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#शक्तिपीठ रक्तकाली शक्तिपीठ
शक्तिपीठ - रक्तकाली शक्तिपीठ रक्तकाली शक्तिपीठ नेपाल देशमें काठमांडू परस्थित हैं । इस मंदिर को राजा कुड़काम देवे ने बनवाया था। के बूंद  यहां मां सती की रक्तः गिरा थां | यहां माता रक्तकला शीला की साथ द्रोपदी की पूजा तांत्रिक पद्धति से पूछा होती हैं। जय माता दी।l रक्तकाली शक्तिपीठ रक्तकाली शक्तिपीठ नेपाल देशमें काठमांडू परस्थित हैं । इस मंदिर को राजा कुड़काम देवे ने बनवाया था। के बूंद  यहां मां सती की रक्तः गिरा थां | यहां माता रक्तकला शीला की साथ द्रोपदी की पूजा तांत्रिक पद्धति से पूछा होती हैं। जय माता दी।l - ShareChat
#शक्तिपीठ अंबाबाई महालक्ष्मी समशक्तीपीठ
शक्तिपीठ - अंबाबाई महालक्ष्मी समशक्तीपीठ कोल्हापुर यह शक्तीपीठ भारत में महाराष्ट्र के में हैं । यहां माता सती की तीसरी आंख गिरा था ६ हजार वर्ष पुराना इस मंदिर में स्वयंभू प्रकट महालक्ष्मी और दुर्गा की संयुक्त मूर्ति हैं | इस मंदिर का निर्मोण चालुक्य वंश के राजा कर्णदेव ने कराया था ।इसलिए देवी को करवीर निवासिनी कहते हैं | मां महालक्ष्मी को अंबाबाई भी कहते हैं | जय माता दी।l अंबाबाई महालक्ष्मी समशक्तीपीठ कोल्हापुर यह शक्तीपीठ भारत में महाराष्ट्र के में हैं । यहां माता सती की तीसरी आंख गिरा था ६ हजार वर्ष पुराना इस मंदिर में स्वयंभू प्रकट महालक्ष्मी और दुर्गा की संयुक्त मूर्ति हैं | इस मंदिर का निर्मोण चालुक्य वंश के राजा कर्णदेव ने कराया था ।इसलिए देवी को करवीर निवासिनी कहते हैं | मां महालक्ष्मी को अंबाबाई भी कहते हैं | जय माता दी।l - ShareChat
#शक्तिपीठ दंतेश्वरी शक्तिपीठ
शक्तिपीठ - दंतेश्वरी शक्तीपीठ यह शक्तीपीठ भारत में छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर में दंतेवाड़ा के डंकिनी शंकिनी नदी के संगम परस्थित हैं | १४ शताब्दी में वारंगल के राजा अन्नमदेव ने इस मंदिर का निर्माण कराया था| यहां तीन नवरात्र मनाया जाता है। इस पीठ पर सती माता की दांत गिरा था| সয মানা নী Il दंतेश्वरी शक्तीपीठ यह शक्तीपीठ भारत में छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर में दंतेवाड़ा के डंकिनी शंकिनी नदी के संगम परस्थित हैं | १४ शताब्दी में वारंगल के राजा अन्नमदेव ने इस मंदिर का निर्माण कराया था| यहां तीन नवरात्र मनाया जाता है। इस पीठ पर सती माता की दांत गिरा था| সয মানা নী Il - ShareChat
#शक्तिपीठ शारदा पीठ
शक्तिपीठ - शारदापीठ अधिकृत कश्मीर में यह शक्तीपीठ पाक जम्मू कश्मीर के कोपवाडां जिला के पास नीलमवेल्ली नामक स्थान में कृष्णगंगा नदी तट परहैं | कश्मीर के करकोटा राजवंश राजा 351' ललितादित्या मुक्ता पीडा ` मंदिर को बनवाया था| शारदा पीठ से ही शारदा। लिपि का जन्म हुआ हैं | यहासती कीदाहिनी कलाईगिरा था० ` आज यह शक्तीपीठ खंडहर हो चुका हैं। जय माता दी ।l शारदापीठ अधिकृत कश्मीर में यह शक्तीपीठ पाक जम्मू कश्मीर के कोपवाडां जिला के पास नीलमवेल्ली नामक स्थान में कृष्णगंगा नदी तट परहैं | कश्मीर के करकोटा राजवंश राजा 351' ललितादित्या मुक्ता पीडा ` मंदिर को बनवाया था| शारदा पीठ से ही शारदा। लिपि का जन्म हुआ हैं | यहासती कीदाहिनी कलाईगिरा था० ` आज यह शक्तीपीठ खंडहर हो चुका हैं। जय माता दी ।l - ShareChat
#शक्तिपीठ ढाकेश्वरी समशक्तीपीठ
शक्तिपीठ - ढाकेश्वरी समशक्तीपीठ मुस्लिम देश बंगलादेश में यह शक्तीपीठ : ढाका के लालबाग में हैं | यहां सती की मुकुट का मणि गिरा था। इस मंदिर का निर्माण राजा बल्लालसेन ने কংবাযা থা | इसी ढाकेश्वरी देवी के नाम से बंगलादेश की राजधानी का नाम ढाका पडा हैं | लेकिन मुस्लिमों ने ढाकेश्वरी देवी मंदिर को ढाकेश्वरी जातियां मंदिर बना दिया हैं | जय माता दी।l ढाकेश्वरी समशक्तीपीठ मुस्लिम देश बंगलादेश में यह शक्तीपीठ : ढाका के लालबाग में हैं | यहां सती की मुकुट का मणि गिरा था। इस मंदिर का निर्माण राजा बल्लालसेन ने কংবাযা থা | इसी ढाकेश्वरी देवी के नाम से बंगलादेश की राजधानी का नाम ढाका पडा हैं | लेकिन मुस्लिमों ने ढाकेश्वरी देवी मंदिर को ढाकेश्वरी जातियां मंदिर बना दिया हैं | जय माता दी।l - ShareChat
#शक्तिपीठ नागपोषनी अम्मन समशक्तीपीठ
शक्तिपीठ - नागपोषनी अम्मन समशक्तीपीठ यह शक्तीपीठ श्रीलंका में जाफना के कोविंल ٩٤١ यहां माता सती की पायल गिरा था रुप में पूजा 7 की जाती हैं | देवी को पार्वती के यहांमां पार्वती के साथ शिव भी विराजित हैं | इस मंदिर के सभी दीवारों में मूर्तियों की नक्काशी देखने लायक हैं | जय माता दी ।l नागपोषनी अम्मन समशक्तीपीठ यह शक्तीपीठ श्रीलंका में जाफना के कोविंल ٩٤١ यहां माता सती की पायल गिरा था रुप में पूजा 7 की जाती हैं | देवी को पार्वती के यहांमां पार्वती के साथ शिव भी विराजित हैं | इस मंदिर के सभी दीवारों में मूर्तियों की नक्काशी देखने लायक हैं | जय माता दी ।l - ShareChat
#शक्तिपीठ महामाया धाम समशक्तीपीठ
शक्तिपीठ - भृहामायाधाम समशक्तीपीठ यह शक्तीपीठ भारत में असम राज्य के कोकराझारजिला के ३० km दूरी ধুনহীমী पर बोगरीबारी काचूगांव में महामाया पहाडीं पर स्थित हैं | यहां मां को महामाया देवी कहते हैं | इनकी दर्शन से सभी जीवजन्तुओ की हर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं | जय माता दी ।l भृहामायाधाम समशक्तीपीठ यह शक्तीपीठ भारत में असम राज्य के कोकराझारजिला के ३० km दूरी ধুনহীমী पर बोगरीबारी काचूगांव में महामाया पहाडीं पर स्थित हैं | यहां मां को महामाया देवी कहते हैं | इनकी दर्शन से सभी जीवजन्तुओ की हर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं | जय माता दी ।l - ShareChat
#शक्तिपीठ उग्रतारा शक्तीपीठ
शक्तिपीठ - उग्रतार शक्तीपीछ उग्रतारा शक्तीपीठ भारत में असम राज्य के गुवाहाटी जिला के लातासिल में स्थापित हैं | यहां माता सती की नाभिभाग गिरा था| इस शक्तीपीठ का निर्माण राजा शिवरुप द्वारा किया गया हैं । मां उग्रता रामदेवी तारा स्वरुप में विराजित हैं | यह मंदिर तंत्र साधना का केन्द्र बिन्दु हैं। সয মানা নী II उग्रतार शक्तीपीछ उग्रतारा शक्तीपीठ भारत में असम राज्य के गुवाहाटी जिला के लातासिल में स्थापित हैं | यहां माता सती की नाभिभाग गिरा था| इस शक्तीपीठ का निर्माण राजा शिवरुप द्वारा किया गया हैं । मां उग्रता रामदेवी तारा स्वरुप में विराजित हैं | यह मंदिर तंत्र साधना का केन्द्र बिन्दु हैं। সয মানা নী II - ShareChat
#शक्तिपीठ समलेश्वरी समशक्तीपीठ
शक्तिपीठ - समलेश्वरी समशक्तीपीठ यह शक्तीपीठभारत में उड़ीसा राज्य के संबलपुर में महानदी किनारे स्थित हैं।मां समलेश्वरी देवी को समलाई दाईं कहते हैं। इस मंदिर का निर्माण चौहान वंश द्वारा १६ वीं शताब्दी में सिंगुली पेड़ के नीचे किया गया था। यह देवी प.उडींसा की अधिष्ठात्री देवी हैं । यहां नवाखाई त्योहार मनाया जाता हैं | সয মানা নী Il समलेश्वरी समशक्तीपीठ यह शक्तीपीठभारत में उड़ीसा राज्य के संबलपुर में महानदी किनारे स्थित हैं।मां समलेश्वरी देवी को समलाई दाईं कहते हैं। इस मंदिर का निर्माण चौहान वंश द्वारा १६ वीं शताब्दी में सिंगुली पेड़ के नीचे किया गया था। यह देवी प.उडींसा की अधिष्ठात्री देवी हैं । यहां नवाखाई त्योहार मनाया जाता हैं | সয মানা নী Il - ShareChat
#शक्तिपीठ मणिक्याम्बा समशक्तीपीठ
शक्तिपीठ - మ  मृणिक्याम्बा समशक्तीपीठ यह शक्तीपीठभारत में आंध्रप्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिला में काकीनाडा रोड परस्थित हैं इस शक्तीपीठ में माता सती की सांता गाल fM | मंदिरको ८०० वर्षपूर्व चालुक्य राजा भीम ने बनवाया था। इस मंदिर में मणिक्याम्बा देवी के साथ भीमेश्वर स्वामी भी विराजमान हैं | जय माता दीIl మ  मृणिक्याम्बा समशक्तीपीठ यह शक्तीपीठभारत में आंध्रप्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिला में काकीनाडा रोड परस्थित हैं इस शक्तीपीठ में माता सती की सांता गाल fM | मंदिरको ८०० वर्षपूर्व चालुक्य राजा भीम ने बनवाया था। इस मंदिर में मणिक्याम्बा देवी के साथ भीमेश्वर स्वामी भी विराजमान हैं | जय माता दीIl - ShareChat