Anand Sharma
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@anandsharma09
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पत्रकार✍️
#आनंद शर्मा #❤️जीवन की सीख
आनंद शर्मा - जिंदगी अगर जीवनसाथी के साथ निभानीह्रै तो एकम्दूसरेकी सुनना और समझना जरूरी है््तभी साथ जीवनभरटिकता है] 3&4 जिंदगी अगर जीवनसाथी के साथ निभानीह्रै तो एकम्दूसरेकी सुनना और समझना जरूरी है््तभी साथ जीवनभरटिकता है] 3&4 - ShareChat
#आनंद शर्मा
आनंद शर्मा - किसी को बद्ुआ नहीं देते , और जब देते हैं तो सामने वाले की हस्ती ख़ाक में मिल जाती है किसी को बद्ुआ नहीं देते , और जब देते हैं तो सामने वाले की हस्ती ख़ाक में मिल जाती है - ShareChat
#आनंद शर्मा
आनंद शर्मा - अंग्रेज़ी दिर्नांक o७lo२ कुछ आज लोगों के लिए खास जश्न मनाने का दिन है अंग्रेज़ी दिर्नांक o७lo२ कुछ आज लोगों के लिए खास जश्न मनाने का दिन है - ShareChat
#आनंद शर्मा
आनंद शर्मा - हम यदि शासन ्प्रशासन की कमियों को उजागर न कर सकें , तो ऐसे लेख और वीडियो क्या सच में जनहित के मुद्दे उठाते 82 जनहित से समझौता किसलिए? यदि निर्भीक हैं, तो जिम्मेदारी भी संभालिए। हम यदि शासन ्प्रशासन की कमियों को उजागर न कर सकें , तो ऐसे लेख और वीडियो क्या सच में जनहित के मुद्दे उठाते 82 जनहित से समझौता किसलिए? यदि निर्भीक हैं, तो जिम्मेदारी भी संभालिए। - ShareChat
#आनंद शर्मा # सच है:अपनों का हक़ हड़पने वाले—चाहे छल से हों या प्रशासनिक सहारे—यह याद रखें, बुरे कर्मों का परिणाम देर से सही, पर मिलता ज़रूर है।
आनंद शर्मा - वाले अपनों का हक़ हड़पने चाहे छल से हों या प्रशासनिक सहारे = यह याद रखें, बुरे कर्मों का परिणाम देर से सही , पर मिलता ज़रूर है। वाले अपनों का हक़ हड़पने चाहे छल से हों या प्रशासनिक सहारे = यह याद रखें, बुरे कर्मों का परिणाम देर से सही , पर मिलता ज़रूर है। - ShareChat
#आनंद शर्मा #यह किस पेड़ पत्ती है
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#🌞 Good Morning🌞 #आनंद शर्मा
🌞 Good Morning🌞 - स्वतंत्र भारत के असली सवाल और हमारी खामोशी इतिहास गवाह है   सत्य के साथ खड़े लोग हमेशा कम रहे हैं। কী यही IH ?IqJI पांडव कौरव, হমব্ধা সমাত ট | अहंकार और हठधर्मिता ने सदा पराजय दी है- নব্ধ   ক্রি यहाँ परिवार और भी छिन सम्मान TI তীমী J शरद आज विचारकों की पर चर्चा नहीं होती, कि 46 8 और दुर्भाग्य कई संचार साथी न 1হত্রীা  347 जनहित নীলন ই,ন কী সীয়  ববিনী   ক साथ खड़े दिखाई देते हैं। چ মনস भारत असली मुद्दे आज भी वही हैं- बेरोजगारी और समान नागरिक कानून। का नहीं, साहस और स्पष्टता का है। चुप्पी अब समय क्योंकि इतिहास अवश्य सवाल करेगा   तब तुम कहाँ थे? सुप्रभात स्वतंत्र भारत के असली सवाल और हमारी खामोशी इतिहास गवाह है   सत्य के साथ खड़े लोग हमेशा कम रहे हैं। কী यही IH ?IqJI पांडव कौरव, হমব্ধা সমাত ট | अहंकार और हठधर्मिता ने सदा पराजय दी है- নব্ধ   ক্রি यहाँ परिवार और भी छिन सम्मान TI তীমী J शरद आज विचारकों की पर चर्चा नहीं होती, कि 46 8 और दुर्भाग्य कई संचार साथी न 1হত্রীা  347 जनहित নীলন ই,ন কী সীয়  ববিনী   ক साथ खड़े दिखाई देते हैं। چ মনস भारत असली मुद्दे आज भी वही हैं- बेरोजगारी और समान नागरिक कानून। का नहीं, साहस और स्पष्टता का है। चुप्पी अब समय क्योंकि इतिहास अवश्य सवाल करेगा   तब तुम कहाँ थे? सुप्रभात - ShareChat
#आनंद शर्मा #🌞 Good Morning🌞
आनंद शर्मा - असत्य कितना भी बलवान क्यों न हो,विजय हमेशा सत्य की ही होती है भैरव और TTT StaC எப்சி वैष्णोदेवी কী कथा 6# हार्दिक शुभकामनाएँ সিস্রানী ৯ 46 f और अहंकार, రగ अंत असत्य का निश्चित है,जबकि श्रद्धा और धर्म सत्य 3IT 7గగ   గ్గే সতা विवेक और == अधिष्ठात्री की माँ सरस्वती के आर्शिर्वद से सरस्वती से यही आपके जीवन में ज्ञान , प्रार्थना है कि हमारे सुख ओर समृद्धि का प्रकाश फैले ! ge 51,$# R सत्यनिष्ठ हों और समाज सत्य के मार्ग पर अग्रसर हो। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ सुप्रभात असत्य कितना भी बलवान क्यों न हो,विजय हमेशा सत्य की ही होती है भैरव और TTT StaC எப்சி वैष्णोदेवी কী कथा 6# हार्दिक शुभकामनाएँ সিস্রানী ৯ 46 f और अहंकार, రగ अंत असत्य का निश्चित है,जबकि श्रद्धा और धर्म सत्य 3IT 7గగ   గ్గే সতা विवेक और == अधिष्ठात्री की माँ सरस्वती के आर्शिर्वद से सरस्वती से यही आपके जीवन में ज्ञान , प्रार्थना है कि हमारे सुख ओर समृद्धि का प्रकाश फैले ! ge 51,$# R सत्यनिष्ठ हों और समाज सत्य के मार्ग पर अग्रसर हो। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ सुप्रभात - ShareChat
#आनंद शर्मा #🌙 गुड नाईट
आनंद शर्मा - निर्भीक, कलम की लेखनी को हल्के में न लें- खासकर निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकारों की। जो पत्रकार जनहित में सच लिखते हैं, लिए उन्हें दबाने के उनका चरित्र 4<} प्रमाणपत्र खोजा जाता हैजैसे कोई शासकीय ज़मीन पर कब्ज़ा तो नहीं, कोई अवैध कारोबार तो नहीं।जबकि सच्चाई यह है कि जब कलम चलती है,तो वह केवल जनहित के मुद्दों और शासन प्रशासन की उजागर करती है।आज हालात ऐसे हैं कि कमियों को भ्रष्टाचार का बोलबाला है और जो समस्या का समाधान करने की ज़िम्मेदारी रखते हैंवे ही गूंगे बहरे बने हुए हैं। लेकिन यह तय है जिब भी कलम चलती है, तकलीफ़ उन्हें ही होती हैजिन्हें सच चुभता है। शुभ रात्रि निर्भीक, कलम की लेखनी को हल्के में न लें- खासकर निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकारों की। जो पत्रकार जनहित में सच लिखते हैं, लिए उन्हें दबाने के उनका चरित्र 4<} प्रमाणपत्र खोजा जाता हैजैसे कोई शासकीय ज़मीन पर कब्ज़ा तो नहीं, कोई अवैध कारोबार तो नहीं।जबकि सच्चाई यह है कि जब कलम चलती है,तो वह केवल जनहित के मुद्दों और शासन प्रशासन की उजागर करती है।आज हालात ऐसे हैं कि कमियों को भ्रष्टाचार का बोलबाला है और जो समस्या का समाधान करने की ज़िम्मेदारी रखते हैंवे ही गूंगे बहरे बने हुए हैं। लेकिन यह तय है जिब भी कलम चलती है, तकलीफ़ उन्हें ही होती हैजिन्हें सच चुभता है। शुभ रात्रि - ShareChat
#आनंद शर्मा हर वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी को परिवार में खिचड़ी बनाने की परंपरा रही है। इस वर्ष 14 जनवरी को एकादशी पड़ने के कारण खिचड़ी का आयोजन 15 जनवरी, गुरुवार को किया गया। इस अवसर पर घर की छत पर ईंटों का चूल्हा बनाकर छोटी बहू ने लकड़ी के चूल्हे पर पारंपरिक तरीके से खिचड़ी बनाई, जो अत्यंत स्वादिष्ट बनी। इस मिट्टी, लकड़ी और स्नेह से बनी खिचड़ी की खुशबू और स्वाद ने हम सभी को पुराने दिनों की याद दिला दी, जब पर्व सादगी, अपनत्व और परंपराओं के साथ मनाए जाते थे।
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