हठ नहीं थी पार्वती की शिव को पाने की,
वो तो पूर्ण समर्पण था.......
वो जिद नहीं थी वो प्रण था,
“या तो आपको ही वरूँ गी....
या फिर आजीवन कुंवारी रहूँगी........
राजमहलों की रानी होकर भी,
वन की तपस्विनी बन जाना आसान नहीं था......
पर प्रेम जब आराधना बन जाए,
तो तप भी सौभाग्य लगता है......
उनका प्रेम पाने की लालसा नहीं,
स्वयं को अर्पित कर देने की साधना थी...
सच ही तो है,
जहाँ समर्पण सच्चा हो....
वहीं मेरे शिव स्वयं आकर हाथ थाम लेते हैं.....🕉️❤️🌸
महाशिवरात्रि के पावन पर्व और शिव-पार्वती विवाह की अनंत शुभकामनाएं.....❤️🌸✨💫
#🕉ओम नमः शिवाय #☘️हर हर महादेव🙏🏼 #🛕शिव मंदिर