#🌸 जय श्री कृष्ण😇 ग्रहों का विचित्र खेल और मोहल्ले की 'सुप्रीम कोर्ट': सुषमा भाभीग्रहों का विचित्र खेल और मोहल्ले की 'सुप्रीम कोर्ट': सुषमा भाभी
लेखक: आचार्य राजेश कुमार
हमारे मोहल्ले की फिजाओं में अगर किसी शख्सियत का सिक्का चलता है, तो वे हैं—सुषमा भाभी। अगर एक ज्योतिषी की नज़र से देखा जाए, तो सुषमा भाभी महज एक महिला नहीं, बल्कि ग्रहों की एक चलती-फिरती और बड़ी ही दिलचस्प 'युति' हैं। उनकी फितरत में एक अजीब सा हुनर है—वे राई का पहाड़ बनाने में माहिर हैं। ज्योतिष में यह 'राहू' (Rahu) का साक्षात् प्रभाव है, जो धुएं को भी बादल बनाकर पेश करता है। इसी राहू के दम पर वे मोहल्ले की किसी छोटी सी बात को इतना उछाल देती हैं कि सामने वाला शरीफ आदमी अपना बोरिया-बिस्तर समेट कर भागने को मजबूर हो जाता है, या फिर अपनी बातों में इतना वजन डाल देती हैं कि कल का आया हुआ अजनबी भी मोहल्ले का 'चौधरी' बन बैठता है।
जुबान का जादू और ग्रहों की गवाही
उनकी बातों में शुक्र (Venus) का ऐसा जबरदस्त आकर्षण है कि अमीर हो या गरीब, बूढ़ा हो या जवान, सब उनकी बातों को ऐसे गौर से सुनते हैं जैसे कोई ब्रह्मवाक्य हो। और मजे की बात यह है कि बात करते वक्त वे गवाही अपने साथ रखती हैं, अगर कोई गवाह न मिले तो "भगवान की सौगंध" उनकी जुबान पर धरी रहती है। यहाँ साफ़ दिखता है कि उनका गुरु (Jupiter), जो धर्म का कारक है, वो उनके स्वार्थ (राहू) के आगे कमजोर पड़ गया है, तभी तो वे ईश्वर की कसम को केवल एक हथियार की तरह इस्तेमाल करती हैं।
व्यवहार कुशलता में तो उनका जवाब नहीं! जब वे बुजुर्गों के पास बैठती हैं, तो शनि (Saturn) जैसी गंभीरता ओढ़ लेती हैं—सिर पर पल्ला और लहज़े में खानदानी तहजीब। वहीँ, जब हमउम्र औरतों या पुरुषों के बीच होती हैं, तो शुक्र अपना रंग दिखाता है—कटाक्ष भरे नैन-मटक्के और हंसी-ठिठोली। और बच्चों के साथ? वहां उनका चंद्रमा (Moon) जाग उठता है, इतना लाड़-प्यार लुटाती हैं कि बच्चे अपनी सगी माँ की गोद छोड़कर भाभी की गोद में जा बैठते हैं। यह ग्रहों का ऐसा बहुरूपिया खेल है जो सबको अपना बना लेता है।
घर का 'न्यूज़ रूम' और तीन 'बुध' रूपी कन्याएं
अब ज़रा उनके घर के ग्रहों का हाल देखिए। पतिदेव किसी कचहरी में 'बाबू' हैं। जितने भाभी के चर्चे हैं, पतिदेव उतने ही खामोश और अपनी दुनिया में मस्त रहने वाले जीव हैं। ज्योतिषीय भाषा में कहें तो यह 'कमजोर सूर्य' (Weak Sun) और 'पीड़ित गुरु' का लक्षण है। घर की असली 'सरकार' यानी सूर्य का तेज, भाभी के बलिष्ठ राहू के आगे फीका पड़ गया है।
उनके पास तीन लड़कियां हैं, जो ज्योतिष में 'बुध' (Mercury) का प्रतीक हैं—यानी संदेशवाहक। जब तक पिता घर पर हैं, ये बुध रूपी कन्याएं शांत रहती हैं, लेकिन जैसे ही भाभी घर लौटती हैं, ये तीनों 'एक्टिव' हो जाती हैं। भाभी मोहल्ले भर की खबरें—किसके घर क्या पका, कौन कहाँ गया—अपनी इन 'रिपोर्टरों' को सुनाती हैं। और कमाल देखिए, जब भाभी बातें करते हुए कुछ भूल जाती हैं, तो यही बेटियां उन्हें याद दिलाती हैं। यह साबित करता है कि भाभी का अपना बुध कमजोर है, इसलिए उन्हें अपनी बेटियों के 'स्मृति-कोष' का सहारा लेना पड़ता है।
विलासिता, गुप्त धन और अष्टम भाव का रहस्य
सुषमा भाभी को ईश्वर ने गाने-बजाने और नाचने का भी खूब हुनर बख्शा है, जो कि उच्च के शुक्र की निशानी है। किसी भी उत्सव में अगर भाभी नहीं, तो वो फीका लगता है। किसी की रसोई (जो कि दूसरे भाव का विषय है) में अगर भाभी का दखल न हो, तो खाना बेस्वाद माना जाता है।
आर्थिक स्थिति का गणित बड़ा ही विचित्र है। पतिदेव जो सैलरी लाते हैं, वो तो भाभी के कपड़ों की धुलाई और शान-शौकत में ही स्वाहा हो जाती है—यह खर्चीले शुक्र का प्रभाव है। लेकिन घर का असली रसूख और खर्चा जिस 'गुप्त स्रोत' से चलता है, उसका पता आज तक किसी को नहीं चला। यह कुंडली का 'अष्टम भाव' (8th House) और 'राहू' है, जो गुप्त धन और अनजान जुगाड़ से काम चलाता है। भाभी की यही 'राहू-नीति' है कि उनकी जान-पहचान से बड़े-बड़े काम चुटकियों में हो जाते हैं।
राजनीति: सूर्य पर राहू का ग्रहण
मोहल्ले की राजनीति में भाभी का कोई पद नहीं है, लेकिन वे 'किंगमेकर' हैं। ज्योतिष में राजा सूर्य होता है, लेकिन यहाँ राहू (भाभी) तय करता है कि राजा कौन बनेगा। आपको शुक्ला जी याद होंगे? उन्हें नेतागिरी का शौक था (सूर्य का प्रभाव), लेकिन भाभी ने उन्हें उखाड़ फेंका। और फिर श्रीवास्तव जी, जिन्होंने भाभी को कोई विशेष 'गुड़' खिलाया (जो कि राहू को शांत करने का उपाय था), वे रातों-रात अध्यक्ष बन गए। यह साफ़ तौर पर सूर्य-राहू के ग्रहण दोष और कूटनीति का प्रमाण है कि सत्ता उसी को मिलेगी जिस पर 'सुषमा भाभी' रूपी राहू की कृपा होगी।
धर्म और दिखावे की संस्कृति
धर्म के मामले में भाभी का नज़रिया बड़ा ही 'मॉडर्न' है। सत्संग में जाती जरूर हैं, लेकिन वहां गुरु (भक्ति) नदारद रहता है और शुक्र (दिखावा) हावी रहता है। वे केवल झांकी की सजावट, कीर्तन के सुर और यह देखती हैं कि कौन सा भजन किस फिल्मी गीत की तर्ज़ पर था। ईश्वर के प्रति श्रद्धा की बात पर उनका जवाब होता है—"अजी, कर्म ही पूजा है, भगवान घर देने थोड़े ही आएंगे।"
शादियों में उनका आशीर्वाद लिफाफे के वजन पर निर्भर करता है—यह 'वणिक बुद्धि' (Business Minded Mercury) है। रिश्तों को लेकर उनकी सोच—कि पटरी न खाए तो तलाक ले लो—यह बताता है कि उनके लिए 'संस्कार' (Jupiter) से ज्यादा 'निजी सुख' (Venus) महत्वपूर्ण है।
भाषा का अहंकार और मंगल का 'खोपड़ा'
सुषमा भाभी को अपनी मातृभाषा हिंदी बोलने में कभी-कभी 'तकलीफ' होती है। अपना रुतबा जमाने के लिए वे बीच-बीच में विदेशी (अंग्रेजी) शब्द बोलती हैं—यह विदेशी कारक राहू का प्रभाव है।
जो लोग रसूखदार हैं, भाभी उनके कसीदे पढ़ती हैं, लेकिन अगर कोई विद्वान गरीब है, तो उसे नीचा दिखाने का मौका नहीं छोड़तीं। यहाँ लक्ष्मी (शुक्र) ने सरस्वती (गुरु) को दबा रखा है। जो अज्ञानी उनकी चापलूसी करे, उसे वे आसमान पर चढ़ा देती हैं।
चुनाव के समय तो नेताओं की भीड़ उनके दरवाजे पर होती है। उस समय भाभी का 'वाक-चातुर्य' (Mercury-Rahu) देखने लायक होता है—बुरे को अच्छा और अच्छे को गोल-मोल बताना। लेकिन सबसे खतरनाक है उनका "खोपड़ा घूमना"। यह कुंडली का 'अंगारक योग' (मंगल+राहू) है। जब यह योग जागता है, तो भाभी किसी को भी अर्श से फर्श पर पटक सकती हैं, इसी डर से कोई उनके सामने मुंह नहीं खोलता।
निष्कर्ष: कलयुग का मीडिया
अंत में, अगर हम व्यापक दृष्टिकोण से देखें, तो हमारे हर शहर, हर गांव में ऐसी हज़ारों 'सुषमा भाभियां' मौजूद हैं। ये सिर्फ़ महिलाएं नहीं हैं, बल्कि यह आज के दौर का मीडिया तंत्र है।
कोई अखबार बनकर, कोई चैनल बनकर तो कोई वेबसाइट बनकर 'सुषमा भाभी' का किरदार निभा रहा है।
इनका ज्योतिषीय समीकरण स्पष्ट है:
* कल्पना और ग्लैमराइज करना: यह शुक्र और राहू का काम है।
* सूचनाओं को तोड़-मरोड़ कर पेश करना: यह पीड़ित बुध और केतु का खेल है।
* तीन बेटियां: वे उन 'दत्तक संतानों' या 'रिपोर्टरों' की तरह हैं जो आज इस चैनल में हैं, कल उस अखबार में। उनका सरोकार सच से नहीं, बल्कि इस बात से है कि 'टीआरपी' कैसे आए और क्या 'बिक' सकता है।
सुषमा भाभी उस व्यवस्था का नाम है जहाँ गुरु (ज्ञान और नैतिकता) चुपचाप कोने में बैठा है और महफिल लूट रहे हैं—राहू (छलावा) और शुक्र (दिखावा)। #💫राशि के अनुसार भविष्यवाणी #✡️ज्योतिष समाधान 🌟 #🔯वास्तु दोष उपाय #🚀SC बूस्ट के साथ Views को सुपरचार्ज करें