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#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# मीरा बाई #
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - मोीराबाई मीराबाई मंदिरभारत में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किला में हैं | मीराबाई अपने आराध्य श्रीकृष्णजी के साथ विराजमान हैं राजदुदा के पुत्र रतनसिंह की पुत्री मीराबाई राणा सांगा पुत्र भोज संग ब्याही थी।इस मंदिर का निर्माण राणा कुम्भा ने कराया था।यहां मीरा कृष्ण का पूजा करती थी। यही पर मीराबाई को विष दिया गया जो अमृत ٩٩٦٢4٢ यह मंदिरभक्ति और प्रेम का प्रतिक हैं | मोीराबाई मीराबाई मंदिरभारत में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किला में हैं | मीराबाई अपने आराध्य श्रीकृष्णजी के साथ विराजमान हैं राजदुदा के पुत्र रतनसिंह की पुत्री मीराबाई राणा सांगा पुत्र भोज संग ब्याही थी।इस मंदिर का निर्माण राणा कुम्भा ने कराया था।यहां मीरा कृष्ण का पूजा करती थी। यही पर मीराबाई को विष दिया गया जो अमृत ٩٩٦٢4٢ यह मंदिरभक्ति और प्रेम का प्रतिक हैं | - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# द्रौपदी देवी #
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - द्रौपदी देवी वैसे तो भारत के तमिलनाडु , कर्नाटक और . आंध्रप्रदेश में ८०० से ज्यादा द्रौपदी मंदिर हैं । पर यह मंदिर कर्नाटक के बंगलौर में स्थित हैं | यह द्रौपदी देवी मरिअम्मन देवी कहलाती हैं | पांचाल राज की राजकुमारी यज्ञ से उत्पन्न द्रौपदी पांचों पांडव की पत्नी थी। पल्लवों शासन के समय से द्रौपदी को मरिअम्मन देवी के रुप में कोंडार , वनियार और गोंडल समुदाय के लोग पूजा करते हैं | यहां भक्त प्रसाद नहीं अपना रक्त चढ़ाते हैं | द्रौपदी देवी वैसे तो भारत के तमिलनाडु , कर्नाटक और . आंध्रप्रदेश में ८०० से ज्यादा द्रौपदी मंदिर हैं । पर यह मंदिर कर्नाटक के बंगलौर में स्थित हैं | यह द्रौपदी देवी मरिअम्मन देवी कहलाती हैं | पांचाल राज की राजकुमारी यज्ञ से उत्पन्न द्रौपदी पांचों पांडव की पत्नी थी। पल्लवों शासन के समय से द्रौपदी को मरिअम्मन देवी के रुप में कोंडार , वनियार और गोंडल समुदाय के लोग पूजा करते हैं | यहां भक्त प्रसाद नहीं अपना रक्त चढ़ाते हैं | - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# यशोदा माता
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - यशोदा माता यशोदा माता मंदिरभारत में मध्यप्रदेश के शहर के खजौली बाजार पर हैं | इंदौर  मां यशोदा भगवान श्रीकृष्णजी को गोद में लिए बैठी हुई हैं | वर्ष पुराना हैं। यह मंदिर २००; भक्तजन अपनी सूनी गोद भरने संतान प्राप्ति हेतु माता यशोदा की गोद भराई करते हैं।मां संतान प्राप्ति के वरदान देती हैं | यहां प्रसाद में माखन मिश्री मिलता हैं | 003/005 यशोदा माता यशोदा माता मंदिरभारत में मध्यप्रदेश के शहर के खजौली बाजार पर हैं | इंदौर  मां यशोदा भगवान श्रीकृष्णजी को गोद में लिए बैठी हुई हैं | वर्ष पुराना हैं। यह मंदिर २००; भक्तजन अपनी सूनी गोद भरने संतान प्राप्ति हेतु माता यशोदा की गोद भराई करते हैं।मां संतान प्राप्ति के वरदान देती हैं | यहां प्रसाद में माखन मिश्री मिलता हैं | 003/005 - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# देईमाई और गूंगीमाई#
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - देई माई और गूंगी माई मां कामाख्या की बात बहनों में से दो बहन देईमाई और गूंगी माई की मंदिरभारत में राजस्थान के झूंझुनू जिला सिंघाड़ा के तातीजा धाम पर हैं নমমীলম कुठानिया देई और गूंगी माईँ प्रकृति देवी हैं ,जो इंसानों की जन्म से मृत्यु तक रक्षा करती हैं । देवी गूंगे बहरे अंधे और जन्मजात विकृतियां तथा रोग को ठीक करती हैं ।इस मंदिर में मांस मदिरा प्रतिबंधित हैंयहां भक्तों को मौन रहकर पूजा करना पड़ता हैं | (  * देई माई और गूंगी माई मां कामाख्या की बात बहनों में से दो बहन देईमाई और गूंगी माई की मंदिरभारत में राजस्थान के झूंझुनू जिला सिंघाड़ा के तातीजा धाम पर हैं নমমীলম कुठानिया देई और गूंगी माईँ प्रकृति देवी हैं ,जो इंसानों की जन्म से मृत्यु तक रक्षा करती हैं । देवी गूंगे बहरे अंधे और जन्मजात विकृतियां तथा रोग को ठीक करती हैं ।इस मंदिर में मांस मदिरा प्रतिबंधित हैंयहां भक्तों को मौन रहकर पूजा करना पड़ता हैं | (  * - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# महेश्वरी देवी
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - महेश्वरी देवी महेश्वरी देवी मंदिरभारत में उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिला मुख्यालय से ५Okm  kकनूरहैं जलालपुर केभेड़ी डाड़ा में बेतवा नदी | ऋषि भिंड के तपोस्थल भेड़ी मां की पाषाण 44 प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी| इस मंदिर को नवाबलि बहादुर के आदेश पर महेश्वर नामक कारिगर ने गुप्तकालीन वास्तु शैली में बनाया था।यह शिव पार्वती महेश्वरी मंदिरसिद्धपीठ हैं | महेश्वरी देवी महेश्वरी देवी मंदिरभारत में उत्तरप्रदेश के हमीरपुर जिला मुख्यालय से ५Okm  kकनूरहैं जलालपुर केभेड़ी डाड़ा में बेतवा नदी | ऋषि भिंड के तपोस्थल भेड़ी मां की पाषाण 44 प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी| इस मंदिर को नवाबलि बहादुर के आदेश पर महेश्वर नामक कारिगर ने गुप्तकालीन वास्तु शैली में बनाया था।यह शिव पार्वती महेश्वरी मंदिरसिद्धपीठ हैं | - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# कालिका देवी
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - कालिका देवी कालिका देवी मंदिरभारत में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध बागेश्वर के काडा पड़ाव में हैं | मां कालिका यानि काली   बाबा बागेश्वरधाम चमत्कारी कुलदेवी हैं। মংকোৎ কী बागेश्वर सरकार अपने बचपन से मां काली की कर रहे हैं इन्ही की आशीर्वाद पजा आराधना ' से बाबा बागेश्वर सरकार सन्यासी बने और बालाजी की सिद्धि प्राप्त हुई हैं। कालिका देवी कालिका देवी मंदिरभारत में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध बागेश्वर के काडा पड़ाव में हैं | मां कालिका यानि काली   बाबा बागेश्वरधाम चमत्कारी कुलदेवी हैं। মংকোৎ কী बागेश्वर सरकार अपने बचपन से मां काली की कर रहे हैं इन्ही की आशीर्वाद पजा आराधना ' से बाबा बागेश्वर सरकार सन्यासी बने और बालाजी की सिद्धि प्राप्त हुई हैं। - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# देवयानी देवी #
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - देवयानी देवी सब तीर्थों की नानी, देवयानी देवी मंदिरभारत में राजस्थान राज्य में जयपुर के सांभर झील के पास स्थित हैं । महाभारत काल में सांभरमें दैत्यगुरु का राज था।यही असुर राजा  बृषपर्व ; शुक्राचार्य निवास करते थे। जगह पर इसी  शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी का विवाह राजा ययाति से हुंआ और की पुत्री समिष्ठा से बृषपर्व  भी हुंआ था।आज सांभर झील के पास देवयानी और समिष्ठा कुंड हैं । इसी देवयानी कुंड के पास देवयानी देवी मंदिरहैं देवयानी देवी को सब तीर्थों की नानी तीर्थ कहते हैं । देवयानी देवी सब तीर्थों की नानी, देवयानी देवी मंदिरभारत में राजस्थान राज्य में जयपुर के सांभर झील के पास स्थित हैं । महाभारत काल में सांभरमें दैत्यगुरु का राज था।यही असुर राजा  बृषपर्व ; शुक्राचार्य निवास करते थे। जगह पर इसी  शुक्राचार्य की पुत्री देवयानी का विवाह राजा ययाति से हुंआ और की पुत्री समिष्ठा से बृषपर्व  भी हुंआ था।आज सांभर झील के पास देवयानी और समिष्ठा कुंड हैं । इसी देवयानी कुंड के पास देवयानी देवी मंदिरहैं देवयानी देवी को सब तीर्थों की नानी तीर्थ कहते हैं । - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# कौलेश्वरी देवी
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - कौलेश्वरी देवी कौलेश्वरी देवी मंदिरभारत में झारखंड के चतरा से थोड़ी दूर हंटरगंज के कोल्हुआ ( कौलेश्वरी पहाड़ ) के १७५५ फीट ऊंचाई पर हैं मां कौलेश्वरी भक्तों की कुल और चतुर्भुजी : संतान की रक्षा करती हैं | दर्शन से जन्मगात्त तिरछी आंख वाले 57q | संतान ठीक हो जाते हैं ।फलस्वरुप भक्त इन्हें सोना या चांदी की नयन चढ़ाते हैं मां पर सनातन ,जैन और बौद्ध धर्म के लोगों में अथाह आस्था हैं | कौलेश्वरी देवी कौलेश्वरी देवी मंदिरभारत में झारखंड के चतरा से थोड़ी दूर हंटरगंज के कोल्हुआ ( कौलेश्वरी पहाड़ ) के १७५५ फीट ऊंचाई पर हैं मां कौलेश्वरी भक्तों की कुल और चतुर्भुजी : संतान की रक्षा करती हैं | दर्शन से जन्मगात्त तिरछी आंख वाले 57q | संतान ठीक हो जाते हैं ।फलस्वरुप भक्त इन्हें सोना या चांदी की नयन चढ़ाते हैं मां पर सनातन ,जैन और बौद्ध धर्म के लोगों में अथाह आस्था हैं | - ShareChat
#🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# तरकुलहा देवी
🌺🌺जय माता दी 🌺🌺# - तरकुलहादैवी तरकुलहा देवी मंदिरभारत में उत्तरप्रदेश के IBTRNITHITIGT Tal गोरखपुर से २२km  কী ঘুলাদী चौरा पर स्थित हैं शासन के दौरान डोंगरी रियासत के बंदूक सिंह तरकुल पेड़ के नीचे पिंडलियां स्थापित कर देवी उँपासना करते थे। वह अंग्रेजों से गुरिल्ला कर अंग्रेजों को पकड़कर देवी में बॅलि दे {@' थे। १२ अगस्त १८५७ को उसे पकड़कर फांसी दिया जाने लगा | सात बारफांसी असफल होने पर जल्लाद रोने लगा तब बंन्दूकसिंह ने देवी से प्रार्थना कर फांसी चढ़ ।ही तरकुल ' dsడ इनके फांसी चढ़ते TT | गया और रक्त की धार बहने लगा | तबभक्तों ने उसी तरकुल पेड़ के नीचे तरकुलहा देवी मंदिर बनवाया | यहां प्रसाद में बकरेंका मांस मिलता हैं | तरकुलहादैवी तरकुलहा देवी मंदिरभारत में उत्तरप्रदेश के IBTRNITHITIGT Tal गोरखपुर से २२km  কী ঘুলাদী चौरा पर स्थित हैं शासन के दौरान डोंगरी रियासत के बंदूक सिंह तरकुल पेड़ के नीचे पिंडलियां स्थापित कर देवी उँपासना करते थे। वह अंग्रेजों से गुरिल्ला कर अंग्रेजों को पकड़कर देवी में बॅलि दे {@' थे। १२ अगस्त १८५७ को उसे पकड़कर फांसी दिया जाने लगा | सात बारफांसी असफल होने पर जल्लाद रोने लगा तब बंन्दूकसिंह ने देवी से प्रार्थना कर फांसी चढ़ ।ही तरकुल ' dsడ इनके फांसी चढ़ते TT | गया और रक्त की धार बहने लगा | तबभक्तों ने उसी तरकुल पेड़ के नीचे तरकुलहा देवी मंदिर बनवाया | यहां प्रसाद में बकरेंका मांस मिलता हैं | - ShareChat
#शक्तिपीठ शीतला माता समशक्तिपीठ
शक्तिपीठ - fll LE 4:32 शीतलामाता समशक्तिपीठ शीतला माता शक्तिपीठ भारत में बिहार राज्य के नालंदा जिला में बिहार शरीफ के ' मुघङ्कार्म स्थित हैं | यहां माता सती की हाथ का कंगन गिरा था| इस शक्तिपीठ के कुंड की पानी से चर्मरोग पूर्णतया ठौक हो जाते हैं। সয মানা নী II 0 Aa ( Edit video Next fll LE 4:32 शीतलामाता समशक्तिपीठ शीतला माता शक्तिपीठ भारत में बिहार राज्य के नालंदा जिला में बिहार शरीफ के ' मुघङ्कार्म स्थित हैं | यहां माता सती की हाथ का कंगन गिरा था| इस शक्तिपीठ के कुंड की पानी से चर्मरोग पूर्णतया ठौक हो जाते हैं। সয মানা নী II 0 Aa ( Edit video Next - ShareChat