sonu jaiswal
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#👬दोस्ती-यारी #🧑‍🤝‍🧑दोस्ती पर शायरी🎙️ #👫 हमारी ज़िन्दगी #🕉️सनातन धर्म🚩
👬दोस्ती-यारी - तेरे साथ को तरसे, तेरी बात को तरसे... ये कैसी दोस्ती रही हमारी मेरे यारे तेरे होकर भी तेरी एक मुलाकात को तरसे..ल kagaz Kalam aur तेरे साथ को तरसे, तेरी बात को तरसे... ये कैसी दोस्ती रही हमारी मेरे यारे तेरे होकर भी तेरी एक मुलाकात को तरसे..ल kagaz Kalam aur - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏 देवी दर्शन🌸 #🛕मंदिर दर्शन🙏 #🌞 Good Morning🌞
🕉️सनातन धर्म🚩 - हरि हृदय में हर बसें हर में बसे श्रीनाथ। जो पूजे निष्कपट मन, ईशु उन्हीं के साथ।। हरि हृदय में हर बसें हर में बसे श्रीनाथ। जो पूजे निष्कपट मन, ईशु उन्हीं के साथ।। - ShareChat
#🙏 देवी दर्शन🌸 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️
🙏 देवी दर्शन🌸 - में उठने के लाभ 'J೯rf; ब्रह्म सूर्योदय से ७२ मिनट पहले उठे लखनु निसि बिगत सुनि अरूनसिखा धुनि कान। रात बीतने पर, मुर्गे का शब्द कानों से सुनकर ब्रह्महूर्त में लक्ष्मणजी उठे। जगत के स्वामी सुजान श्री रामचन्द्रजी भी गुरु से पहले ही जाग गए। गुर तुर्ले महें जातपति जागे रामचानु।। गुर तें पहिलेहिं जगतपति जागे रामु सुजान।। ब्राह्मे मुहूर्ते या निद्रा सा पुण्यक्षयकारिणी।  பதிரa एवं सत्कर्मो का नाश करने वाली है। पुण्यों 1 वर्ण कीर्ति यशः लक्ष्मीः स्वास्थ्यमायुश्व्व विन्दति। ब्राह्मे मुहूर्ते संजाग्रचच्छियं वा पंकजं यथा।l  ब्राह्ममुहूर्त में उठने वाला पुरूष सौन्दर्य, लक्ष्मी , स्वास्थ्य , आयु आदि वस्तुओं को प्राप्त करता है। उसका शरीर कमल के समान सुन्दर हो जाता है। इस समय किसी भी गृह-नक्षत्र का बुरा असर नहीं होता! ब्रह्म मुहूर्त हर दिन का प्रारम्भ है इस समय प्राण और अपान वायु कार्यरत रहती है। जेनेटिक बीमारियाँ या असाथ्य रोग ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान योग-्ध्यान करने से ठीक हो सकती है। ध्यान ्योगन्थ्यान सहस्त्रार चक्र से अमृत तत्व निकलता है सहस्त्रार चक से अमृत तत्व निकलता है पुष्ना का जारे या पाविचिग बावन बरत हे साथना करने पर अमृत तत्व का संचार पुण्या का उपय , परिण बाग तात्व किब्नता हे साथना करने पर अमृत तत्व का संचार विशुद्ध ~ चक्र जागृत विशुद्ध 7 अमृत तत्व नाभि में एकत्रित चक्रर जागृत ध्यान ्योगन्ध्यान दैवीय शक्तियां विचरण करती है ब्रह्म परमात्मा का चिंतन देव नदियों का स्मरण देव स्नान ब्रह्म स्नान आयुर्वेदिक जीवन शैली तामसी शक्तियां सुप्तावस्था में स्मरण शक्ति तीव्र मनुष्य होने का उपहार समझ अपनाए में उठने के लाभ 'J೯rf; ब्रह्म सूर्योदय से ७२ मिनट पहले उठे लखनु निसि बिगत सुनि अरूनसिखा धुनि कान। रात बीतने पर, मुर्गे का शब्द कानों से सुनकर ब्रह्महूर्त में लक्ष्मणजी उठे। जगत के स्वामी सुजान श्री रामचन्द्रजी भी गुरु से पहले ही जाग गए। गुर तुर्ले महें जातपति जागे रामचानु।। गुर तें पहिलेहिं जगतपति जागे रामु सुजान।। ब्राह्मे मुहूर्ते या निद्रा सा पुण्यक्षयकारिणी।  பதிரa एवं सत्कर्मो का नाश करने वाली है। पुण्यों 1 वर्ण कीर्ति यशः लक्ष्मीः स्वास्थ्यमायुश्व्व विन्दति। ब्राह्मे मुहूर्ते संजाग्रचच्छियं वा पंकजं यथा।l  ब्राह्ममुहूर्त में उठने वाला पुरूष सौन्दर्य, लक्ष्मी , स्वास्थ्य , आयु आदि वस्तुओं को प्राप्त करता है। उसका शरीर कमल के समान सुन्दर हो जाता है। इस समय किसी भी गृह-नक्षत्र का बुरा असर नहीं होता! ब्रह्म मुहूर्त हर दिन का प्रारम्भ है इस समय प्राण और अपान वायु कार्यरत रहती है। जेनेटिक बीमारियाँ या असाथ्य रोग ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर स्नान योग-्ध्यान करने से ठीक हो सकती है। ध्यान ्योगन्थ्यान सहस्त्रार चक्र से अमृत तत्व निकलता है सहस्त्रार चक से अमृत तत्व निकलता है पुष्ना का जारे या पाविचिग बावन बरत हे साथना करने पर अमृत तत्व का संचार पुण्या का उपय , परिण बाग तात्व किब्नता हे साथना करने पर अमृत तत्व का संचार विशुद्ध ~ चक्र जागृत विशुद्ध 7 अमृत तत्व नाभि में एकत्रित चक्रर जागृत ध्यान ्योगन्ध्यान दैवीय शक्तियां विचरण करती है ब्रह्म परमात्मा का चिंतन देव नदियों का स्मरण देव स्नान ब्रह्म स्नान आयुर्वेदिक जीवन शैली तामसी शक्तियां सुप्तावस्था में स्मरण शक्ति तीव्र मनुष्य होने का उपहार समझ अपनाए - ShareChat
#😒दर्द भरी शायरी🌸 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏 देवी दर्शन🌸
😒दर्द भरी शायरी🌸 - (आखिरी नींद भी आई तो. 13)  মীঘী. क्या-्क्या ना किया होगा इस मां ने, अपने बच्चे को बचाने के लिए! झुठी हिम्मत भी दिखाई होगी, डर उसका भगाने के लिए। कितना रोई कितना तड़पी होगी, अपने बच्चे की जिंदगी के लिए, उस ख़ुदा से कितना झड़पी होगी।  जो गलतियां उसने की नहीं , वो भी कबूल की होगी सारी, बदले में मांगी होगी अपने बच्चे की सांसें उदारी। क्यों फिर भी उस खुदा को तरस ना आया, मां की ममता के आगे खुद को ना झुकाया।  सच कहें वो ख़ुदा हार गया, TR ममता पर चलाया खाली उसका हर वार गया, भी दोनों को जुदा ना कर पाई, क्योंकि मौत आखिरी बार नींद भी आई, तो मां की गोद में ही आई। कविता केशव (आखिरी नींद भी आई तो. 13)  মীঘী. क्या-्क्या ना किया होगा इस मां ने, अपने बच्चे को बचाने के लिए! झुठी हिम्मत भी दिखाई होगी, डर उसका भगाने के लिए। कितना रोई कितना तड़पी होगी, अपने बच्चे की जिंदगी के लिए, उस ख़ुदा से कितना झड़पी होगी।  जो गलतियां उसने की नहीं , वो भी कबूल की होगी सारी, बदले में मांगी होगी अपने बच्चे की सांसें उदारी। क्यों फिर भी उस खुदा को तरस ना आया, मां की ममता के आगे खुद को ना झुकाया।  सच कहें वो ख़ुदा हार गया, TR ममता पर चलाया खाली उसका हर वार गया, भी दोनों को जुदा ना कर पाई, क्योंकि मौत आखिरी बार नींद भी आई, तो मां की गोद में ही आई। कविता केशव - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🚩सालासर बालाजी 🙏
🕉️सनातन धर्म🚩 - इस बार 4 नहीं, 8 बड़े मंगलवार हैं ५ मई 46<7#<4R दूसरा मंगलवार - १२ मई तीसरा मंगलवार - १९ मई चौथा मंगलवार - २६ मई मंगलवार - ३ जून पांचवां छठवां सातवां मंगलवार - १६ जून आठवां मंगलवार २३ जून इस बार 4 नहीं, 8 बड़े मंगलवार हैं ५ मई 46<7#<4R दूसरा मंगलवार - १२ मई तीसरा मंगलवार - १९ मई चौथा मंगलवार - २६ मई मंगलवार - ३ जून पांचवां छठवां सातवां मंगलवार - १६ जून आठवां मंगलवार २३ जून - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #💔पुराना प्यार 💔 #💝 इज़हार-ए-मोहब्बत #😒दर्द भरी शायरी🌸
🕉️सनातन धर्म🚩 - यही रात आख़िरी हुई तो क्या करोगे कल इस नाराज़गी का क्या करोगे आज जो रूठे बैठे हो हमसे हम ही ना रहे तो क्या करोगे কল ~Kalamsaaz यही रात आख़िरी हुई तो क्या करोगे कल इस नाराज़गी का क्या करोगे आज जो रूठे बैठे हो हमसे हम ही ना रहे तो क्या करोगे কল ~Kalamsaaz - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏 भजन संग्रह 🎵 #👌 अच्छी सोच👍
🕉️सनातन धर्म🚩 - নীন লীক ক जो, बने दासु के दासु। பரி भक्ति जहाँ हो पूर्णतः, वहीं प्रभु का वासु।। নীন লীক ক जो, बने दासु के दासु। பரி भक्ति जहाँ हो पूर्णतः, वहीं प्रभु का वासु।। - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏सुविचार📿 #👉 लोगों के लिए सीख👈
🕉️सनातन धर्म🚩 - *अँधेरा मिटाने ' अँधेरा बहुत है घनेरे हैं कंटक विकट पथ निशा में स्वयं ही चला हूँ प्रकाश मत दो, पर बुझाओ मुझको எ देखो स्वयं ही मैं तिल-तिल जला हूँ | प्रकाश देने कुछ भी न लेने अँधेरा मिटाने स्वयं ही चला हूँ | निशंक *अँधेरा मिटाने ' अँधेरा बहुत है घनेरे हैं कंटक विकट पथ निशा में स्वयं ही चला हूँ प्रकाश मत दो, पर बुझाओ मुझको எ देखो स्वयं ही मैं तिल-तिल जला हूँ | प्रकाश देने कुछ भी न लेने अँधेरा मिटाने स्वयं ही चला हूँ | निशंक - ShareChat
#🙏सुविचार📿 #🕉️सनातन धर्म🚩 #💝 शायराना इश्क़
🙏सुविचार📿 - Crazy Writer @crazy_writer "वक़्त ने हमें खामोश रहना सिखा दिया, अब हर बात पर जवाब नहीं देते। जो समझना चाहता है वो समझ जाता है, बाकियों को हम हिसाब नहीं देते। अब खुद में ही सुकून ढूंढ लेते हैं, किसी और का ख्वाब नहीं लेते। Crazy Writer @crazy_writer "वक़्त ने हमें खामोश रहना सिखा दिया, अब हर बात पर जवाब नहीं देते। जो समझना चाहता है वो समझ जाता है, बाकियों को हम हिसाब नहीं देते। अब खुद में ही सुकून ढूंढ लेते हैं, किसी और का ख्वाब नहीं लेते। - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🛕मंदिर दर्शन🙏 #🙏चारधाम यात्रा🛕
🕉️सनातन धर्म🚩 - a Rrisleui: 7vdalulrllu गंगा (उतर = पोक्ष ]1 pe यमुना ( भक्ति - प्रेम) कावेरी (अन्पपूर्णी) பI ಹ यमुना सरस्वती   सिंधु गोदावरी (पशचिम - विशाल) (दक्षिण पावन) नर्मदा (शिव पुत्री)          a Rrisleui: 7vdalulrllu गंगा (उतर = पोक्ष ]1 pe यमुना ( भक्ति - प्रेम) कावेरी (अन्पपूर्णी) பI ಹ यमुना सरस्वती   सिंधु गोदावरी (पशचिम - विशाल) (दक्षिण पावन) नर्मदा (शिव पुत्री) - ShareChat