Subhash Dagar
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#GodMorningSaturday #TrueWorship_CuresCancer . गरीब, राम कह्या तौ क्या हुआ, उर में नहीं यकीन। चोर मुसैं घर लूटहीं, पांच पचीसौं तीन॥ यदि पूर्ण विश्वास के साथ राम नाम यानी दीक्षा में प्राप्त मंत्र का जाप नहीं किया तो नाम जपा न जपा के बराबर है। उस साधक पर पाँचों विकार काम, क्रोध, मोह, लोभ, अहंकार तथा प्रत्येक की पाँच-पाँच प्रकति जो कुल पच्चीस हैं तथा तीनों गुण रज, सत, तम मिलकर ये चोर आपके जीवन रूपी श्वांस धन को मुस रहे हैं यानी चुरा रहे हैं। ( मुसना = चोरी करना) तेरे शरीर रूपी घर को लूट रहे हैं। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Sa TrueStory YouTube Savior of the World Sant Rampal Ji Maharaj #🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - 1      17 गरीब, राम कहा तो क्या हुआ, उर में नहीं यकीन | चोर मुसे घर लूटहि, पांच पचीसों तीन Il ही नहीं है तो नाम सुमरण यदि साधक को परमात्मा पर विश्वास कोई থানাথ [ लाभ नहीं। उसके मानव जीवन को काम , क्रोध , मोह, लोभ, अहंकार रूपी पाँच चोर मुस (चुरा) रहे हैं। इन पाँचों की पाँच पाँच प्रकति यानि २५ ये तथा रजगुण के आधीन होकर कोठी बंगले बनाने में, कभी कार गाड़ी खरीदने में जीवन नष्ट कर देता है। सतगुण के प्रभाव से पहले तो किसी पर दया करके बिना सोचे समझे लाखों रूपये खर्च कर देता है। फिर उसमें त्रुटि देखकर तमोगुण के प्रभाव से झगड़ा़ कर लेता है। इस प्रकार तीन गुणों के प्रभाव से मानव जीवन नष्ट हो जाता है। यदि तत्त्वदर्शी संत से ज्ञान सुनकर विश्वास के साथ नाम का जाप करे तो जीवन सफल हो जाता है। Followuson SAIOKASHRAMMUNDKA OFFICIAE SADELHIMUNDKA SAMUNDKADELHI 1      17 गरीब, राम कहा तो क्या हुआ, उर में नहीं यकीन | चोर मुसे घर लूटहि, पांच पचीसों तीन Il ही नहीं है तो नाम सुमरण यदि साधक को परमात्मा पर विश्वास कोई থানাথ [ लाभ नहीं। उसके मानव जीवन को काम , क्रोध , मोह, लोभ, अहंकार रूपी पाँच चोर मुस (चुरा) रहे हैं। इन पाँचों की पाँच पाँच प्रकति यानि २५ ये तथा रजगुण के आधीन होकर कोठी बंगले बनाने में, कभी कार गाड़ी खरीदने में जीवन नष्ट कर देता है। सतगुण के प्रभाव से पहले तो किसी पर दया करके बिना सोचे समझे लाखों रूपये खर्च कर देता है। फिर उसमें त्रुटि देखकर तमोगुण के प्रभाव से झगड़ा़ कर लेता है। इस प्रकार तीन गुणों के प्रभाव से मानव जीवन नष्ट हो जाता है। यदि तत्त्वदर्शी संत से ज्ञान सुनकर विश्वास के साथ नाम का जाप करे तो जीवन सफल हो जाता है। Followuson SAIOKASHRAMMUNDKA OFFICIAE SADELHIMUNDKA SAMUNDKADELHI - ShareChat
#GodMorningSaturday #TrueWorship_CuresCancer . गुरु बड़े गोविंद से मन में देख विचार । हरि सुमरे सो वार है गुरु सुमरे होय पार।। कबीर परमेश्वर जी अपनी वाणी में कहते हैं कि मैने विचार किया कि गुरु भगवान से बड़ा होता है। और पूर्ण गुरु के बताए अनुसार भक्ति करने से मोक्ष प्राप्त होता है। केवल हरि की पुजा से मोक्ष नहीं होगा। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Sa TrueStory YouTube Savior of the World Sant Rampal Ji Maharaj #🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - arruicnarroal; oa गुरु बड़े गोविन्द से, मन में देख विचार। हरि सुमरे सो वार है, गुरु सुमरे होवें पार।I गुरू की पूजा का भावार्थ है कि गुरू जी का परमात्मा के और गुरू समान सत्कार करें की बताई भक्ति करे। जगतगुरु तत्वदर्शी  মন মমপালসী মচাাস SATLOKASHRAMSOIAT @SATLOKSOJAT SUPREMEGOD ORG SATLOK ASHRAMSDIAT arruicnarroal; oa गुरु बड़े गोविन्द से, मन में देख विचार। हरि सुमरे सो वार है, गुरु सुमरे होवें पार।I गुरू की पूजा का भावार्थ है कि गुरू जी का परमात्मा के और गुरू समान सत्कार करें की बताई भक्ति करे। जगतगुरु तत्वदर्शी  মন মমপালসী মচাাস SATLOKASHRAMSOIAT @SATLOKSOJAT SUPREMEGOD ORG SATLOK ASHRAMSDIAT - ShareChat
#GodMorningSaturday #TrueWorship_CuresCancer . जो धन पाय न धर्म करत, नाही सद् व्यौहारा। सो प्रभु के चोर है, फिरते मारो मारा।। कबीर साहिब जी ने कहा कि जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है, उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोड़ने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Sa TrueStory YouTube Savior of the World Sant Rampal Ji Maharaj #🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - कबीर जो धन पाय न धर्म करत, सठ रामपाल ण नाही सद् व्यौहार | प्रभु के चौर है॰ सो फिरते मारो मार।। भावार्थ- जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है॰ उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोडने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। संन गरीबदास जीनेभी कह्या है कि- जिन हरकी चोरी करी और गए राम गुण भूल। ते विधना बागुल किए॰ रहे ऊर्ध मुख झूल Il  यही प्रमाण गीता शध्याय 3 श्लोक १० से १३ में कहा है कि जो धर्म -कर्म ಭ aa दिए धन से दान आदि धर्म कार्य नहीं नहीं करते, जो परमात्मा द्वारा करते, वे तो चोर हैं। वे तो शपना शरीर पोषण के लिए ही अन्न पकाते हैं। धर्म में नहीं लगाते , वे तो पाप ही खाते हैं। जञगनगररू तत्वदर्शी सत रामपाल जीःमहरजञ Follow us on Satlok Ashram सत रामपाल जी महाराज से जुडने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ कबीर जो धन पाय न धर्म करत, सठ रामपाल ण नाही सद् व्यौहार | प्रभु के चौर है॰ सो फिरते मारो मार।। भावार्थ- जो धन परमात्मा ने मानव को दिया है॰ उसमें से जो दान नहीं करते और न अच्छा आचरण करते हैं, वे परमात्मा के चोर हैं जो माया जोडने की धुन में मारे-मारे फिरते हैं। संन गरीबदास जीनेभी कह्या है कि- जिन हरकी चोरी करी और गए राम गुण भूल। ते विधना बागुल किए॰ रहे ऊर्ध मुख झूल Il  यही प्रमाण गीता शध्याय 3 श्लोक १० से १३ में कहा है कि जो धर्म -कर्म ಭ aa दिए धन से दान आदि धर्म कार्य नहीं नहीं करते, जो परमात्मा द्वारा करते, वे तो चोर हैं। वे तो शपना शरीर पोषण के लिए ही अन्न पकाते हैं। धर्म में नहीं लगाते , वे तो पाप ही खाते हैं। जञगनगररू तत्वदर्शी सत रामपाल जीःमहरजञ Follow us on Satlok Ashram सत रामपाल जी महाराज से जुडने के लिए संपर्क करें :- +९१ ८२२२ ८८० ५४१ - ShareChat
#जीवनदान_का_संकल्प धर्म वही जो काम आए रक्तदान — सच्ची श्रद्धांजलि। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में मानवता का उदाहरण 155 यूनिट रक्तदान। Sant Rampal Ji Maharaj #🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - एक-एक बूद , जिंदगी के नाम ! शिविर रक्तदान विशाल धनाना आश्रम মনলীক सोनीपत   (हरियाणा) में धाम , रक्तदान | यूनिट 243 ম सान्निध्य रामपाल जी के धर्म | মন মানব ন   নিঃ্সাযা शिष्यों Youlube SA News Channel Ia Suu : SA NEWS Ghannel @SallokAshramNewsChannel 7496801025 அ ( 73M subscribers एक-एक बूद , जिंदगी के नाम ! शिविर रक्तदान विशाल धनाना आश्रम মনলীক सोनीपत   (हरियाणा) में धाम , रक्तदान | यूनिट 243 ম सान्निध्य रामपाल जी के धर्म | মন মানব ন   নিঃ্সাযা शिष्यों Youlube SA News Channel Ia Suu : SA NEWS Ghannel @SallokAshramNewsChannel 7496801025 அ ( 73M subscribers - ShareChat
#जीवनदान_का_संकल्प संत रामपाल जी के अनुयायियों का सराहनीय कदम। 81 यूनिट जीवनदान। इंसानियत जिंदा है ❤️ धुरी आश्रम से समाज को प्रेरणा। Sant Rampal Ji Maharaj #🌞 Good Morning🌞
🌞 Good Morning🌞 - निर्वाग &a मानव सेवा ही परम धर्म ! ~ [ কমেববেবামো ট০  निर्वाण टिवस रवतदान कबीर परमेश्वर के निर्वाण दिवस पर आश्रम इंदौर (मध्य प्रदेश) में सतलोक यूनिट 79 रकदान | रामपालजी की प्रेरणा से शिष्यों ने पेश की परोपकार संत की अनूठी नजीर। Youlube SA News Channel Tee Bone : SANEWS Channel @SatloKAshramNewsChannel 7L96311825 173M subscnbers निर्वाग &a मानव सेवा ही परम धर्म ! ~ [ কমেববেবামো ট০  निर्वाण टिवस रवतदान कबीर परमेश्वर के निर्वाण दिवस पर आश्रम इंदौर (मध्य प्रदेश) में सतलोक यूनिट 79 रकदान | रामपालजी की प्रेरणा से शिष्यों ने पेश की परोपकार संत की अनूठी नजीर। Youlube SA News Channel Tee Bone : SANEWS Channel @SatloKAshramNewsChannel 7L96311825 173M subscnbers - ShareChat
https://youtube.com/live/RpFnlxfVXY0?si=lRkONO_afp4eHHtO #godnight
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#GodMorningFriday #TrueWorship_CuresCancer . सत्संग का महत्व एक दिन रंका तथा बंका दोनों पति-पत्नी गुरू जी के सत्संग में गए हुए थे जो कुछ दूरी पर किसी भक्त के घर पर चल रहा था। बेटी अवंका झोंपड़ी के बाहर एक चारपाई पर बैठी थी। अचानक झोंपड़ी में आग लग गई। सर्व सामान जलकर राख हो गया। अवंका दौड़ी-दौड़ी सत्संग में गई। गुरू जी प्रवचन कर रहे थे। अवंका ने कहा कि माँ! झोंपड़ी में आग लग गई। सब जलकर राख हो गया। सब श्रोताओं का ध्यान अवंका की बातों पर हो गया। माँ बंका जी ने पूछा कि क्या बचा है? अवंका ने बताया कि केवल एक खटिया बची है जो बाहर थी। माँ बंका ने कहा कि बेटी जा, उस खाट को भी उसी आग में डाल दे और आकर सत्संग सुन ले। कुछ जलने को रहेगा ही नहीं तो सत्संग में भंग ही नहीं पड़ेगा। बेटी सत्संग हमारा धन है। यदि यह जल गया तो अपना सर्वनाश हो जाएगा। लड़की वापिस गई और उस चारपाई को उठाया और उसी झोंपड़ी की आग में डालकर आ गई और सत्संग में बैठ गई। सत्संग के पश्चात् अपने ठिकाने पर गए। वहाँ एक वृक्ष था। उसके नीचे वह सामान जो जलने का नहीं था जैसे बर्तन, घड़ा आदि-आदि पड़े थे। उस वृक्ष के नीचे बैठकर भजन करने लगे। उनको पता नहीं चला कि कब सो गये? सुबह जागे तो उस स्थान पर नई झोंपड़ी लगी थी। सर्व सामान रखा था। आकाशवाणी हुई कि भक्तो! आप परीक्षा में सफल हुए। यह भेंट मेरी ओर से है, इसे स्वीकार करो। तीनों सदस्य उठकर पहले आश्रम में गए और झोंपड़ी जलने तथा पुनः बनने की घटना बताई तथा कहा कि हे प्रभु! हम तो नामदेव की तरह ही आपको कष्ट दे रहे हैं। हम उसको नसीहत देते थे। आज वही मूर्खता हमने कर दी। सतगुरू जी ने कहा, हे भक्त परिवार! नामदेव उस समय मर्यादा में रहकर भक्ति नहीं कर रहा था। फिर भी उसकी पूर्व जन्म की भक्ति के प्रतिफल में उसके लिए अनहोनी करनी पड़ती थी जो मुझे कष्ट होता था। आप मर्यादा में रहकर भक्ति कर रहे हो। इसलिए आपकी आस्था परमात्मा में बनाए रखने के लिए अनहोनी की है। आग भी मैंने लगाई थी, आपका दृढ़ निश्चय देखकर झोंपड़ी भी मैंने बनाई है। आप उसे स्वीकार करें। परमात्मा की महिमा भक्त समाज में बनाए रखने के लिए ये परिचय देना अनिवार्य है। आपकी झोंपड़ी जीर्ण-शीर्ण थी। आप भक्ति में भंग होने के भय से नई बनाने में समय व्यर्थ करना नहीं चाहते थे। मैं आपके लिए पक्का मकान भी बना सकता हूँ। स्वर्ण का भी बना सकता हूँ क्योंकि आप प्रत्येक परीक्षा में सफल रहे हो। उस दिन रास्ते में धन मैंने ही डाला था। नामदेव मेरे साथ था। आप उस कुटी में रहें और परमात्मा की भक्ति करें। रंका-बंका ने उस मर्यादा का पालन किया :- कबीर, गुरू गोविंद दोनों खड़े, किसके लागूं पाय। बलिहारी गुरू आपणा, गोविन्द दियो बताय।। आकाशवाणी को परमात्मा की आज्ञा माना, परंतु गुरू जी के पास आकर गुरू जी की क्या आज्ञा है? यह गुरू पर बलिहारी होना है। गोविन्द की आज्ञा स्वीकार्य नहीं हुई। गुरू की आज्ञा का पालन करके यहाँ भी परीक्षा में खरे उतरे। उस गाँव के व्यक्तियों ने भक्त रंका की कुटिया जलती तथा जलकर राख हुई देखी थी। सुबह नई और बड़ी जिसमें दो कक्ष थे, बनी देखी तो पूरा गाँव देखने आया। आसपास के क्षेत्र के स्त्री-पुरूष भी देखने आए। रंका-बंका की महिमा हुई तथा उनके गुरू जी की शरण में बहुत सारे गाँव तथा आसपास के व्यक्ति आए और अपना कल्याण करवाया। Sa TrueStory YouTube Savior of the World Sant Rampal Ji Maharaj #godnight
godnight - सत्सग को मिल सुनने वचन जाए तो जीवन सफल हो जाता है। संत रामपाल जी महाराज AMARBODHBOOK IWI SUPREMEGOD.ORG सत्सग को मिल सुनने वचन जाए तो जीवन सफल हो जाता है। संत रामपाल जी महाराज AMARBODHBOOK IWI SUPREMEGOD.ORG - ShareChat
#GodMorningFriday #TrueWorship_CuresCancer . नन्दा नाई का उद्धार कबीर, जो जन मेरी शरण है, ताका हूँ मैं दास। गेल-गेल लाग्या फिरूँ, जब तक धरती आकाश।। परमात्मा कबीर जी ने बताया है कि यदि कोई जीव किसी युग में मेरी दीक्षा ले लेता है। यदि वह पार नहीं हो पाता है तो उसको किसी मानुष जन्म में ज्ञान सुनाकर शरण में लूँगा। उसके साथ-साथ रहूँगा। मेरी कोशिश रहती है कि किसी प्रकार यह काल जाल से छूटकर सुख सागर सत्यलोक में जाकर सुखी हो जाए। मेरा प्रयत्न तब तक रहता है जब तक धरती और आकाश नष्ट नहीं होते यानि प्रलय नहीं होती। नाई समुदाय में एक महान भक्त शेना जी हुए हैं नाई को सैन भी कहते हैं। वे परमात्मा की धुन में लगे रहते थे। राजा के निजी नाई थे। प्रतिदिन राजा की हजामत करने जाया करते थे। राजा के सिर की मालिश करने भी जाते थे। भक्त नंदा जी एक दिन भगवान की भक्ति में इतना मग्न हो गया कि उसको ध्यान नहीं रहा कि मैंने राजा की हजामत करने जाना था। राजा की दाढ़ी बनाने करने जाने का निर्धारित समय था। वह समय जा चुका था। दो घण्टे देर हो चुकी थी। राजाओं की जुबान पर दण्ड रहता था। जो भी नौकर जरा-सी गलती करता था तो उसको निर्दयता से कोड़ों से पीटा जाता था। अचेत होने पर छोड़ा जाता था। शरीर की खाल उतर जाती थी। रो-रोकर बेहोश हो जाता था। यह दश्य भक्त नंदा कई नौकरों के साथ देख चुके थे। आज उनको वही भय सता रहा था। काँपते-काँपते राजा के निवास पर पहुँचे। राजा के पैरों में गिरकर देर से आने की क्षमा याचना करने लगा कहा कि माई-बाप आगे से कभी गलती नहीं करूँगा। भक्त ने देखा कि राजा की दाढ़ी बनाई हुई थी। सिर में मालिश भी कर रखी थी। भक्त सैन को समझते देर नहीं लगी कि किसी अन्य नाई से हजामत तथा मालिश कराई है। राजा ने पूछा कि हे नन्दा नाई! आप क्या कह रहे हो? आप पागल हो गये हो क्या? भक्त नंदा जी ने कहा, महाराज! आज मुझे ध्यान ही नहीं रहा, मैं भूल गया। मैं आपके दाढ़ी बनाने के समय पर नहीं आया। जीवन में पहली व अंतिम गलती है। कभी नहीं करूँगा। उसका विलाप सुनकर रानी तथा अन्य मंत्री भी आ गए थे। राजा ने कहा कि हे नन्दा सैन! आप अभी-अभी दाढ़ी बनाकर सिर में मालिश करके गए हो। आप क्या कह रहे हो? आप देर से आए हो। क्या नींद में बोल रहे हो? भक्त नंदा जी ने कहा कि नहीं महाराज! आपने किसी अन्य नाई से हजामत कराई है। मैं तो अभी-अभी आया हूँ। राजा ने सैन भक्त के घर पर मंत्री भेजकर पता कराया तो उनकी पत्नी भी रो रही थी कि आज पति देर से गए हैं, उनको दण्ड दिया जा रहा होगा मंत्री ने पूछा कि क्यों रो रही हो बहन? भक्तमति ने बताया कि मेरे से गलती हो गई मैंने भक्त को याद नहीं दिलाया। भक्ति पर बैठने से पहले भक्त ने कहा था कि कुछ समय पश्चात् मुझे याद दिलाना कि राजा की सेवा करने जाना है। मैं भी भूल गई, भक्त भी भक्ति में व्यस्त थे। दो घण्टे बाद उठे तो याद आया। उनकी नौकरी जाएगी तो हम क्या खाएंगे? बच्चे भूखे मर जाएंगे पति को दण्ड मिलेगा। मंत्री जी तुरंत वापिस आए और राजा से बताया कि वास्तव में नंदा तो देर से अभी आया है। इनके रूप में कोई और आया था जो आपकी हजामत तथा मालिश करके चला गया। यह बात सुनकर राजा को समझते देर नहीं लगी कि भक्त सैन के रूप में भगवान आए थे। राजा सिंहासन से नीचे आया और भक्त सैन जी को सीने से लगाया और कहा कि भक्त! मैं तेरे को सेवा से मुक्त करता हूँ। तेरे को राजदरबार में दरबारी रखता हूँ। मेरे को दोष लगा है कि भक्त के स्थान पर भगवान ने मेरी दाढ़ी बनाई, सिर की मालिश की। मैं इस पाप को कैसे धो पाऊँगा? नंदा जी भी समझ गए कि मेरे कारण परमात्मा को कष्ट हुआ तो और जोर-जोर से रोने लगे कि हे परवरदिगार! मुझ दो कोड़ी के दास के कारण आप स्वर्ग छोड़कर नाई सैन बने। मुझे उठा देते भगवान। आपको कष्ट उठाना नहीं पड़ता। मैं समय पर आ जाता। इसलिए वाणी के माध्यम से बताया है कि सच्चे भक्त पर परमात्मा ऐसे कृपया करते हैं। गरीब दास, गोता मारूँ स्वर्ग में, जा पैठूँ पाताल। गरीबदास खोजत फिरूँ, अपने हीरे मोती लाल।। Sa TrueStory YouTube Savior of the World Sant Rampal Ji Maharaj #godnight
godnight - Tal नाई का 3 एकनंदा नाम का नाईया। भक्त नंदाजी एक दिन भगवान की भक्ति मेइतना मग्न हागया कि उसको ध्यान नहीं रहा कि मैने राजा की हजामत करने जानाःथा।राजा (दाठी बनाने ) करने जाने কাংমন নিধলি মসশ থা ব& মসয সা क चुका या।दो घण्टे देरहो ': चुकी নন সন্ মন কমপ স কর্নীয মাচন आए तया राजा की हजामत नना करगए। satlokashram org @Satlokashram001 Satlokashram Tal नाई का 3 एकनंदा नाम का नाईया। भक्त नंदाजी एक दिन भगवान की भक्ति मेइतना मग्न हागया कि उसको ध्यान नहीं रहा कि मैने राजा की हजामत करने जानाःथा।राजा (दाठी बनाने ) करने जाने কাংমন নিধলি মসশ থা ব& মসয সা क चुका या।दो घण्टे देरहो ': चुकी নন সন্ মন কমপ স কর্নীয মাচন आए तया राजा की हजामत नना करगए। satlokashram org @Satlokashram001 Satlokashram - ShareChat
#GodMorningFriday #TrueWorship_CuresCancer . ज्यों बच्छा गऊ की नजर में, यूं सांई कूं संत। भक्तों के पीछे फिरे, भक्त वच्छल भगवन्त।। कबीर साहिब जी कहते हैं कि गाय चाहे किसी भी तरफ घूम रही हो परन्तु अपने बच्चे के ऊपर एकटक नजर रखती है कि कोई पशु-पक्षी या मनुष्य मेरे बच्चे को मार न दे। अपनी सानिध्य मे रखती है। इसी प्रकार परमात्मा अपने भक्त के ऊपर दृष्टि रखता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Sa TrueStory YouTube Savior of the World Sant Rampal Ji Maharaj #godnight
godnight - ಣncloaea 7PO ज्यों बच्छा गऊ की नजर में , यूं साई कूं संत | भक्तों के पीछे फिरे , भक्त वच्छल भगवन्त Il शब्दार्थः- जैसे गाय अपने बच्चे के ऊपर एकटक नजर रखती है कि कोई पशु-पक्षी या मनुष्य मेरे बच्चे को मार न दे। इसी प्रकार परमात्मा अपने भक्त के ऊपर 0 दृष्टि रखता है। जैसे गाय का बच्चा खेलता -कूदता * किसी ओर दौड़ जाता हैतो गाय भी उसके पीछेनपीछे उसकी सुरक्षा के लिए दौड़ती है। प्रकार परमात्मा जो भक्तों का हितकारी है इसी अपने भक्तों के पीछे॰पीछे फिरता है। उनकी सुरक्षा के लिए साथ रहता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज  SATLOKASHRAM SOJAT SATLOK ASHRAM SOJAT SUPREMEGODORG SATOK ASHRAM SOJA7 ಣncloaea 7PO ज्यों बच्छा गऊ की नजर में , यूं साई कूं संत | भक्तों के पीछे फिरे , भक्त वच्छल भगवन्त Il शब्दार्थः- जैसे गाय अपने बच्चे के ऊपर एकटक नजर रखती है कि कोई पशु-पक्षी या मनुष्य मेरे बच्चे को मार न दे। इसी प्रकार परमात्मा अपने भक्त के ऊपर 0 दृष्टि रखता है। जैसे गाय का बच्चा खेलता -कूदता * किसी ओर दौड़ जाता हैतो गाय भी उसके पीछेनपीछे उसकी सुरक्षा के लिए दौड़ती है। प्रकार परमात्मा जो भक्तों का हितकारी है इसी अपने भक्तों के पीछे॰पीछे फिरता है। उनकी सुरक्षा के लिए साथ रहता है। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज  SATLOKASHRAM SOJAT SATLOK ASHRAM SOJAT SUPREMEGODORG SATOK ASHRAM SOJA7 - ShareChat