##निमंत्रणसंसारको_सम्मानकेसाथ संत गरीबदास जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य पर संत रामपाल जी महाराज जी के सभी सतलोक आश्रमों में तीन दिवसीय(26, 27, 28 फरवरी 2026) नि:शुल्क भंडारा किया जाएगा। साथ ही दहेज मुक्त रमैणी अर्थात शादियां, रक्तदान शिविर का आयोजन, देहदान शिविर का आयोजन, एवं आध्यात्मिक प्रदर्शनी भी देखने को मिलेगी।
इस भंडारे में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
##निमंत्रणसंसारको_सम्मानकेसाथ जगत के तारणहार संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में सभी सतलोक आश्रमों में संत गरीबदास जी का बोध दिवस 26, 27, 28 फरवरी 2026 को मनाया जा रहा है, जिसमें अखंड पाठ, विशाल भंडारा, रक्तदान शिविर, दहेज मुक्त विवाह का आयोजन किया जाएगा। इस विशाल भण्डारे में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
##निमंत्रणसंसारको_सम्मानकेसाथ 26, 27, 28 फरवरी 2026 को संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में संत गरीबदास जी का बोध दिवस मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में सभी सतलोक आश्रमों में विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है जिसमें पूरा विश्व आदर के साथ आमंत्रित है।
##निमंत्रणसंसारको_सम्मानकेसाथ संत गरीबदास जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य पर संत रामपाल जी महाराज जी के सभी सतलोक आश्रमों में तीन दिवसीय(26, 27, 28 फरवरी 2026) नि:शुल्क भंडारा किया जाएगा। साथ ही दहेज मुक्त रमैणी अर्थात शादियां, रक्तदान शिविर का आयोजन, देहदान शिविर का आयोजन, एवं आध्यात्मिक प्रदर्शनी भी देखने को मिलेगी।
इस भंडारे में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
##निमंत्रणसंसारको_सम्मानकेसाथसंत गरीबदास जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य पर संत रामपाल जी महाराज जी के सभी सतलोक आश्रमों में तीन दिवसीय(26, 27, 28 फरवरी 2026) नि:शुल्क भंडारा किया जाएगा। साथ ही दहेज मुक्त रमैणी अर्थात शादियां, रक्तदान शिविर का आयोजन, देहदान शिविर का आयोजन, एवं आध्यात्मिक प्रदर्शनी भी देखने को मिलेगी।
इस भंडारे में आप सभी सादर आमंत्रित हैं।
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान आदरणीय गरीबदास जी महाराज जी को 10 वर्ष की आयु में सन 1727 में परमात्मा कबीर साहेब जी मिले थे जिसके पश्चात उन्होंने गरीबदास जी को सतलोक दिखाया। इसका वर्णन "अमर ग्रंथ साहिब" में वर्णित है।
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान संत गरीबदास जी बचपन से ही अन्य ग्वालों के साथ गौ चराने जाते थे कबलाना गाँव की सीमा से सटे नला खेत में 10 वर्ष के बालक गरीबदास जी जांडी के पेड़ के नीचे अन्य ग्वालों के साथ जब भोजन कर रहे थे तभी वहाँ से कुछ दूरी पर सत्यपुरुष कबीर साहेब जिंदा महात्मा के रूप में सतलोक से अवतरित हुए और गरीबदाज जी महाराज से मिले।
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान संत गरीबदास जी महाराज का 61 वर्ष की आयु में सतलोक गमन
संत गरीबदास जी महाराज ने 61 वर्ष की आयु में सन 1778 में सतलोक गमन किया। ग्राम छुड़ानी में शरीर का अंतिम संस्कार किया गया वहाँ एक यादगार छतरी साहेब बनी हुई है। इसके बाद उसी शरीर में प्रकट होकर सहारनपुर उत्तरप्रदेश में 35 वर्ष रहे। वहाँ भी उनके नाम की यादगार छतरी बनी हुई है।
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान कबीर परमात्मा सन् 1727 में गरीबदास जी को मिले व अपने यथार्थ ज्ञान से व यथार्थ स्थान (सतलोक) से परिचित करवाया। इसके बाद गरीबदास जी ने उस पूर्ण परमात्मा की तथा सतलोक की वास्तविक जानकारी को अपने मुख कमल से उच्चारण किया था, जिसका लेखन दादू पंथ से दीक्षित संत गोपालदास जी ने किया गया था। और सर्व मानव समाज को एक ऐसा अनमोल ग्रंथ दिया जिसे आज सद्ग्रन्थ साहिब के नाम से जाना जाता है।









![#संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान - केो मिले ಘೂ೫da बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख में इस ಹ 3T प्रकार लिखा : भखत , दूध न पीवत न अन्न न पालने में झूलंत ] दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फलत ll केो मिले ಘೂ೫da बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख में इस ಹ 3T प्रकार लिखा : भखत , दूध न पीवत न अन्न न पालने में झूलंत ] दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फलत ll - ShareChat #संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान - केो मिले ಘೂ೫da बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख में इस ಹ 3T प्रकार लिखा : भखत , दूध न पीवत न अन्न न पालने में झूलंत ] दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फलत ll केो मिले ಘೂ೫da बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख में इस ಹ 3T प्रकार लिखा : भखत , दूध न पीवत न अन्न न पालने में झूलंत ] दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फलत ll - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_112704_241a620_1771903092430_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=430_sc.jpg)



