Praveen Kumar Yadav
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Praveen Kumar Yadav
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लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग संस्थान में आग लगने से 14 होनहार विद्यार्थियों के मौत की खबर अत्यंत दुखद है। निजी कोचिंग संस्थानों में लगातार हो रही यह घटनाएं लापरवाही को दर्शाती हैं।प्रशासन से इस घटना की उच्च स्तरीय जाँच की अपेक्षा है जिससे कारणों का ख़ुलासा हो सके। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि मृतकों को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिजनों को यह अपार दुःख सहन‌ करने की शक्ति दे। 🙏😭ओम शांति ओम😭🙏 ##viral #🙌 Never Give Up #sad ##Lucknow #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस
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00:13
आज अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस है। उन सभी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस की विशेष शुभकामनाएं,जो देश को गौरवान्वित करने के पावन उद्देश्य से सतत परिश्रम व लगन करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।खेल से उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है,साथ ही अनुशासित रहते हुए एकजुट प्रयास से सर्वोच्च सफलता प्राप्त करने की प्रेरणा मिलती है। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की स्थापना की स्मृति में हर साल 23 जून को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस मनाया जाता है। इसे पहली बार 1948 में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा खेल कौशल, निष्पक्ष खेल और अंतर्राष्ट्रीय एकता के ओलंपिक आदर्शों को बढ़ावा देने के लिए पेश किया गया था। यह दिन पियरे डी Coubertin द्वारा 1894 में ओलंपिक खेलों के पुनरुद्धार की वर्षगांठ का प्रतीक है, जिन्हें आधुनिक ओलंपिक के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। इस दिन शारीरिक फिटनेस और स्वस्थ जीवन को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तर पर दौड़, प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और चर्चाएं जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस का विषय अक्सर ओलंपिक आंदोलन के मूल्यों, जैसे सम्मान, उत्कृष्टता और मित्रता के इर्द-गिर्द घूमता है। ओलंपिक आंदोलन स्वास्थ्य में सुधार, चरित्र निर्माण और अंतर्राष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देने के साधन के रूप में खेल और शारीरिक गतिविधि के अभ्यास को बढ़ावा देता है। आधुनिक ओलंपिक खेल, जो हर चार साल में आयोजित किए जाते हैं, ओलंपिक आंदोलन की सबसे प्रमुख घटना है। ओलंपिक ध्वज पर पांच छल्ले पांच महाद्वीपों के मिलन और ओलंपिक खेलों में दुनिया भर के एथलीटों की बैठक का प्रतिनिधित्व करते हैं।भारत ने अब तक (2026 तक) ओलंपिक खेलों के इतिहास में कुल 39 पदक जीते हैं, जिसमें 10 स्वर्ण, 9 रजत और 20 कांस्य पदक शामिल हैं।नीरज चोपड़ा ने पुरुषों की भाला फेंक (Javelin Throw) में रजत पदक जीता है । मनु भाकर ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक। मनु भाकर और सरबजोत सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता है। स्वप्निल कुसाले: पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशंस में कांस्य पदक जीते है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम: कांस्य पदक। अमन सहरावत: पुरुषों की फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कुश्ती में कांस्य पदक जीत चुके हैं।🫡🙏🙏🙏 #ĞØØĐ MORNING #🌞 Good Morning🌞 ##viral #MOTIVATIONAL #olympics
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00:13
देश की राष्ट्रपति बनना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। लेकिन कुछ लोग अपने पद से नहीं, अपने व्यवहार से लोगों के दिलों में जगह बनाते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सुखोई-30 MKI और राफेल जैसे लड़ाकू विमानों में उड़ान भरकर साहस की मिसाल पेश की। उन्होंने पनडुब्बी में समुद्र की गहराइयों तक जाकर हमारे जवानों का हौसला बढ़ाया। लेकिन उनकी पहचान सिर्फ इन उपलब्धियों से नहीं बनती। जब एक शहीद की माँ भावुक होकर रो पड़ीं, तो उन्होंने प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना उनके आँसू पोंछे। जब दृष्टिबाधित बच्चों ने उनके जन्मदिन पर गीत गाया, तो उनकी आँखें भी नम हो गईं। यही वह संवेदनशीलता है जो उन्हें सबसे अलग बनाती है।क्योंकि सच्चा नेतृत्व सिर्फ ऊँचे पदों से नहीं, लोगों के दर्द को समझने और उनसे दिल से जुड़ने से बनता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हमें याद दिलाती हैं कि शक्ति और संवेदना साथ-साथ चल सकती हैं। ऐसे नेतृत्व को सलाम। 🇮🇳❤️ 🙏राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 🙏 #🥰मोटिवेशन वीडियो ##viral #MOTIVATIONAL #🌞 Good Morning🌞 #ĞØØĐ MORNING
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01:09
🙏🧘‍♂️🧘‍♂️🧘‍♂️करें योग रहें निरोग 🧘‍♂️🧘‍♂️🧘‍♂️🙏 #🌞 Good Morning🌞 #MOTIVATIONAL ##viral #🥰मोटिवेशन वीडियो #yoga
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00:15
A Saturday knowledgeable morning with Premanand ji 🙏🙏🙏 #MOTIVATIONAL #🌞 Good Morning🌞 #🥰मोटिवेशन वीडियो ##viral #🙌 Never Give Up
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01:54
दोनों हाथ नहीं थे लेकिन उनके सपनों के पंख किसी ने नहीं काटे। महाराष्ट्र की माऊली अडकूर ने साबित कर दिया कि मंज़िल तक पहुंचने के लिए हाथों से ज्यादा हौसले की जरूरत होती है। जब 10वीं की परीक्षा देने का समय आया, तो उन्होंने अपने पैरों से लिखकर 75% अंक हासिल किए। इसके बाद ITI में Information Technology की पढ़ाई की, कीबोर्ड और माउस चलाना सीखा, और फिर M.A. Psychology की डिग्री भी पूरी की। यहीं नहीं रुकीं माऊली ने MPSC परीक्षा पास की और आज मुंबई महापालिका में अपनी सेवाएं दे रही हैं। लोग अक्सर पूछते हैं, "ऑफिस का काम कैसे करती हो?" उनका जवाब बेहद सरल है—"हौसला, मेहनत और खुद पर भरोसा।" हर दिन नई चुनौतियां सामने आती हैं, लेकिन हार मानना उन्होंने कभी सीखा ही नहीं। माऊली अडकूर की कहानी हमें याद दिलाती है कि असली ताकत शरीर में नहीं, इरादों में होती है.... 🫡🫡🫡🙏🙏🙏 #🥰मोटिवेशन वीडियो #🌞 Good Morning🌞 ##viral #MOTIVATIONAL #🙌 Never Give Up
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00:30
"बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी,खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी।" देश की आजादी के लिए अंग्रेजो से लोहा लेने वाली महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जी की 168वी पुण्यतिथि मैं आपको कोटिश: नमन तथा विनम्र श्रद्धांजली अर्पित करता हूं।बनारस में 19 नवंबर 1828 ई को जन्मी लक्ष्मीबाई का बचपन का नाम मणिकर्णिका था।प्यार से उन्हें मनु कहा जाता था।उनके पिता मोरोपंत तांबे और मां भागीरथी सप्रे थीं।वह मनु चार साल की थीं,तभी उनकी मां की निधन हो गया।पिता बिठूर जिले के पेशवा बाजी राव द्वितीय के लिए काम करते थे। उन्होंने लक्ष्मी बाई का पालन पोषण किया।इस दौरान उन्होंने घुड़सवारी, तीरंदाजी,शआत्मरक्षा और निशानेबाजी की ट्रेनिंग ली।14 साल की उम्र में 1842 में मनु की शादी झांसी के शासक गंगाधर राव नेवलेकर से कर दी गई।शादी के बाद उनका नाम लक्ष्मीबाई पड़ा।उस दौर में शादी के बाद लड़कियों का नाम बदल जाता था।विवाह के बाद लक्ष्मी बाई ने एक पुत्र को जन्म दिया जिसकी मृत्यु महज चार महीने में ही हो गई। बाद में उनके पति और झांसी के राजा का भी निधन हो गया।पति और बेटे को खोने के बाद लक्ष्मी बाई ने खुद ही अपने साम्राज्य और प्रजा की रक्षा की ठान ली।उस समय ब्रिटिश इंडिया कंपनी के वायसराय डलहौजी ने झांसी पर कब्जे का यह बेहतर समय समझा क्योंकि राज्य की रक्षा के लिए कोई नहीं था।उन्होंने रानी लक्ष्मी बाई पर दबाव बनाना शुरू किया कि झांसी को अंग्रेजी हुकूमत के हवाले कर दें।रानी ने रिश्तेदार के एक बच्चे को अपना दत्तक पुत्र बनाया,जिनका नाम दामोदर था।अंग्रेजी हुकूमत ने दामोदर को झांसी का उत्तराधिकारी मानने से इनकार कर दिया और झांसी का किला उनके हवाले करने को कहा।अंग्रेजों ने साम्राज्य पर कब्जा करने की कोशिश की लेकिन लक्ष्मी बाई ने काशी बाई समेत 14000 बागियों की एक बड़ी फौज तैयार की।23 मार्च 1858 को ब्रिटिश फौज ने झांसी पर आक्रमण कर दिया और 30 मार्च को बमबारी करके किले की दीवार में सेंध लगाने में सफल हुए।17 जून 1858 को लक्ष्मीबाई आखिरी जंग के लिए निकली।पीठ पर दत्तक पुत्र को बांधकर हाथ में तलवार लिए झांसी की रानी ने अंग्रेजों से जंग की।लाॅर्ड कैनिंग की रिपोर्ट के मुताबिक,लक्ष्मीबाई को एक सैनिक ने पीछे से गोली मारी,फिर एक सैनिक ने एक तलवार से उनकी हत्या कर दी।शत् शत् नमन।भारत माता की जय।🇮🇳🇮🇳🇮🇳🙏 #🌞 Good Morning🌞 ##viral #MOTIVATIONAL #🥰मोटिवेशन वीडियो #ranilaxmibai
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00:14
🙏❤️Love u Zindagi❤️🙏 "जिंदगी और खुद से प्यार करिये,तभी हम जीवन को बेहतर तरीके से जी सकते हैं"। जीत और हार जीवन का एक हिस्सा है जीवन नहीं।🙏🙏🙏 #MOTIVATIONAL #🌞 Good Morning🌞 ##viral #life #🥰मोटिवेशन वीडियो
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00:19
JEE Advanced 2026 में AIR 5474 हासिल कर जिगर नायक ने अपनी माँ के संघर्ष को सफलता की नई पहचान दे दी। सिर से पिता का साया उठ गया, घर की आर्थिक हालत बिखर गई और पूरे परिवार की जिम्मेदारी एक माँ के कंधों पर आ गई। लेकिन न माँ ने हार मानी, न बेटे ने अपना सपना छोड़ा। ओडिशा के गंजाम जिले के छोटे से गांव बाकलीकोडा के रहने वाले जिगर नायक अब अपने गांव के पहले IITian बनने की राह पर हैं। लेकिन इस सफलता के पीछे सिर्फ एक छात्र की मेहनत नहीं, बल्कि एक माँ का त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास छिपा है। साल 2020 में कैंसर के कारण जिगर के पिता का निधन हो गया। इलाज में परिवार की लगभग सारी बचत खत्म हो गई। घर चलाना और बच्चों की पढ़ाई जारी रखना एक बड़ी चुनौती बन गया। ऐसे समय में उनकी माँ अपूर्वा नायक ने हार नहीं मानी। बच्चों की पढ़ाई के लिए उन्होंने गहने गिरवी रखे, घर-घर से सिलाई का काम लिया और दिन-रात मेहनत कर परिवार संभाला। उन्होंने हर मुश्किल झेली, लेकिन अपने बेटों के सपनों को टूटने नहीं दिया। जिगर बताते हैं कि दसवीं तक उन्हें IIT या JEE के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर उन्हें इस परीक्षा के बारे में पता चला और तभी उन्होंने एक सपना देखा—सिर्फ अपनी नहीं, अपनी माँ की जिंदगी बदलने का। आज जिगर कहते हैं, "मैं सिर्फ अपने लिए मेहनत नहीं कर रहा हूँ। मैं चाहता हूँ कि मेरी माँ के संघर्ष खत्म हों और मेरे छोटे भाई की पढ़ाई बिना किसी परेशानी के पूरी हो।" एक माँ की सिलाई मशीन और एक बेटे की मेहनत ने मिलकर यह साबित कर दिया कि हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों, हौसलों के आगे हार मान लेते हैं। सलाम उस माँ को, जिसने हार नहीं मानी और उस बेटे को, जिसने उनके संघर्ष को सफलता में बदल दिया। इस दुनिया में सबसे बड़ी योद्धा माँ होती है. कुछ प्रेरणादायक कहानियां दिल छू जाती है।🙏🙏🙏 ##viral #🌞 Good Morning🌞 #🙌 Never Give Up #MOTIVATIONAL #IIT JEE MAINS ADVANCE
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00:15
आज विश्व रक्तदान दिवस है। रक्तदान महादान होता है। रक्त समूह मुख्यतः 4 प्रकार के होते हैं।(A,B,AB,O)। रक्त समूहों की खोज कार्ल लैंडस्टीनर ने की थी।🩸🩸🩸🅰️🅱️🆎🅾️🙏 #🌞 Good Morning🌞 ##viral #🙌 Never Give Up #🌷शुभ रविवार #world blood donor day
🌞 Good Morning🌞 - विश्व रक्तदान दिवस নক্কেরি ব্নিসক্কা A रक्तदान करें , W٨٩ जीवन बचाएं JఃUT IIJ आइये, इस अवसर पर हम सभी रक्तदान कार्य में अपनी सहभागिता जैसे पुनीत सुनिश्चित करें , और समाज में इसके प्रति जागरूकता लायें विश्व रक्तदान दिवस নক্কেরি ব্নিসক্কা A रक्तदान करें , W٨٩ जीवन बचाएं JఃUT IIJ आइये, इस अवसर पर हम सभी रक्तदान कार्य में अपनी सहभागिता जैसे पुनीत सुनिश्चित करें , और समाज में इसके प्रति जागरूकता लायें - ShareChat