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#🌊गंगा सप्तमी 🌸
🌊गंगा सप्तमी 🌸 - TM RadheRadheje गंगा सप्तमी wwwradheradhee com मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित होने से पहले भगवान शिव की जटाओं में उतरी थो वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमो को गंगा सप्तमो का पर्व मनाया जाता है॰ इसे गंगा जयंता या गंगा पूजन भो कहा जाता है। वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को जान्हु ऋषि के कान से प्रवाहित होने के कारण इस दिन को जान्ह्ु सप्तमी भी कहा जाता है, जान्हु ऋषि की पुत्रोी होने के कारण ही माँ गंगा का एक नाम जान्हवी भो है। गंगा सप्तमी के दिन ही माँ गंगा की उत्पत्ति हुई है, इस दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से शिव जो की जटा में पहुंची थों। इसलिए इस दिन गंगा -पूजन का विशेष महत्व है। TM RadheRadheje गंगा सप्तमी wwwradheradhee com मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित होने से पहले भगवान शिव की जटाओं में उतरी थो वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमो को गंगा सप्तमो का पर्व मनाया जाता है॰ इसे गंगा जयंता या गंगा पूजन भो कहा जाता है। वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को जान्हु ऋषि के कान से प्रवाहित होने के कारण इस दिन को जान्ह्ु सप्तमी भी कहा जाता है, जान्हु ऋषि की पुत्रोी होने के कारण ही माँ गंगा का एक नाम जान्हवी भो है। गंगा सप्तमी के दिन ही माँ गंगा की उत्पत्ति हुई है, इस दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से शिव जो की जटा में पहुंची थों। इसलिए इस दिन गंगा -पूजन का विशेष महत्व है। - ShareChat
#🌊गंगा सप्तमी 🌸 गंगा सप्तमी विशेष: जानें मां गंगा सप्तमी पूजा विधि महत्व, उपाय और माँ गंगा जन्म की कथा* https://www.radheradheje.com/mother-ganga-saptami-worship-method-importance-story-and-remedies-in-hindi/
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गंगा सप्तमी: जानें मां गंगा सप्तमी पूजा विधि महत्व कथा और उपाय
मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित होने से पहले भगवान शिव की जटाओं में उतरी थी। उस दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि थी। इसी कारण इसे गंगा सप्तमी के रूप में जाना जाता है। वैसे तो शास्त्रों में ऐसे तमाम दिनों का जिक्र किया गया है जिसमें गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि गंगा सप्तमी के दिन गंगा में डुबकी लगाने और मां गंगा की विधि विधान से पूजा करने से व्यक्ति के सभी पापों से मुक्ति पा लेता है। साथ ही उसे रिद्धि-सिद्धि, यश-सम्मान की प्राप्ति होती है और ग्रहों के अशुभ प्रभाव भी दूर हो जाते हैं। इस दिन दान-पुण्य करने का भी अपना विशेष महत्व है।
जेब मे जरा सी छेद हो जाय ना, तो सिक्कों से पहले रिश्ते गिर जाते है रूबरू होने की तो छोड़िये, गुफ्तगू से भी कतराने लगे हैं गुरूर ओढ़े हुए कुछ रिश्ते, अपनी हैसियत पर इतराने लगे हैं #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #📒 मेरी डायरी
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#🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - TM RadheRadheje गंगा सप्तमी wwwradheradhee com मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित होने से पहले भगवान शिव की जटाओं में उतरी थो वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमो को गंगा सप्तमो का पर्व मनाया जाता है॰ इसे गंगा जयंता या गंगा पूजन भो कहा जाता है। वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को जान्हु ऋषि के कान से प्रवाहित होने के कारण इस दिन को जान्ह्ु सप्तमी भी कहा जाता है, जान्हु ऋषि की पुत्रोी होने के कारण ही माँ गंगा का एक नाम जान्हवी भो है। गंगा सप्तमी के दिन ही माँ गंगा की उत्पत्ति हुई है, इस दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से शिव जो की जटा में पहुंची थों। इसलिए इस दिन गंगा -पूजन का विशेष महत्व है। TM RadheRadheje गंगा सप्तमी wwwradheradhee com मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित होने से पहले भगवान शिव की जटाओं में उतरी थो वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमो को गंगा सप्तमो का पर्व मनाया जाता है॰ इसे गंगा जयंता या गंगा पूजन भो कहा जाता है। वैसाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी को जान्हु ऋषि के कान से प्रवाहित होने के कारण इस दिन को जान्ह्ु सप्तमी भी कहा जाता है, जान्हु ऋषि की पुत्रोी होने के कारण ही माँ गंगा का एक नाम जान्हवी भो है। गंगा सप्तमी के दिन ही माँ गंगा की उत्पत्ति हुई है, इस दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से शिव जो की जटा में पहुंची थों। इसलिए इस दिन गंगा -पूजन का विशेष महत्व है। - ShareChat
*गंगा सप्तमी विशेष: जानें मां गंगा सप्तमी पूजा विधि महत्व, उपाय और माँ गंगा जन्म की कथा #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स https://www.radheradheje.com/mother-ganga-saptami-worship-method-importance-story-and-remedies-in-hindi/
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गंगा सप्तमी: जानें मां गंगा सप्तमी पूजा विधि महत्व कथा और उपाय
मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित होने से पहले भगवान शिव की जटाओं में उतरी थी। उस दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि थी। इसी कारण इसे गंगा सप्तमी के रूप में जाना जाता है। वैसे तो शास्त्रों में ऐसे तमाम दिनों का जिक्र किया गया है जिसमें गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है। कहा जाता है कि गंगा सप्तमी के दिन गंगा में डुबकी लगाने और मां गंगा की विधि विधान से पूजा करने से व्यक्ति के सभी पापों से मुक्ति पा लेता है। साथ ही उसे रिद्धि-सिद्धि, यश-सम्मान की प्राप्ति होती है और ग्रहों के अशुभ प्रभाव भी दूर हो जाते हैं। इस दिन दान-पुण्य करने का भी अपना विशेष महत्व है।
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 23 अप्रैल 2026* *⛅दिन - गुरुवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - ग्रीष्म* *⛅मास - वैशाख* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - सप्तमी रात्रि 08:49 तक तत्पश्चात् अष्टमी* *⛅नक्षत्र - पुनर्वसु रात्रि 08:57 तक तत्पश्चात् पुष्य* *⛅योग - सुकर्मा प्रातः 06:08 तक, तत्पश्चात् धृति रात्रि 03:32 अप्रैल 24 तक, तत्पश्चात् शूल* *⛅राहुकाल - दोपहर 02:02 से दोपहर 03:38 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:00* *⛅सूर्यास्त - 06:51 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - दक्षिण दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:31 से प्रातः 05:15 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:00 से दोपहर 12:51 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:03 से मध्यरात्रि 12:47 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - गंगा जयंती, निम्ब सप्तमी, सर्वार्थसिद्धि योग, अमृतसिद्धि योग, गुरुपुष्यामृत योग (रात्रि 08:57 से 24 अप्रैल सूर्योदय तक)* *🌥️विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है तथा शरीर का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 ━━━━━━━━━━━ 🎥 ━━━━━━━━━━━ #💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #thursday #god #vishnubhagwan #jaishrikrishna #panchang #prosperity #healthylifestyle #keytosuccess #sadguru #blessings #mantra #jaishreeram #LokKalyanSetu #YogVedantSevaSamiti #radheradheje #facebookviral #fbreels #instareels #trendingnow
💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 - आज का पंचांग मास- वैशाख, पक्ष- शुक्ल wwwradheradheje com ग्रीष्म दिनु॰ : गुरुवार வiசு 23-04-2026 तिथि- सप्तमी (२०१४९ से अष्टमी ) प्रुनर्वसु नक्षत्र सूर्य नक्षत्र- अश्विनी चंद्रनक्षत्र॰  प्रुनर्वसु बोग { मेष सुकर्मा (O६:०७ से धृति) करणा = गर (O९:४५ से वणिज ) मिथुन (१५:१२ से कर्क) चन्द्र राशि- सूर्य राशि॰ मेष शुभ मुहूर्त चोघडिया , दिन १५:३8 अशुभ राहूकाल १४:०२ 80601 0७:३७ शुभ ಊಟೊ06:01 ]07:37 0७:३७ अशुभ 0९:१३ अशुभ गुली काल 09:१३  309:13 10849 १०४४९ अशुभ अभिजित ११:५९  १२:५१ शुभ 310849 = 12:25 ೩೫ दूर मुहूर्त १०:१७ ११:०९ अशुभ लाभ 1२:२५ १४४०२ शुभ दूर मुहूर्त १५:२३ १६:१६ अशुभ अमृत १४:०२ 15838থুঞ वर्ज्यम 0९:३० - ११:०१ अशुभ १७४१४ अशुभ @c15838 प्रदोष १8:५० 21804 ೩೫ ೩೫ 17814 ` १८:५० शुभ आपका दिन शुभ और ्मंगलमय हो Radlheliadliee आज का पंचांग मास- वैशाख, पक्ष- शुक्ल wwwradheradheje com ग्रीष्म दिनु॰ : गुरुवार வiசு 23-04-2026 तिथि- सप्तमी (२०१४९ से अष्टमी ) प्रुनर्वसु नक्षत्र सूर्य नक्षत्र- अश्विनी चंद्रनक्षत्र॰  प्रुनर्वसु बोग { मेष सुकर्मा (O६:०७ से धृति) करणा = गर (O९:४५ से वणिज ) मिथुन (१५:१२ से कर्क) चन्द्र राशि- सूर्य राशि॰ मेष शुभ मुहूर्त चोघडिया , दिन १५:३8 अशुभ राहूकाल १४:०२ 80601 0७:३७ शुभ ಊಟೊ06:01 ]07:37 0७:३७ अशुभ 0९:१३ अशुभ गुली काल 09:१३  309:13 10849 १०४४९ अशुभ अभिजित ११:५९  १२:५१ शुभ 310849 = 12:25 ೩೫ दूर मुहूर्त १०:१७ ११:०९ अशुभ लाभ 1२:२५ १४४०२ शुभ दूर मुहूर्त १५:२३ १६:१६ अशुभ अमृत १४:०२ 15838থুঞ वर्ज्यम 0९:३० - ११:०१ अशुभ १७४१४ अशुभ @c15838 प्रदोष १8:५० 21804 ೩೫ ೩೫ 17814 ` १८:५० शुभ आपका दिन शुभ और ्मंगलमय हो Radlheliadliee - ShareChat
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 22 अप्रैल 2026* *⛅दिन - बुधवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - ग्रीष्म* *⛅मास - वैशाख* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - षष्ठी रात्रि 10:49 तक तत्पश्चात् सप्तमी* *⛅नक्षत्र - आर्द्रा रात्रि 10:13 तक तत्पश्चात् पुनर्वसु* *⛅योग - अतिगण्ड सुबह 09:08 तक तत्पश्चात् सुकर्मा* *⛅राहुकाल - दोपहर 12:26 से दोपहर 02:02 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:01* *⛅सूर्यास्त - 06:51 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - उत्तर दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:31 से प्रातः 05:16 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - कोई नहीं* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:03 से मध्यरात्रि 12:47 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - श्री रामानुजाचार्य जयंती, पृथ्वी दिवस, स्कन्द षष्ठी* *🌥️विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातून मुँह में डालने नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 ━━━━━━━━━━━ 🎥 ━━━━━━━━━━━ https://youtube.com/shorts/cZyb39DYbgE?si=6Xb1cUOypwDN9_0l #wednesday #god #lordganesha #💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 #ganpatibappamorya #panchang #prosperity #healthylifestyle #keytosuccess #sadguru #blessings #mantra #jaishreeram #radheradheje #facebookviral #fbviral #trendingnow
💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 - आज का पंचांग मास- वैशाख, पक्ष- शुक्ल wwwradheradhejecom ऋतु- ग्रीष्म दिन- बुधवार வiசு 22-04-2026 तिथि- षष्ठी (२२:४८ से सप्तमी ) नक्षत्र  आद्रा सूर्य नक्षत्र- अश्विनी चंद्रनक्षत्र- आद्रा बोग॰ : मेष अतिर्गंड कौलव (१२:०१ से तैतनुल) करण मिथुन चन्द्रराशि- सूर्य राशि॰ मेष शुभ मुहूर्त चोघडिया , दिन १४:०२ अशुभ राहूकाल १२:२६ 7/3706:02 07838 ೩೫ यम ्घंटा 0७:३8 09:14 3%& अमृत 0७:३8 09814 ೩೫ गुली काल १०:५०  128266 काल 0९:१५ - १०:५० अशुभ अभिजित १२:०० १२:५१ अशुभ ೩೫7 10:50 १२:२६ शुभ रोग १२१२६ = १५:०२ अशुभ दूर मुहूर्त १२:००  १२:५१ अशुभ उद्वेग १४:०२ 09:10 3&& 40407842 १५:३७ अशुभ प्रदोष १८:४९ 21804 ೩೫ 17813 ೩೫ 15837 18849 ೩೫ সUঙ1813 आपका दिन शुभ और मंगलमय हो Radlheliadliee आज का पंचांग मास- वैशाख, पक्ष- शुक्ल wwwradheradhejecom ऋतु- ग्रीष्म दिन- बुधवार வiசு 22-04-2026 तिथि- षष्ठी (२२:४८ से सप्तमी ) नक्षत्र  आद्रा सूर्य नक्षत्र- अश्विनी चंद्रनक्षत्र- आद्रा बोग॰ : मेष अतिर्गंड कौलव (१२:०१ से तैतनुल) करण मिथुन चन्द्रराशि- सूर्य राशि॰ मेष शुभ मुहूर्त चोघडिया , दिन १४:०२ अशुभ राहूकाल १२:२६ 7/3706:02 07838 ೩೫ यम ्घंटा 0७:३8 09:14 3%& अमृत 0७:३8 09814 ೩೫ गुली काल १०:५०  128266 काल 0९:१५ - १०:५० अशुभ अभिजित १२:०० १२:५१ अशुभ ೩೫7 10:50 १२:२६ शुभ रोग १२१२६ = १५:०२ अशुभ दूर मुहूर्त १२:००  १२:५१ अशुभ उद्वेग १४:०२ 09:10 3&& 40407842 १५:३७ अशुभ प्रदोष १८:४९ 21804 ೩೫ 17813 ೩೫ 15837 18849 ೩೫ সUঙ1813 आपका दिन शुभ और मंगलमय हो Radlheliadliee - ShareChat
#🪔शंकराचार्य जयंती📿 आदिगुरु शंकराचार्य जन्मोत्सव विशेष: जानें आदिगुरु शंकराचार्य की कहानी श्री आदिगुरु शंकराचार्य जी का जन्म वैशाख शुक्ल पंचमी के दिन केरल के कालड़ी में हुआ था, इसी उपलक्ष्य में वैशाख मास की शुक्ल पंचमी के दिन श्री आदि गुरु शंकराचार्य जी का प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। https://www.radheradheje.com/adi-guru-shankaracharya-in-hindi/
🪔शंकराचार्य जयंती📿 - ShareChat
Adi Guru Shankaracharya: जानें आदि शंकराचार्य की कहानी
महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में लिखा है कि आदि शंकराचार्यजी का काल लगभग 2200 वर्ष पूर्व का है। दयानंद सरस्वती जी 138 साल पहले हुए थे। आज के इतिहासकार कहते हैं कि आदि शंकराचार्य का जन्म 788 ईस्वी में हुआ और उनकी मृत्यु 820 ईस्वी में। मतलब वह 32 साल जीए। अब हम असली बात समझते हैं। आचार्य शंकर का जन्म वैशाख शुक्ल पंचमी तिथि ई. सन् 788 को तथा मोक्ष ई. सन् 820 स्वीकार किया जाता है, परंतु सुधन्वा जो कि शंकर के समकालीन थे, उनके ताम्रपत्र अभिलेख में शंकर का जन्म युधिष्ठिराब्द 2631 शक् (507 ई०पू०) तथा शिवलोक गमन युधिष्ठिराब्द 2663 शक् (475 ई०पू०) सर्वमान्य है। 
*🌞~ वैदिक हिन्दू पंचांग ~🌞* *⛅दिनांक - 20 अप्रैल 2026* *⛅दिन - सोमवार* *⛅विक्रम संवत् - 2083* *⛅अयन - उत्तरायण* *⛅ऋतु - ग्रीष्म* *⛅मास - वैशाख* *⛅पक्ष - शुक्ल* *⛅तिथि - तृतीया प्रातः 07:27 तक, तत्पश्चात् चतुर्थी प्रातः 04:14 अप्रैल 21 तक, तत्पश्चात् पंचमी* *⛅नक्षत्र - रोहिणी मध्यरात्रि 02:08 तक तत्पश्चात् मृगशिरा* *⛅योग - सौभाग्य शाम 04:11 तक तत्पश्चात् शोभन* *⛅राहुकाल - प्रातः 07:38 से सुबह 09:14 से तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅सूर्योदय - 06:02* *⛅सूर्यास्त - 06:50 (सूर्योदय एवं सूर्यास्त उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅दिशा शूल - पूर्व दिशा में* *⛅ब्रह्ममुहूर्त - प्रातः 04:33 से प्रातः 05:17 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12:00 से दोपहर 12:52 (उज्जैन मानक समयानुसार)* *⛅निशिता मुहूर्त - मध्यरात्रि 12:03 से मध्यरात्रि 12:48 तक (उज्जैन मानक समयानुसार)* *🌥️व्रत पर्व विवरण - मातङ्गी जयंती, श्री बसवेश्वर जयंती, विनायक चतुर्थी,अमृतसिद्धि योग, सर्वार्थसिद्धि योग (अहोरात्रि)* *🌥️विशेष - चतुर्थी को मूली खाने से धन का नाश होता है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)* https://whatsapp.com/channel/0029VaARDIOAojYzV7E44245 *🔹कब कहां और कैसे सोना चाहिए🔹* #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #💮आज का पंचांग एवं मुहूर्त💫 *🔸हमारे शास्त्रों में मुनष्य की दिन चर्या के बारे में सुबह से लेकर रात में सोते तक के नियमों का वर्णन मिलता है। शास्त्रों के अनुसार रात में जब दिनभर की थकान को दूर करने के लिए हम शयन करने जा रहे होते हैं तो कब और कैसे शयन करना चाहिए, कहां शयन करना चाहिए और कहां नहीं। यशस्वी, निरोग और दीर्घायु जीवन के लिए सोते समय इन बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए।* *🔸1- मनुस्मृति में कहा गया है कि सूने तथा निर्जन घर में अकेला नहीं सोना चाहिए। देव मन्दिर गर्भगृह और श्मशान भूमि में भी नहीं सोना चाहिए।* *🔸2- विष्णुस्मृति के अनुसार, किसी सोए हुए मनुष्य को भूलकर भी अचानक नहीं जगाना चाहिए।* *🔸3- चाणक्यनीति के अनुसार, विद्यार्थी, नौकर और द्वारपाल यदि ये अधिक समय से सोए हुए हों तो इन्हें समय पर तुरंत जगा देना चाहिए।* *🔸4- देवीभागवत एवं पद्मपुराण में कहा गया है कि- स्वस्थ मनुष्य को आयुरक्षा हेतु ब्रह्ममुहुर्त में उठना चाहिए। बिल्कुल अंधेरे कमरे में नहीं सोना चाहिए।* *🔸5- अत्रिस्मृति के अनुसार, भीगे (गीले) पैर कभी नहीं सोना चाहिए। सूखे पैर सोने से लक्ष्मी (धन) की प्राप्ति होती है।* *🔸6- महाभारत के अनुसार, टूटी खाट पर तथा जूठे मुंह भूलकर भी नहीं सोना चाहिए।* *🔸7- गौतम धर्म सूत्र के अनुसार, "नग्न होकर/निर्वस्त्र" नहीं सोना चाहिए।* *🔸8- आचारमय़ूख में लिखा है कि- पूर्व दिशा की ओर सिर करके सोने से विद्या, पश्चिम की ओर सिर करके सोने से प्रबल चिन्ता, उत्तर की ओर सिर करके सोने से हानि व मृत्यु तथा दक्षिण की ओर सिर करके सोने से धन व आयु की प्राप्ति होती है।* *🔸9- दिन में कभी नहीं सोना चाहिए। परन्तु ज्येष्ठ मास में दोपहर के समय 1 मुहूर्त (48 मिनट) के लिए सोया जा सकता है। (दिन में सोने से रोग घेरते हैं तथा आयु का क्षय होता है) ।* *🔸10- ब्रह्मवैवर्तपुराण के अनुसार, दिन में तथा सूर्योदय एवं सूर्यास्त के समय सोने वाला रोगी और दरिद्र हो जाता है।* *🔸11- सूर्यास्त के एक प्रहर (लगभग 3 घण्टे) के बाद ही शयन करना चाहिए।* *🔸12- बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिये लाभकारी है।* *🔸13- दक्षिण दिशा में पांव करके कभी नहीं सोना चाहिए। यम और दुष्ट देवों का निवास रहता है। कान में हवा भरती है। मस्तिष्क में रक्त का संचार कम को जाता है, स्मृति- भ्रंश, मौत व असंख्य बीमारियां होती है।* *🔸14- हृदय पर हाथ रखकर, छत के पाट या बीम के नीचे और पांव पर पांव चढ़ाकर निद्रा न लें।* *🔸15- शय्या (पलंग) पर बैठकर खाना-पीना बहुत अशुभ होता है एवं सोते सोते पढ़ने से नेत्र ज्योति घटती है, इसलिए ऐसा नहीं करना चाहिए।* *🔸16- माथे पर तिलक लगाकर कभी नहीं सोना चाहिए।* #monday #god #lordshiva #harharmahadev #panchang #prosperity #healthylifestyle #keytosuccess #sadguru #blessings #mantra #jaishreeram #radheradheje #facebookviral #fbviral #trendingnow
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - आज का पंचांग मास- वैशाख, पक्ष  शुक्ल wwwradheradheje com 6-| वसंत सोमवार নিনiক 20-042026 तिथि- तृतीया (०७:२७ से चतनुर्थी ) नक्षत्र- रोहिणी नक्षत्र- अश्विनी चूर्रः रोहिणी 78151- मेष बोग॰ { सौभाग्य 47(07:2734[) करण चन्द्र राशि- वृषभ सूर्य राशि॰ मेष मुहूर्त ೩೫ चोघडिया , दिन राहूकाल 0७:३9 09:15 3%& 306:03 07839 ೩೫ यम ्घंटा १०:५० १२:२६ अशुभ 09:15 3%& ಊH07839 பளி काल १४४०२ शुभ 09:१५ : 15:37 १०:५० शुभ अभिजित १२:०१ रोग १०:५०  12:52 ೩೫ १२:२६ अशुभ ೯ಟ೯rೆ 12.52 0&112:26 १३:४३ अशुभ १४:०२ अशुभ दूर मुहूर्त १५:२५ १६:१६ अशुभ १५४३७ शुभ 214:02 464718:55 २०:२१ अशुभ १७४१३ शुभ @Iಖ15837 प्रदोष १८४४९ 21803 ೩೫ 3;717813 18849 ೩೫ ऑा सातंगी जन्मोत्सव की शुभकामनाएं RadheRadlefe आज का पंचांग मास- वैशाख, पक्ष  शुक्ल wwwradheradheje com 6-| वसंत सोमवार নিনiক 20-042026 तिथि- तृतीया (०७:२७ से चतनुर्थी ) नक्षत्र- रोहिणी नक्षत्र- अश्विनी चूर्रः रोहिणी 78151- मेष बोग॰ { सौभाग्य 47(07:2734[) करण चन्द्र राशि- वृषभ सूर्य राशि॰ मेष मुहूर्त ೩೫ चोघडिया , दिन राहूकाल 0७:३9 09:15 3%& 306:03 07839 ೩೫ यम ्घंटा १०:५० १२:२६ अशुभ 09:15 3%& ಊH07839 பளி काल १४४०२ शुभ 09:१५ : 15:37 १०:५० शुभ अभिजित १२:०१ रोग १०:५०  12:52 ೩೫ १२:२६ अशुभ ೯ಟ೯rೆ 12.52 0&112:26 १३:४३ अशुभ १४:०२ अशुभ दूर मुहूर्त १५:२५ १६:१६ अशुभ १५४३७ शुभ 214:02 464718:55 २०:२१ अशुभ १७४१३ शुभ @Iಖ15837 प्रदोष १८४४९ 21803 ೩೫ 3;717813 18849 ೩೫ ऑा सातंगी जन्मोत्सव की शुभकामनाएं RadheRadlefe - ShareChat
#MaaMatangi2026 जानें माॅं मातंगी मन्त्र साधना, माॅं मातंगी साधना समस्त प्रकार के भौतिक सुख प्रदान करती है समस्त जगत जिस शक्ति से चलित है, उसी शक्ति की दस स्वरूप हैं ये दस महाविद्याएँ, जिनके नौवें क्रम में भगवती मातंगी का नाम आता है। भगवान शिव के मतंग रूप में उनकी अर्द्धांगिनी होने के कारण ही उनकी संज्ञा मातंगी रूप में विख्यात हुई #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स https://www.radheradheje.com/astrology-mantra-maa-matangi-sadhana-mantra-maa-matangi-sadhana-method-matangi-armor-original-armor-psalm/