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#premanand ji maharaj🙏
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01:00
#📖जीवन का लक्ष्य🤔
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00:52
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - सुंदर विचार १५ गरीब ज़मीन पर बैठे, तो उसकी मजबूरी , और अमीर बैठे , तो उसका बड़प्पन. ?? यही मानसिकता इंसानियत को पीछे खींच रही है। इंसान सिर्फ इंसान होता है...!! वह कभी गरीब या अमीर नहीं होता | बड़ा इंसान बही है॰ जो अपने साथ वाले व्यक्ति को कभी छोटा होने का अहसास न होने दे। सुंदर विचार १५ गरीब ज़मीन पर बैठे, तो उसकी मजबूरी , और अमीर बैठे , तो उसका बड़प्पन. ?? यही मानसिकता इंसानियत को पीछे खींच रही है। इंसान सिर्फ इंसान होता है...!! वह कभी गरीब या अमीर नहीं होता | बड़ा इंसान बही है॰ जो अपने साथ वाले व्यक्ति को कभी छोटा होने का अहसास न होने दे। - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔
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01:00
#लोहारी की शुभकामनाएं
लोहारी की शुभकामनाएं - ShareChat
00:25
#📖जीवन का लक्ष्य🤔
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - ShareChat
01:33
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - पीढी তিনব্দা তন্স 1985, 1986, 1987, 1988, 1989,1990, 1991,1992, 1993, 1994, १९९५, में हुआ है खास उन्हीं के लिए यह लेख़. [ यह पीढ़ी अब ३५ पार करके ४० ४५ की ओर बढ रही है। इस पीढ़ी की सबसे बड़ी सफलता यह है कि इसने जिंदगी में बहुत बड़े बदलाव देखे और उन्हें आत्मसात भी किया, १, २, ५, १०, २० , २५, ५० पैसे देखने वाली यह पीढ़ी बिना झिझक मेहमानों से पैसे ले लिया करती थी। स्याही कलम / पेंसिल/पेन से शुरुआत कर आज यह पीढ़ी स्मार्टफोन, लैपटॉप, पीसी को बखूबी चला रही है। जिसके बचपन में साइकिल भी एक विलासिता थी, वही पीढ़ी आज बखूबी स्कूटर और कार चलाती है। कभी चंचल तो कभी गंभीर। बहुत सहा और भोगा लेकिन संस्कारों में पली बढी यह पीढ़ी। पीढी তিনব্দা তন্স 1985, 1986, 1987, 1988, 1989,1990, 1991,1992, 1993, 1994, १९९५, में हुआ है खास उन्हीं के लिए यह लेख़. [ यह पीढ़ी अब ३५ पार करके ४० ४५ की ओर बढ रही है। इस पीढ़ी की सबसे बड़ी सफलता यह है कि इसने जिंदगी में बहुत बड़े बदलाव देखे और उन्हें आत्मसात भी किया, १, २, ५, १०, २० , २५, ५० पैसे देखने वाली यह पीढ़ी बिना झिझक मेहमानों से पैसे ले लिया करती थी। स्याही कलम / पेंसिल/पेन से शुरुआत कर आज यह पीढ़ी स्मार्टफोन, लैपटॉप, पीसी को बखूबी चला रही है। जिसके बचपन में साइकिल भी एक विलासिता थी, वही पीढ़ी आज बखूबी स्कूटर और कार चलाती है। कभी चंचल तो कभी गंभीर। बहुत सहा और भोगा लेकिन संस्कारों में पली बढी यह पीढ़ी। - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - जब लोगों को उजाला नज़र आने लगता है तब लोग अक्सर उन लोगों को भूल जाते है जो अंधेरे मेंउदके साथ थे जब लोगों को उजाला नज़र आने लगता है तब लोग अक्सर उन लोगों को भूल जाते है जो अंधेरे मेंउदके साथ थे - ShareChat
#📒 मेरी डायरी
📒 मेरी डायरी - पुरुष को गुरूर रहा रोटी कमाने का !! स्त्री कमा भी रही, बना भी रही, खिला भी रही, फिर भी, जता नहीं रही !! पुरुष को गुरूर रहा रोटी कमाने का !! स्त्री कमा भी रही, बना भी रही, खिला भी रही, फिर भी, जता नहीं रही !! - ShareChat
#☝ मेरे विचार
☝ मेरे विचार - बुरा इतना हूँ की कोई सुधार नहीं सकता और.! हूँकी कोँईँ बिगाड़ नहीं सकता. !! अच्छा इतना 11] 3162//1  V0] बुरा इतना हूँ की कोई सुधार नहीं सकता और.! हूँकी कोँईँ बिगाड़ नहीं सकता. !! अच्छा इतना 11] 3162//1  V0] - ShareChat