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##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान आदरणीय गरीबदास जी महाराज जी को 10 वर्ष की आयु में सन 1727 में परमात्मा कबीर साहेब जी मिले थे जिसके पश्चात उन्होंने गरीबदास जी को सतलोक दिखाया। इसका वर्णन "अमर ग्रंथ साहिब" में वर्णित है।
#संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान - केो मिले ಘೂ೫da बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख में इस ಹ 3T प्रकार लिखा : भखत , दूध न पीवत न अन्न न पालने में झूलंत ] दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फलत ll केो मिले ಘೂ೫da बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख में इस ಹ 3T प्रकार लिखा : भखत , दूध न पीवत न अन्न न पालने में झूलंत ] दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फलत ll - ShareChat
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान संत गरीबदास जी बचपन से ही अन्य ग्वालों के साथ गौ चराने जाते थे कबलाना गाँव की सीमा से सटे नला खेत में 10 वर्ष के बालक गरीबदास जी जांडी के पेड़ के नीचे अन्य ग्वालों के साथ जब भोजन कर रहे थे तभी वहाँ से कुछ दूरी पर सत्यपुरुष कबीर साहेब जिंदा महात्मा के रूप में सतलोक से अवतरित हुए और गरीबदाज जी महाराज से मिले।
#संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान - ShareChat
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान संत गरीबदास जी महाराज का 61 वर्ष की आयु में सतलोक गमन संत गरीबदास जी महाराज ने 61 वर्ष की आयु में सन 1778 में सतलोक गमन किया। ग्राम छुड़ानी में शरीर का अंतिम संस्कार किया गया वहाँ एक यादगार छतरी साहेब बनी हुई है। इसके बाद उसी शरीर में प्रकट होकर सहारनपुर उत्तरप्रदेश में 35 वर्ष रहे। वहाँ भी उनके नाम की यादगार छतरी बनी हुई है।
#संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान - 00DUD १० वर्ष की आयु में बालक गरीबदास जी नला नामक स्थान पर गौएँ चरा रहे थे, जहाँ उनकी भेंट जिंदा महात्मा के वेश में आए परम अक्षर ब्रह्म कबीर साहेब से हुई। भोजन के स्थान पर इच्छा प्रकट करते हुए कबीर साहेब ने एक  கி बछिया का दूध पीने की बात कही| गरीबदास जी के बर्तन रखते कुंवारी  ही प्रभु के आशीर्वाद से बछिया दूध देने लगी। अन्य पालियों ने उस दूध को पीने से मना कर दिया, किंतु गरीबदास जी ने उसे पूर्ण श्रद्घा से पिया। इसके पश्चात कबीर साहेब ने उन्हें तत्वज्ञान ज्ञान करवाया | মন যসঘালসী সঙাযস সী ম Sant Rampal ji Maharaj 00DUD १० वर्ष की आयु में बालक गरीबदास जी नला नामक स्थान पर गौएँ चरा रहे थे, जहाँ उनकी भेंट जिंदा महात्मा के वेश में आए परम अक्षर ब्रह्म कबीर साहेब से हुई। भोजन के स्थान पर इच्छा प्रकट करते हुए कबीर साहेब ने एक  கி बछिया का दूध पीने की बात कही| गरीबदास जी के बर्तन रखते कुंवारी  ही प्रभु के आशीर्वाद से बछिया दूध देने लगी। अन्य पालियों ने उस दूध को पीने से मना कर दिया, किंतु गरीबदास जी ने उसे पूर्ण श्रद्घा से पिया। इसके पश्चात कबीर साहेब ने उन्हें तत्वज्ञान ज्ञान करवाया | মন যসঘালসী সঙাযস সী ম Sant Rampal ji Maharaj - ShareChat
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान कबीर परमात्मा सन् 1727 में गरीबदास जी को मिले व अपने यथार्थ ज्ञान से व यथार्थ स्थान (सतलोक) से परिचित करवाया। इसके बाद गरीबदास जी ने उस पूर्ण परमात्मा की तथा सतलोक की वास्तविक जानकारी को अपने मुख कमल से उच्चारण किया था, जिसका लेखन दादू पंथ से दीक्षित संत गोपालदास जी ने किया गया था। और सर्व मानव समाज को एक ऐसा अनमोल ग्रंथ दिया जिसे आज सद्ग्रन्थ साहिब के नाम से जाना जाता है।
#संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान - संत गरोबदास जो को मिले कबोर भगवान संत गरीबदास जी महाराज (छुड़ानी वाले) को जो तत्वज्ञान परमेश्वर कबीर जी ने बताया था तथा ऊपर के सर्व ब्रह्माण्डों को आँखों दिखाया था, उसके विषय में संत गरीबदास जी ने अमृतवाणी बोली जो उनके अमर ग्रन्थ में लिखी गई थी। Sant Rampal Ji YOUTUBE Fuce Dobul संत गरोबदास जो को मिले कबोर भगवान संत गरीबदास जी महाराज (छुड़ानी वाले) को जो तत्वज्ञान परमेश्वर कबीर जी ने बताया था तथा ऊपर के सर्व ब्रह्माण्डों को आँखों दिखाया था, उसके विषय में संत गरीबदास जी ने अमृतवाणी बोली जो उनके अमर ग्रन्थ में लिखी गई थी। Sant Rampal Ji YOUTUBE Fuce Dobul - ShareChat
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान
#संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान - ब्रीबदस जीको SEK सिलै कबीर भगवन संत गरीबदास जी महाराज ( गाँव  छुड़ानी ) में सन को दस वर्ष की आयु 1727 স ললা नाम के खेत में जिंदा बाबा के वेश में कबीर मिले थे। परमात्मा उनको सतलोक परमात्मा ले गए। सच्चा भक्ति ज्ञान बताया। ब्रीबदस जीको SEK सिलै कबीर भगवन संत गरीबदास जी महाराज ( गाँव  छुड़ानी ) में सन को दस वर्ष की आयु 1727 স ললা नाम के खेत में जिंदा बाबा के वेश में कबीर मिले थे। परमात्मा उनको सतलोक परमात्मा ले गए। सच्चा भक्ति ज्ञान बताया। - ShareChat
##जा _दिन_सतगुरु_भेंटिया संत गरीबदास जी महाराज बोध दिवस सेवा
#जा _दिन_सतगुरु_भेंटिया - संत गरीबदास जी ने कबीर परमात्मा से प्राप्त तत्त्वज्ञान , आंखों देखा हाल वाणी रुप में बोला तथा संत गोपाल दास जी ने लिखा। लगभग छः महीनों तक यह कार्य किया गया। फिर जब किसी से वार्ता होती तो संत गरीबदास जी वाणी बोला करते थे तो अन्य व्यक्ति भी लिख लिया करते थे। जिन सबको मिलाकर एक ग्रन्थ रुप में से लिखा गया था। हाथ संत रामपाल जी महाराज जी से Samt Rampal Ji Maharaj App Download कीजिये aಗ:೭m೯) निःशुल्क नामदीक्षा " संत गरीबदास जी ने कबीर परमात्मा से प्राप्त तत्त्वज्ञान , आंखों देखा हाल वाणी रुप में बोला तथा संत गोपाल दास जी ने लिखा। लगभग छः महीनों तक यह कार्य किया गया। फिर जब किसी से वार्ता होती तो संत गरीबदास जी वाणी बोला करते थे तो अन्य व्यक्ति भी लिख लिया करते थे। जिन सबको मिलाकर एक ग्रन्थ रुप में से लिखा गया था। हाथ संत रामपाल जी महाराज जी से Samt Rampal Ji Maharaj App Download कीजिये aಗ:೭m೯) निःशुल्क नामदीक्षा " - ShareChat
##जा _दिन_सतगुरु_भेंटिया संत गरीबदास जी बचपन से ही अन्य ग्वालों के साथ गौ चराने जाते थे कबलाना गाँव की सीमा से सटे नला खेत में 10 वर्ष के बालक गरीबदास जी जांडी के पेड़ के नीचे प्रातः 10 बजे अन्य ग्वालों के साथ जब भोजन कर रहे थे तभी वहाँ से कुछ दूरी पर सत्यपुरुष कबीर साहेब जिंदा महात्मा के रूप में सतलोक से अवतरित हुए और गरीबदाज जी महाराज से मिले।
#जा _दिन_सतगुरु_भेंटिया - संत गशीबदाश जी का जीवन परिचय जिस समय संत गरीबदास जी २० वर्ष की आयु के थे, तब गायों को चराने के लिए अन्य ग्वालों के साथ नला नामक खेत में गए हुए थे। तब उनको फाल्गुन मास शुद्धि द्वादशी को दिन के  लगभग २० बजे जिंदा महात्मा के रूप में परमेश्वर कबीर जी आकर कुंवारी " मिले थे। परमात्मा ने गरीबदास जी को गाय का दूध पिलाया  था और सतलोक ले कर गए थे। Sant Rampal Ji Maharaj মন যাসপাল সী সমাযাস সী ম App Download कीजिय d নিঃথুল্ক निःशुल्क नामदीक्षा ; ঘুমেক সাম কনে ক লিব মদক মুন্ঃ Googeflay -917496801823 fo SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPALIM SUPREMEGOD ORG SAIMT RAMPAL JI MaHARA संत गशीबदाश जी का जीवन परिचय जिस समय संत गरीबदास जी २० वर्ष की आयु के थे, तब गायों को चराने के लिए अन्य ग्वालों के साथ नला नामक खेत में गए हुए थे। तब उनको फाल्गुन मास शुद्धि द्वादशी को दिन के  लगभग २० बजे जिंदा महात्मा के रूप में परमेश्वर कबीर जी आकर कुंवारी " मिले थे। परमात्मा ने गरीबदास जी को गाय का दूध पिलाया  था और सतलोक ले कर गए थे। Sant Rampal Ji Maharaj মন যাসপাল সী সমাযাস সী ম App Download कीजिय d নিঃথুল্ক निःशुल्क नामदीक्षा ; ঘুমেক সাম কনে ক লিব মদক মুন্ঃ Googeflay -917496801823 fo SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPALIM SUPREMEGOD ORG SAIMT RAMPAL JI MaHARA - ShareChat
##जा _दिन_सतगुरु_भेंटिया संत गरीबदास जी महाराज का 61 वर्ष की आयु में सतलोक गमन संत गरीबदास जी महाराज ने 61 वर्ष की आयु में सन 1778 में सतलोक गमन किया। ग्राम छुड़ानी में शरीर का अंतिम संस्कार किया गया वहाँ एक यादगार छतरी साहेब बनी हुई है। इसके बाद उसी शरीर में प्रकट होकर सहारनपुर उत्तरप्रदेश में 35 वर्ष रहे। वहाँ भी उनके नाम की यादगार छतरी बनी हुई है।
#जा _दिन_सतगुरु_भेंटिया - जी का जीवन गरीबदास ট্র जिस समय F संत गरीबदास जी १० वर्ष की आयु के थे, तब गार्यों को चराने के लिए अन्य ग्वालों के साथ नला नामक खेत में गए हुए थे। तब उनको फाल्गुन मास शुद्धि द्वादशी को दिन के लगभग १० बजे जिंदा महात्मा के रूप में परमेश्वर कबीर जी आकर मिले थे। परमात्मा ने गरीबदास जी को गाय का दूथ कुवारी पिलाया था और सतलोक ले कर गएथे। Sant Rampal Ji Maharaj মন রসপাল সী সমাসে সী ম App Download कीजिये निःशुल्क नामदीक्षा च निःशुल्क = সু্বেক সাঘ কনে ক লিব মপক মুনন : Googafy +91 7496801823 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI SUPREMEGOD ORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL Jl MAHARA जी का जीवन गरीबदास ট্র जिस समय F संत गरीबदास जी १० वर्ष की आयु के थे, तब गार्यों को चराने के लिए अन्य ग्वालों के साथ नला नामक खेत में गए हुए थे। तब उनको फाल्गुन मास शुद्धि द्वादशी को दिन के लगभग १० बजे जिंदा महात्मा के रूप में परमेश्वर कबीर जी आकर मिले थे। परमात्मा ने गरीबदास जी को गाय का दूथ कुवारी पिलाया था और सतलोक ले कर गएथे। Sant Rampal Ji Maharaj মন রসপাল সী সমাসে সী ম App Download कीजिये निःशुल्क नामदीक्षा च निःशुल्क = সু্বেক সাঘ কনে ক লিব মপক মুনন : Googafy +91 7496801823 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI SUPREMEGOD ORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL Jl MAHARA - ShareChat
##जा _दिन_सतगुरु_भेंटिया कबीर परमात्मा सन् 1727 में गरीबदास जी को मिले व अपने यथार्थ ज्ञान से व यथार्थ स्थान (सतलोक) से परिचित करवाया। इसके बाद गरीबदास जी ने उस पूर्ण परमात्मा की तथा सतलोक की वास्तविक जानकारी को अपने मुख कमल से उच्चारण किया था, जिसका लेखन दादू पंथ से दीक्षित संत गोपालदास जी ने किया गया था। और सर्व मानव समाज को एक ऐसा अनमोल ग्रंथ दिया जिसे आज सद्ग्रन्थ साहिब के नाम से जाना जाता है। ⚡️गरीबदास जी बचपन से ही अन्य ग्वालों के साथ गौ चराने जाते थे। कबलाना गाँव की सीमा से सटे नला खेत में 10 वर्ष के बालक गरीबदास जी जांडी के पेड़ के नीचे प्रातः 10 बजे 1727 में अन्य ग्वालों के साथ जब भोजन कर रहे थे तभी वहाँ से कुछ दूरी पर सत्यपुरुष कबीर साहेब जिंदा महात्मा के रूप में सतलोक से अवतरित हुए और गरीबदाज जी महाराज से मिले।
#जा _दिन_सतगुरु_भेंटिया - रंत गरीबकश जी (ల] जीवन परिचच संत गरीबदास जी का गाँव - छुड़ानी जिला -्झज्जर प्रांत - हरियाणा में सन् १७१७ 562 (विक्रमी संवत् १७७४ ) में हुआ। संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ii Maharaj App Download কীসিণ d নিঃথুল৮ निःशुल्क नामदीक्षा " ೊPlay * পুবেক সাম কনে ক লিযর মপক মুন্ন : Googk -917496801823 fo SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPALIIM SUPREMEGOD ORG SAINT RAMPAL J MaHARA रंत गरीबकश जी (ల] जीवन परिचच संत गरीबदास जी का गाँव - छुड़ानी जिला -्झज्जर प्रांत - हरियाणा में सन् १७१७ 562 (विक्रमी संवत् १७७४ ) में हुआ। संत रामपाल जी महाराज जी से Sant Rampal Ii Maharaj App Download কীসিণ d নিঃথুল৮ निःशुल्क नामदीक्षा " ೊPlay * পুবেক সাম কনে ক লিযর মপক মুন্ন : Googk -917496801823 fo SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Jl @SAINTRAMPALIIM SUPREMEGOD ORG SAINT RAMPAL J MaHARA - ShareChat
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