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दिनांक: 28 अप्रैल, 2026
नोएडा: 40 हजार श्रमिकों के आंदोलन को कुचला, 350 नाबालिगों समेत 1,200 गिरफ्तार सीटू ने ILO में की शिकायत — कहा, "ग्लोबल साउथ के लिए वैश्विक मूल्य श्रृंखलाएं गुलामी की जंजीरें बनीं"
नई दिल्ली/नोएडा: सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स CITU की दिल्ली राज्य कमेटी ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों पर हुए "अभूतपूर्व राज्य दमन" के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ILO में शिकायत दर्ज की है। सीटू ने इसे "ट्रेड यूनियन लोकतंत्र की हत्या" और "ग्लोबल साउथ के मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश" करार दिया है।
एक नज़र में पूरा मामला:
• जन-उभार: 9 अप्रैल 2026 को रिचा ग्लोबल से शुरू हुआ विरोध 40,000-45,000 श्रमिकों तक फैला। 10 साल से जमी 11,314 रुपये की न्यूनतम मजदूरी, बोनस-ओवरटाइम की लूट और एलपीजी संकट ने आग में घी डाला। • पुलिसिया कहर: 13 से 17 अप्रैल के बीच 1,200 गिरफ्तारियां। कासना में 350+ नाबालिग और 800 वयस्कों को हिरासत में रखा गया। महिलाओं, राहगीरों तक को नहीं बख्शा। फैक्ट्री गेट से मजदूर उठाए गए। • यूनियन पर हमला: जिला-स्तरीय नेताओं को नजरबंद किया गया। सीटू दफ्तर सील, ड्रोन से निगरानी। "अज्ञात" के नाम पर FIR की बौछार कर दहशत फैलाई गई। • कानून की धज्जियां: ILO कन्वेंशन 87 व 98, संविधान का अनुच्छेद 19, औद्योगिक विवाद अधिनियम, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम सब ताक पर। श्रम विभाग ने सुलह कराने से हाथ खींच लिए।
सीटू महासचिव अनियन पी०वी० ने कहा:
"नोएडा में जो हुआ वह आपातकाल से कम नहीं। एक तरफ भूखी मजदूरी, दूसरी तरफ पुलिस की लाठी। यह साफ दिखाता है कि वैश्विक मूल्य श्रृंखलाएं अब ग्लोबल साउथ के लिए शोषण और गुलामी की जंजीरें बन चुकी हैं। त्रिपक्षीय वार्ता की जगह ड्रोन और हथकड़ी ने ले ली है। ILO अगर अब भी चुप रहा तो औद्योगिक लोकतंत्र दफन हो जाएगा।"
ILO से सीटू की 5 सूत्री मांग:
1. त्काल रिहाई: हिरासत में बंद सभी श्रमिकों और नाबालिगों को बिना शर्त रिहा किया जाए। 2. FIR वापसी: श्रमिकों और यूनियन नेताओं पर दर्ज सभी मुकदमे वापस हों। 3. न्यायिक जांच: पुलिस ज्यादतियों की हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से स्वतंत्र जांच कराई जाए। 4. बातचीत बहाल हो: सामूहिक सौदेबाजी और सुलह प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। 5. जवाबदेही तय हो: भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को अंतर्राष्ट्रीय श्रम मानकों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए।
सीटू ने चेतावनी दी कि नोएडा "लेबर टेस्टिंग ग्राउंड" बन गया है। अगर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने दखल नहीं दिया तो पूरे देश में श्रम कानूनों को पुलिस बूटों तले कुचलने का रास्ता खुल जाएगा।
जारीकर्ता:
अनियन पी०वी०
महासचिव, सीटू दिल्ली राज्य कमेटी
मो: 9582519739 #🌟 All About Spotlight
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