पंकज परमानंद मद्धेशिया
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पंकज परमानंद मद्धेशिया
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जीवन अनमोल है। माता -पिता की सेवा करें।
#👌 अच्छी सोच👍 #☝आज का ज्ञान #❤️जीवन की सीख #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
👌 अच्छी सोच👍 - कभी कभार ऐसा होने लगता है कि न हम जीना चाहते हैं, और न हीं मरना चाहते हैं।हालांकि मरना कोई नहीं चाहता है।मगर उस समय ऐसा होता है कि कुछ समझ नहीं आता है,और शरीर सिमटती चली जाती है,ऐसा प्रतीत होता है।उस समय हम अपने आपको न हीं समझ पाते हैं और न हीं समझा पाते हैं।बस सब कुछ अजीब अजीब सी लगने लगती है,उस समय केवल और केवल अब सब कुछ खत्म होने जैसा लगता है।जय श्री राधे कृष्ण.. शांति.!.. राधे राधे.!४ओ पंकज परमानंद मद्धेशिया कभी कभार ऐसा होने लगता है कि न हम जीना चाहते हैं, और न हीं मरना चाहते हैं।हालांकि मरना कोई नहीं चाहता है।मगर उस समय ऐसा होता है कि कुछ समझ नहीं आता है,और शरीर सिमटती चली जाती है,ऐसा प्रतीत होता है।उस समय हम अपने आपको न हीं समझ पाते हैं और न हीं समझा पाते हैं।बस सब कुछ अजीब अजीब सी लगने लगती है,उस समय केवल और केवल अब सब कुछ खत्म होने जैसा लगता है।जय श्री राधे कृष्ण.. शांति.!.. राधे राधे.!४ओ पंकज परमानंद मद्धेशिया - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #☝आज का ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍
❤️जीवन की सीख - लोग समस्या अपनी बता देते हैं,पर लोग दूसरों की समस्या और परेशानी नहीं समझ पाते हैं।जहां तक देखा जाए तो लोग उस इंसान को बहुत कष्ट देते हैं।जो के होते हैं। स्वभाव से शांत , सरल एवम् सहज प्रकृति इनकी समस्या और परेशानी को कोई नहीं समझ पाता 81, पंकज परमानंद मद्धेशिया लोग समस्या अपनी बता देते हैं,पर लोग दूसरों की समस्या और परेशानी नहीं समझ पाते हैं।जहां तक देखा जाए तो लोग उस इंसान को बहुत कष्ट देते हैं।जो के होते हैं। स्वभाव से शांत , सरल एवम् सहज प्रकृति इनकी समस्या और परेशानी को कोई नहीं समझ पाता 81, पंकज परमानंद मद्धेशिया - ShareChat
#☝आज का ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
☝आज का ज्ञान - कुछ शुरुआत करें और उसी में सब लगा दें।अतीत अक्सर कड़वी होती हैं और उसकी यादें हमारे जीवन को कड़वी बना देती हैं।इसलिए ; जीवन में हमारे हमारे करते हुए सामने जो भी जिम्मेदारियां हैं उसका सामना अपने जीवन को बेहतर बनाएं। ७७० Jall -पंकज परमानंद मद्धेशिया कुछ शुरुआत करें और उसी में सब लगा दें।अतीत अक्सर कड़वी होती हैं और उसकी यादें हमारे जीवन को कड़वी बना देती हैं।इसलिए ; जीवन में हमारे हमारे करते हुए सामने जो भी जिम्मेदारियां हैं उसका सामना अपने जीवन को बेहतर बनाएं। ७७० Jall -पंकज परमानंद मद्धेशिया - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #❤️जीवन की सीख #👌 अच्छी सोच👍 #☝आज का ज्ञान
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - ख्बकै जीवना ्ैी चरैशानियाी आढी ह्ैाडुसलिए धैर्खी रुर्खैं और ईश्वरकौ धुन्यवाढ दैद्ै रह्ैाहुवर ह्वालर्थैं खुढ कौ ख्रस्न्न रुखनै क कौशिश करै।्डसकै ख्ााथ ्ख्ाथ याद भी छ्याना खुर्खै कि हवुर कौर्डु आषकै ख्गाथ हरुमैशjा சடிககதத0 -र्पकज् पख्मार्नढ भद्धैशिया ख्बकै जीवना ्ैी चरैशानियाी आढी ह्ैाडुसलिए धैर्खी रुर्खैं और ईश्वरकौ धुन्यवाढ दैद्ै रह्ैाहुवर ह्वालर्थैं खुढ कौ ख्रस्न्न रुखनै क कौशिश करै।्डसकै ख्ााथ ्ख्ाथ याद भी छ्याना खुर्खै कि हवुर कौर्डु आषकै ख्गाथ हरुमैशjा சடிககதத0 -र्पकज् पख्मार्नढ भद्धैशिया - ShareChat
#👌 अच्छी सोच👍 #☝आज का ज्ञान #❤️जीवन की सीख #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
👌 अच्छी सोच👍 - आदमी यह जानते हुए भी लोगों का जीना हरामकरता है किरने के दौरान कुछ लेकर नहीं जाना है।सब यहीं परधरा का धरा रहु जाएगा।पंचतत्व से मिलकर शरीर बना होता है।समय पूरा होने पर उसी में मिल जाता है।लेकिन आदमी नित्य लोगों को नीचा दिखाने में लगा रहता है,और लोगों का जीना हराम कर देता है। ो -पंकज परमानंद मद्धेशिया आदमी यह जानते हुए भी लोगों का जीना हरामकरता है किरने के दौरान कुछ लेकर नहीं जाना है।सब यहीं परधरा का धरा रहु जाएगा।पंचतत्व से मिलकर शरीर बना होता है।समय पूरा होने पर उसी में मिल जाता है।लेकिन आदमी नित्य लोगों को नीचा दिखाने में लगा रहता है,और लोगों का जीना हराम कर देता है। ो -पंकज परमानंद मद्धेशिया - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #❤️जीवन की सीख #☝आज का ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - आदमी के लिए यहु चाहिये किवह अपने जीवनमें संतुलन चर्लें ।लेकिन वहु अपने जीवन में संतुलन बनाने से बनाकर ज्यादा लोगों केजीवन हराम करने में विश्वास रखता है।यह कार्य वह ज्यादातर ईमानदार और सत्यनिष्ठ लोगों के साथ है।जो स्वभाव से शांत और दयालु प्रकृति के होते हैंl ಹhd लेकिन जब वह इन लोगों(जो स्वभाव से शांत और दयालु प्रकृति के होते हैंl) के साथ जीना हराम करता हैतो वह यह चीज भूल जाता है किजो स्वभाव से शांत और दयालु प्रकृति के होते हैं उसके साथ ईश्वर का छत्रछाया होता है। जो हर समय उनकी सहायता करता है।इसलिए जो भी कर्म करें उसे करने से पहले काफी सोच विचार कर लें। अन्यथा आगे चलकर जीवन नरक भी बन सकता है...!ध्यान रखना...!जय श्री सीताराम। 700 -पंकज परमानंद मद्धेशिया आदमी के लिए यहु चाहिये किवह अपने जीवनमें संतुलन चर्लें ।लेकिन वहु अपने जीवन में संतुलन बनाने से बनाकर ज्यादा लोगों केजीवन हराम करने में विश्वास रखता है।यह कार्य वह ज्यादातर ईमानदार और सत्यनिष्ठ लोगों के साथ है।जो स्वभाव से शांत और दयालु प्रकृति के होते हैंl ಹhd लेकिन जब वह इन लोगों(जो स्वभाव से शांत और दयालु प्रकृति के होते हैंl) के साथ जीना हराम करता हैतो वह यह चीज भूल जाता है किजो स्वभाव से शांत और दयालु प्रकृति के होते हैं उसके साथ ईश्वर का छत्रछाया होता है। जो हर समय उनकी सहायता करता है।इसलिए जो भी कर्म करें उसे करने से पहले काफी सोच विचार कर लें। अन्यथा आगे चलकर जीवन नरक भी बन सकता है...!ध्यान रखना...!जय श्री सीताराम। 700 -पंकज परमानंद मद्धेशिया - ShareChat
#☝आज का ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍 #❤️जीवन की सीख #❤️Love You ज़िंदगी ❤️
☝आज का ज्ञान - मां शेरावाली जगत जननी की विदाई एक वर्ष के लिए होती है ज़बकि जन्मदात्री एक बार जब छोड़कर चली जाती हैंतो दोबारा कभी नहीं आती हैंजितना हम माँ जगत जननी के সনি श्रद्धा भाव रखते हैं उतना ही श्रद्धा भाव अपने जन्मदात्री के प्रति भी रखना चाहिये।जय श्री राम.जय मां जगत जननी 35 शेरावाली -पंकज परमानंद मद्वेशिया मां शेरावाली जगत जननी की विदाई एक वर्ष के लिए होती है ज़बकि जन्मदात्री एक बार जब छोड़कर चली जाती हैंतो दोबारा कभी नहीं आती हैंजितना हम माँ जगत जननी के সনি श्रद्धा भाव रखते हैं उतना ही श्रद्धा भाव अपने जन्मदात्री के प्रति भी रखना चाहिये।जय श्री राम.जय मां जगत जननी 35 शेरावाली -पंकज परमानंद मद्वेशिया - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #👌 अच्छी सोच👍 #☝आज का ज्ञान
❤️जीवन की सीख - ೫ ೭ೇ रखते 31 स्वभाव ' ২6^  उन्हें बनाएं ; ,सरल ; ஈக چ भावना ; क & কীনা: हक समाज ' % होते हहै॰ 3ಪ ' 19 3IIq ' दयालुता ; .তন ' ககRி प्रति सीधे- چ٠ নব্ধ  लगते  जीवन  जब `  और दयालु 7 ,মনব্ধ' %' अजमाता ` खाली ; हो जाता 7 নব্ধ সাণব্ধা' हैंःतब ` ,और जब ; %' भी अच्छे, सीधे साढ़े : पूरी तरह से खत्म न ` সবমং লীণী ব্ধী নতযী ম : अजमाता `  मद्धेशिया a काम 8.1, परमानंद : उसका ; दयालु ` 31 -पंकज ` ೫ ೭ೇ रखते 31 स्वभाव ' ২6^  उन्हें बनाएं ; ,सरल ; ஈக چ भावना ; क & কীনা: हक समाज ' % होते हहै॰ 3ಪ ' 19 3IIq ' दयालुता ; .তন ' ககRி प्रति सीधे- چ٠ নব্ধ  लगते  जीवन  जब `  और दयालु 7 ,মনব্ধ' %' अजमाता ` खाली ; हो जाता 7 নব্ধ সাণব্ধা' हैंःतब ` ,और जब ; %' भी अच्छे, सीधे साढ़े : पूरी तरह से खत्म न ` সবমং লীণী ব্ধী নতযী ম : अजमाता `  मद्धेशिया a काम 8.1, परमानंद : उसका ; दयालु ` 31 -पंकज ` - ShareChat
#👌 अच्छी सोच👍 #☝आज का ज्ञान #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #❤️जीवन की सीख
👌 अच्छी सोच👍 - अपना दुख किसी को क्या बताएं हम? न बताने पर लोग गलत सोचते हैं. बताने पर भी लोग विश्वास नहीं करते हैं. इसलिए दुख को ही अपना साथी बना लेना चाहिए. -पंकज परमानंद मद्धेशिया अपना दुख किसी को क्या बताएं हम? न बताने पर लोग गलत सोचते हैं. बताने पर भी लोग विश्वास नहीं करते हैं. इसलिए दुख को ही अपना साथी बना लेना चाहिए. -पंकज परमानंद मद्धेशिया - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #☝आज का ज्ञान #👌 अच्छी सोच👍
❤️जीवन की सीख - / सुविचार. आज का कोई कितना भी अनपढ़, अशिक्षित या कम पढ़ा लिखा क्यों न हो?्अगर उसके पास धन दौलत का अथाह सागर है,तो वह दुनिया का सबसे शिक्षित व्यक्ति माना है.और वह दुनिया में सभी के लिए प्रिय होता আনা है,क्योंकि दुनिया पैसों के लिए मरती है. इसके विपरीत,कोई कितना भी पढ़ा लिखा, ज्ञानी महात्मा  क्यों न हों?्अगर वह बेहद FRTಕ3T ` गरीब है,तो वह का सबसे డ్రైFuT इंसान माना जाता है,और वह दुनिया में सभी के लिए अप्रिय होता है.वह दर दर ठोकर खाता है,क्योंकि दुनिया पैसों के लिए मरती है,मनुष्य के प्रेम भावनाओं के लिए नहीं.  -पंकज परमानंद मद्धेशिया(२६ 09-२०२४) / सुविचार. आज का कोई कितना भी अनपढ़, अशिक्षित या कम पढ़ा लिखा क्यों न हो?्अगर उसके पास धन दौलत का अथाह सागर है,तो वह दुनिया का सबसे शिक्षित व्यक्ति माना है.और वह दुनिया में सभी के लिए प्रिय होता আনা है,क्योंकि दुनिया पैसों के लिए मरती है. इसके विपरीत,कोई कितना भी पढ़ा लिखा, ज्ञानी महात्मा  क्यों न हों?्अगर वह बेहद FRTಕ3T ` गरीब है,तो वह का सबसे డ్రైFuT इंसान माना जाता है,और वह दुनिया में सभी के लिए अप्रिय होता है.वह दर दर ठोकर खाता है,क्योंकि दुनिया पैसों के लिए मरती है,मनुष्य के प्रेम भावनाओं के लिए नहीं.  -पंकज परमानंद मद्धेशिया(२६ 09-२०२४) - ShareChat