जब शांति को आवाज़ नहीं,कदमों की ज़रूरत होती है
तब बौद्ध भिक्षु पैदल चलते हैं। ये कोई साधारण यात्रा नहीं है।
यह हज़ारों मील की तपस्या है,जहाँ हर कदम अहिंसा का संकल्प है,
हर सांस करुणा का अभ्यास है
और हर दिन लोभ, क्रोध, अहंकार से दूरी। इन भिक्षुओं के पास न सत्ता है,न हथियार,न प्रचार
फिर भी अमेरिका की सड़कों पर लोग रुकते हैं, झुकते हैं,
पानी देते हैं, भोजन देते हैं,
और सबसे ज़रूरी — सम्मान देते हैं।
अमेरिकी समाज इन भिक्षुओं में कोई “विदेशी” नहीं देखता,
वे शांति का जीवित संदेश देखते हैं।
जहाँ दुनिया धर्म को बाँटने का औज़ार बना चुकी है,
वहीं बौद्ध भिक्षु,पैरों से जोड़ने का काम कर रहे हैं।
Walk of Peace यह सिखाती है कि,
शांति भाषणों से नहीं,
त्याग, अनुशासन और निरंतर चलने से आती है।
यही कारण है कि अमेरिका में लोग
इन भिक्षुओं से सिर्फ़ मिलते नहीं,
सीखते हैं।
☸️
क्योंकि शांति एक विचार नहीं,
एक यात्रा है।
#WalkOfPeace #BuddhistMonks #PeaceWalk
#Karuna #🙏 बौद्ध धर्म