##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान आदरणीय गरीबदास जी महाराज जी को 10 वर्ष की आयु में सन 1727 में परमात्मा कबीर साहेब जी मिले थे जिसके पश्चात उन्होंने गरीबदास जी को सतलोक दिखाया। इसका वर्णन "अमर ग्रंथ साहिब" में वर्णित है।
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान संत गरीबदास जी बचपन से ही अन्य ग्वालों के साथ गौ चराने जाते थे कबलाना गाँव की सीमा से सटे नला खेत में 10 वर्ष के बालक गरीबदास जी जांडी के पेड़ के नीचे अन्य ग्वालों के साथ जब भोजन कर रहे थे तभी वहाँ से कुछ दूरी पर सत्यपुरुष कबीर साहेब जिंदा महात्मा के रूप में सतलोक से अवतरित हुए और गरीबदाज जी महाराज से मिले।
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान संत गरीबदास जी महाराज का 61 वर्ष की आयु में सतलोक गमन
संत गरीबदास जी महाराज ने 61 वर्ष की आयु में सन 1778 में सतलोक गमन किया। ग्राम छुड़ानी में शरीर का अंतिम संस्कार किया गया वहाँ एक यादगार छतरी साहेब बनी हुई है। इसके बाद उसी शरीर में प्रकट होकर सहारनपुर उत्तरप्रदेश में 35 वर्ष रहे। वहाँ भी उनके नाम की यादगार छतरी बनी हुई है।
##संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान कबीर परमात्मा सन् 1727 में गरीबदास जी को मिले व अपने यथार्थ ज्ञान से व यथार्थ स्थान (सतलोक) से परिचित करवाया। इसके बाद गरीबदास जी ने उस पूर्ण परमात्मा की तथा सतलोक की वास्तविक जानकारी को अपने मुख कमल से उच्चारण किया था, जिसका लेखन दादू पंथ से दीक्षित संत गोपालदास जी ने किया गया था। और सर्व मानव समाज को एक ऐसा अनमोल ग्रंथ दिया जिसे आज सद्ग्रन्थ साहिब के नाम से जाना जाता है।
##जा _दिन_सतगुरु_भेंटिया संत गरीबदास जी बचपन से ही अन्य ग्वालों के साथ गौ चराने जाते थे कबलाना गाँव की सीमा से सटे नला खेत में 10 वर्ष के बालक गरीबदास जी जांडी के पेड़ के नीचे प्रातः 10 बजे अन्य ग्वालों के साथ जब भोजन कर रहे थे तभी वहाँ से कुछ दूरी पर सत्यपुरुष कबीर साहेब जिंदा महात्मा के रूप में सतलोक से अवतरित हुए और गरीबदाज जी महाराज से मिले।
##जा _दिन_सतगुरु_भेंटिया संत गरीबदास जी महाराज का 61 वर्ष की आयु में सतलोक गमन
संत गरीबदास जी महाराज ने 61 वर्ष की आयु में सन 1778 में सतलोक गमन किया। ग्राम छुड़ानी में शरीर का अंतिम संस्कार किया गया वहाँ एक यादगार छतरी साहेब बनी हुई है। इसके बाद उसी शरीर में प्रकट होकर सहारनपुर उत्तरप्रदेश में 35 वर्ष रहे। वहाँ भी उनके नाम की यादगार छतरी बनी हुई है।
##जा _दिन_सतगुरु_भेंटिया कबीर परमात्मा सन् 1727 में गरीबदास जी को मिले व अपने यथार्थ ज्ञान से व यथार्थ स्थान (सतलोक) से परिचित करवाया। इसके बाद गरीबदास जी ने उस पूर्ण परमात्मा की तथा सतलोक की वास्तविक जानकारी को अपने मुख कमल से उच्चारण किया था, जिसका लेखन दादू पंथ से दीक्षित संत गोपालदास जी ने किया गया था। और सर्व मानव समाज को एक ऐसा अनमोल ग्रंथ दिया जिसे आज सद्ग्रन्थ साहिब के नाम से जाना जाता है।
⚡️गरीबदास जी बचपन से ही अन्य ग्वालों के साथ गौ चराने जाते थे। कबलाना गाँव की सीमा से सटे नला खेत में 10 वर्ष के बालक गरीबदास जी जांडी के पेड़ के नीचे प्रातः 10 बजे 1727 में अन्य ग्वालों के साथ जब भोजन कर रहे थे तभी वहाँ से कुछ दूरी पर सत्यपुरुष कबीर साहेब जिंदा महात्मा के रूप में सतलोक से अवतरित हुए और गरीबदाज जी महाराज से मिले।




![#संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान - केो मिले ಘೂ೫da बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख में इस ಹ 3T प्रकार लिखा : भखत , दूध न पीवत न अन्न न पालने में झूलंत ] दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फलत ll केो मिले ಘೂ೫da बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख में इस ಹ 3T प्रकार लिखा : भखत , दूध न पीवत न अन्न न पालने में झूलंत ] दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फलत ll - ShareChat #संतगरीबदास_को_मिले_कबीरभगवान - केो मिले ಘೂ೫da बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख में इस ಹ 3T प्रकार लिखा : भखत , दूध न पीवत न अन्न न पालने में झूलंत ] दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फलत ll केो मिले ಘೂ೫da बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख में इस ಹ 3T प्रकार लिखा : भखत , दूध न पीवत न अन्न न पालने में झूलंत ] दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फलत ll - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_112704_241a620_1771903092430_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=430_sc.jpg)







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