Mahesh Gujjar
*�� महादेव के भक्त ��*
*भील-भीलनी की अद्भुत कथा*
चण्ड नामक एक सरल हृदय का भील जंगल में रहता था। वहाँ टूटा-फूटा पुराना शिवालय था। उसमें कोई पूजा नहीं करता था। चण्ड उस मूर्ति को उठाकर अपने घर ले आया और किसी से पूछकर जल, चिताभस्म, बेलपत्र और धतूरे के फूल आदि से श्रद्धापूर्वक भगवान शिव जी की पूजा करने लगा।
जल, बेलपत्र, धतूरे के फूल तो जंगल में थे ही। श्मशान से जाकर वह सात दिनों के लिए चिताभस्म की पोटली बाँध लाता। एक दिन रात को इतनी जोर की वर्षा हुई कि श्मशान की सारी राख बह गई ।
उसी दिन चण्ड की पूजा के लिए लायी हुई चिताभस्म समाप्त हो गई थी। उसने बहुत प्रयत्न किया, कोसों भटक आया; पर कहीं चिता की भस्म नहीं मिली। उसके मन में बड़ा ही दु:ख था, आज भगवान की पूजा कैसे होगी? उसके नेत्रों से आँसू बहने लगे और वह सिर पकड़कर बैठ गया।
उसकी यह दशा देखकर