
Akash thakur
@akash_thakur11one
❣️❣️मेरी राधे मेरी दुनिया❣️❣️
💯🌼Aakash 🌼💯
#🙏 राधा रानी #🌞 Good Morning🌞 #🌸 बोलो राधे राधे #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🚩प्रेमानंद जी महाराज🙏
🍁🍁 *किसी को बांध कर रखने* *की*
*फितरत मत रखिए.*
*स्नेह का धागा बनिए*
*मजबूरी की जंजीर नही!!!*
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌞 Good Morning🌞
*🙏🏻 शुभ रात्रि 🙏🏻*
कोई तन दुखी कोई मन दुखी, कोई धन बिन उदास...
थोड़े थोड़े सब दुखी, सुखी गोविन्द चरणों के दास...
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌞 Good Morning🌞
*अमृत कलश*
*परमात्मा के हाथों में सौंपा हुआ रिश्ता*
एक समय की बात है। नदी के किनारे बसा एक छोटा-सा गाँव था। उस गाँव में देव नाम का एक व्यक्ति रहता था, जो प्रतिदिन प्रभु का स्मरण करता था, पर मन से अभी भी पूर्णतः मुक्त नहीं था।
*एक दिन उसके हृदय में एक विचार उठा—*
“यदि मेरा अपना ही कोई मुझे धोखा दे दे तो?”
यह विचार उसका नहीं था,
यह अहं और भय का बीज था।
देव ने बिना सत्य जाने, बिना प्रभु से पूछे,
अपने ही प्रिय व्यक्ति पर संदेह कर लिया।
वह दोष खोजने लगा—
व्यवहार में, शब्दों में, मौन में।
परमात्मा मौन थे।
जिस पर संदेह किया गया, वह निर्दोष था,
फिर भी उसकी आत्मा आहत हो गई।
क्योंकि सबसे बड़ा आघात दोष से नहीं,
अविश्वास से लगता है।
फिर प्रभु ने देव के हृदय में वाणी रखी—
“यदि वह निर्दोष था और तूने संदेह किया,
तो तू मेरी योजना पर संदेह कर बैठा।
और यदि वह दोषी था और तूने खोज की,
तब भी तूने मेरे कार्य में हस्तक्षेप किया।”
देव काँप उठा।
प्रभु बोले—
“न्याय मेरा कार्य है,
संदेह तेरा अहं है,
और शांति केवल समर्पण से आती है।”
उस दिन देव ने अपने हाथ जोड़ दिए—
“हे प्रभु,
जिसे तू रखे, वह सही;
जिसे तू हटाए, वह भी सही।
मैं अपने रिश्ते तेरे चरणों में सौंपता हूँ।”
क्षण भर में उसका मन हल्का हो गया।
और तभी उसने समझा—
जिस दिन हम सब कुछ परमात्मा पर छोड़ देते हैं,
उस दिन कोई रिश्ता हमें बाँधता नहीं,
बल्कि मुक्त करता है।
#🌸 जय श्री कृष्ण😇











