
Awpl Arvind Jhariya
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#🥶विंटर हेल्थ टिप्स #🇮🇳 हम है हिंदुस्तानी #🌸 सत्य वचन #👌 आत्मविश्वास #🆕 ताजा अपडेट
आज परम पूज्यनीय वंदनीय श्री गणेश ठाकुर रूबी स्टार Awpl आदरणीय गुरु जी तथा श्री नन्हें कुशवाहा गुरु जी के साथ फील्ड में सीखने और टारगेट में फोकस करने का सोभाग्य प्राप्त हुआ 🙏
#🆕 ताजा अपडेट #🌸 सत्य वचन #👌 आत्मविश्वास #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #👍 डर के आगे जीत👌
अस्थमाडॉक सिरप
#🌸 सत्य वचन #🆕 ताजा अपडेट #✍️ जीवन में बदलाव #👉 लोगों के लिए सीख👈 #📖जीवन का लक्ष्य🤔
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हमरा संस्था #AWPL ने लाया #AGRICULTURE #PRODUCT
अब कम बजट में ऑर्गेनिक खाद से उपज ज्यादा और साथ ही साथ मिट्टी की उर्वरक शक्ति को बढ़ाए क्योंकि कि मिट्टी स्वस्थ रहेगा तो अनाज भी विटामिन से भरपूर होगा ताकि हम सभी लंबे समय तक स्वस्थ रहे
आइए विस्तार से समझते है कैसे उपयोग करना है
1. #𝐁𝐡𝐮𝐕𝐢𝐭𝐚 (भू-विटा) - मृदा कंडीशनर
यह मिट्टी की संरचना सुधारने और पौधों के विकास के लिए है।
उपयोग कैसे करें: इसे बुवाई से पहले या खड़ी फसल में मिट्टी में मिलाया जाता है।
मात्रा: आमतौर पर 4-8 किलो प्रति एकड़ के हिसाब से इस्तेमाल किया जाता है। इसे आप गोबर की खाद या रेत के साथ मिलाकर छिड़क सकते हैं।
2. #𝐀𝐠𝐫𝐨-90 (एग्रो-90) - #एक्टिवेटर
यह एक चिपकाने वाला (𝐒𝐩𝐫𝐞𝐚𝐝𝐞𝐫) और सक्रिय करने वाला लिक्विड है।
उपयोग कैसे करें: इसे किसी भी कीटनाशक, फफूंदनाशक या लिक्विड खाद के साथ मिलाकर स्प्रे किया जाता है। यह दवाई को पत्तों पर फैलाने और लंबे समय तक असरदार बनाने में मदद करता है।
मात्रा: लगभग 5-10 𝐦𝐥 प्रति 15 लीटर पानी के टैंक में।
3. #𝐏𝐆𝐏𝐑 (#𝐏𝐥𝐚𝐧𝐭 #𝐆𝐫𝐨𝐰𝐭𝐡 #𝐏𝐫𝐨𝐦𝐨𝐭𝐢𝐧𝐠 #𝐑𝐡𝐢𝐳𝐨𝐛𝐚𝐜𝐭𝐞𝐫𝐢𝐚)
यह पौधों की वृद्धि बढ़ाने वाला प्रमोटर है।
उपयोग कैसे करें: इसका उपयोग बीजोपचार (𝐒𝐞𝐞𝐝 𝐓𝐫𝐞𝐚𝐭𝐦𝐞𝐧𝐭) या मिट्टी में सीधे छिड़काव के लिए किया जाता है। यह जड़ों के विकास और मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों को पौधों तक पहुँचाने में मदद करता है।
मात्रा: 250𝐦𝐥 - 500𝐦𝐥 प्रति एकड़ (सिंचाई के साथ या स्प्रे के रूप में)।
4. #𝐄𝐜𝐨 #𝐇𝐚𝐫𝐢𝐲𝐚𝐥𝐢 (इको हरियाली) - 3𝐇 & 2𝐅 #𝐅𝐨𝐫𝐦𝐮𝐥𝐚
इसमें #𝐇𝐮𝐦𝐢𝐜, #𝐅𝐮𝐥𝐯𝐢𝐜 और अन्य पोषक तत्व होते हैं जो फसल को हरा-भरा रखते हैं।
उपयोग कैसे करें: इसे बुवाई के समय मिट्टी में मिला सकते हैं या फसल के बढ़ने के दौरान भी दे सकते हैं।
मात्रा: 5 किलो प्रति एकड़।
जरूरी बातें:
सावधानी: किसी भी उत्पाद को इस्तेमाल करने से पहले पैकेट के पीछे लिखे निर्देशों (#𝐈𝐧𝐬𝐭𝐫𝐮𝐜𝐭𝐢𝐨𝐧𝐬) को ध्यान से पढ़ें, क्योंकि हर फसल के लिए मात्रा थोड़ी अलग हो सकती है।
बेहतर परिणाम: इन उत्पादों को सुबह या शाम के ठंडे समय में उपयोग करना ज्यादा फायदेमंद होता है !
AWPL प्लेटफार्म से हमें क्या -क्या फायदे मिलते हैं, जानने समझने के लिए संपर्क करें 7489652708
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खुशहाल किसान अधिक पैदावार
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पीरियड फ्लो कम होने के कारण: क्या यह चिंता का विषय है?
पीरियड का फ्लो मुख्य रूप से गर्भाशय की अंदरूनी परत (Endometrium) की मोटाई पर निर्भर करता है। जब यह परत सही तरीके से विकसित नहीं होती, तो पीरियड हल्के या कम हो सकते हैं।
लेकिन हर बार कम फ्लो होना बीमारी नहीं होता। आइए समझते हैं इसके मुख्य कारण 👇
✅ 1. हार्मोनल असंतुलन / PCOD
थायरॉइड की समस्या या PCOD के कारण हार्मोन बिगड़ जाते हैं, जिससे गर्भाशय की परत सही से नहीं बन पाती।
✅ 2. अत्यधिक व्यायाम या अचानक वजन कम होना
बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करना या अचानक वजन घटाना पीरियड फ्लो को कम कर सकता है।
✅ 3. संक्रमण या सर्जरी का प्रभाव
बार-बार गर्भाशय की सफाई (D&C) या संक्रमण से गर्भाशय की परत को नुकसान हो सकता है।
✅ 4. तनाव (Stress) और नींद की कमी
मानसिक तनाव भी हार्मोन बैलेंस बिगाड़ देता है, जिससे पीरियड प्रभावित होते हैं।
🔍 कब चिंता करनी चाहिए?
अगर साथ में ये लक्षण हों तो डॉक्टर से सलाह लें:
⚠️ पीरियड अनियमित होना
⚠️ पेट दर्द ज्यादा होना
⚠️ गर्भधारण में परेशानी
⚠️ बार-बार पीरियड मिस होना
🧪 जरूरी जांचें:
✔️ सोनोग्राफी
✔️ हार्मोन टेस्ट
✔️ थायरॉइड प्रोफाइल
🌸 अच्छी बात:
अगर रिपोर्ट्स सामान्य हैं और कोई लक्षण नहीं है, तो कम फ्लो आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होता।
💚 पीरियड हेल्थ बेहतर रखने के लिए:
🥗 संतुलित आहार लें
💧 पर्याप्त पानी पिएं
🧘♀️ योग व हल्का व्यायाम करें
😴 पूरी नींद लें
🚫 ज्यादा जंक फूड से बचें
👉 इस पोस्ट को सेव करें और शेयर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को सही जानकारी मिल सके।
⚠️ Disclaimer:
यह पोस्ट केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी दवा, सप्लीमेंट या विशेष डाइट को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
#PeriodHealth #WomenWellness #HormonalBalance #PCODAwareness #🥶विंटर हेल्थ टिप्स #🆕 ताजा अपडेट #🌸 सत्य वचन #👉 लोगों के लिए सीख👈 #👌 आत्मविश्वास
पीरियड फ्लो कम होने के कारण: क्या यह चिंता का विषय है?
पीरियड का फ्लो मुख्य रूप से गर्भाशय की अंदरूनी परत (Endometrium) की मोटाई पर निर्भर करता है। जब यह परत सही तरीके से विकसित नहीं होती, तो पीरियड हल्के या कम हो सकते हैं।
लेकिन हर बार कम फ्लो होना बीमारी नहीं होता। आइए समझते हैं इसके मुख्य कारण 👇
✅ 1. हार्मोनल असंतुलन / PCOD
थायरॉइड की समस्या या PCOD के कारण हार्मोन बिगड़ जाते हैं, जिससे गर्भाशय की परत सही से नहीं बन पाती।
✅ 2. अत्यधिक व्यायाम या अचानक वजन कम होना
बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करना या अचानक वजन घटाना पीरियड फ्लो को कम कर सकता है।
✅ 3. संक्रमण या सर्जरी का प्रभाव
बार-बार गर्भाशय की सफाई (D&C) या संक्रमण से गर्भाशय की परत को नुकसान हो सकता है।
✅ 4. तनाव (Stress) और नींद की कमी
मानसिक तनाव भी हार्मोन बैलेंस बिगाड़ देता है, जिससे पीरियड प्रभावित होते हैं।
🔍 कब चिंता करनी चाहिए?
अगर साथ में ये लक्षण हों तो डॉक्टर से सलाह लें:
⚠️ पीरियड अनियमित होना
⚠️ पेट दर्द ज्यादा होना
⚠️ गर्भधारण में परेशानी
⚠️ बार-बार पीरियड मिस होना
🧪 जरूरी जांचें:
✔️ सोनोग्राफी
✔️ हार्मोन टेस्ट
✔️ थायरॉइड प्रोफाइल
🌸 अच्छी बात:
अगर रिपोर्ट्स सामान्य हैं और कोई लक्षण नहीं है, तो कम फ्लो आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होता।
💚 पीरियड हेल्थ बेहतर रखने के लिए:
🥗 संतुलित आहार लें
💧 पर्याप्त पानी पिएं
🧘♀️ योग व हल्का व्यायाम करें
😴 पूरी नींद लें
🚫 ज्यादा जंक फूड से बचें
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⚠️ Disclaimer:
यह पोस्ट केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी दवा, सप्लीमेंट या विशेष डाइट को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
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पीरियड फ्लो कम होने के कारण: क्या यह चिंता का विषय है?
पीरियड का फ्लो मुख्य रूप से गर्भाशय की अंदरूनी परत (Endometrium) की मोटाई पर निर्भर करता है। जब यह परत सही तरीके से विकसित नहीं होती, तो पीरियड हल्के या कम हो सकते हैं।
लेकिन हर बार कम फ्लो होना बीमारी नहीं होता। आइए समझते हैं इसके मुख्य कारण 👇
✅ 1. हार्मोनल असंतुलन / PCOD
थायरॉइड की समस्या या PCOD के कारण हार्मोन बिगड़ जाते हैं, जिससे गर्भाशय की परत सही से नहीं बन पाती।
✅ 2. अत्यधिक व्यायाम या अचानक वजन कम होना
बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करना या अचानक वजन घटाना पीरियड फ्लो को कम कर सकता है।
✅ 3. संक्रमण या सर्जरी का प्रभाव
बार-बार गर्भाशय की सफाई (D&C) या संक्रमण से गर्भाशय की परत को नुकसान हो सकता है।
✅ 4. तनाव (Stress) और नींद की कमी
मानसिक तनाव भी हार्मोन बैलेंस बिगाड़ देता है, जिससे पीरियड प्रभावित होते हैं।
🔍 कब चिंता करनी चाहिए?
अगर साथ में ये लक्षण हों तो डॉक्टर से सलाह लें:
⚠️ पीरियड अनियमित होना
⚠️ पेट दर्द ज्यादा होना
⚠️ गर्भधारण में परेशानी
⚠️ बार-बार पीरियड मिस होना
🧪 जरूरी जांचें:
✔️ सोनोग्राफी
✔️ हार्मोन टेस्ट
✔️ थायरॉइड प्रोफाइल
🌸 अच्छी बात:
अगर रिपोर्ट्स सामान्य हैं और कोई लक्षण नहीं है, तो कम फ्लो आमतौर पर चिंता का कारण नहीं होता।
💚 पीरियड हेल्थ बेहतर रखने के लिए:
🥗 संतुलित आहार लें
💧 पर्याप्त पानी पिएं
🧘♀️ योग व हल्का व्यायाम करें
😴 पूरी नींद लें
🚫 ज्यादा जंक फूड से बचें
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⚠️ Disclaimer:
यह पोस्ट केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी दवा, सप्लीमेंट या विशेष डाइट को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।
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