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#santrampal mahraj ji #gyan ganga #न_जन्मा_न_मरा परमेश्वर कबीर बंदी छोड़ जी के 508वें निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में सतगुरु रामपाल जी महाराज के सानिध्य में 27 से 29 जनवरी 2026 को अमरग्रन्थ साहेब के 3 दिवसीय अखंड पाठ का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित हैं। धर्म तो धसकै नहीं, धसकै तीनों लोक। खैरायत में खैर है, कीजै आत्म पोख ।। पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ने स्वयं को परमेश्वर सिद्ध करने के लिए अनेकों लीलाएं व चमत्कार किए। आज से लगभग 508 वर्ष पूर्व (मास माघ, शुक्ल पक्ष, तिथि एकादशी वि. स. 1575 सन् 1518 को) परमेश्वर कबीर बंदी छोड़ जी ने उत्तरप्रदेश के मगहर कस्बे से लाखों लोगों के सामने सशरीर सतलोक (ऋतधाम) को प्रस्थान किया था। इसी उपलक्ष्य में वर्तमान में कबीर परमेश्वर के अवतार संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में तीन दिवसीय अद्भुत भंडारे का आयोजन 27 से 29 जनवरी 2026 तक सतलोक आश्रमों में किया जा रहा है। जिसमें आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित हैं। अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj App डाउनलोड करें। 508th God Kabir NirvanDiwas
santrampal mahraj ji - न जन्मा , जमरा च्यारि दाग से रहत जुलहदी , अबिगत अलख अमाना हो।।  चदरि फूल बिछाये सतगुरू , देखै सकल = जिहाना हो। सतग्रन्थ साहेब में राग मारू से शब्द) संत गरीबदास जी ने अपनी वाणी में प्रमाण दिया है कि बंदीछोड कबीर परमेश्वर जी चार दाग में नहीं आते| अजरो अमर हैं | न मां के गर्भ से जन्म लेते। Sant Rampal Ji YOUTUBE fee puuk : Maharaj CHANNEL 7496801825 | @SainiRampalJlMaharal SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji 15 SUPREMEGOD.ORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ न जन्मा , जमरा च्यारि दाग से रहत जुलहदी , अबिगत अलख अमाना हो।।  चदरि फूल बिछाये सतगुरू , देखै सकल = जिहाना हो। सतग्रन्थ साहेब में राग मारू से शब्द) संत गरीबदास जी ने अपनी वाणी में प्रमाण दिया है कि बंदीछोड कबीर परमेश्वर जी चार दाग में नहीं आते| अजरो अमर हैं | न मां के गर्भ से जन्म लेते। Sant Rampal Ji YOUTUBE fee puuk : Maharaj CHANNEL 7496801825 | @SainiRampalJlMaharal SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji 15 SUPREMEGOD.ORG @SAINTRAMPALJIM SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ - ShareChat
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #न_जन्मा_न_मरा यह भ्रम तोड़ने के लिए कि जो मगहर में मरता है वह गधा बनता है और काशी में मरने वाला स्वर्ग जाता है। (बन्दी छोड़ कहते थे कि सही विधि से भक्ति करने वाला प्राणी चाहे वह कहीं पर प्राण त्याग दे वह अपने सही स्थान पर जाएगा।) नादानों का भ्रम निवारण करने के लिए कबीर साहेब ने कहा कि मैं मगहर में मरूँगा और सभी ज्योतिषी देख लेना कि मैं कहाँ जाऊँगा? नरक में जाऊँगा या स्वर्ग से भी ऊपर सतलोक में। कबीर परमात्मा सशरीर मगहर से सतलोक गए। उनके शरीर की जगह सुगंधित फूलों का ढेर मिला। हिंदू राजा बीर सिंह बघेल और मुस्लिम राजा बिजली खाँ पठान को कबीर परमात्मा ने सतलोक जाने से पहले कहा जो मेरे जाने के बाद मिले आधा आधा बांट लेना। दो चद्दर और सुगंधित फूल मिले, परमात्मा का शरीर नहीं मिला था। बीरसिंघ बघेला करै बीनती, बिजली खाँ पठाना हो। दो चदरि बकसीस करी हैं, दीनां यौह प्रवाना हो।। अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj App डाउनलोड करें। 508th God Kabir NirvanDiwas
santrampal mahraj ji - भगह्व  भे ক্মনলীক गया कबीवा , जाका   पाया नर्ही   ठावीवा। परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास বন गई और इस तरह की लीला परमात्मा  स्वयं ही करते हैं। कबीर साहेब जी १२० वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह कर हजारों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए। तभी आकाशवाणी होती है ~ಕ   ९उठा लो पर्दा,नर्ही है 66 मुर्दा 6 चादर उठाने पर शरीर के स्थान पर फूल मिले। सुगंधित उनका शरीर नहीं मिला था। SA News Channell Youlube Free Book : SA NEWS Channel @SatlokAshramNewsChannel 7496801825 LH 6 173M subscribers भगह्व  भे ক্মনলীক गया कबीवा , जाका   पाया नर्ही   ठावीवा। परमेश्वर कबीर साहेब जी ने एक ऐसी लीला की जो इतिहास বন गई और इस तरह की लीला परमात्मा  स्वयं ही करते हैं। कबीर साहेब जी १२० वर्ष की आयु में मगहर में शरीर त्यागने की बात कह कर हजारों लोगों समेत मगहर गए और सफेद चादर ओढ़कर लेट गए। तभी आकाशवाणी होती है ~ಕ   ९उठा लो पर्दा,नर्ही है 66 मुर्दा 6 चादर उठाने पर शरीर के स्थान पर फूल मिले। सुगंधित उनका शरीर नहीं मिला था। SA News Channell Youlube Free Book : SA NEWS Channel @SatlokAshramNewsChannel 7496801825 LH 6 173M subscribers - ShareChat
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #न_जन्मा_न_मरा आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज ने परमेश्वर कबीर साहेब जी द्वारा माघ माह शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी विक्रमी संवत 1575 (सन् 1518) को मगहर से लाखों लोगों के सामने से सशरीर सतलोक जाने का वर्णन करते हुए कहा है कि - देख्या मगहर जहूरा सतगुरु, देख्या मगहर जहूरा हो। काशी में कीर्ति कर चाले, झिलमिल देही नूरा हो। कीन्हा मगहर पियाना सतगुरु, कीन्हा मगहर पियाना हो। दोनो दीन चले संग जाके, हिन्दू-मुसलमाना हो।। माघ महीने की शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि.सं. 1575 सन् 1518 को अविनाशी परमात्मा कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर सतलोक गये। उनके शरीर के स्थान पर केवल सुगन्धित पुष्प मिले थे। अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj App डाउनलोड करें। 508th God Kabir NirvanDiwas
santrampal mahraj ji - मगहर से सतलाक कबोरा, I जाका पाया नहीं RRI आदरणीय धर्मदास जी ने परमेश्वर कबीर साहेब जी की महिमा में कहा है हिन्दू के तुम देव कहाये , मुसलमान के पीर। दोनो दीन का झगड़ा छिड़ टोहे न पाया शरीर। | गया, कबीर परमेश्वर जी अजरो अमर हैं और सशरीर अपने सतलोक गए थे। हिंदू और मुसलमानों ने जब उनके शरीर का अंतिम संस्कार करना चाहा। तब उनका शरीर नहीं मिला था। शरीर के स्थान पर सुगन्धित फूल मिले थे। Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk : Maharaj CHANNEL 7496801825 (@SalntRampallMaharal मगहर से सतलाक कबोरा, I जाका पाया नहीं RRI आदरणीय धर्मदास जी ने परमेश्वर कबीर साहेब जी की महिमा में कहा है हिन्दू के तुम देव कहाये , मुसलमान के पीर। दोनो दीन का झगड़ा छिड़ टोहे न पाया शरीर। | गया, कबीर परमेश्वर जी अजरो अमर हैं और सशरीर अपने सतलोक गए थे। हिंदू और मुसलमानों ने जब उनके शरीर का अंतिम संस्कार करना चाहा। तब उनका शरीर नहीं मिला था। शरीर के स्थान पर सुगन्धित फूल मिले थे। Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk : Maharaj CHANNEL 7496801825 (@SalntRampallMaharal - ShareChat
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #न_जन्मा_न_मरा आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज ने परमेश्वर कबीर साहेब जी द्वारा माघ माह शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी विक्रमी संवत 1575 (सन् 1518) को मगहर से लाखों लोगों के सामने से सशरीर सतलोक जाने का वर्णन करते हुए कहा है कि - देख्या मगहर जहूरा सतगुरु, देख्या मगहर जहूरा हो। काशी में कीर्ति कर चाले, झिलमिल देही नूरा हो। कीन्हा मगहर पियाना सतगुरु, कीन्हा मगहर पियाना हो। दोनो दीन चले संग जाके, हिन्दू-मुसलमाना हो।। माघ महीने की शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि.सं. 1575 सन् 1518 को अविनाशी परमात्मा कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर सतलोक गये। उनके शरीर के स्थान पर केवल सुगन्धित पुष्प मिले थे। अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj App डाउनलोड करें। 508th God Kabir NirvanDiwas
santrampal mahraj ji - तl ज्ञन्म त। म२ ~ परमात्मा कबीर साहेब जी तो आदिन्अनंत अविनाशी है | माँ के गरभ से परे, लहारतारा के जल पर प्रकट होने वाले हान   कबी२ णहेब जी ही पूर्ण पशमात्मा है । सुंत गरीबदास नी की वाणी में प्रृमाण है : गरीब अनंत कोटि ब्रहांड में बंदी छोड कहाय सो तो एक कबीर है, जननी जन्या न माय Sant Rampal Ji YOUTUBE fiee Buuk : Maharaj 7496801845 CHANNEL CSanIRpaMaa SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG  SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ तl ज्ञन्म त। म२ ~ परमात्मा कबीर साहेब जी तो आदिन्अनंत अविनाशी है | माँ के गरभ से परे, लहारतारा के जल पर प्रकट होने वाले हान   कबी२ णहेब जी ही पूर्ण पशमात्मा है । सुंत गरीबदास नी की वाणी में प्रृमाण है : गरीब अनंत कोटि ब्रहांड में बंदी छोड कहाय सो तो एक कबीर है, जननी जन्या न माय Sant Rampal Ji YOUTUBE fiee Buuk : Maharaj 7496801845 CHANNEL CSanIRpaMaa SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG  SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ - ShareChat
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा The unseen form, the invisible Niranjan, Kabir is the Supreme God Nirvani. Today in Maghar, the Muslim community has built a shrine and the Hindus have built a Samadhi. 2Days Left For Nirvan Diwas
santrampal mahraj ji - BEYOND BIRTH AND DEATH Tahan wahan chadar phool bichaye sijya chhadi padhi samaye Do chadar dahu deen uthai, take madhya Kabir na payi Tahan wahan abigat phool suvasi, Maghar ghor aur Chaura Kashi Abigat roop alakh nirwani, tahan wahan neer ksheer diya chhani Currently, in Maghar, memorials exist in honor of Lord Kabir: a Mazar (tomb) built by Muslims and a Samadhi built by Hindus situated only a hundred feet apart At the site in Kashi where Kabir Sahib used to deliver spiritual discourses, a memorial named Kashi-Chaura' has been established  Kabir God ascended to the Eternal Realm (Satlok ) in His physical form Sant Rampal Ji YOUTUBE Frce Bodk : Maharaj 7496801825 | CHANNEL @SantRamnpdJiMala ಪ BEYOND BIRTH AND DEATH Tahan wahan chadar phool bichaye sijya chhadi padhi samaye Do chadar dahu deen uthai, take madhya Kabir na payi Tahan wahan abigat phool suvasi, Maghar ghor aur Chaura Kashi Abigat roop alakh nirwani, tahan wahan neer ksheer diya chhani Currently, in Maghar, memorials exist in honor of Lord Kabir: a Mazar (tomb) built by Muslims and a Samadhi built by Hindus situated only a hundred feet apart At the site in Kashi where Kabir Sahib used to deliver spiritual discourses, a memorial named Kashi-Chaura' has been established  Kabir God ascended to the Eternal Realm (Satlok ) in His physical form Sant Rampal Ji YOUTUBE Frce Bodk : Maharaj 7496801825 | CHANNEL @SantRamnpdJiMala ಪ - ShareChat
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा The distance between the two is only 100 feet, but the message is the same—Kabir Sahib is God. The Kashi Chaura memorial has been built where Kabir Sahib used to conduct satsang. 2Days Left For Nirvan Diwas
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#gyan ganga #santrampal mahraj ji #मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा Kabir Sahib is not the savior of any one religion, but of the entire human society. Hindus call him Dev, Muslims call him Pir—this is the glory of Kabir Sahib. 2Days Left For Nirvan Diwas
gyan ganga - BEYOND BIRTH AND DEATH Sant Malook Das ji said: Kashi taj Guru Maghar aaye, dono deen ke peer  Koi agni   jaraave, dhoondha koi gaade na paaya shareer. Chardaag se Satguru nyaara, ajaro amar Malook kahat hai khojo shareer Daas salook khasam Kabir; In 1518 AD (Magh Shukla Ekadashi) God Kabir ascended bodily t0 Sahib Ti the abode eternal (Satlok) from Magha]. Sant Rampal Ji YOUTUBE Free Book : Maharaj 7496801825 CHANNEL @SantRampalllMaharal BEYOND BIRTH AND DEATH Sant Malook Das ji said: Kashi taj Guru Maghar aaye, dono deen ke peer  Koi agni   jaraave, dhoondha koi gaade na paaya shareer. Chardaag se Satguru nyaara, ajaro amar Malook kahat hai khojo shareer Daas salook khasam Kabir; In 1518 AD (Magh Shukla Ekadashi) God Kabir ascended bodily t0 Sahib Ti the abode eternal (Satlok) from Magha]. Sant Rampal Ji YOUTUBE Free Book : Maharaj 7496801825 CHANNEL @SantRampalllMaharal - ShareChat
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #SacrificedAll_LostMoksha गीता कहती है— तद्विद्धि प्रणिपातेन… तत्त्वदर्शी संत के बिना ज्ञान नहीं। पूर्ण संत की शरण में गए बिना मुक्ति संभव नहीं। अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj App डाउनलोड करें। God KabirJi Nirvan Diwas
santrampal mahraj ji - कटूया , ৪মি ঠালা 9 নম্ভা पाया काशी करौंत काहे लेही, बिना भजन नहीं ढंग रे। कोटी ग्रंथ का योही अर्थ है , करो साध सत्संग रे।। मोक्ष ग्राप्ति के लिए पूर्ण और सच्चे संत की शरण में जाना अनिवार्य है। इसी का समर्थन श्रीमद्भगवद्गीता भी करती है तद्विद्धि ग्रणिपातेन परिग्रश्नेन सेवया। उस  परम ज्ञान को जानने के लिए तत्वदर्शी संत के पास  जाओ , उन्हें दंडवत ग्रणाम करो और निष्कपट भाव से सवाकरो। Sant Rampal Ji YOUTUBE 00 300  Maharaj 7496801825 CHANNEL a कटूया , ৪মি ঠালা 9 নম্ভা पाया काशी करौंत काहे लेही, बिना भजन नहीं ढंग रे। कोटी ग्रंथ का योही अर्थ है , करो साध सत्संग रे।। मोक्ष ग्राप्ति के लिए पूर्ण और सच्चे संत की शरण में जाना अनिवार्य है। इसी का समर्थन श्रीमद्भगवद्गीता भी करती है तद्विद्धि ग्रणिपातेन परिग्रश्नेन सेवया। उस  परम ज्ञान को जानने के लिए तत्वदर्शी संत के पास  जाओ , उन्हें दंडवत ग्रणाम करो और निष्कपट भाव से सवाकरो। Sant Rampal Ji YOUTUBE 00 300  Maharaj 7496801825 CHANNEL a - ShareChat
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #SacrificedAll_LostMoksha राजाओं ने राज्य त्यागे, ऋषियों ने तप किए— मोक्ष कभी इतना आसान नहीं रहा। काशी में मरना या करौंत लेना— शास्त्रों में कहीं प्रमाण नहीं मिलता। God KabirJi Nirvan Diwas
santrampal mahraj ji - गला भी कटवाया, मोक्ष नही पाया अथ बिरह चितावनी के अंग से वाणी : 7 गरीब , काशी करोंत लेत हैं , आन कटावें शीश | बनन्बन भटका खात हैं , पावत ना जगदीश Il ७१l शास्त्र विरूद्घ साधक नकली स्वार्थी गुरूओं द्वारा भ्रमित होकर कोई जंगल में जाता है। कोई काशी शहर में करौंत से सिर कटवाने में मुक्ति मानता है। इस प्रकार की व्यर्थ साधना जो शास्त्रोक्त नहीं है , करने से कोई लाभ नहीं होता | -जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Sant Rampal Ji YOUTUBE Free Book : Maharaj CHANNEL 7496801825 @SaintRampal JIMaharaj गला भी कटवाया, मोक्ष नही पाया अथ बिरह चितावनी के अंग से वाणी : 7 गरीब , काशी करोंत लेत हैं , आन कटावें शीश | बनन्बन भटका खात हैं , पावत ना जगदीश Il ७१l शास्त्र विरूद्घ साधक नकली स्वार्थी गुरूओं द्वारा भ्रमित होकर कोई जंगल में जाता है। कोई काशी शहर में करौंत से सिर कटवाने में मुक्ति मानता है। इस प्रकार की व्यर्थ साधना जो शास्त्रोक्त नहीं है , करने से कोई लाभ नहीं होता | -जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Sant Rampal Ji YOUTUBE Free Book : Maharaj CHANNEL 7496801825 @SaintRampal JIMaharaj - ShareChat
#santrampal mahraj ji #gyan ganga #GodMorningWednesday #किसान_जीवन_रक्षक_सम्मान . गीता जी मे तीनों देवता की पुजा करना मना है.... देवताओं की पूजा करने वालों के विषय में गीता अध्याय 7 श्लोक 12-15 में तीनों गुणों यानि रजगुण श्री ब्रह्मा जी, सतगुण श्री विष्णु जी तथा तमगुण श्री शिव जी की भक्ति करने वालों के विषय में लिखा है कि जिनका ज्ञान त्रिगुणमयी माया (यानि तीनों गुणों युक्त तीनों देवताओं से मिलने वाले लाभ तक स्थिर हो चुके हैं। जो इनसे ऊपर मेरी साधना नहीं करते) द्वारा हरा जा चुका है। राक्षस स्वभाव को धारण करने वाले मनुष्यों में नीच दूषित कर्म करने वाले, मूर्ख मेरी भक्ति नहीं करते। फिर गीता अध्याय 7 के ही श्लोक 20-23 में इन तीन प्रधान देवताओं (रजगुण ब्रह्मा जी, सतगुण विष्णु जी तथा तमगुण शिव जी) से अन्य देवताओं की साधना करने वालों को अल्पबुद्धि यानि मंदबुद्धि (मूर्ख) कहा है। अन्य देवताओं को मैंने (गीता ज्ञान बताने वाले ने) कुछ शक्ति दे रखी है, परंतु उन मंदबुद्धि वालों का वह फल नाशवान है। देवताओं को पूजने वाले देवताओं को प्राप्त होते हैं। मेरे भक्त मुझे प्राप्त होते हैं। (गीता अध्याय 9 श्लोक 25 का समर्थन है।) निष्कर्ष :- यदि गीता पढने वालों ने गीता को समझा होता तो क्या पित्तर पूजा, भूत पूजा या अन्य देवताओं की पूजा करते? इससे सिद्ध हो जाता है कि हिन्दू गीता पढ़ते हैं, परंतु समझे नहीं हैं। Kisan Messiah Sant RampalJi
santrampal mahraj ji - ೦೦೦o तीर्थों का भ्रमण, धामों पर जाना | पित्तर पूजा. भूत पूजा, देवताओं की पूजा यानि अस्थियाँ उठाकर गंगा में जल प्रवाह करना, तेरहवीं करना, महीना करना, वर्षी करना, श्राद्घ करना, पिंड भरवाना, मृत्यु के पश्चात् गरूड़ पुराण का पाठ करना आदिआदि यह शास्त्र विधि त्यागकर मनमाना आचरण है। जो सत्ययुग के एक लाख वर्ष बीत जाने के बाद से प्रारंभ हुआ था। जिस शास्त्रविधि को त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करने वालों को कोई जिसका प्रमाण लाभ नहीं मिलता श्रीमदभगवत गीता शास्त्र में अध्याय १६ श्लोक २३२२४ में प्रमाण है। संत रामपाल जी महाराज [ SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINIRAMPALJIM SUPREMEGOD ORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ ೦೦೦o तीर्थों का भ्रमण, धामों पर जाना | पित्तर पूजा. भूत पूजा, देवताओं की पूजा यानि अस्थियाँ उठाकर गंगा में जल प्रवाह करना, तेरहवीं करना, महीना करना, वर्षी करना, श्राद्घ करना, पिंड भरवाना, मृत्यु के पश्चात् गरूड़ पुराण का पाठ करना आदिआदि यह शास्त्र विधि त्यागकर मनमाना आचरण है। जो सत्ययुग के एक लाख वर्ष बीत जाने के बाद से प्रारंभ हुआ था। जिस शास्त्रविधि को त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करने वालों को कोई जिसका प्रमाण लाभ नहीं मिलता श्रीमदभगवत गीता शास्त्र में अध्याय १६ श्लोक २३२२४ में प्रमाण है। संत रामपाल जी महाराज [ SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINIRAMPALJIM SUPREMEGOD ORG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat