Shiv Kumar
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#💞दिल की धड़कन #👍 डर के आगे जीत👌 #💓 मोहब्बत दिल से #❤️जीवन की सीख
💞दिल की धड़कन - <<{ मन को कलम से }>> तुझे ये मानव शरीर अनमोल मिला कभी सत्संग में भी जाया कर, जहां होती हो अमृत की वर्षा वहां मलमल कर तू नहाया कर जहां बहती हो ज्ञान की धारा ೯ ತಾಗ डुबकी लगाया कर तुझे कंचन जैसा ये शरीर मिला कभी उस हरि के गुण भी गाया कर -? <<{ शिव कुमार लुखड 1 <<{ मन को कलम से }>> तुझे ये मानव शरीर अनमोल मिला कभी सत्संग में भी जाया कर, जहां होती हो अमृत की वर्षा वहां मलमल कर तू नहाया कर जहां बहती हो ज्ञान की धारा ೯ ತಾಗ डुबकी लगाया कर तुझे कंचन जैसा ये शरीर मिला कभी उस हरि के गुण भी गाया कर -? <<{ शिव कुमार लुखड 1 - ShareChat
#👍 डर के आगे जीत👌 #❤️जीवन की सीख #💞दिल की धड़कन #💓 मोहब्बत दिल से
👍 डर के आगे जीत👌 - <<{ आज का सत्य }>> राजनीति ने ग्रहण लगा दिया लोगों की खुशहाली ম বঁc মিমামন নাহী ন जहर मिला दिया इस मानवता की थाली में वो तन मन से है रंगे हुए इस कोयले की লালী ম, वरना क्या फर्क है तेरी ईद और मेरी दीवाली में, <<{ शिव कुमार लुखड }>> <<{ आज का सत्य }>> राजनीति ने ग्रहण लगा दिया लोगों की खुशहाली ম বঁc মিমামন নাহী ন जहर मिला दिया इस मानवता की थाली में वो तन मन से है रंगे हुए इस कोयले की লালী ম, वरना क्या फर्क है तेरी ईद और मेरी दीवाली में, <<{ शिव कुमार लुखड }>> - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #💓 मोहब्बत दिल से #👍 डर के आगे जीत👌 #💞दिल की धड़कन
❤️जीवन की सीख - मनका कलम स }>> << जहां अमन चैन सुख शांति खुशियां मिलती हो कोई ऐसा भी बाजार होना चाहिए | जहां जाति धर्म मंदिर मस्जिद की बात ना हो कोई अब ऐसी सरकार होनी चाहिए जिनकी उमरिया बीत गई हरि भजन में कभी उन्हें भी दीदार বরা্টিব | होना <[ शिव कुमार लुखड ]>> मनका कलम स }>> << जहां अमन चैन सुख शांति खुशियां मिलती हो कोई ऐसा भी बाजार होना चाहिए | जहां जाति धर्म मंदिर मस्जिद की बात ना हो कोई अब ऐसी सरकार होनी चाहिए जिनकी उमरिया बीत गई हरि भजन में कभी उन्हें भी दीदार বরা্টিব | होना <[ शिव कुमार लुखड ]>> - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #💓 मोहब्बत दिल से #👍 डर के आगे जीत👌 #💞दिल की धड़कन
❤️जीवन की सीख - <<{ मन को कलम स }> जिसे मैं अपना समझता था अब वो नींद भी पराई है, मैं गैरों की क्या बात करूं मैंने अपनों से ठोकर खाई है , यहां सूरज टूट कर बिखर गया ने गुहार और चांद लगाई है, इस शरीर पर घमंड करने वालों कभी नाप तोल कर देख लियो बस एक मुट्ठी राख ही qTక్ే గ్గ్-? शिव कुमार लुखड  << { )>> <<{ मन को कलम स }> जिसे मैं अपना समझता था अब वो नींद भी पराई है, मैं गैरों की क्या बात करूं मैंने अपनों से ठोकर खाई है , यहां सूरज टूट कर बिखर गया ने गुहार और चांद लगाई है, इस शरीर पर घमंड करने वालों कभी नाप तोल कर देख लियो बस एक मुट्ठी राख ही qTక్ే గ్గ్-? शिव कुमार लुखड  << { )>> - ShareChat
#💓 मोहब्बत दिल से #👍 डर के आगे जीत👌 #💞दिल की धड़कन
💓 मोहब्बत दिल से - <८{ सरत्य वचन }> ना जाने कितने आए और आकर चले गए यहां सबका आना जाना जारी है, कभी नाप तोल कर देख लियो राख ही तेरी मुटठी एक মাহী ৪, जाएंगे इक तिनके की तरह एक कंकर भी   हमसे भारी है -? <<[ शिव कुमार लुखड >> <८{ सरत्य वचन }> ना जाने कितने आए और आकर चले गए यहां सबका आना जाना जारी है, कभी नाप तोल कर देख लियो राख ही तेरी मुटठी एक মাহী ৪, जाएंगे इक तिनके की तरह एक कंकर भी   हमसे भारी है -? <<[ शिव कुमार लुखड >> - ShareChat
#👍 डर के आगे जीत👌 #💞दिल की धड़कन #❤️जीवन की सीख #💓 मोहब्बत दिल से
👍 डर के आगे जीत👌 - <<{मन की कलम से}>> ক্িমী ক্ী বামন अरमान हूं मैं নী ক্িমী ব্ধা बस अपनो के रंग बदलने से পথান চুঁ ন, जो कल तलक मुझे समझते थे, अपना आज उन्हीं के लिए हूं मैं अनजान मैं अक्सर यही सोचता 6& क्या---अपने ही घर में मेहमान हूं में | {शिव कुमार लुखड } >> << <<{मन की कलम से}>> ক্িমী ক্ী বামন अरमान हूं मैं নী ক্িমী ব্ধা बस अपनो के रंग बदलने से পথান চুঁ ন, जो कल तलक मुझे समझते थे, अपना आज उन्हीं के लिए हूं मैं अनजान मैं अक्सर यही सोचता 6& क्या---अपने ही घर में मेहमान हूं में | {शिव कुमार लुखड } >> << - ShareChat
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💞दिल की धड़कन - <<{ मन को कलम स }> तुझे हीरा साये मानव तन मिला क्या व्यर्था ही इसे गवाओगे, ये कंचन जैसी काया लेकर क्या अब भी हाथ फेलाओगे , ಫ 'ಕ4 अपने कुकर्मों लाद शीश पर क्या यही लेकर जाओगे, वो हमसे पूछेगा जरूर -?- यह मानव तन। पाकर क्या किया फिर केसे आंख मिलाओगे ? থিব   ক্তমাং লুভরভ ] >> << [ <<{ मन को कलम स }> तुझे हीरा साये मानव तन मिला क्या व्यर्था ही इसे गवाओगे, ये कंचन जैसी काया लेकर क्या अब भी हाथ फेलाओगे , ಫ 'ಕ4 अपने कुकर्मों लाद शीश पर क्या यही लेकर जाओगे, वो हमसे पूछेगा जरूर -?- यह मानव तन। पाकर क्या किया फिर केसे आंख मिलाओगे ? থিব   ক্তমাং লুভরভ ] >> << [ - ShareChat
#👍 डर के आगे जीत👌 #❤️जीवन की सीख #💞दिल की धड़कन #💓 मोहब्बत दिल से
👍 डर के आगे जीत👌 - <<{ ढूढता हू}>> इस नफरत के बाजार में अपनों का प्यार ढूंढता हूं॰, जहां अमनन्चैन सुख शांति मिले वह बाजार ढूंढता हूं हत्या, रेप की खबर हिंसा , ना छपी हो वह अख़बार ঠুনা ৪ুঁ और जहां धर्म, जातिवाद,   राजनीतिकी बातें ना हो वह सरकार ಔGrT ೯ शिव कुमार लुखड़ )>>  [ <<{ ढूढता हू}>> इस नफरत के बाजार में अपनों का प्यार ढूंढता हूं॰, जहां अमनन्चैन सुख शांति मिले वह बाजार ढूंढता हूं हत्या, रेप की खबर हिंसा , ना छपी हो वह अख़बार ঠুনা ৪ুঁ और जहां धर्म, जातिवाद,   राजनीतिकी बातें ना हो वह सरकार ಔGrT ೯ शिव कुमार लुखड़ )>>  [ - ShareChat
#💞दिल की धड़कन #💓 मोहब्बत दिल से #👍 डर के आगे जीत👌 #❤️जीवन की सीख
💞दिल की धड़कन - <<{ मन की कलम से }>> रिश्ते कागजों में सिमट कर रह गए इस दिखावे के संसार में सभी रिश्ते नाते यहां छोड़ चले जाएंगे किसी की आस तो किसी का दिल तोड़ चले जाएंगे , इस जग की मोह माया से मुंह मोड़ चले जाएंगे , एक छोटा सा कोना होगा तेरा रेत पर बिछौना होगा फिर ले मिट्टी की चादर एक दिन ओढ चले जाएंगे - ? <<[ शिय कुमार लुंखड }>> <<{ मन की कलम से }>> रिश्ते कागजों में सिमट कर रह गए इस दिखावे के संसार में सभी रिश्ते नाते यहां छोड़ चले जाएंगे किसी की आस तो किसी का दिल तोड़ चले जाएंगे , इस जग की मोह माया से मुंह मोड़ चले जाएंगे , एक छोटा सा कोना होगा तेरा रेत पर बिछौना होगा फिर ले मिट्टी की चादर एक दिन ओढ चले जाएंगे - ? <<[ शिय कुमार लुंखड }>> - ShareChat
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💓 मोहब्बत दिल से - <<{ लगती है }>> ना वो शब्द रहे ना ज़ुबां रही बोली में बनावट सी लगती है, ना वो मर्द रहे ना खाननपान रहा हर चीज में मिलावट सी लगती है रिश्तों में बगावत सी हा ग्ई मैं हारा  नहीं था पर अब थकावट सी mಸ೯? a mಠ au ) <<{ लगती है }>> ना वो शब्द रहे ना ज़ुबां रही बोली में बनावट सी लगती है, ना वो मर्द रहे ना खाननपान रहा हर चीज में मिलावट सी लगती है रिश्तों में बगावत सी हा ग्ई मैं हारा  नहीं था पर अब थकावट सी mಸ೯? a mಠ au ) - ShareChat