Aamir khan
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#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #📖Whatsapp शायरी #🕌मस्जिद 🤲 #🤲 इबादत
🤲इस्लाम की प्यारी बातें - फ़रमाने मुस्तफ़ा ्डकु दुनिया में कैसे रहना चाहिये ? दुनिया में तुम ऐसे रहो जैसे कोई अजनबी मुसाफिर हो। या राह चलता सहीह बुखारी हदीस ६४१६ जुनैद रज़ा अज़हरी फ़रमाने मुस्तफ़ा ्डकु दुनिया में कैसे रहना चाहिये ? दुनिया में तुम ऐसे रहो जैसे कोई अजनबी मुसाफिर हो। या राह चलता सहीह बुखारी हदीस ६४१६ जुनैद रज़ा अज़हरी - ShareChat
#🤲 इबादत #🕌मस्जिद 🤲 #📖Whatsapp शायरी #🤲क़ुरान शरीफ़📗 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
🤲 इबादत - पोर रोज़ा तोड़ने वाली चीज़ों का बयान मसअलाः - शकर वग़ैरा ऐसी चीज़ें जो मुँह में रखने से घुल 7 जाती हैं मुँह में रखीं और थूक निगल गया 12 यूँही दाँतों के दरमियान कोई चीज़ रोज़ा जाता रहा। चने के बराबर या ज़्यादा थी उसे खा गया या कम रमज़ान ही थी मगर मुँह से निकाल कर फिर खा ली या 1447 दाँतों से ख़ून निकल कर हल्क़ से नीचे उतरा और हिजरी ख़ून थूक से ज़्यादा या बराबर था या कम था मगर में महसूस हुआ तो इन सब उसका मज़ा हल्क़ 02 सूरतों में रोज़ा जाता रहा और अगर कम था और मज़ा भी महसूस न हुआ तो नहीं। मार्च [बहार - ए- शरीअत , हिस्सा पांच सफ़ह ८४ ] 2026 एडिमिन टीम४ फ़ैज्ान ए ्ताजुश्शरिअहग्रुष ईस्ची 6398361917/8273186129 पोर रोज़ा तोड़ने वाली चीज़ों का बयान मसअलाः - शकर वग़ैरा ऐसी चीज़ें जो मुँह में रखने से घुल 7 जाती हैं मुँह में रखीं और थूक निगल गया 12 यूँही दाँतों के दरमियान कोई चीज़ रोज़ा जाता रहा। चने के बराबर या ज़्यादा थी उसे खा गया या कम रमज़ान ही थी मगर मुँह से निकाल कर फिर खा ली या 1447 दाँतों से ख़ून निकल कर हल्क़ से नीचे उतरा और हिजरी ख़ून थूक से ज़्यादा या बराबर था या कम था मगर में महसूस हुआ तो इन सब उसका मज़ा हल्क़ 02 सूरतों में रोज़ा जाता रहा और अगर कम था और मज़ा भी महसूस न हुआ तो नहीं। मार्च [बहार - ए- शरीअत , हिस्सा पांच सफ़ह ८४ ] 2026 एडिमिन टीम४ फ़ैज्ान ए ्ताजुश्शरिअहग्रुष ईस्ची 6398361917/8273186129 - ShareChat
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🤲इस्लाम की प्यारी बातें - Deep lines 5 सुंदरता तो आँखो का भ्रम है किसी का दिल जीतने के लिए व्यवहार में सुंदरता होना ज़रूरी है...!! 4 8 Deep lines 5 सुंदरता तो आँखो का भ्रम है किसी का दिल जीतने के लिए व्यवहार में सुंदरता होना ज़रूरी है...!! 4 8 - ShareChat
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🤲इस्लाम की प्यारी बातें - फ़रमाने मुस्तफ़ा डक खुदा की कसम SRAT E MUSTAQEEM d6R खदीजा से कोई मुझे { बीवी नही मिली जब सब लोगों ने मेरे साथ कुफ़्न किया उस वक़्त वोह मुझ पर ईमान लाई जन्नती ज़ेवर सफआ न. ४७८ SIRAT E MUSTAQEEM 077 फ़रमाने मुस्तफ़ा डक खुदा की कसम SRAT E MUSTAQEEM d6R खदीजा से कोई मुझे { बीवी नही मिली जब सब लोगों ने मेरे साथ कुफ़्न किया उस वक़्त वोह मुझ पर ईमान लाई जन्नती ज़ेवर सफआ न. ४७८ SIRAT E MUSTAQEEM 077 - ShareChat
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🕌मस्जिद 🤲 - ٥٥٨٨١؛ ١٥ ٨٨٨٦٨١ ٨٠٨٧٥٨٨٨١ Rafeeqa-e-Sayyid al-Mursdleen Sdhibah-e-Sarwat o jamalo Kamal nek Teenat; pak seerat; tayyiba fahirah, abicah; ಜವ zahidah mahfab e haram e nabuwwaf Ummul Momineen Hazar Sayyidaruna binf Khuwaylid radiyallahu Tadla anha Mazar-e-Aqdas: Jannaf al-Mualla (Makkah Mukarramah) هلرفغیرداق اضر سنامحمیقف ٥٥٨٨١؛ ١٥ ٨٨٨٦٨١ ٨٠٨٧٥٨٨٨١ Rafeeqa-e-Sayyid al-Mursdleen Sdhibah-e-Sarwat o jamalo Kamal nek Teenat; pak seerat; tayyiba fahirah, abicah; ಜವ zahidah mahfab e haram e nabuwwaf Ummul Momineen Hazar Sayyidaruna binf Khuwaylid radiyallahu Tadla anha Mazar-e-Aqdas: Jannaf al-Mualla (Makkah Mukarramah) هلرفغیرداق اضر سنامحمیقف - ShareChat
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🤲इस्लाम की प्यारी बातें - हूफ़्ता उन चीज़ों का बयान जिनसे रोज़ा नहीं जाता मसअलाः- जनाबत की हालत में सुबह की बल्कि अगर्चे सारे दिन जुनुब रहा 10 रोज़ा न गया मगर इतनी देर तक क़स्दन रमज़ान (जान बूझ कर ) ग़ुस्ल न करना कि 1447 नमाज़ क़ज़ा हो जाये गुनाह व हराम है। हिजरी हदीस में फ़रमाया कि जुनुब (बे ग़ुस्ला ) 28 जिस घर में होता है उसमें रहमत के फ़रिश्ते नहीं आते। (दुर्रे मुख़्तार ) फरवरी [बहार - ए- शरीअत , हिस्सा पांच सफ़ह ८३] 2026 ऐडिमिन टीम४ फ़ैज़्ान ए ताजुश्शरिअषहग्रुष fdt 6398361917/8273186129 हूफ़्ता उन चीज़ों का बयान जिनसे रोज़ा नहीं जाता मसअलाः- जनाबत की हालत में सुबह की बल्कि अगर्चे सारे दिन जुनुब रहा 10 रोज़ा न गया मगर इतनी देर तक क़स्दन रमज़ान (जान बूझ कर ) ग़ुस्ल न करना कि 1447 नमाज़ क़ज़ा हो जाये गुनाह व हराम है। हिजरी हदीस में फ़रमाया कि जुनुब (बे ग़ुस्ला ) 28 जिस घर में होता है उसमें रहमत के फ़रिश्ते नहीं आते। (दुर्रे मुख़्तार ) फरवरी [बहार - ए- शरीअत , हिस्सा पांच सफ़ह ८३] 2026 ऐडिमिन टीम४ फ़ैज़्ान ए ताजुश्शरिअषहग्रुष fdt 6398361917/8273186129 - ShareChat
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🤲इस्लाम की प्यारी बातें - जुमुआह मुबारक उन चीज़ों का बयान जिनसे रोज़ा नहीं जाता मसअलाः- मक्खी हल्क़ में चली गयी रोज़ा न गया और क़स्दन निगली तो (आलमगीरी ) जाता रहा! मसअलाः ग़ैरे सबीलैन में जिमा किया रमज़ान (शर्मगाहों के अलावा मज़ा हासिल 1447 ক্রিয়া] तो जब तक इन्ज़ाल न होे रोज़ा हिजरी न टूटेगा। यूँही हाथ से मनी निकालने 27 में अगर्चे यह सख़्त हराम है कि हदीस में उसे मलऊन फ़रमाया! (दुर्रे मुख़्तार ) फरवरी [बहार - ए-शरीअत , हिस्सा पांच सफ़ह ८३] 2026 ऐडिमिन टीम४ फ़ैज़्ान ए ताजुश्शरिअषहग्रुष fdt 6398361917|8273186129 जुमुआह मुबारक उन चीज़ों का बयान जिनसे रोज़ा नहीं जाता मसअलाः- मक्खी हल्क़ में चली गयी रोज़ा न गया और क़स्दन निगली तो (आलमगीरी ) जाता रहा! मसअलाः ग़ैरे सबीलैन में जिमा किया रमज़ान (शर्मगाहों के अलावा मज़ा हासिल 1447 ক্রিয়া] तो जब तक इन्ज़ाल न होे रोज़ा हिजरी न टूटेगा। यूँही हाथ से मनी निकालने 27 में अगर्चे यह सख़्त हराम है कि हदीस में उसे मलऊन फ़रमाया! (दुर्रे मुख़्तार ) फरवरी [बहार - ए-शरीअत , हिस्सा पांच सफ़ह ८३] 2026 ऐडिमिन टीम४ फ़ैज़्ान ए ताजुश्शरिअषहग्रुष fdt 6398361917|8273186129 - ShareChat
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📖Whatsapp शायरी - में झूठ ' रोज़ा ' बोलना रसूलुल्लाह f५६ ईरशाद फ़रमाते हैं कोई शख़्स रोज़ा रखकर भी 3TR झूठ बोलना और दगाबाजी करना न छोड़़े तो अल्लाह तआला को उसकी  कोई ज़रू्रत नही वो अपना ख़ाना पीना छोड़़े सहीह f~4 3, 1903 बुख़ारी अज़हरी रज़ा मुसतकाप्न में झूठ ' रोज़ा ' बोलना रसूलुल्लाह f५६ ईरशाद फ़रमाते हैं कोई शख़्स रोज़ा रखकर भी 3TR झूठ बोलना और दगाबाजी करना न छोड़़े तो अल्लाह तआला को उसकी  कोई ज़रू्रत नही वो अपना ख़ाना पीना छोड़़े सहीह f~4 3, 1903 बुख़ारी अज़हरी रज़ा मुसतकाप्न - ShareChat