Pradeep Singh
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🔊सुन्दर कांड🕉️ - अहंकार की हार Pradipt @ము {యః फ््यीह्वारपया इतनाशक्तिशाली३ @Pradiptgyan भक्ति की शक्ति प्अहकरकीहिार भक्तिकीजीनए धनुष का रहस्य" @Pradiptgyan भक्ति की शक्ति प्ताकतनेही श्ावना चहिएगण अहंकार की हार Pradipt @ము {యః फ््यीह्वारपया इतनाशक्तिशाली३ @Pradiptgyan भक्ति की शक्ति प्अहकरकीहिार भक्तिकीजीनए धनुष का रहस्य" @Pradiptgyan भक्ति की शक्ति प्ताकतनेही श्ावना चहिएगण - ShareChat
😲🏹 अहंकार बनाम भक्ति का सबसे बड़ा सच! ⚡ 😳 इतना शक्तिशाली होते हुए भी… क्यों हार गया? 🔥 ताकत नहीं, विनम्रता जीतती है हर बार! 🙏 जहां अहंकार हारता है… वहीं भक्ति जीत जाती है! ========>>>>>>"यदि रावण शिव जी का इतना बड़ा भक्त था तो फिर सीता स्वयंवर में वह शिव धनुष क्यों नही उठा पाया ?. दोस्तो ऐसा कहा जाता है की अपने बल से रावण ने एक बार कैलाश पर्वत को उठा लिया था | तब शिवजी ने अपना एक अंगूठा कैलाश पर्वत पर रख दिया जिस कारण रावण कैलाश पर्वत के नीचे दव गया और तब से उसने शिवजी की भक्ति शुरू कर दी और ऐसा कहा जाता है इस धनुष को उठाने के लिए शक्ति की आवश्यकता नहीं थी बल्कि इसका उठाने के लिए निराहंकर और प्रेम की आवश्यकता थी और जब रावण इस धनुष को उठाने आया तो उसके मन में बहुत ही अहंकार था | उसके मन में भगवान शिव के धनुष के प्रति सम्मान कम था और खुद के प्रति अंहकार ज्यादा था | और इस धनुष को उठाने के रावण जितनी सकती लगाता था यह धनुष उतना ही भारी होता जाता था | और फिर रावण इस धनुष को उठाने में असफल हो जाता है | लेकिन प्रभु श्री राम को अच्छे से पता था की यह शिवजी का धनुष है इसलिए उन्होंने सम्मान के साथ इस धनुष को प्रणाम किया और फिर उसे उठा लिया और उस पर पर्तांच्या चढ़ा दी जिससे वह धनुष टूट गया | दोस्तो श्री राम के भक्त कॉमेंट्स में जय श्री राम अवश्य लिखना |" ========>>>> 🧠 💥 ये कहानी सिर्फ शक्ति की नहीं… संस्कार की है 👉 एक तरफ था अहंकार 👉 दूसरी तरफ था सम्मान और भक्ति 🏹 परिणाम सबके सामने है… 🙏 यही सिखाती है ये कथा— भगवान के सामने ताकत नहीं, भावना चलती है ❤️ अगर आप भी मानते हैं कि 👉 “विनम्रता ही सबसे बड़ी शक्ति है” तो कमेंट में लिखें 👉 जय श्री राम 🚩 📊 👉 आपके अनुसार कौन ज्यादा शक्तिशाली है? A. 💪 शारीरिक ताकत B. 🙏 भक्ति और विनम्रता C. 🧠 बुद्धि D. ⚖️ तीनों जरूरी हैं #JaiShreeRam #Ramayan #SanatanDharma #HinduStories #Bhakti #Motivation #SpiritualIndia #LifeLessons #ViralPost #Trending #hindu #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🔊सुन्दर कांड🕉️
hindu - अहंकार की हार Pradipt @ము {యః फ््यीह्वारपया इतनाशक्तिशाली३ @Pradiptgyan भक्ति की शक्ति प्अहकरकीहिार भक्तिकीजीनए धनुष का रहस्य" @Pradiptgyan भक्ति की शक्ति प्ताकतनेही श्ावना चहिएगण अहंकार की हार Pradipt @ము {యః फ््यीह्वारपया इतनाशक्तिशाली३ @Pradiptgyan भक्ति की शक्ति प्अहकरकीहिार भक्तिकीजीनए धनुष का रहस्य" @Pradiptgyan भक्ति की शक्ति प्ताकतनेही श्ावना चहिएगण - ShareChat
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🔊सुन्दर कांड🕉️ - Pradipt R49" ९अद्ध्भुत लीला " aPradiotyan 0టెంచేటరతగెగేమాా घर का रहस्य @Pradiotgyan CCIూHINsGచక్ే देवों का त्याग पजब भगवान को हीछोड़नापड्ुा Pradipt R49" ९अद्ध्भुत लीला " aPradiotyan 0టెంచేటరతగెగేమాా घर का रहस्य @Pradiotgyan CCIూHINsGచక్ే देवों का त्याग पजब भगवान को हीछोड़नापड्ुा - ShareChat
😲🏔️ एक मासूम बच्चे ने छीन लिया देवों का घर! ⚡ 😳 क्या आपने सुना है… भगवान को ही अपने घर से जाना पड़ा? 🔥 एक बच्चे की लीला ने बदल दिया पूरा खेल! 🙏 जहाँ माया होती है, वहाँ देवता भी भ्रमित हो जाते हैं! ========>>>>"एक दिन भगवान विष्णु के पास नारद गए और बोले, 'आप मानवता के लिए एक खराब मिसाल हैं। आप हर समय शेषनाग के ऊपर लेटे रहते हैं। आपकी पत्नी लक्ष्मी हमेशा आपकी सेवा में लगी रहती हैं, और आपको लाड़ करती रहती हैं। इस ग्रह के अन्य प्राणियों के लिए आप अच्छी मिसाल नहीं बन पा रहे हैं। आपको सृष्टि के सभी जीवों के लिए कुछ अर्थपूर्ण कार्य करना चाहिए।' इस आलोचना से बचने और साथ ही अपने उत्थान के लिए (भगवान को भी ऐसा करना पड़ता है) विष्णु तप और साधना करने के लिए सही स्थान की तलाश में नीचे हिमालय तक आए। वहां उन्हें मिला बद्रीनाथ, एक अच्छा-सा, छोटा-सा घर, जहां सब कुछ वैसा ही था जैसा उन्होंने सोचा था। साधना के लिए सबसे आदर्श जगह लगी उन्हें यह। वह उस घर के अंदर गए। घुसते ही उन्हें पता चल गया कि यह तो शिव का निवास है और वह तो बड़े खतरनाक व्यक्ति हैं। अगर उन्हें गुस्सा आ गया तो वह आपका ही नहीं, खुद का भी गला काट सकते हैं। ऐसे में नारायण ने खुद को एक छोटे-से बच्चे के रूप में बदल लिया और घर के सामने बैठ गए। उस वक्त शिव और पार्वती बाहर कहीं टहलने गए थे। जब वे घर वापस लौटे तो उन्होंने देखा कि एक छोटा सा बच्चा जोर-जोर से रो रहा है। पार्वती को दया आ गई। उन्होंने बच्चे को उठाने की कोशिश की। शिव ने पार्वती को रोकते हुए कहा, 'इस बच्चे को मत छूना।’ पार्वती ने कहा, 'कितने क्रूर हैं आप ! कैसी नासमझी की बात कर रहे हैं? मैं तो इस बच्चे को उठाने जा रही हूं। देखिए तो कैसे रो रहा है।' शिव बोले, 'जो तुम देख रही हो, उस पर भरोसा मत करो। मैं कह रहा हूं न, इस बच्चे को मत उठाओ।’ बच्चे के लिए पार्वती की स्त्रीसुलभ मनोभावना ने उन्हें शिव की बातों को नहीं मानने दिया। उन्होंने कहा, 'आप कुछ भी कहें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मेरे अंदर की मां बच्चे को इस तरह रोते नहीं देख सकती। मैं तो इस बच्चे को जरूर उठाऊंगी।’ और यह कहकर उन्होंने बच्चे को उठाकर अपनी गोद में ले लिया। बच्चा पार्वती की गोद में आराम से था और शिव की तरफ बहुत ही खुश होकर देख रहा था। शिव इसका नतीजा जानते थे, लेकिन करें तो क्या करें? इसलिए उन्होंने कहा, 'ठीक है, चलो देखते हैं क्या होता है।’ पार्वती ने बच्चे को खिला-पिला कर चुप किया और वहीं घर पर छोडक़र खुद शिव के साथ गर्म पानी से स्नान के लिए बाहर चली गईं। वहां पर गर्म पानी के कुंड हैं, उसी कुंड पर स्नान के लिए शिव-पार्वती चले गए। लौटकर आए तो देखा कि घर अंदर से बंद था। शिव तो जानते ही थे कि अब खेल शुरू हो गया है। पार्वती हैरान थीं कि आखिर दरवाजा किसने बंद किया? शिव बोले, 'मैंने कहा था न, इस बच्चे को मत उठाना। तुम बच्चे को घर के अंदर लाईं और अब उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया है।’ पार्वती ने कहा, 'अब हम क्या करें?’ शिव के पास दो विकल्प थे। एक, जो भी उनके सामने है, उसे जलाकर भस्म कर दें और दूसरा, वे वहां से चले जाएं और कोई और रास्ता ढूंढ लें। उन्होंने कहा, 'चलो, कहीं और चलते हैं क्योंकि यह तो तुम्हारा प्यारा बच्चा है इसलिए मैं इसे छू भी नहीं सकता। मैं अब कुछ नहीं कर सकता। चलो, कहीं और चलते हैं।’ इस तरह शिव और पार्वती को अवैध तरीके से वहां से निष्कासित कर दिया गया। वे दूसरी जगह तलाश करने के लिए पैदल ही निकल पड़े। दरअसल, बद्रीनाथ और केदारनाथ के बीच, एक चोटी से दूसरी चोटी के बीच, सिर्फ दस किलोमीटर की दूरी है। आखिर में वह केदार में बस गए और इस तरह शिव ने अपना खुद का घर खो दिया। आप पूछ सकते हैं कि क्या वह इस बात को जानते थे। आप कई बातों को जानते हैं, लेकिन फिर भी आप उन बातों को अनदेखा कर उन्हें होने देते हैं।" =====>>>>> 🧠 🙏 कभी-कभी जो दिखता है… वो सच नहीं होता 💥 एक मासूम चेहरा… और भीतर छुपी दिव्य लीला 👉 इस कहानी में सीख है— भावनाओं में बहकर निर्णय लेना हमेशा सही नहीं होता 🔥 यही कारण है कि आज भी 🏔️ केदारनाथ और बद्रीनाथ की कथा इतनी रहस्यमयी है ❤️ अगर आप भी मानते हैं कि भगवान की हर लीला में कोई गहरा संदेश होता है तो कमेंट में लिखें 👉 हर हर महादेव 🔱 📊 👉 आपकी क्या राय है? A. 🙏 यह दिव्य लीला है B. 🤔 एक प्रतीकात्मक कथा C. 📖 आध्यात्मिक संदेश D. ❓ समझ से परे #Mahadev #HarHarMahadev #SanatanDharma #Badrinath #Kedarnath #HinduStories #SpiritualIndia #Bhakti #LifeLessons #ViralPost #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #hindu
🔊सुन्दर कांड🕉️ - Pradipt R49" ९अद्ध्भुत लीला " aPradiotyan 0టెంచేటరతగెగేమాా घर का रहस्य @Pradiotgyan CCIూHINsGచక్ే देवों का त्याग पजब भगवान को हीछोड़नापड्ुा Pradipt R49" ९अद्ध्भुत लीला " aPradiotyan 0టెంచేటరతగెగేమాా घर का रहस्य @Pradiotgyan CCIూHINsGచక్ే देवों का त्याग पजब भगवान को हीछोड़नापड्ुा - ShareChat
😲🐒 क्या सच में उनका एक रहस्यमयी पुत्र भी था? ⚡ 🌊🐟 समुद्र, पसीने की बूंद… और जन्म की अनोखी कहानी! 🧠 Summary मत्स्यराज, जिन्हें मकरध्वज या मत्स्यगर्भा के नाम से भी जाना जाता है, एक रहस्यमयी पात्र हैं जिनकी उत्पत्ति की कथा अत्यंत अनोखी है। कहा जाता है कि समुद्र में गिरी पसीने की एक बूंद को एक मछली ने ग्रहण किया, जिससे उनका जन्म हुआ। दक्षिण-पूर्व एशियाई रामायणों—जैसे बर्मी, थाई और मलय संस्करणों—में इस कथा के कई रोचक रूप मिलते हैं, जो मूल कथा से थोड़े भिन्न होते हुए भी समान तत्वों को दर्शाते हैं। हालांकि, मूल और प्रामाणिक कथा का स्रोत वाल्मीकि रामायण को माना जाता है, जिसे आदिकवि द्वारा रचित पहला महाकाव्य कहा जाता है। यह कथा दर्शाती है कि समय और संस्कृति के साथ कहानियां विकसित होती हैं, लेकिन उनकी मूल भावना हमेशा एक जैसी रहती है। =======>>>>"मत्स्यराज (जिसे मकरध्वज या मत्स्यगर्भा के नाम से भी जाना जाता है) नामक एक राक्षसी उनके पुत्र होने का दावा करती है। मत्स्यराज का जन्म इस प्रकार बताया गया है: एक मछली (मत्स्य) को हनुमान के पसीने की बूंदों से लगाया गया था, जब वह समुद्र में स्नान कर रही थी। दक्षिण-पूर्व एशियाई ग्रंथों में हनुमान बर्मीज़ रामायण में विभिन्न तरीकों से उत्तर भारतीय हिंदू संस्करण से भिन्न होते हैं, जैसे कि राम यगन, अलौंग राम थायगिन (अराकानी बोली में), राम वटु और राम थायीन, मलय रामायण, जैसे हिकायत श्री राम। और हिकायत महाराजा रावण, और रामायण जैसे थाई रामायण। हालाँकि, कुछ मामलों में, कहानी के पहलू हिंदू संस्करणों और रामायण के बौद्ध संस्करणों के समान हैं जो भारतीय उपमहाद्वीप में कहीं और पाए जाते हैं। वाल्मीकि रामायण मूल पवित्र ग्रन्थ है; अन्य लोगों को लोक नृत्य की तरह कला प्रदर्शन के लिए कवियों द्वारा संस्करण संपादित किए जाते हैं, रामायण की सच्ची कहानी वाल्मीकि है, ऋषि वाल्मीकि को आदिकवि "पहला कवि" के रूप में जाना जाता है।" 🚀 😳 क्या आपने कभी सुना है… 👉 एक ऐसी जन्म कथा जो विज्ञान से भी परे है? 🌊 एक बूंद से जन्म… और बन गया एक योद्धा! 🔥 क्या ये सच है या सिर्फ मान्यता? 💬 आपकी क्या राय है? 👇 कमेंट में “जय श्री राम” जरूर लिखें! 📊 👉 आप क्या मानते हैं? A. 📖 यह पूरी तरह सत्य है B. 🤔 आंशिक सत्य C. 🎭 लोककथा/कहानी D. ❓ पता नहीं #Ramayan #HanumanJi #SanatanDharma #HinduMythology #SpiritualIndia #Bhakti #IndianCulture #Motivation #LifeLessons #ViralPost #hindu #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🔊सुन्दर कांड🕉️
hindu - ஒி5ன @"ಡ8 एकर्बूदसे जन्मकीकहानी४ए opradipigyan मुत्स्यगर्भा फ्समुद्रमें छुप रहस्य" Oradpusuan अद्धुत योद्धा ಲ प्रामायणका अनसुन सचछ" ஒி5ன @"ಡ8 एकर्बूदसे जन्मकीकहानी४ए opradipigyan मुत्स्यगर्भा फ्समुद्रमें छुप रहस्य" Oradpusuan अद्धुत योद्धा ಲ प्रामायणका अनसुन सचछ" - ShareChat
😳🐒 जब बेटे ने ही पिता को ललकार दिया…! ⚡ 🔥🕯️ 5 दीपक बुझते ही खत्म हुआ पाताल का आतंक! =====>>>>"हनुमान उसके पिता हैं मगर वो उन्हें पहचान नहीं पाया क्योंकि उसने पहले कभी उन्हें देखा नहीं था। जब हनुमान ने अपना परिचय दिया तो वो जान गया कि ये मेरे पिता हैं मगर फिर भि उसने हनुमान के साथ युद्ध करने का निश्चय किया क्योंकि पातालपुरि के द्वार की रक्षा करना उसका प्रथम कर्तव्य था। हनुमान ने बड़ी आसानी से उसे अपने आधीन कर लिया और पातलपुरी के मुख्यद्वार पर बाँध दिया। पातालपुरी में प्रवेश करने के पश्चात हनुमान ने पता लगा लिया कि अहिरावण का वध करने के लिये उन्हे पाँच दीपकों को एक साथ बुझाना पड़ेगा। अतः उन्होंने पन्चमुखी अवतार(श्री वराह, श्री नरसिम्हा, श्री गरुण, श्री हयग्रिव और स्वयं) धारण किया और एक साथ में पाँचों दीपकों को बुझाकर अहिरावण का अंत किया। अहिरावण का वध होने के पश्चात हनुमान ने प्रभु श्रीराम के आदेशानुसार मकरध्वज को पातालपुरि का नरेश बना दिया। युद्ध समाप्त होने के साथ ही श्रीराम का चौद्ह वर्ष का वनवास भी समाप्त हो चला था। तभी श्रीराम को स्मरण हुआ कि यदि वो वनवास समाप्त होने के साथ ही अयोध्या नहीं पँहुचे तो भरत अपने प्राण त्याग देंगे। साथ ही उनको इस बात का भी आभास हुआ कि उन्हें वहाँ वापस जाने में अंतिम दिन से थोड़ा विलम्ब हो जायेगा, इस बात को सोचकर श्रीराम चिंतित थे मगर हनुमान ने अयोध्या जाकर श्रीराम के आने की जानकारी दी और भरत के प्राण बचाकर श्रीराम को चिंता मुक्त किय।" ===> 🚀 😲 क्या आपने सुना है… 👉 जब बेटे ने ही अपने पिता से युद्ध किया? 🔥 कर्तव्य के आगे रिश्ते भी छोटे पड़ गए! 🙏 और फिर एक भक्त ने… पूरा पाताल हिला दिया! 💬 क्या आप मानते हैं कि कर्तव्य सबसे बड़ा धर्म है? 👇 कमेंट में “जय बजरंगबली” जरूर लिखें! 📊 👉 आपके अनुसार सबसे बड़ी ताकत क्या है? A. 💪 शक्ति B. 🧠 बुद्धि C. 🙏 भक्ति D. ⚖️ कर्तव्य #JaiBajrangbali #HanumanJi #Ramayan #SanatanDharma #HinduMythology #Bhakti #Motivation #LifeLessons #IndianCulture #ViralPost #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #hindu
🔊सुन्दर कांड🕉️ - कर्तव्य का युद्ध Pradipt ಯ नया राजा @tస ््जवबैडेद्ेपिनाकी चुनौती दी४" कर्तव्य का युद्ध m/0 நதபுதகூககிரதூர diotovan पंचमुखी शक्ति ्वचमुखी रूपदेबदळडिया युद्धए Van कर्तव्य का युद्ध Pradipt ಯ नया राजा @tస ््जवबैडेद्ेपिनाकी चुनौती दी४" कर्तव्य का युद्ध m/0 நதபுதகூககிரதூர diotovan पंचमुखी शक्ति ्वचमुखी रूपदेबदळडिया युद्धए Van - ShareChat
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🌺🔥 “जिसने अपमान सहा… और फिर देवी बनकर लौटी!” 😳🙏 “एक ऐसी कहानी… जो हर महिला को शक्ति का अहसास कराए!” 🌟 💔 “अपमान से आत्मदाह… और फिर जन्म हुआ एक नई शक्ति का!” 📖 SUMMARY नवरात्रि के पहले दिन पूजी जाने वाली माँ शैलपुत्री की कथा हमें आत्मसम्मान, शक्ति और नई शुरुआत का संदेश देती है। यह कहानी सती के त्याग, भगवान शिव के क्रोध और पुनर्जन्म के माध्यम से यह दर्शाती है कि हर अंत एक नई शुरुआत हो सकती है। यह पोस्ट भक्ति, प्रेरणा और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर है, जो नवरात्रि के समय विशेष रूप से प्रासंगिक है। ++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++ 👇👇👇पूरी जानकारी के लिए पूरा विस्तार से पड़े 👇👇👇 ++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++ "🌺🔥 “नवरात्रि का पहला दिन… और एक ऐसी देवी जिनकी कहानी सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे!” 😳 “क्या आप जानते हैं…?” जिस देवी की पूजा नवरात्रि के पहले दिन होती है… वो कोई साधारण देवी नहीं… वो वही हैं… जिन्होंने अपने आत्मसम्मान के लिए अग्नि में खुद को समर्पित कर दिया था… 💔🔥 🌺 🕉️ माँ शैलपुत्री की अद्भुत कथा बहुत समय पहले… राजा दक्ष की एक पुत्री थी — सती 🙏 वो भगवान Lord Shiva से अत्यंत प्रेम करती थीं… और उनसे विवाह भी किया 💫 लेकिन… उनके पिता दक्ष इस विवाह से खुश नहीं थे 😡 💔 “जब अपने ही बन जाएं अपमान का कारण…” एक दिन राजा दक्ष ने एक भव्य यज्ञ का आयोजन किया… सभी देवताओं को बुलाया गया… लेकिन… जानबूझकर शिव जी और सती को निमंत्रण नहीं दिया गया… 😢 फिर भी सती अपने पिता के घर चली गईं… क्योंकि उन्हें लगा — “पिता का घर है… बुलावा न भी हो, जा सकती हूँ…” 😭 “वहां जो हुआ… उसने इतिहास बदल दिया…” यज्ञ में सती ने देखा — हर जगह देवताओं का सम्मान हो रहा था… लेकिन उनके पति शिव जी का अपमान… 🔥 यह अपमान सती सह न सकीं… और उसी यज्ञ अग्नि में… अपने प्राण त्याग दिए… ⚡ “यहीं से शुरू होती है एक नई शक्ति…” जब यह समाचार शिव जी तक पहुँचा… तो उनका क्रोध भयंकर हो गया… 🌪️ 💥 उन्होंने वीरभद्र को उत्पन्न किया… और यज्ञ को नष्ट कर दिया… 🌸 “लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती…” सती ने पुनर्जन्म लिया… इस बार पर्वतराज हिमालय के घर… 👉 और बनीं — माँ शैलपुत्री 🙏 🌺 🙏 माँ शैलपुत्री का स्वरूप ✨ वृषभ (बैल) पर सवार ✨ दाहिने हाथ में त्रिशूल ✨ बाएं हाथ में कमल 💫 ये स्थिरता, शक्ति और नई शुरुआत का प्रतीक हैं. 🧿 “क्यों की जाती है पहले दिन इनकी पूजा?” 🙏 क्योंकि… हर शुरुआत में स्थिरता और शक्ति चाहिए… और वही शक्ति देती हैं — माँ शैलपुत्री 🌺 🔱 🌸 माँ शैलपुत्री मंत्र ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः ॥ 🙏 👉 इस मंत्र का जाप करने से ✨ मन में स्थिरता आती है ✨ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है ✨ कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति मिलती है 💫 😳 “याद रखना…” जब भी जीवन में अपमान, दर्द या संघर्ष आए… 👉 उसे अंत मत समझना… वो शायद तुम्हारे अंदर एक नई शक्ति के जन्म की शुरुआत हो… 🌺 जैसे सती बनीं — माँ शैलपुत्री 🙏" +++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++++ 🌺 हर महिला के अंदर एक शक्ति होती है… बस उसे पहचानने की जरूरत है 💫 🙏 क्या आप माँ शैलपुत्री की पूजा करते हैं? 📊 POLL 🧿 क्या आप नवरात्रि का व्रत रखते हैं? हां, पूरे 9 दिन 🙏 सिर्फ कुछ दिन 🌺 नहीं, लेकिन मानता/मानती हूँ 💫 🔥 #Navratri #MaaShailputri #DurgaBhakti #SanatanDharma #SpiritualIndia #HinduCulture #DivineFeminine #Bhakti #PositiveEnergy #🙏गीता ज्ञान🛕 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #hindu
🙏गीता ज्ञान🛕 - Pradipt Roosegfaro ५अपमान से देवी बजने तक की कहानी!२ र्ोशेलपुत्री ptgouu O ब्दवरात्रिकीपिहली देवी का रहस्य!थ ५उक न्याय जिसने डिनिहास बदल दिया Pradipt Roosegfaro ५अपमान से देवी बजने तक की कहानी!२ र्ोशेलपुत्री ptgouu O ब्दवरात्रिकीपिहली देवी का रहस्य!थ ५उक न्याय जिसने डिनिहास बदल दिया - ShareChat
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