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🔥 शंकराचार्य पद पर बयान को लेकर अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शंकराचार्य पद को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे ‘अभद्र’ और ‘घोर अपमानजनक’ बताया है।
अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य जी के बारे में दिया गया बयान सदन में दर्ज हो चुका है और यह निंदनीय है। उनके मुताबिक, इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना ‘शाब्दिक हिंसा’ है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे बयान पर तालियां बजाने वालों की भी जिम्मेदारी बनती है।
उन्होंने महाकुंभ में हुई मौतों, मुआवज़े के वितरण और पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए। अखिलेश यादव का कहना है कि जो लोग इन मुद्दों पर जवाब नहीं दे पा रहे, उन्हें किसी के ‘धर्म पद’ पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।
वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में कहा था कि हर कोई शंकराचार्य नहीं बन सकता और कानून व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। उनका कहना था कि किसी भी पीठ के आचार्य को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
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पहलेशंकराचार्य विवाद पर यूपी विधानसभा में योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में प्रयागराज के माघ मेले के दौरान ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच हुए विवाद पर पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी।
सीएम योगी ने कहा कि शंकराचार्य का पद सनातन धर्म में सर्वोच्च और अत्यंत सम्मानित माना जाता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख सकता और न ही कोई भी व्यक्ति मर्यादाओं को तोड़कर कहीं भी वातावरण खराब कर सकता है।”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन माघ मेले में करीब 4.5 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे थे और सभी की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सबके लिए समान है और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने समाजवादी पार्टी से सवाल किया कि जब वाराणसी में कार्रवाई हुई थी तो उस समय उन्होंने क्या रुख अपनाया था। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था नई भगदड़ को जन्म दे सकती है।
उधर समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर सरकार से जवाब मांगा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया दी है।
अब इस बयान को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।
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🇮🇳 पुलवामा के वीर शहीदों को शत-शत नमन 🇮🇳
14 फ़रवरी 2019 को Pulwama में हुए कायराना आतंकी हमले में हमारे देश के 40 बहादुर जवान शहीद हो गए थे। ये सभी वीर सपूत Central Reserve Police Force (CRPF) के थे, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
आज हम उन अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिनकी वीरता और त्याग को देश कभी नहीं भूल सकता। उनका बलिदान हर भारतीय के दिल में हमेशा जिंदा रहेगा।
🙏 आप सभी से निवेदन है कि दो मिनट मौन रखकर इन वीर जवानों को श्रद्धांजलि दें।
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🌍 ट्रंप का बड़ा फैसला: दुनिया का सबसे बड़ा युद्धपोत मध्य-पूर्व भेजने का आदेश
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दुनिया के सबसे बड़े और एडवांस्ड विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford को मध्य-पूर्व में तैनात करने का आदेश दिया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विशाल युद्धपोत जल्द ही कैरेबियन सागर से रवाना होकर मध्य-पूर्व की ओर बढ़ेगा। ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि ईरान के साथ समझौता नहीं होता, तो इस तैनाती की ज़रूरत पड़ सकती है।
इस कदम के बाद यूएसएस जेराल्ड आर. फ़ोर्ड, पहले से क्षेत्र में मौजूद USS Abraham Lincoln और उसके टास्क फ़ोर्स के साथ जुड़ सकता है।
⚓ इस युद्धपोत की खासियतें:
परमाणु रिएक्टर से संचालित
75 से अधिक लड़ाकू विमान ले जाने की क्षमता
एडवांस्ड रडार और हवाई यातायात नियंत्रण सिस्टम
एफ़/ए-18 सुपर हॉर्नेट और ए-2 हॉकआई जैसे आधुनिक विमान तैनात
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यह फैसला वैश्विक राजनीति में बड़ा संदेश माना जा रहा है।
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बांग्लादेश चुनाव पर शेख़ हसीना का बड़ा बयान, लगाया गंभीर आरोप
Sheikh Hasina ने बांग्लादेश में हुए आम चुनाव को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस चुनाव को “धोखे और स्वांग का चुनाव” करार दिया है।
अवामी लीग द्वारा जारी बयान में शेख़ हसीना ने कहा कि कई मतदान केंद्रों पर मतदाता नजर नहीं आए, लेकिन मतगणना की मेजों पर वोट मौजूद थे। उन्होंने 12 फ़रवरी को हुए चुनाव को देश के लोकतांत्रिक इतिहास का “शर्मनाक अध्याय” बताया।
उन्होंने मतदान प्रतिशत के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक़, सुबह 11 बजे से पहले मतदान आमतौर पर तेज़ रहता है, लेकिन उस समय सिर्फ 14.96% मतदान दर्ज हुआ, जो दोपहर तक अचानक 32.88% पहुंच गया। एक घंटे में इतनी तेज़ बढ़ोतरी को उन्होंने असामान्य बताया।
पूर्व प्रधानमंत्री ने चुनाव आयोग के आंकड़ों और ज़मीनी हालात में अंतर का भी दावा किया। उनका कहना है कि कई जगह मतदान केंद्र खाली थे और मतदाताओं की मौजूदगी नहीं दिखी।
साथ ही, उन्होंने जनमत संग्रह की प्रक्रिया और नतीजों में देरी को लेकर भी सवाल उठाए।
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🇧🇩 बांग्लादेश चुनाव: बीएनपी ने बताया कब हो सकता है शपथ ग्रहण समारोह
बांग्लादेश के आम चुनाव में दो-तिहाई से अधिक सीटें जीतने के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) अब नई सरकार के शपथ ग्रहण को लेकर मंथन में जुटी है।
पार्टी अध्यक्ष तारिक़ रहमान से शुक्रवार रात कई वरिष्ठ नेताओं ने मुलाक़ात की और क़ानूनी प्रक्रियाओं पर चर्चा की। जानकारी के अनुसार, संसद की अनुपस्थिति में शपथ किसके द्वारा और कैसे दिलाई जाएगी, इसे लेकर कानूनी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है।
पार्टी के स्थायी समिति सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि अगर राजपत्र जारी हो जाता है, तो अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की गैर-मौजूदगी में मुख्य चुनाव आयुक्त को तीन दिनों के भीतर शपथ दिलाने की ज़िम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसे में 17 तारीख़ तक शपथ ग्रहण संभव माना जा रहा है।
बांग्लादेश में परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्य उसी दिन शपथ लेते हैं, जिस दिन सांसद संसद सदस्य के रूप में शपथ लेते हैं। वर्तमान कानून के मुताबिक़, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष शपथ दिलाते हैं, और उनकी अनुपस्थिति में राष्ट्रपति द्वारा नामित व्यक्ति या तीन दिन बाद मुख्य चुनाव आयुक्त यह प्रक्रिया पूरी करते हैं।
अब सबकी नज़र इस बात पर है कि बीएनपी कब औपचारिक रूप से नई सरकार का गठन करती है।
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