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@bittu_creation3
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🙏🌹Vip Verma jiii 🌹🙏Ham Banarasi Hai Guru 🌹🙏
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - @sona_creationa3 जिस स्त्री को शक्ति स्वर्यं महादेव से मिलती है उसका कोई कुछ नहीं बिगाड सकता है क्योंकि चह स्त्री सत्यके मार्ग पर चलती है और शिव स्वर्यं में सत्य है ५५ @sona_creationa3 जिस स्त्री को शक्ति स्वर्यं महादेव से मिलती है उसका कोई कुछ नहीं बिगाड सकता है क्योंकि चह स्त्री सत्यके मार्ग पर चलती है और शिव स्वर्यं में सत्य है ५५ - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - नफ़रत पसंद हि मुझे॰ 107} पतलवी यार C दिखॉदैकाप्यालदहीं॰॰[ नफ़रत पसंद हि मुझे॰ 107} पतलवी यार C दिखॉदैकाप्यालदहीं॰॰[ - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - ऊपराले केन्याय की चक्की धीरे चलती है लेकिन पिसती अच्छे से ডবয है तो इंतज़ार करो हिसाब सब का होगा ऊपराले केन्याय की चक्की धीरे चलती है लेकिन पिसती अच्छे से ডবয है तो इंतज़ार करो हिसाब सब का होगा - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - कुछ खत्म सा लगने लगे तब जवस्व किस्मत समझ जाना महादेव ' 6 बनाना आरंभ कर चुके हैंचो अंत नही आरंभ है शिव का "" कुछ खत्म सा लगने लगे तब जवस्व किस्मत समझ जाना महादेव ' 6 बनाना आरंभ कर चुके हैंचो अंत नही आरंभ है शिव का "" - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - महादेव के दरबार में शब्द नहीं , सत्य चलता है, रावण रोज़़ झुका... पर कर्मों से ৪াংযাযা | ٥٩ @sona_creationa3 महादेव के दरबार में शब्द नहीं , सत्य चलता है, रावण रोज़़ झुका... पर कर्मों से ৪াংযাযা | ٥٩ @sona_creationa3 - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - "दुनिया कहती है नशा चीज़ है, बुरी  उन्होने शायद हमारी बनाई 'चाय' नहीं चखी॰. @sona_creationa3 "दुनिया कहती है नशा चीज़ है, बुरी  उन्होने शायद हमारी बनाई 'चाय' नहीं चखी॰. @sona_creationa3 - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - लिए प्रेमिकाः- मै तुम्हारे आग पर {గగేగగే ? सकती चल नदी मे कूद हूं॰ प्रेमीः- मै भी तुमसे बहुत प्यार मिलने आ करता हू क्या तुम मुझसे सकती हो.. प्रेमिकाः- पागल हो क्या धुप देखी है कितनी तेज है मै काली पड़ गई तो..!! लिए प्रेमिकाः- मै तुम्हारे आग पर {గగేగగే ? सकती चल नदी मे कूद हूं॰ प्रेमीः- मै भी तुमसे बहुत प्यार मिलने आ करता हू क्या तुम मुझसे सकती हो.. प्रेमिकाः- पागल हो क्या धुप देखी है कितनी तेज है मै काली पड़ गई तो..!! - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - Aapko mera chup rehna pasand hai ya katesh batao batao..? @sona_creationa3 Aapko mera chup rehna pasand hai ya katesh batao batao..? @sona_creationa3 - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - का बलिदान पति ने एक दिन गुस्से से कहाः तुम्हारी हैसियत ही क्या है? आज मेरे खुद की नाम और मेरे कमाए हुए पैसों से ही तो दुनिया तुम्हें जानती और इज्जत देती है! पत्नी ने आँखों में आंसू लिए पर पूरी मजबूती से कहाः मैंने अपना सरनेम , अपना मायका और अपनी सारी ख्वाहिशें इसलिए मिटा दीं॰ ताकि # uri आप बेफिक्र होकर दुनिया पहचान बना सकें। अगर मैं घरकी चारदीवारी, आपके बच्चे और बुजुर्गों को ना संभालती तो आपकी आधी उम्र उलझनों में ही कट जाती। मेरी खोई हुई पहचान ही आपकी इस कामयाबी की नींव है।" क्या आप पत्नी की इस बात से पूरी तरह सहमत हो? का बलिदान पति ने एक दिन गुस्से से कहाः तुम्हारी हैसियत ही क्या है? आज मेरे खुद की नाम और मेरे कमाए हुए पैसों से ही तो दुनिया तुम्हें जानती और इज्जत देती है! पत्नी ने आँखों में आंसू लिए पर पूरी मजबूती से कहाः मैंने अपना सरनेम , अपना मायका और अपनी सारी ख्वाहिशें इसलिए मिटा दीं॰ ताकि # uri आप बेफिक्र होकर दुनिया पहचान बना सकें। अगर मैं घरकी चारदीवारी, आपके बच्चे और बुजुर्गों को ना संभालती तो आपकी आधी उम्र उलझनों में ही कट जाती। मेरी खोई हुई पहचान ही आपकी इस कामयाबी की नींव है।" क्या आप पत्नी की इस बात से पूरी तरह सहमत हो? - ShareChat
#✍️ साहित्य एवं शायरी #✍️ अनसुनी शायरी #🖊 एक रचना रोज़ ✍ #सोना की जिंदगी कुछ इस तरह
✍️ साहित्य एवं शायरी - एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जाएँगे . हर एक रिश्ता इस ज़मीन से तोड़े जाएँगे . जितना जी चाहे सतालो यारी. एक दिन रुलाते हुए सबको छोड़ जाएँगे . @sona_creationa3 9 Sona Verma एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जाएँगे . हर एक रिश्ता इस ज़मीन से तोड़े जाएँगे . जितना जी चाहे सतालो यारी. एक दिन रुलाते हुए सबको छोड़ जाएँगे . @sona_creationa3 9 Sona Verma - ShareChat