तत्काल प्रकाशनार्थ
दिनांक: 1 मई 2026
मजदूर दिवस पर पुलिस की रोक के बावजूद झंडारोहण संपन्न सीटू का आरोप: पूर्व सहमति के बाद भी प्रशासन ने किया गतिरोध पैदा करने का प्रयास
ग्रेटर नोएडा/नोएडा, 1 मई 2026: सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) गौतमबुद्ध नगर ने आज पुलिस-प्रशासन के तमाम अवरोधों के बावजूद मजदूर दिवस के सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न किए।
मुख्य घटनाक्रम:
1. कार्यक्रम में बदलाव का कारण
30 अप्रैल को प्रशासन से वार्ता के बाद क्राउन प्लाजा, सूरजपुर में प्रस्तावित जनसभा स्थगित कर अनमोल इंडस्ट्रीज, उद्योग विहार पर प्रातः 7:00 से 8:30 बजे तक झंडारोहण व मिष्ठान वितरण का निर्णय लिया गया था। जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा था कि "औद्योगिक शांति व सौहार्द के लिए हमने जिम्मेदारी दिखाई।"
2. पुलिस द्वारा रोक की कोशिश
पूर्व सहमति के बावजूद 1 मई की सुबह पुलिस ने मजदूरों को कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने का प्रयास किया। सीटू जिला महासचिव रामस्वारथ को हाउस अरेस्ट किया गया। अनमोल इंडस्ट्रीज पर सभा के दौरान पुलिस ने नारे लगाने व झंडा-बैनर लगाने से रोका।
3. मजदूरों का प्रतिरोध
सीटू नेताओं व मजदूरों ने पुलिस के सामने कड़ा रुख अपनाया और साफ कहा कि "मजदूर दिवस का कार्यक्रम जैसे होता है वैसे ही होगा। गिरफ्तारी करनी है या लाठी चलानी है, कर लीजिए। हम मई दिवस इसी तरह मनाएंगे।" इसके बाद प्रशासन पीछे हटा।
4. झंडारोहण संपन्न • अनमोल इंडस्ट्रीज: जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राघव ने झंडारोहण किया। • सीटू जिला कार्यालय, सेक्टर-8: सीटू राष्ट्रीय सचिव कामरेड कारुमलायन ने झंडारोहण किया।
सभा को संबोधित करने वाले प्रमुख नेता:
सीटू राष्ट्रीय सचिव कामरेड ए.आर. सिंधु, कामरेड कारुमलायन, दिल्ली राज्य महासचिव कामरेड पी.वी. अनियन, सचिव मंडल सदस्य कामरेड अनुराग सक्सेना, कामरेड सुनंद, जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार राघव, महासचिव रामस्वारथ, सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा, उपाध्यक्ष रामसागर, किसान सभा जिला अध्यक्ष रुपेश वर्मा, पूर्व बार अध्यक्ष एडवोकेट उमेश भाटी, जनवादी महिला समिति की आशा यादव, रेखा चौहान, एसएफआई नेता सूरज सहित कई नेताओं ने मजदूर एकता व शांतिपूर्ण संघर्ष पर जोर दिया।
सीटू का बयान:
"प्रशासन का रवैया मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। पूर्व सहमति के बाद भी हाउस अरेस्ट व गतिरोध पैदा करना निंदनीय है। सीटू औद्योगिक शांति के साथ-साथ मजदूरों के अधिकारों के लिए कानूनी व जन-अभियान जारी रखेगा।"
अन्य स्थानों पर कार्यक्रम:
वाइब्रा कास्टिक इंडिया लिमिटेड फेज-2 नोएडा, अंबुजा सीमेंट दादरी व अन्य कार्यस्थलों पर भी शांतिपूर्ण झंडारोहण हुआ।
संपर्क:
मुकेश कुमार राघव - अध्यक्ष: 9311455728
रामस्वारथ - महासचिव: 9899847783
गंगेश्वर दत्त शर्मा - सचिव: 9811595701, 9899847783
ईमेल: citunoida@gmail.com
कार्यालय: निकट ए-2, सेक्टर-8, नोएडा #🌟 All About Spotlight
प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक: 30 अप्रैल 2026
स्थान: नोएडा, गौतम बुद्ध नगर
मजदूर दिवस से डरी सरकार! मजदूर नेताओं की नजरबंदी पर किसान सभा का तीखा हमला
गौतम बुद्ध नगर में पुलिस द्वारा मजदूर नेताओं की गैरकानूनी नजरबंदी और 1 मई (मजदूर दिवस) के आयोजन को कुचलने की साजिश पर किसान सभा ने कड़ा और तीखा विरोध दर्ज किया है।
पूरी दुनिया में 1 मई को मजदूरों के अधिकारों के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है, लेकिन नोएडा में भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन इसे रोकने पर आमादा है। यह सीधा-सीधा मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है।
मजदूर नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, रामसागर और रामस्वार्थ को निशाना बनाते हुए पुलिस ने नाजायज दबाव बनाया। सीटू कार्यालय, नोएडा में 300 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दहशत का माहौल बनाया गया और रामस्वार्थ को जबरन उठाकर ले जाया गया।
क्राउन प्लाजा के सामने पार्क हर वर्ष की तरह होने वाली जनसभा को दबाव बनाकर रद्द कराया गया। पहले पुलिस ने अनमोल कंपनी परिसर में सुबह 7:00 से 8:30 बजे तक मई दिवस मनाने की अनुमति देने की बात कही, लेकिन बाद में अपने ही वादे से मुकरते हुए रामस्वार्थ को गैरकानूनी नजरबंदी में डाल दिया — यह पुलिस की तानाशाही का खुला नमूना है।
पूरे जिले में पुलिस औद्योगिक क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालकर मजदूरों को डराने-धमकाने का काम कर रही है। गौतम बुद्ध नगर में हालात ऐसे बना दिए गए हैं जैसे कोई घोषित आपातकाल (Emergency) लागू हो।
किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
> “गौतम बुद्ध नगर में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। मजदूर, किसान, पत्रकार—किसी को भी अपनी आवाज उठाने की आज़ादी नहीं है। पुलिस भाजपा सरकार के इशारे पर दमनकारी भूमिका निभा रही है।”
उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन के बावजूद भी पुलिस की मनमानी जारी है और प्रशासन पूरी तरह निरंकुश हो चुका है।
किसान सभा ने मजदूरों के आर्थिक शोषण पर भी सवाल उठाए:
हरियाणा में अकुशल मजदूरी: ₹15,200 प्रति माह
दिल्ली में: ₹18,500 प्रति माह
नोएडा में: मात्र ₹13,690 प्रति माह
यानी सबसे अधिक शोषण नोएडा के मजदूरों का हो रहा है। बढ़ती महंगाई, महंगे सिलेंडर और रोजमर्रा के खर्चों के बीच मजदूरों का जीवन नारकीय हो गया है।
किसान सभा की चेतावनी:
मजदूरों को मई दिवस मनाने से रोकना बंद करो
नजरबंद मजदूर नेताओं को तुरंत रिहा करो
पुलिस की तानाशाही पर लगाम लगाओ
नहीं तो किसान सभा और मजदूर संगठन सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे
किसान सभा ने साफ कहा है कि यह लड़ाई मजदूरों के अधिकारों और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है, जिसे हर हाल में लड़ा जाएगा।
जारीकर्ता:
डॉ. रुपेश वर्मा
जिला अध्यक्ष, किसान सभा
गौतम बुद्ध नगर #🌟 All About Spotlight
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प्रेस विज्ञप्ति
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मई दिवस पर सीटू का आह्वान: शांति व एकजुटता से मनाएं मजदूर दिवस
1 मई को सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा में शहीदों की स्मृति में संकल्प सभा,
नोएडा, 29 अप्रैल 2026: सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) की गौतमबुद्ध नगर जिला कमेटी ने निर्णय लिया है कि वर्तमान माहौल को देखते हुए इस वर्ष मजदूर दिवस 1 मई सादगी और पूर्ण शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाएगा।
इस संबंध में आज सेक्टर-8, नोएडा स्थित सीटू जिला कार्यालय में जिला सचिव मंडल की बैठक हुई। बैठक में सीटू के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड करीम, राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड उमेश, दिल्ली-एनसीआर राज्य अध्यक्ष कॉमरेड वीरेंद्र गौड़, महासचिव कॉमरेड पी.वी. अनियन व उपाध्यक्ष कॉमरेड अनुराग सक्सेना शामिल हुए।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
1. संकल्प सभा: 1 मई 2026 को प्रातः 8:00 बजे क्राउन प्लाजा होटल के सामने, सूरजपुर, ग्रेटर नोएडा स्थित पार्क में मई दिवस के शहीदों की स्मृति में संकल्प सभा होगी। सभा को राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय नेता संबोधित करेंगे। 2. झंडा रोहण: सीटू जिला कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय, मै0 अनमोल इंडस्ट्रीज लि0, वाइब्राकास्टिक इंडिया प्रा0लि0 फेस-2 नोएडा एवं अम्बुजा सीमेंट लि0 दादरी सहित सभी कार्यस्थलों पर शांतिपूर्ण झंडा रोहण किया जाएगा। 3. जन अभियान: औद्योगिक श्रम शांति बहाल करने, आंदोलन के दौरान चोटिल हुए मजदूरों तथा जेल भेजे गए निर्दोष मजदूरों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने हेतु जनपद में व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि श्रमिक आंदोलन की समीक्षा के बाद संगठन ने मजदूरों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, "मौजूदा हालात में मजदूर एकता और शांतिपूर्ण संघर्ष ही रास्ता है।"
संगठन ने स्पष्ट किया कि सभी कार्यक्रम पूरी तरह अनुशासित व शांतिपूर्ण रहेंगे। इस आशय की सूचना 29 अप्रैल को जिलाधिकारी एवं पुलिस आयुक्त, गौतमबुद्ध नगर को पत्र के माध्यम से दे दी गई है।
प्रेषक:
गंगेश्वर दत्त शर्मा
सचिव, सी.आई.टी.यू. जिला कमेटी गौतमबुद्ध नगर
कार्यालय: निकट ए-2, सेक्टर-8, नोएडा
संपर्क: 9811595701, 9899847783 | citunoida@gmail.com #🌟 All About Spotlight
राष्ट्रीय सम्मेलन में नोएडा श्रमिक आंदोलन पर प्रशासन के दमन चक्र की निंदा
नई दिल्ली, 24 अप्रैल 2026: आज राजेंद्र भवन, दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, नई दिल्ली में "रोजगार और सामाजिक अधिकार अभियान" के तत्वावधान में "भारत की विदेश एवं व्यापार नीति तथा ऊर्जा-कृषि-खाद्यान्न संकट" विषय पर एकदिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।
सम्मेलन में आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट, राष्ट्रीय किसान मंच, राष्ट्र उदय पार्टी, राज्याधिकार पार्टी, इंडियन प्रजा कांग्रेस, भारतीय मानव समाज पार्टी सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्य बिंदु:
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा, जिला गौतम बुध नगर के अध्यक्ष कामरेड रुपेश वर्मा ने नोएडा में चल रहे श्रमिक आंदोलन की वर्तमान स्थिति को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा:
1. प्रशासनिक दमन की निंदा: नोएडा में श्रमिकों के जायज आंदोलन को दबाने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा दमन चक्र चलाया जा रहा है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मजदूरों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं और उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है। 2. श्रमिकों के प्रमुख मुद्दे: कामरेड वर्मा ने बताया कि नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन न मिलना, 12-14 घंटे काम कराना, ईएसआई-पीएफ की सुविधा से वंचित रखना, ठेका प्रथा और अचानक छंटनी जैसे गंभीर मुद्दे हैं। श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन हो रहा है। 3. मांग: उन्होंने मांग की कि श्रमिकों के आंदोलन का दमन तुरंत बंद हो, गिरफ्तार मजदूर नेताओं को रिहा किया जाए और श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करवाया जाए। केंद्र व राज्य सरकार की विदेश व व्यापार नीतियों के कारण कृषि-खाद्यान्न संकट और बेरोजगारी बढ़ रही है।
सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि देश में रोजगार का संकट गहराता जा रहा है और सरकार की नीतियां किसान-मजदूर विरोधी हैं। ऊर्जा, कृषि और खाद्यान्न संकट के लिए कॉरपोरेटपरस्त नीतियों को जिम्मेदार ठहराया गया।
सम्मेलन के अंत में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर नोएडा के श्रमिक आंदोलन को पूर्ण समर्थन देने और प्रशासनिक दमन के खिलाफ संयुक्त संघर्ष तेज करने का निर्णय लिया गया। #🌟 All About Spotlight
प्रेस विज्ञप्ति
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दिनांक: 28 अप्रैल, 2026
नोएडा: 40 हजार श्रमिकों के आंदोलन को कुचला, 350 नाबालिगों समेत 1,200 गिरफ्तार सीटू ने ILO में की शिकायत — कहा, "ग्लोबल साउथ के लिए वैश्विक मूल्य श्रृंखलाएं गुलामी की जंजीरें बनीं"
नई दिल्ली/नोएडा: सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स CITU की दिल्ली राज्य कमेटी ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों पर हुए "अभूतपूर्व राज्य दमन" के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ILO में शिकायत दर्ज की है। सीटू ने इसे "ट्रेड यूनियन लोकतंत्र की हत्या" और "ग्लोबल साउथ के मजदूरों को गुलाम बनाने की साजिश" करार दिया है।
एक नज़र में पूरा मामला:
• जन-उभार: 9 अप्रैल 2026 को रिचा ग्लोबल से शुरू हुआ विरोध 40,000-45,000 श्रमिकों तक फैला। 10 साल से जमी 11,314 रुपये की न्यूनतम मजदूरी, बोनस-ओवरटाइम की लूट और एलपीजी संकट ने आग में घी डाला। • पुलिसिया कहर: 13 से 17 अप्रैल के बीच 1,200 गिरफ्तारियां। कासना में 350+ नाबालिग और 800 वयस्कों को हिरासत में रखा गया। महिलाओं, राहगीरों तक को नहीं बख्शा। फैक्ट्री गेट से मजदूर उठाए गए। • यूनियन पर हमला: जिला-स्तरीय नेताओं को नजरबंद किया गया। सीटू दफ्तर सील, ड्रोन से निगरानी। "अज्ञात" के नाम पर FIR की बौछार कर दहशत फैलाई गई। • कानून की धज्जियां: ILO कन्वेंशन 87 व 98, संविधान का अनुच्छेद 19, औद्योगिक विवाद अधिनियम, न्यूनतम मजदूरी अधिनियम सब ताक पर। श्रम विभाग ने सुलह कराने से हाथ खींच लिए।
सीटू महासचिव अनियन पी०वी० ने कहा:
"नोएडा में जो हुआ वह आपातकाल से कम नहीं। एक तरफ भूखी मजदूरी, दूसरी तरफ पुलिस की लाठी। यह साफ दिखाता है कि वैश्विक मूल्य श्रृंखलाएं अब ग्लोबल साउथ के लिए शोषण और गुलामी की जंजीरें बन चुकी हैं। त्रिपक्षीय वार्ता की जगह ड्रोन और हथकड़ी ने ले ली है। ILO अगर अब भी चुप रहा तो औद्योगिक लोकतंत्र दफन हो जाएगा।"
ILO से सीटू की 5 सूत्री मांग:
1. त्काल रिहाई: हिरासत में बंद सभी श्रमिकों और नाबालिगों को बिना शर्त रिहा किया जाए। 2. FIR वापसी: श्रमिकों और यूनियन नेताओं पर दर्ज सभी मुकदमे वापस हों। 3. न्यायिक जांच: पुलिस ज्यादतियों की हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से स्वतंत्र जांच कराई जाए। 4. बातचीत बहाल हो: सामूहिक सौदेबाजी और सुलह प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। 5. जवाबदेही तय हो: भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को अंतर्राष्ट्रीय श्रम मानकों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए।
सीटू ने चेतावनी दी कि नोएडा "लेबर टेस्टिंग ग्राउंड" बन गया है। अगर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने दखल नहीं दिया तो पूरे देश में श्रम कानूनों को पुलिस बूटों तले कुचलने का रास्ता खुल जाएगा।
जारीकर्ता:
अनियन पी०वी०
महासचिव, सीटू दिल्ली राज्य कमेटी
मो: 9582519739 #🌟 All About Spotlight
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