
Akash thakur
@akash_thakur11one
❣️❣️मेरी राधे मेरी दुनिया❣️❣️
💯🌼Aakash 🌼💯
स्वभाव भी इंसान की अपनी कमाई हुईं सबसे बड़ी दौलत है
कितना भी किसी से दूर हों पर अच्छे स्वभाव के कारण आप किसी न किसी पल यादों में आ ही जाते हो….🌻
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏 वृंदावन धाम
*🌹 शुभ रात्रि 🌹*
* जय श्री कृष्ण*
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌞 Good Morning🌞 #🙏 वृंदावन धाम #🌸 बोलो राधे राधे #🚩प्रेमानंद जी महाराज🙏
#🙏 वृंदावन धाम #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌞 Good Morning🌞 #🚩प्रेमानंद जी महाराज🙏
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏 वृंदावन धाम #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌸 बोलो राधे राधे #🚩प्रेमानंद जी महाराज🙏
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏 वृंदावन धाम #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें
#🙏 राधा रानी #🚩प्रेमानंद जी महाराज🙏 #🙏 वृंदावन धाम #🌸 बोलो राधे राधे #🌞 Good Morning🌞
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌞 Good Morning🌞 #🙏 वृंदावन धाम #🚩प्रेमानंद जी महाराज🙏 #🙏 राधा रानी
*माँ यशोदा जन्मोत्सव आज*
---------------------------------------
*इस व्रत से मिलता है लंबी उम्र का वरदान!*
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌞 Good Morning🌞 #🙏 राधा रानी #🙏 वृंदावन धाम #🚩प्रेमानंद जी महाराज🙏
*⭕सनातन धर्म में मां और संतान के निस्वार्थ प्रेम की जब भी बात होती है, तो माता यशोदा और भगवान श्रीकृष्ण का नाम सबसे पहले आता है. पौराणिक परंपरा के अनुसार फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को यशोदा जयंती के रूप में मनाया जाता है.*
*यह दिन उस ममता को समर्पित है, जिसने स्वयं ईश्वर का पालन-पोषण किया. भले ही श्रीकृष्ण ने देवकी के गर्भ से जन्म लिया, लेकिन उन्हें यशोदा नंदन के रूप में ही दुनिया ने जाना. मान्यता है कि इस दिन माता यशोदा का पूजन करने से सूनी गोद भर जाती है और संतान को दीर्घायु प्राप्त होती है.*
*यशोदा जयंती 2026 डेट और शुभ मुहूर्त*
===========================
वैदिक पंचांग के अनुसार, यशोदा जयंती फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को ये मनाई जाती है. इस साल फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि की आरंभ 06 फरवरी 2026 को देर रात 1 बजकर 18 मिनट से होगा. जबकि, इस तिथि की समाप्ति 7 फरवरी 2026 को देर रात 2 बजकर 54 मिनट पर होगी. ऐसे में उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, इस साल यशोदा जयंती 7 फरवरी को मनाई जाएगी और इसी दिन संतान की लंबी आयु के लिए व्रत रखा जाएगा.
*संतान प्राप्ति के लिए क्यों खास है यह व्रत?*
=============================
यशोदा जयंती का व्रत मुख्य रूप से माताओं के लिए फलदायी माना गया है. जो महिलाएं संतान सुख से वंचित हैं या जिनकी संतान के जीवन में कष्ट हैं, उनके लिए यह दिन किसी वरदान से कम नहीं है. इस दिन माता यशोदा की गोद में विराजे बाल-गोपाल के स्वरूप की पूजा की जाती है. यह पूजा न सिर्फ वात्सल्य भाव बढ़ाती है, बल्कि घर में सुख-समृद्धि का संचार भी करती है.
*मनोकामना पूर्ति के प्रभावी उपाय*
=======================
अगर आप संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं या अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य की इच्छा है, तो इस दिन कुछ उपाय जरूर करें. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें. भगवान कृष्ण और मां यशोदा की संयुक्त प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं. माता यशोदा को लाल चुनरी भेंट करें और कान्हा को माखन-मिश्री, पंजीरी व मीठे रोठ का भोग लगाएं. पूजा के समय संतान गोपाल मंत्र का जाप करें. अगर संभव न हो तो *•'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'* का *•108 बार जाप* करना भी अत्यंत लाभकारी है. इस दिन गाय की सेवा का विशेष महत्व है. दरवाजे पर आई गाय (खासतौर पर काली गाय) को गुड़, रोटी और हरा चारा खिलाएं. ऐसा करने से मां यशोदा का साक्षात आशीर्वाद प्राप्त होता है. एक बरगद के पत्ते पर सिंदूर से स्वास्तिक बनाएं. उस पर थोड़े अक्षत (चावल) और सुपारी रखकर किसी मंदिर में अर्पित कर दें. यह उपाय संतान प्राप्ति की बाधाओं को दूर करने में सहायक माना जाता है. सामर्थ्य अनुसार जरूरतमंदों को फल, गेहूं या गुड़ का दान करें.
*🙏🏻जय जय श्रीकृष्ण🙏🏻*
💐💐💐💐💐💐💐💐
#🙏 राधा रानी #🙏 वृंदावन धाम #🚩प्रेमानंद जी महाराज🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स










