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#🪔विजया एकादशी 🌺 *विजया एकादशी 2026: तिथि, पूजा सामग्री, शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा और आरती* विजया एकादशी व्रत फाल्गुन कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। एकादशी तिथि का प्रारंभ 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर होगा और इसका समापन 13 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर होगा। व्रत का पारण 14 फरवरी 2026 को सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच किया जाएगा https://www.radheradheje.com/vijaya-ekadashi-2026-date-vidhi-pooja-samadri-katha-aarti/
#🪔विजया एकादशी 🌺 *Vijaya Ekadashi : विजया एकादशी इस व्रत को रखने वाला कभी नहीं होता परास्त, पढ़ें कथा* https://www.radheradheje.com/vijayaekadasi/
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 13 फरवरी 2026* *⛅दिन - शुक्रवार* *⛅विक्रम संवत् - 2082* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - शिशिर* *⛅मास - फाल्गुन* *⛅पक्ष - कृष्ण* *⛅तिथि - एकादशी दोपहर 02:25 तक तत्पश्चात् द्वादशी* *⛅नक्षत्र - मूल शाम 04:12 तक तत्पश्चात् पूर्वाषाढा* *⛅योग - वज्र रात्रि 03:23 फरवरी 14 तक तत्पश्चात् सिद्धि* *⛅राहुकाल - सुबह 11:16 से दोपहर 12:41 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 07:01* *⛅सूर्यास्त - 06:22 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पश्चिम दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 05:19 से प्रातः 06:10 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:19 से दोपहर 01:04 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - रात्रि 12:16 फरवरी 14 से रात्रि 01:06 फरवरी 14 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - विजया एकादशी, विष्णुपदी - कुम्भ संक्रान्ति (पुण्यकाल- सूर्योदय से दोपहर 12:41 तक)* *🌥️विशेष - एकादशी को शिम्बी (सेम) व द्वादशी को पूतिका (पोइ) खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 *🔹थकान मिटाने हेतु🔹* #💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 *🔸ध्यान-भजन करने बैठे और थकान लगे तो क्या करे ? पलथी मार के बैठो और शरीर को चक्की कि नाई गोल घुमाओ । अनाज पीसने कि हाथवाली चक्की घूमती है न गोल, ऐसे थोड़ी देर घुमाओ, फिर उसकी विपरीत दिशा में भी घुमाओ । फिर अपने-आप घूमेगा थोड़ी देर । इससे थकान मिटेगी, ताजगी आयेगी ।* *🔹कलह, धन-हानि व रोग-बाधा से परेशान हों तो...🔹* *🔸घर में कलहपूर्ण वातावरण, धन-हानि एवं रोग-बाधा से परेशानी होती हो तो आप अपने घर में मोरपंख कि झाड़ू या मोरपंख पूजा-स्थल में रखें । नित्य नियम के बाद मन-ही-मन भगवन्नाम या गुरुमंत्र का जप करते हुए इस पंख या झाड़ू को प्रत्येक कमरे में एवं रोग-पीड़ित के चारों तरफ गोल-गोल घुमाये ।* *कुछ देर ‘ॐकार ‘ का कीर्तन करें-करायें । ऐसा करने से समस्त प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है तथा ऊपरी एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव भी दूर हो जाता है ।* *🔹विद्यार्थी विशेष🔹* *🔸सर्वांगीण विकास के पाँच दिव्य सोपान🔸* *🔸एकाग्रता, अनासक्ति, श्रद्धा, सच्चरित्रता और ब्रह्मचर्य पाँच साधन इतने प्रभावशाली हैं कि छोटे-से-छोटे व्यक्ति को भी महान बनाने में देर नहीं करते । ये सद्गुण विकसित करें तो ईश्वरप्रापि हो जाय । और ईश्वरप्राप्ति हो गयी तो क्या बाकी रहा ! जगत की कोई भी चीज उसके लिए अप्राप्त नहीं है, आसान है । फिर तो पढ़ाई में भी छक्का स्वास्थ्य में भी छक्का, आनंद में भी छक्का !*
💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 - आज का पंचांग मास॰ फाल्गुन, பச ऋतु- शिशिर दिन॰ शुक्रवार নিনক 13-02-2026 तिथि॰ एकादशी (१४१२३ से द्वादशी ) नक्षत्र मूल चूर्दरः नक्षत्र धनिष्ठा नक्षत्र॰ मूल ஸு Ri ` శ भद्र (१२२२ सेबव) య్ా चन्द्र राशि॰ धनु सुूर्य राशि॰ क्रुम्भ मुहूर्त शुभ चोघडिया, दिन रहूुकाल ११:१६ १२४४१ अशुभ 4707:02 ०८१२७ शुभ uguc15:3 16:563& 09852 997 @?708:27 பளி 47608:27 09852 ঔপু 09:52 11816 ೩೫ अभिजित १२४१९  १३:०४ शुभ 476711816 १२:४१ अशुभ ಣಟ೯೯ೆ 09:18 - 10:03 398 ೩೫ 12241  १४४०६ शुभ ক্ুঃশুচুী 13804 १३४४९ अशुभ रोग १४४०६ १५:३१ अशुभ ಈ 14827 १६४१२ अशुभ उद्वेग १५:३१ १६:५६ अशुभ ಔau18*21 20853 ೩೫ ঘভপু 4716:56 १८:२१ शुभ १६४१२ अशुभ 07802 विजया एकादशी   क शुथकायद्ाए ಞuadheradheje Com RadheRadlefe आज का पंचांग मास॰ फाल्गुन, பச ऋतु- शिशिर दिन॰ शुक्रवार নিনক 13-02-2026 तिथि॰ एकादशी (१४१२३ से द्वादशी ) नक्षत्र मूल चूर्दरः नक्षत्र धनिष्ठा नक्षत्र॰ मूल ஸு Ri ` శ भद्र (१२२२ सेबव) య్ా चन्द्र राशि॰ धनु सुूर्य राशि॰ क्रुम्भ मुहूर्त शुभ चोघडिया, दिन रहूुकाल ११:१६ १२४४१ अशुभ 4707:02 ०८१२७ शुभ uguc15:3 16:563& 09852 997 @?708:27 பளி 47608:27 09852 ঔপু 09:52 11816 ೩೫ अभिजित १२४१९  १३:०४ शुभ 476711816 १२:४१ अशुभ ಣಟ೯೯ೆ 09:18 - 10:03 398 ೩೫ 12241  १४४०६ शुभ ক্ুঃশুচুী 13804 १३४४९ अशुभ रोग १४४०६ १५:३१ अशुभ ಈ 14827 १६४१२ अशुभ उद्वेग १५:३१ १६:५६ अशुभ ಔau18*21 20853 ೩೫ ঘভপু 4716:56 १८:२१ शुभ १६४१२ अशुभ 07802 विजया एकादशी   क शुथकायद्ाए ಞuadheradheje Com RadheRadlefe - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - दो ही करवटे हैं और दोनों तरफ़ बेचैनी है। दो ही करवटे हैं और दोनों तरफ़ बेचैनी है। - ShareChat
#💕 राधे-कृष्ण कोट्स 🙏 #🌺राधा कृष्ण💞 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏 राधा रानी #📒 मेरी डायरी
💕 राधे-कृष्ण कोट्स 🙏 - ತf का बोझ उतार कर देखो, माधव का हाथ थाम कर देखो ತf का बोझ उतार कर देखो, माधव का हाथ थाम कर देखो - ShareChat
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🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - ঔ}যী ढुवनियाा कीमती हमरा 1 परिश्रमाहै और [ೋ]ಕಹರೆ ஏனவீசRI 8 आ@्मविष्वास्है Radekadtiee' ঔ}যী ढुवनियाा कीमती हमरा 1 परिश्रमाहै और [ೋ]ಕಹರೆ ஏனவீசRI 8 आ@्मविष्वास्है Radekadtiee' - ShareChat
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🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - 41 उसके मंदिर से माँगा हुआ उसके शमशान में ही छोड कर जाना पड़ेगा ! 0 41 उसके मंदिर से माँगा हुआ उसके शमशान में ही छोड कर जाना पड़ेगा ! 0 - ShareChat
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🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - TM RadheRadheje जानकी जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं wwwradheradheje.com] TM RadheRadheje जानकी जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं wwwradheradheje.com] - ShareChat
*Janaki Janmotsav 2026 जानकी जन्मोत्सव कब ? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि महत्व और कथा* पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण अष्टमी तिथि 9 फरवरी को सुबह 5 बजकर 01 मिनट से लेकर 10 फरवरी को सुबह 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के आधार पर जानकी जयंती 9 फरवरी दिन सोमवार को मनाई जाएगी. #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #📒 मेरी डायरी https://www.radheradheje.com/janaki-janmotsav-janki-jayanti-kab-hai-date-know-puja-vidhi-story-shubh-muhurat-and-importance-in-hindi/
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Janaki Janmotsav जानकी जन्मोत्सव कब ? जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि महत्व और कथा
जानकी जन्मोत्सव मां सीता माता का जन्मदिवस है, माता सीता को जानकी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को राजा जनक की पुत्री और भगवान श्रीराम की पत्नी माता सीता का प्राकट्य हुआ था। इस पर्व को सीता अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। माता सीता अपने त्याग एवं समर्पण के लिए पूज्यनीय हैं। इस पावन उत्सव पर माता सीता और प्रभु श्रीराम की पूजा की जाती है एवं व्रत उपवास रखा जाता है। इस दिन माता सीता की पूजा में पीले फूल, पीले वस्त्र ओर सोलह श्रृंगार का समान जरूर चढ़ाना चाहिए। श्री जानकी रामाभ्यां नमः मंत्र का 108 बार जाप करें।