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#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# महेश्वरी देवी
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - महेश्वरी देवी महेश्वरी देवी मंदिरभारत में उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिला मुख्यालय से ५Okm  kकनूरहैं जलालपुर केभेड़ी डाड़ा में बेतवा नदी | ऋषि भिंड के तपोस्थल भेड़ी मां की पाषाण 44 प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी| इस मंदिर को नवाबलि बहादुर के आदेश पर महेश्वर नामक कारिगर ने गुप्तकालीन वास्तु शैली में बनाया था।यह शिव पार्वती महेश्वरी मंदिरसिद्धपीठ हैं | महेश्वरी देवी महेश्वरी देवी मंदिरभारत में उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिला मुख्यालय से ५Okm  kकनूरहैं जलालपुर केभेड़ी डाड़ा में बेतवा नदी | ऋषि भिंड के तपोस्थल भेड़ी मां की पाषाण 44 प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी| इस मंदिर को नवाबलि बहादुर के आदेश पर महेश्वर नामक कारिगर ने गुप्तकालीन वास्तु शैली में बनाया था।यह शिव पार्वती महेश्वरी मंदिरसिद्धपीठ हैं | - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# कालिका देवी
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - कालिका देवी कालिका देवी मंदिरभारत में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध बागेश्वर के काडा पड़ाव में हैं | मां कालिका यानि काली   बाबा बागेश्वरधाम चमत्कारी कुलदेवी हैं। মংকোৎ কী बागेश्वर सरकार अपने बचपन से मां काली की कर रहे हैं इन्ही की आशीर्वाद पजा आराधना ' से बाबा बागेश्वर सरकार सन्यासी बने और बालाजी की सिद्धि प्राप्त हुई हैं। कालिका देवी कालिका देवी मंदिरभारत में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध बागेश्वर के काडा पड़ाव में हैं | मां कालिका यानि काली   बाबा बागेश्वरधाम चमत्कारी कुलदेवी हैं। মংকোৎ কী बागेश्वर सरकार अपने बचपन से मां काली की कर रहे हैं इन्ही की आशीर्वाद पजा आराधना ' से बाबा बागेश्वर सरकार सन्यासी बने और बालाजी की सिद्धि प्राप्त हुई हैं। - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# देवयानी देवी #
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - देवयानी देवी सब तीर्थों की नानी, देवयानी देवी मंदिरभारत में राजस्थान राज्य में जयपुर के सांभर झील के पास स्थित हैं । महाभारत काल में सांभरमें दैत्यगुरु का राज था।यही असुर राजा  बृषपर्व ; शुक्राचार्य निवास करते थे। जगह पर इसी  शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी का विवाह राजा ययाति से हुंआ और की पुत्री समिष्ठा से बृषपर्व  भी हुंआ था।आज सांभर झील के पास देवयानी और समिष्ठा कुंड हैं । इसी देवयानी कुंड के पास देवयानी देवी मंदिरहैं देवयानी देवी को सब तीर्थों की नानी तीर्थ कहते हैं । देवयानी देवी सब तीर्थों की नानी, देवयानी देवी मंदिरभारत में राजस्थान राज्य में जयपुर के सांभर झील के पास स्थित हैं । महाभारत काल में सांभरमें दैत्यगुरु का राज था।यही असुर राजा  बृषपर्व ; शुक्राचार्य निवास करते थे। जगह पर इसी  शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी का विवाह राजा ययाति से हुंआ और की पुत्री समिष्ठा से बृषपर्व  भी हुंआ था।आज सांभर झील के पास देवयानी और समिष्ठा कुंड हैं । इसी देवयानी कुंड के पास देवयानी देवी मंदिरहैं देवयानी देवी को सब तीर्थों की नानी तीर्थ कहते हैं । - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# कौलेश्वरी देवी
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - कौलेश्वरी देवी कौलेश्वरी देवी मंदिरभारत में झारखंड के चतरा से थोड़ी दूर हंटरगंज के कोल्हुआ ( कौलेश्वरी पहाड़ ) के १७५५ फीट ऊंचाई पर हैं मां कौलेश्वरी भक्तों की कुल और चतुर्भुजी : संतान की रक्षा करती हैं | दर्शन से जन्मगात्त तिरछी आंख वाले 57q | संतान ठीक हो जाते हैं ।फलस्वरुप भक्त इन्हें सोना या चांदी की नयन चढ़ाते हैं मां पर सनातन ,जैन और बौद्ध धर्म के लोगों में अथाह आस्था हैं | कौलेश्वरी देवी कौलेश्वरी देवी मंदिरभारत में झारखंड के चतरा से थोड़ी दूर हंटरगंज के कोल्हुआ ( कौलेश्वरी पहाड़ ) के १७५५ फीट ऊंचाई पर हैं मां कौलेश्वरी भक्तों की कुल और चतुर्भुजी : संतान की रक्षा करती हैं | दर्शन से जन्मगात्त तिरछी आंख वाले 57q | संतान ठीक हो जाते हैं ।फलस्वरुप भक्त इन्हें सोना या चांदी की नयन चढ़ाते हैं मां पर सनातन ,जैन और बौद्ध धर्म के लोगों में अथाह आस्था हैं | - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# तरकुलहा देवी
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - तरकुलहादैवी तरकुलहा देवी मंदिरभारत में उत्तरप्रदेश के IBTRNITHITIGT Tal गोरखपुर से २२km  কী ঘুলাদী चौरा पर स्थित हैं शासन के दौरान डोंगरी रियासत के बंदूक सिंह तरकुल पेड़ के नीचे पिंडलियां स्थापित कर देवी उँपासना करते थे। वह अंग्रेजों से गुरिल्ला कर अंग्रेजों को पकड़कर देवी में बॅलि दे {@' थे। १२ अगस्त १८५७ को उसे पकड़कर फांसी दिया जाने लगा | सात बारफांसी असफल होने पर जल्लाद रोने लगा तब बंन्दूकसिंह ने देवी से प्रार्थना कर फांसी चढ़ ।ही तरकुल ' dsడ इनके फांसी चढ़ते TT | गया और रक्त की धार बहने लगा | तबभक्तों ने उसी तरकुल पेड़ के नीचे तरकुलहा देवी मंदिर बनवाया | यहां प्रसाद में बकरेंका मांस मिलता हैं | तरकुलहादैवी तरकुलहा देवी मंदिरभारत में उत्तरप्रदेश के IBTRNITHITIGT Tal गोरखपुर से २२km  কী ঘুলাদী चौरा पर स्थित हैं शासन के दौरान डोंगरी रियासत के बंदूक सिंह तरकुल पेड़ के नीचे पिंडलियां स्थापित कर देवी उँपासना करते थे। वह अंग्रेजों से गुरिल्ला कर अंग्रेजों को पकड़कर देवी में बॅलि दे {@' थे। १२ अगस्त १८५७ को उसे पकड़कर फांसी दिया जाने लगा | सात बारफांसी असफल होने पर जल्लाद रोने लगा तब बंन्दूकसिंह ने देवी से प्रार्थना कर फांसी चढ़ ।ही तरकुल ' dsడ इनके फांसी चढ़ते TT | गया और रक्त की धार बहने लगा | तबभक्तों ने उसी तरकुल पेड़ के नीचे तरकुलहा देवी मंदिर बनवाया | यहां प्रसाद में बकरेंका मांस मिलता हैं | - ShareChat
#शक्तिपीठ शीतला माता समशक्तिपीठ
शक्तिपीठ - fll LE 4:32 शीतलामाता समशक्तिपीठ शीतला माता शक्तिपीठ भारत में बिहार राज्य के नालंदा जिला में बिहार शरीफ के ' मुघङ्कार्म स्थित हैं | यहां माता सती की हाथ का कंगन गिरा था| इस शक्तिपीठ के कुंड की पानी से चर्मरोग पूर्णतया ठौक हो जाते हैं। সয মানা নী II 0 Aa ( Edit video Next fll LE 4:32 शीतलामाता समशक्तिपीठ शीतला माता शक्तिपीठ भारत में बिहार राज्य के नालंदा जिला में बिहार शरीफ के ' मुघङ्कार्म स्थित हैं | यहां माता सती की हाथ का कंगन गिरा था| इस शक्तिपीठ के कुंड की पानी से चर्मरोग पूर्णतया ठौक हो जाते हैं। সয মানা নী II 0 Aa ( Edit video Next - ShareChat
#शक्तिपीठ छोटी पटनदेवी समशक्तिपीठ
शक्तिपीठ - छोटी पटनदेवी समशक्तिपीठ छोटी पटनदेवी शक्तिपीठ भारत में बिहार के राजधानी पटना में हैं । यहां सती मां की दाहिना भुजा गिरा था। प्राचीन पाटली पुत्र जो अब पटना बन गया हैं , पटना में बड़ी पटनदेवी भी हैं ,जो मगध शक्तिपीठ कहलाती हैं | जय माता दी ।l छोटी पटनदेवी समशक्तिपीठ छोटी पटनदेवी शक्तिपीठ भारत में बिहार के राजधानी पटना में हैं । यहां सती मां की दाहिना भुजा गिरा था। प्राचीन पाटली पुत्र जो अब पटना बन गया हैं , पटना में बड़ी पटनदेवी भी हैं ,जो मगध शक्तिपीठ कहलाती हैं | जय माता दी ।l - ShareChat
#शक्तिपीठ चामुंडा स्थान समशक्तिपीठ
शक्तिपीठ - चामुंडा स्थान समशक्तिपीठ यह शक्तिपीठ भारत में बिहार राज्य के नवादा जिला के रुपौ गांव में स्थापित हैं | यहां सती की सिरगिरा था| शुंभ और निशुंभ का वध मांने यही पर T8RT m೫ | यहां आज भी निशुंभ पर्वत हैं | जय माता दी Il चामुंडा स्थान समशक्तिपीठ यह शक्तिपीठ भारत में बिहार राज्य के नवादा जिला के रुपौ गांव में स्थापित हैं | यहां सती की सिरगिरा था| शुंभ और निशुंभ का वध मांने यही पर T8RT m೫ | यहां आज भी निशुंभ पर्वत हैं | जय माता दी Il - ShareChat
#शक्तिपीठ श्रृंखला समशक्तिपीठ
शक्तिपीठ - श्रुखला समशक्तिपीठ श्रृंखला शक्तिपीठ भारत में पश्चिम बंगाल के जिला के पांड्रा में स्थित हैं | हुगली | श्रृंखला देवी की इस शक्तिपीठ पर सती जी की उदर (पेट ) गिरा था। जय माता दी।l श्रुखला समशक्तिपीठ श्रृंखला शक्तिपीठ भारत में पश्चिम बंगाल के जिला के पांड्रा में स्थित हैं | हुगली | श्रृंखला देवी की इस शक्तिपीठ पर सती जी की उदर (पेट ) गिरा था। जय माता दी।l - ShareChat
#शक्तिपीठ पुरुहुतिका समशक्तिपीठ
शक्तिपीठ - पुरुहुतिका समशक्तिपीठ यह शक्तिपीठ भारत में आंध्रप्रदेश के पीठपुरम में स्थापित हैं | यहां सती की आसन गिरा था| पुरुहुतिका देवी को राजराजेश्वरी देवी कहते हैं मैंकलक्कुटेश्वरः इसी पीठ के बगल ` स्वामी मंदिर সয মানা নী Il पुरुहुतिका समशक्तिपीठ यह शक्तिपीठ भारत में आंध्रप्रदेश के पीठपुरम में स्थापित हैं | यहां सती की आसन गिरा था| पुरुहुतिका देवी को राजराजेश्वरी देवी कहते हैं मैंकलक्कुटेश्वरः इसी पीठ के बगल ` स्वामी मंदिर সয মানা নী Il - ShareChat