने काटने की बात करने नहीं दिया जाता हैं ! हिन्दू धर्म में सभी को मानवता का पाठ पढ़ाया जाता हैं ! यहीं धर्म के कारण आज मानवता भी जिन्दा है जो अपनी बात को खुले में सभी के सामने रखते हैं ! मानवता का परिचय जाती और धर्म मानवता की पहचान है ! मारने और काटने की बात करने वाला कोई धर्म नहीं होता है ! इसे केवल जानवर का ही समाज कहा जाता है ! ऐसे लोग केवल अपने लिये जीते है और केवल अपनी बात करते है ! हिन्दू धर्म में खुले में जन सभा , धर्म सभा और मंदिरों में किसी को भी मारने काटने की बात करने नहीं दिया जाता हैं ! हिन्दू धर्म में सभी को मानवता का पाठ पढ़ाया जाता हैं ! यहीं धर्म के कारण आज मानवता भी जिन्दा है जो अपनी बात को खुले में सभी के सामने रखते हैं ! - ShareChat
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दिल से - जय श्री कृष्णा राधे राधे कोई भी खुशी के अवसर पर बैंड बाजे और ढोल बजवाया जाता है ! ढोल और बैंड बाजे की आवाज पर लोग तन मन से नाचने लगते है ! तथा परिचित लोग नाचते हुए लोगों के ऊपर पैसे घुमाकर ढोल वाले या बैंड बाजे वाले को देते है तो यह गलत है क्यों कि उन पेसो पर अधिकार केवल नाचने वाले का होता है ! ढोल वाले और बैंड बाजे वाले को तो पहले ही उसके बताए कीमत पर लाया गया है जो नाचने वाले का अधिकार छीन रहा होता है ! मुकेश থাম जय श्री कृष्णा राधे राधे कोई भी खुशी के अवसर पर बैंड बाजे और ढोल बजवाया जाता है ! ढोल और बैंड बाजे की आवाज पर लोग तन मन से नाचने लगते है ! तथा परिचित लोग नाचते हुए लोगों के ऊपर पैसे घुमाकर ढोल वाले या बैंड बाजे वाले को देते है तो यह गलत है क्यों कि उन पेसो पर अधिकार केवल नाचने वाले का होता है ! ढोल वाले और बैंड बाजे वाले को तो पहले ही उसके बताए कीमत पर लाया गया है जो नाचने वाले का अधिकार छीन रहा होता है ! मुकेश থাম - ShareChat