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#👍 सफलता के मंत्र ✔️
👍 सफलता के मंत्र ✔️ - नमस्कार व्यक्ति की वाणी एक ऐसा हथियार होती है जो दिल को चीर भी देती है ओर दिलो में सदैव बसा भी देती है यह व्यक्ति के व्यवहार पर निर्भर करता है। तभी है कि जीवन में तकलीफ़ उसी तो अक्सर कहते को आती है जो हमेशा जवाब दारी उठाने को तैयार रहते है और जवाब दारी लेने वाले कभी हारते नही या तो जीतते है या फिर सिखते है। अभिमन्यु एक बात बड़ी शिक्षा देतीं हैं हिम्मत से हारना षर কিম্সন মন ক্াহনা | विकास कुमार हांसी। नमस्कार व्यक्ति की वाणी एक ऐसा हथियार होती है जो दिल को चीर भी देती है ओर दिलो में सदैव बसा भी देती है यह व्यक्ति के व्यवहार पर निर्भर करता है। तभी है कि जीवन में तकलीफ़ उसी तो अक्सर कहते को आती है जो हमेशा जवाब दारी उठाने को तैयार रहते है और जवाब दारी लेने वाले कभी हारते नही या तो जीतते है या फिर सिखते है। अभिमन्यु एक बात बड़ी शिक्षा देतीं हैं हिम्मत से हारना षर কিম্সন মন ক্াহনা | विकास कुमार हांसी। - ShareChat
#👍 सफलता के मंत्र ✔️
👍 सफलता के मंत्र ✔️ - नमस्कार कभी भी किसी को भला-बुरा 4 পক্কল कहने 46 आवश्यक सोच ले कि यदि वही शब्द कोई आपसे कहे तो आपको कैसा प्रतित होगा| छल में बेशक बल है लेकिन प्रेम में आज भी हल है। जीवन एक ऐसा रंगमंच है जहाँ किरदार को खुद नही पता होता की अगला दृश्य क्या होगा। इसलिए अपने अपने कर्म पर ध्यान देकर सदैव दूसरों के प्रति प्रेम भाव अपने हृदय में रखे जरूर नहीं है कि सब लोग हमें समझ पाएं क्योंकि तराजू तो सिर्फ वजन बता सकता है गुणवत्ता नही। विकास कुमार हांसी। नमस्कार कभी भी किसी को भला-बुरा 4 পক্কল कहने 46 आवश्यक सोच ले कि यदि वही शब्द कोई आपसे कहे तो आपको कैसा प्रतित होगा| छल में बेशक बल है लेकिन प्रेम में आज भी हल है। जीवन एक ऐसा रंगमंच है जहाँ किरदार को खुद नही पता होता की अगला दृश्य क्या होगा। इसलिए अपने अपने कर्म पर ध्यान देकर सदैव दूसरों के प्रति प्रेम भाव अपने हृदय में रखे जरूर नहीं है कि सब लोग हमें समझ पाएं क्योंकि तराजू तो सिर्फ वजन बता सकता है गुणवत्ता नही। विकास कुमार हांसी। - ShareChat
#👍 सफलता के मंत्र ✔️
👍 सफलता के मंत्र ✔️ - नमस्कार दोस्ती का मतलब एक प्यारा सा दिल जो कभी भी नफ़रत नहीं करता एक प्यारी सी मुस्कान जो कभी फीकी नहीं पडती एक एहसास जो कभी दुःख नहीं एक ऐसा रिश्ता जो कभी ख़त्म नहीं होता तभी देता है कि तेरा मेरा करते एक दिन तो अक्सर कहते चले जाना है जो भी कमाया यही रह जाना है कर कुछ अच्छे कर्म साथ यही तेरे ही जाना है। मुझे वो रिश्ते पसंद है जिनमें मैं नहीं हम हो इंसानियत নিল ম ম্ীনী ;৩০ विकासफुपार हांसी। नमस्कार दोस्ती का मतलब एक प्यारा सा दिल जो कभी भी नफ़रत नहीं करता एक प्यारी सी मुस्कान जो कभी फीकी नहीं पडती एक एहसास जो कभी दुःख नहीं एक ऐसा रिश्ता जो कभी ख़त्म नहीं होता तभी देता है कि तेरा मेरा करते एक दिन तो अक्सर कहते चले जाना है जो भी कमाया यही रह जाना है कर कुछ अच्छे कर्म साथ यही तेरे ही जाना है। मुझे वो रिश्ते पसंद है जिनमें मैं नहीं हम हो इंसानियत নিল ম ম্ীনী ;৩০ विकासफुपार हांसी। - ShareChat
#👍 सफलता के मंत्र ✔️
👍 सफलता के मंत्र ✔️ - नमस्कार काम में पूरी तरह मन का संकल्प और शरीर का पराक्रम यदि किसी  लगा दिया जाए तो सफलता मिल कर रहेगी ईज्जत , शौहरत और खरीदी नहीं जाती इन्हें तो अपने व्यवहार से ही कमाना पड़ता दुआएँ ` है तभी तो अक्सर कहते है कि पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है पर कोई समस्या ऐसी नहीं है जिस को समस्या न हो और  বৃথ্বী जिसका कोई समाधान न हो मंजिल चाहें कितनी भी ऊँची क्यों न हो रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते है गलतफहमियों के सिल सिले इतने दिलचस्प हैं कि हर ईंट सोचती है दीवार मुझ पर टिकी है। विकास कुमार हांसी नमस्कार काम में पूरी तरह मन का संकल्प और शरीर का पराक्रम यदि किसी  लगा दिया जाए तो सफलता मिल कर रहेगी ईज्जत , शौहरत और खरीदी नहीं जाती इन्हें तो अपने व्यवहार से ही कमाना पड़ता दुआएँ ` है तभी तो अक्सर कहते है कि पृथ्वी पर कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है पर कोई समस्या ऐसी नहीं है जिस को समस्या न हो और  বৃথ্বী जिसका कोई समाधान न हो मंजिल चाहें कितनी भी ऊँची क्यों न हो रास्ते हमेशा पैरों के नीचे ही होते है गलतफहमियों के सिल सिले इतने दिलचस्प हैं कि हर ईंट सोचती है दीवार मुझ पर टिकी है। विकास कुमार हांसी - ShareChat
#👍 सफलता के मंत्र ✔️
👍 सफलता के मंत्र ✔️ - नमस्कार वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है जीवन में कितना कुछ खो गया इस पीडा को भूल कर क्या नया कर सकते हैं इसी में जीवन की सार्थकता है तभी तो कहते है कि एक पुस्तक कितनी भी पुरानी हो जाए उसके शब्द नहीं बदलते अच्छे संबंधों की भी यही पहचान है। काँच के टुकडे बन कर रहेंगे तो कोई तुम्हें छुऐगा भी नहीं जिस दिन दर्पण बन जाओगे तो बिना तुम्हें देखे कोई रहेगा भी ٥١٤٢١ विकास कुमार हांसी। नमस्कार वृक्ष कभी इस बात पर व्यथित नहीं होता कि उसने कितने पुष्प खो दिए वह सदैव नए फूलों के सृजन में व्यस्त रहता है जीवन में कितना कुछ खो गया इस पीडा को भूल कर क्या नया कर सकते हैं इसी में जीवन की सार्थकता है तभी तो कहते है कि एक पुस्तक कितनी भी पुरानी हो जाए उसके शब्द नहीं बदलते अच्छे संबंधों की भी यही पहचान है। काँच के टुकडे बन कर रहेंगे तो कोई तुम्हें छुऐगा भी नहीं जिस दिन दर्पण बन जाओगे तो बिना तुम्हें देखे कोई रहेगा भी ٥١٤٢١ विकास कुमार हांसी। - ShareChat
#👍 सफलता के मंत्र ✔️
👍 सफलता के मंत्र ✔️ - नमस्कार किसी के साथ हंसते हंसते उतने ही हक से रूठ ना भी आना चाहिए। अपनो की आँखो का पानी धीरे से पोछना भी आना चाहिए। दोस्ती मे कैसा मान अपमान बस अपनों के दिल मे रहना आना चाहिए तभी तो अक्सर कहते है कि ताकत बढ़ती है जब हम हिम्मत करते है जब हम एक जुट होते हैं ओर प्यार जब बढ़ता E, ভক্রবা বত্র बढ़ती  है जब हम मन साझा करते हैं और रिश्ता बढ़ता है जब एक दूसरे सच्चाई से अपने रिश्ते को कि हम परवाह करते हैं। ईमानदारी ओर  निभाने का नाम ही महोब्बत है। विकास कुमार हांसी| नमस्कार किसी के साथ हंसते हंसते उतने ही हक से रूठ ना भी आना चाहिए। अपनो की आँखो का पानी धीरे से पोछना भी आना चाहिए। दोस्ती मे कैसा मान अपमान बस अपनों के दिल मे रहना आना चाहिए तभी तो अक्सर कहते है कि ताकत बढ़ती है जब हम हिम्मत करते है जब हम एक जुट होते हैं ओर प्यार जब बढ़ता E, ভক্রবা বত্র बढ़ती  है जब हम मन साझा करते हैं और रिश्ता बढ़ता है जब एक दूसरे सच्चाई से अपने रिश्ते को कि हम परवाह करते हैं। ईमानदारी ओर  निभाने का नाम ही महोब्बत है। विकास कुमार हांसी| - ShareChat
#🌷शुभ बुधवार
🌷शुभ बुधवार - नमस्कार चेहरे पर नूर तभी आएगा जब अंदर का गुरूर बाहर आएगा| खुश रहना है तो चुप रहना सीखो क्योंकि खुशियों को शोर पसंद नहीं है। इसीलिए कहते है कि विचारों को वश में रखिए वो आपके शब्द बनेंगे शब्दों को वश में रखिए वो आपके कर्म बनेंगे कर्मों रखिए को वश में वो आपके आदत बनेंगे आदतों को वश में रखिए वो आपका चरित्र बनेंगे। तभी जीवन सरल बनेगा विकास कुमार हांसी नमस्कार चेहरे पर नूर तभी आएगा जब अंदर का गुरूर बाहर आएगा| खुश रहना है तो चुप रहना सीखो क्योंकि खुशियों को शोर पसंद नहीं है। इसीलिए कहते है कि विचारों को वश में रखिए वो आपके शब्द बनेंगे शब्दों को वश में रखिए वो आपके कर्म बनेंगे कर्मों रखिए को वश में वो आपके आदत बनेंगे आदतों को वश में रखिए वो आपका चरित्र बनेंगे। तभी जीवन सरल बनेगा विकास कुमार हांसी - ShareChat
#👍 सफलता के मंत्र ✔️
👍 सफलता के मंत्र ✔️ - नमस्कार चावल अगर कुमकुम के साथ मिल जाए तो मस्तक तक पहुंच जाते हैं और दाल के साथ मिल जाए तो खिचड़ी बन जाती हैं। हम किनकी संगत में है यह बहुत महत्वपूर्ण है। जरूर कोई तो लिखता होगा कागज और पत्थर का भी नसीब वरना ये नहीं कि कोई पत्थर ठोकर खाए और कोई मुमकिन पत्थर भगवान बन जाए और कोई कागज रद्दी और कोई कागज गीता बन जाए। विकास कुमार हांसी। नमस्कार चावल अगर कुमकुम के साथ मिल जाए तो मस्तक तक पहुंच जाते हैं और दाल के साथ मिल जाए तो खिचड़ी बन जाती हैं। हम किनकी संगत में है यह बहुत महत्वपूर्ण है। जरूर कोई तो लिखता होगा कागज और पत्थर का भी नसीब वरना ये नहीं कि कोई पत्थर ठोकर खाए और कोई मुमकिन पत्थर भगवान बन जाए और कोई कागज रद्दी और कोई कागज गीता बन जाए। विकास कुमार हांसी। - ShareChat
#👍 सफलता के मंत्र ✔️
👍 सफलता के मंत्र ✔️ - नमस्कार भी बहुत  है पर मैं बेईमान नहीं कमियां तो সুভা ম मैं सबको अपना मानता हूँ सोचता हूँ फायदा या नुकसान नहीं एक शौक है शान से जीने का कोई गुमान नहीं छोड़ दूं बुरे वक्त में अपनों मुझमें 31 का साथ वैसा तो मैं इंसान नहीं मिलना और मिलाना कोशिश है मेरी हर कोई खुश रहे यह चाहत है मेरी मेरे भले ही मुझे कोई याद करे या ना करे अपनों को याद करने की आदत है मेरी। विकास कुमार हांसी। नमस्कार भी बहुत  है पर मैं बेईमान नहीं कमियां तो সুভা ম मैं सबको अपना मानता हूँ सोचता हूँ फायदा या नुकसान नहीं एक शौक है शान से जीने का कोई गुमान नहीं छोड़ दूं बुरे वक्त में अपनों मुझमें 31 का साथ वैसा तो मैं इंसान नहीं मिलना और मिलाना कोशिश है मेरी हर कोई खुश रहे यह चाहत है मेरी मेरे भले ही मुझे कोई याद करे या ना करे अपनों को याद करने की आदत है मेरी। विकास कुमार हांसी। - ShareChat
#👍 सफलता के मंत्र ✔️
👍 सफलता के मंत्र ✔️ - नमस्कार मैदान में हारा हुआ फिर से जीत सकता है परंतु मन से हारा हुआ कभी नहीं जीत सकता। तभी तो मैं मरम्मत खुद की रोज करता हूँ। फिर भी ना जाने क्यों रोज मेरे अंदर एक नुक्स निकल आता है। मन की लिखूं तो शब्द रूठ जाते हैं और सच लिखूं तो अपने रूठ जाते हैं। मानो तो एक रूह का रिश्ता है हम सभी का ना मानो तो कौन क्या लगता है किसी अपनों में रहो अपने में नहीं| করা विकास कुमार हांसी। नमस्कार मैदान में हारा हुआ फिर से जीत सकता है परंतु मन से हारा हुआ कभी नहीं जीत सकता। तभी तो मैं मरम्मत खुद की रोज करता हूँ। फिर भी ना जाने क्यों रोज मेरे अंदर एक नुक्स निकल आता है। मन की लिखूं तो शब्द रूठ जाते हैं और सच लिखूं तो अपने रूठ जाते हैं। मानो तो एक रूह का रिश्ता है हम सभी का ना मानो तो कौन क्या लगता है किसी अपनों में रहो अपने में नहीं| করা विकास कुमार हांसी। - ShareChat