Jay shiree Krishna
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https://www.youtube.com/live/wa7uq171Ws4?si=VVwlbM1fIbprGszO #जय श्री सालासर बालाजी 🙏 #सालासर बालाजी दर्शन #🚩सालासर बालाजी 🙏 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #SALASAR
https://www.youtube.com/live/ZwGHmAj2xQI?si=YCsjPUdv7CPRZolq #👉🙏📿JAY MAHAKAL📿🙏👈 #महाकालेश्वर #mahakal #महाकाल
https://youtube.com/live/yCCQgtj8luU?si=bRpsfteUhK5U5i5k #श्री विट्ठल प्रसन्न 🙏🙏 #🙏श्री विट्ठल रूक्मणी 🙏 #🌹जय हरि विट्ठल🌹 #जय हरी विट्ठल पांडुरंग🙏
#🙏🕉️ प्रदीप मिश्रा उपाय 🕉️🙏 श्री शिवाय नमस्तुभ्यं #अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक भागवत भूषण श्री पंडित प्रदीप जी मिश्रा सीहोर वाले #पंडित प्रदीप मिश्रा महाराज🌹🙏🌹 #🌹पूज्यनीय श्री पंडित प्रदीप मिश्रा।।श्री शिवाय नमस्तुभयम।।🙏 #प्रदीप मिश्रा
🙏🕉️ प्रदीप मिश्रा उपाय 🕉️🙏 श्री शिवाय नमस्तुभ्यं - ShareChat
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#shree #shree shivay namastubhyam 🙏🙏 #shree Shivay namastubhyam 🕉️🙏
shree - शिवाय नमस्तूभ्यम् शिवाय नमस्तूुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् gf f144 TTIH श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् शिवाय नमस्तूभ्यम् शिवाय नमस्तूुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् gf f144 TTIH श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम श्री शिवाय नमस्तुभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् श्री शिवाय नमस्तूभ्यम् - ShareChat
#भगवत गीता #🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #भगवत गीता श्लोक #🙏कर्म क्या है❓
भगवत गीता - योनिमापन्ना मूढा जन्मनि जन्मनि 3 मामप्राप्यैव कौन्तेय तता यान्त्यधमा गतिम्।। अर्जुन! चे मृूढ़ मुझको न प्राप्त होकर ही जन्म जन्म में. आसुरी योनि र्को प्राप्त होत है फिरउसस भी अति नीच गति को ही प्राप्त होते हैं अर्थात् घोर नरकों में पड़ते हैं ||20|| व्यख्यः आसुरीं योनिमापन्नाः आसुरी स्वभाव वाले व्यक्ति॰ जो अपने कर्मो और व्यवहार से असत्य अधर्म और बराई को अपनाते हैं वे आसरी योनिको प्राप्त हतेहै। आसरी योनि का तात्पर्यह उन अस्तित्वों सेहैजो नकारात्मक ऊजो , दुष्टता , और अहंकार 4 ald & मूढा जन्मनि जन्मनिःये व्यक्ति बार्बार जन्म लेते हैं लेकिन् हरबार मखेता और अज्ञानता क कारण सही मार्गपर नहीं चल पात। मामप्राप्यैव कौन्तेयः ये लोग मुझे  अर्थात भगवान को, प्राप्त् करने मे असॅमर्थ रहते है। ततो यान्त्यधमां गतिम्ः इस असमर्थता और आसुरी स्वभाव के कारण, च अंततः बहत हीनीच अवस्था को प्राप्तॅ हत है ्यानी दुष्ट कर्मों और अधर्मे के परिणामस्वरूप घोर नरकों मेंचले जाते 61 इस श्लोक का संदेश यह है कि आसुरी स्वभाव और कर्मों का चरिणाम अत्यंत दुरात्मिक होता हैॉ इसस बचने कलिए हर्मे सत्कर्म धर्म और सत्य की ओर प्रवृत्त होना चाहिए। योनिमापन्ना मूढा जन्मनि जन्मनि 3 मामप्राप्यैव कौन्तेय तता यान्त्यधमा गतिम्।। अर्जुन! चे मृूढ़ मुझको न प्राप्त होकर ही जन्म जन्म में. आसुरी योनि र्को प्राप्त होत है फिरउसस भी अति नीच गति को ही प्राप्त होते हैं अर्थात् घोर नरकों में पड़ते हैं ||20|| व्यख्यः आसुरीं योनिमापन्नाः आसुरी स्वभाव वाले व्यक्ति॰ जो अपने कर्मो और व्यवहार से असत्य अधर्म और बराई को अपनाते हैं वे आसरी योनिको प्राप्त हतेहै। आसरी योनि का तात्पर्यह उन अस्तित्वों सेहैजो नकारात्मक ऊजो , दुष्टता , और अहंकार 4 ald & मूढा जन्मनि जन्मनिःये व्यक्ति बार्बार जन्म लेते हैं लेकिन् हरबार मखेता और अज्ञानता क कारण सही मार्गपर नहीं चल पात। मामप्राप्यैव कौन्तेयः ये लोग मुझे  अर्थात भगवान को, प्राप्त् करने मे असॅमर्थ रहते है। ततो यान्त्यधमां गतिम्ः इस असमर्थता और आसुरी स्वभाव के कारण, च अंततः बहत हीनीच अवस्था को प्राप्तॅ हत है ्यानी दुष्ट कर्मों और अधर्मे के परिणामस्वरूप घोर नरकों मेंचले जाते 61 इस श्लोक का संदेश यह है कि आसुरी स्वभाव और कर्मों का चरिणाम अत्यंत दुरात्मिक होता हैॉ इसस बचने कलिए हर्मे सत्कर्म धर्म और सत्य की ओर प्रवृत्त होना चाहिए। - ShareChat
#🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓ #भगवत गीता #भगवत गीता श्लोक
🙏गुरु महिमा😇 - योनिमापन्ना मूढा जन्मनि जन्मनि 3 मामप्राप्यैव कौन्तेय तता यान्त्यधमा गतिम्।। अर्जुन! चे मृूढ़ मुझको न प्राप्त होकर ही जन्म जन्म में. आसुरी योनि र्को प्राप्त होत है फिरउसस भी अति नीच गति को ही प्राप्त होते हैं अर्थात् घोर नरकों में पड़ते हैं ||20|| व्यख्यः आसुरीं योनिमापन्नाः आसुरी स्वभाव वाले व्यक्ति॰ जो अपने कर्मो और व्यवहार से असत्य अधर्म और बराई को अपनाते हैं वे आसरी योनिको प्राप्त हतेहै। आसरी योनि का तात्पर्यह उन अस्तित्वों सेहैजो नकारात्मक ऊजो , दुष्टता , और अहंकार 4 ald & मूढा जन्मनि जन्मनिःये व्यक्ति बार्बार जन्म लेते हैं लेकिन् हरबार मखेता और अज्ञानता क कारण सही मार्गपर नहीं चल पात। मामप्राप्यैव कौन्तेयः ये लोग मुझे  अर्थात भगवान को, प्राप्त् करने मे असॅमर्थ रहते है। ततो यान्त्यधमां गतिम्ः इस असमर्थता और आसुरी स्वभाव के कारण, च अंततः बहत हीनीच अवस्था को प्राप्तॅ हत है ्यानी दुष्ट कर्मों और अधर्मे के परिणामस्वरूप घोर नरकों मेंचले जाते 61 इस श्लोक का संदेश यह है कि आसुरी स्वभाव और कर्मों का चरिणाम अत्यंत दुरात्मिक होता हैॉ इसस बचने कलिए हर्मे सत्कर्म धर्म और सत्य की ओर प्रवृत्त होना चाहिए। योनिमापन्ना मूढा जन्मनि जन्मनि 3 मामप्राप्यैव कौन्तेय तता यान्त्यधमा गतिम्।। अर्जुन! चे मृूढ़ मुझको न प्राप्त होकर ही जन्म जन्म में. आसुरी योनि र्को प्राप्त होत है फिरउसस भी अति नीच गति को ही प्राप्त होते हैं अर्थात् घोर नरकों में पड़ते हैं ||20|| व्यख्यः आसुरीं योनिमापन्नाः आसुरी स्वभाव वाले व्यक्ति॰ जो अपने कर्मो और व्यवहार से असत्य अधर्म और बराई को अपनाते हैं वे आसरी योनिको प्राप्त हतेहै। आसरी योनि का तात्पर्यह उन अस्तित्वों सेहैजो नकारात्मक ऊजो , दुष्टता , और अहंकार 4 ald & मूढा जन्मनि जन्मनिःये व्यक्ति बार्बार जन्म लेते हैं लेकिन् हरबार मखेता और अज्ञानता क कारण सही मार्गपर नहीं चल पात। मामप्राप्यैव कौन्तेयः ये लोग मुझे  अर्थात भगवान को, प्राप्त् करने मे असॅमर्थ रहते है। ततो यान्त्यधमां गतिम्ः इस असमर्थता और आसुरी स्वभाव के कारण, च अंततः बहत हीनीच अवस्था को प्राप्तॅ हत है ्यानी दुष्ट कर्मों और अधर्मे के परिणामस्वरूप घोर नरकों मेंचले जाते 61 इस श्लोक का संदेश यह है कि आसुरी स्वभाव और कर्मों का चरिणाम अत्यंत दुरात्मिक होता हैॉ इसस बचने कलिए हर्मे सत्कर्म धर्म और सत्य की ओर प्रवृत्त होना चाहिए। - ShareChat
https://youtube.com/live/o4EhGSikFfg?si=rojedzhbt0wRblaU #🙏शाम की आरती🪔 #🙏🙏जय श्री पशुपतिनाथ🙏🙏 #अष्टमुखी श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर मंदसौर मध्यप्रदेश
https://youtube.com/live/Jb4QjAN9ego?si=2xvUrjAa0wQWZhub #🙏शाम की आरती🪔 #बगलामुखी #🙏 जय मां बगलामुखी #जय मां बगलामुखी🌺🙏 #ॐ ह्लीं बगलामुखी बगलामुखी बगलामुखी पीतांबरा नमः
https://youtube.com/live/T0GkepW2wYE?si=3XQMvlAURoKgvT-S #🙏शाम की आरती🪔 #🙏 माँ वैष्णो देवी #ma #maa