Adarash bhardwaj Matlodia
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मैं आप जैसे दोस्तो को पाकर बहुत धन्य महसूस करता हू
#🙏राम राम भाई सारयाँ नै
🙏राम राम भाई सारयाँ नै - तिज्ञान धर्मक SIudm duuuunfi RuddrgiI akshat guptao2o4gmallcom] থসুন ক 11, 51, 111 '3ঁন' को  अनंत   में बदलते हैं भारतीय संस्कृति मे ११, ५१ या १११ रुपए की दक्षिणा देना एक ऐसी परंपरा हे जिसे हम बिना सवाल किए निभाते आ रहेह। हालाकि  11 रुपए ' का स्पष्ट उल्लेख आधुनिक मुद्रा के संदर्भ में हे॰ लेकिन इसका शुक्ल यजुर्वेद के शतपथ ब्राह्मण' में मिलता हे। वहा दिकिणा फल' आतिलव तजर्देनद कके निदेशपह् लिख्ा है अतिरिक्ता वे दक्षिणा  अर्थातः जो पूर्ण हे उससे थोड़ा अधिक देना ही वास्तविक दक्षिणा  यह अधिक ही वह बीज हेजो भविष्य की समृद्धि को जन्म देता है। इतिहासकारों के अनुसार , यह परंपण वेदिक काल केयज्ञ अनुष्ठानों से शुरू हुई। उस समय दक्षिणा गायों के रूप मेंदी जाती थी। यदि कोई १०० गार्यें दान करता था॰तो साथ में एक बछड़ा या एक बेल ' अतिरिक्त दिया जाता था ताकि वंश वृद्धि होती रहे। गुप्त काल में जब सोने के सिक्को (दीनार ) का चलन बढा, तो यह परंपरा मुद्रा में तब्दील हो गई और  शगुन का एक' हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग बन गया। शून्य का दर्शन : अंत या मृत्यु? वैदिक गणित के अनुसार, शून्य (०) पूर्णता का प्रतीक मी है और शून्यता का भी। जब किसी को १०० या ५०० रुपए देते हेँतो वह संख्या शून्य पर समाप्त होती हे। तंत्र शास्त्र में ' शून्य को लय'याः 'विराम' माना गया हे।यानी, ऊर्जा के प्रवाह को वहीं रोक दिया। जोड़ते ही शगुन मॅ १ आप उस संख्या को॰ Primality को नदल देते हे। १०१ या १११ जेसी संख्याएं आसानी से विभाजित नही होर्ती। यह इस बात का प्रतीक हे कि टान देने वाले ओर लेने वाले के वीच का कार्मिक बंधन' कभी विभाजित या खत्म नहीं होगा।   सूर्य सिद्घांत ओर  वरहमिहिर की रचनाओं मे॰एक को संख्या को सूर्य का प्रतीक माना गया है। सूर्य आत्मा और जीवन शक्त है। जब हम १११ रुपए देते हे॰ तो इसमें '१ की आवृत्ति तीन बार होती हे। विष्णु अंक ज्योतिष और तंत्र मेंॅ ३ काअंक त्रिदेव ( ब्ह्मा महेश ) ओर त्रिकाल ( भूत ः भविष्य, वर्तमान ) का प्रतिनिधित्व करता हे। १११ का अर्थ है- तीनों लोकों और तीनों कालों में सूर्य जेसी ऊर्जा को निरंतरता।  दसीड मनी कासिद्वांत प्राचीन काल में इसे ' बीज धन' कहा जाता था। दान प्राप्त करने वाला  व्यवित अक्सर उस एक रुपए को खर्च नहीं करता था, बल्कि मंदिर  तिजोरी में बरकत के रूप में रखता था। मनोविज्ञान कहता है कि या पूर्ण संख्या खर्च करने को प्रवृत्ति बढ़ाती है जबकि एक ' विषम संख्या मानसिक रूप से संचय और निवेश की प्रेरणा देती है। वह एक रुपया आपके धन के प्रवाह को ' स्टैटिक' होने से बचाता हे।  रुपया नहीं अक्षय का वरदान महज परंपर नही॰ बल्कि प्राचीन एक रुपया भारतीय गणित और ब्रद्यांड विज्ञान का एक ऐसा " 'সন' করী 'সনন' ম নলে ন फोर्मूला हे जो लिफाफे में १११ रुपए खखे तो चाद 6157 319 पैसा नहीदे रहे ह। आप रखिएगा कि आप केवल அ#ாக 7 =ன்ளன் गणितीय रूपसेउस व्यक्त कर रहे हकि ॰ मोवाइलपरतूनने सुनिरिचत खोल रहे 6 ओर यह ಹanonವ1s -90 = 650 हकर সাপকা_মনম शन्य 61 ~ तिज्ञान धर्मक SIudm duuuunfi RuddrgiI akshat guptao2o4gmallcom] থসুন ক 11, 51, 111 '3ঁন' को  अनंत   में बदलते हैं भारतीय संस्कृति मे ११, ५१ या १११ रुपए की दक्षिणा देना एक ऐसी परंपरा हे जिसे हम बिना सवाल किए निभाते आ रहेह। हालाकि  11 रुपए ' का स्पष्ट उल्लेख आधुनिक मुद्रा के संदर्भ में हे॰ लेकिन इसका शुक्ल यजुर्वेद के शतपथ ब्राह्मण' में मिलता हे। वहा दिकिणा फल' आतिलव तजर्देनद कके निदेशपह् लिख्ा है अतिरिक्ता वे दक्षिणा  अर्थातः जो पूर्ण हे उससे थोड़ा अधिक देना ही वास्तविक दक्षिणा  यह अधिक ही वह बीज हेजो भविष्य की समृद्धि को जन्म देता है। इतिहासकारों के अनुसार , यह परंपण वेदिक काल केयज्ञ अनुष्ठानों से शुरू हुई। उस समय दक्षिणा गायों के रूप मेंदी जाती थी। यदि कोई १०० गार्यें दान करता था॰तो साथ में एक बछड़ा या एक बेल ' अतिरिक्त दिया जाता था ताकि वंश वृद्धि होती रहे। गुप्त काल में जब सोने के सिक्को (दीनार ) का चलन बढा, तो यह परंपरा मुद्रा में तब्दील हो गई और  शगुन का एक' हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग बन गया। शून्य का दर्शन : अंत या मृत्यु? वैदिक गणित के अनुसार, शून्य (०) पूर्णता का प्रतीक मी है और शून्यता का भी। जब किसी को १०० या ५०० रुपए देते हेँतो वह संख्या शून्य पर समाप्त होती हे। तंत्र शास्त्र में ' शून्य को लय'याः 'विराम' माना गया हे।यानी, ऊर्जा के प्रवाह को वहीं रोक दिया। जोड़ते ही शगुन मॅ १ आप उस संख्या को॰ Primality को नदल देते हे। १०१ या १११ जेसी संख्याएं आसानी से विभाजित नही होर्ती। यह इस बात का प्रतीक हे कि टान देने वाले ओर लेने वाले के वीच का कार्मिक बंधन' कभी विभाजित या खत्म नहीं होगा।   सूर्य सिद्घांत ओर  वरहमिहिर की रचनाओं मे॰एक को संख्या को सूर्य का प्रतीक माना गया है। सूर्य आत्मा और जीवन शक्त है। जब हम १११ रुपए देते हे॰ तो इसमें '१ की आवृत्ति तीन बार होती हे। विष्णु अंक ज्योतिष और तंत्र मेंॅ ३ काअंक त्रिदेव ( ब्ह्मा महेश ) ओर त्रिकाल ( भूत ः भविष्य, वर्तमान ) का प्रतिनिधित्व करता हे। १११ का अर्थ है- तीनों लोकों और तीनों कालों में सूर्य जेसी ऊर्जा को निरंतरता।  दसीड मनी कासिद्वांत प्राचीन काल में इसे ' बीज धन' कहा जाता था। दान प्राप्त करने वाला  व्यवित अक्सर उस एक रुपए को खर्च नहीं करता था, बल्कि मंदिर  तिजोरी में बरकत के रूप में रखता था। मनोविज्ञान कहता है कि या पूर्ण संख्या खर्च करने को प्रवृत्ति बढ़ाती है जबकि एक ' विषम संख्या मानसिक रूप से संचय और निवेश की प्रेरणा देती है। वह एक रुपया आपके धन के प्रवाह को ' स्टैटिक' होने से बचाता हे।  रुपया नहीं अक्षय का वरदान महज परंपर नही॰ बल्कि प्राचीन एक रुपया भारतीय गणित और ब्रद्यांड विज्ञान का एक ऐसा " 'সন' করী 'সনন' ম নলে ন फोर्मूला हे जो लिफाफे में १११ रुपए खखे तो चाद 6157 319 पैसा नहीदे रहे ह। आप रखिएगा कि आप केवल அ#ாக 7 =ன்ளன் गणितीय रूपसेउस व्यक्त कर रहे हकि ॰ मोवाइलपरतूनने सुनिरिचत खोल रहे 6 ओर यह ಹanonವ1s -90 = 650 हकर সাপকা_মনম शन्य 61 ~ - ShareChat
#🙏राम राम भाई सारयाँ नै
🙏राम राम भाई सारयाँ नै - संघर्ष के अधेरेसे अपने होसले कमजोर न होने दे वक्त का ग्रहण तो सूरज और चांद भी झेलते हे শুত্মব संघर्ष के अधेरेसे अपने होसले कमजोर न होने दे वक्त का ग्रहण तो सूरज और चांद भी झेलते हे শুত্মব - ShareChat
#🙏राम राम भाई सारयाँ नै
🙏राम राम भाई सारयाँ नै - इतनी   मेहरबानी मेरे ईश्वर बनाये रखना, जो रास्ता सही हो उसी पर   चलाये रखना। ஈ ஈ 4 का না शब्दो   से मेरे मुझरदमबनीये म भगवान হননা रखना। सुप्रभात इतनी   मेहरबानी मेरे ईश्वर बनाये रखना, जो रास्ता सही हो उसी पर   चलाये रखना। ஈ ஈ 4 का না शब्दो   से मेरे मुझरदमबनीये म भगवान হননা रखना। सुप्रभात - ShareChat
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🙏राम राम भाई सारयाँ नै - ~03 ~03 - ShareChat
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🙏राम राम भाई सारयाँ नै - संबंध जब हृदय से होता है तब आँखो से आँसू अपने आप आने लगते हैं संबंध जब हृदय से होता है तब आँखो से आँसू अपने आप आने लगते हैं - ShareChat
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🙏राम राम भाई सारयाँ नै - ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे पाने के लिए जीवन का सुकून खोया जाए ! 0 ऐसा कुछ भी नहीं है, जिसे पाने के लिए जीवन का सुकून खोया जाए ! 0 - ShareChat