DILIP SAHU
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💕 प्यार भरी शुभकामनाएं - 1393  9 26 2025 Oಖ o ][4[0 1393  9 26 2025 Oಖ o ][4[0 - ShareChat
एक ट्रेन लेट क्या हुई, इस बंदे ने Google से ₹280 करोड़ कमा लिए! 😱 तमिलनाडु के रहने वाले अहमद निजाम को एक बार ट्रेन लेट होने की वजह से घंटों प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ा। तभी उनके दिमाग में सवाल आया—जब कैब की लाइव लोकेशन ट्रैक हो सकती है, तो ट्रेन की क्यों नहीं? उन्होंने अपनी टीम के साथ इस आइडिया पर काम शुरू किया। 20 से ज्यादा प्रोटोटाइप फेल हुए, लेकिन हार नहीं मानी। आखिरकार उन्होंने Where is My Train ऐप बना दिया, जो कम इंटरनेट में भी ट्रेन की जानकारी देता है। बाद में Google ने इस ऐप को करीब ₹280 करोड़ में खरीद लिया। #whereismytrain #google #startupstory #IndianStartups #motivational #indianrailways #viralpost #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ #😍देश भ्रमण #🚘नया दिन नया व्लॉग🧳 #📱सरकारी ऐप⭐ #🛰नई टेक्नोलॉजी⚡
🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ - एक ट्रेन लेट क्या हुई, इस बंदे ने Google से र२८० करोड़ कमा लिए! अहमद निजाम तमिलनाड्ु के रहने वाले ट्रेन लेट हुई, प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना पड़ा। कैब को ट्रैक कर सोचा-्जब Where is सकते हैं तो ट्रेन को क्यों नहीं? My Train टीम के साथ काम शुरू किया , २०+ प्रोटोटाइप फेल हुए। आखिरकार बनाया ' Whereis My Trdin tu, जो कम इंटरनेट में भी चलता है। बाद में Google ने इस ऐप को करीब र२८० करोड़ में खरीद लिया। Google र२८० करोड़ में खरीद लिया! एक ट्रेन लेट क्या हुई, इस बंदे ने Google से र२८० करोड़ कमा लिए! अहमद निजाम तमिलनाड्ु के रहने वाले ट्रेन लेट हुई, प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार करना पड़ा। कैब को ट्रैक कर सोचा-्जब Where is सकते हैं तो ट्रेन को क्यों नहीं? My Train टीम के साथ काम शुरू किया , २०+ प्रोटोटाइप फेल हुए। आखिरकार बनाया ' Whereis My Trdin tu, जो कम इंटरनेट में भी चलता है। बाद में Google ने इस ऐप को करीब र२८० करोड़ में खरीद लिया। Google र२८० करोड़ में खरीद लिया! - ShareChat
क्या आप जानते हैं सक्ती जिले के इन 5 मंदिरों का गौरवशाली इतिहास? 🚩 1. चंद्रहासिनी देवी (चंद्रपुर) 2. अड़भार की अष्टभुजी देवी 3. तुर्री धाम के शिव ... और भी बहुत कुछ! आज के इस खास पोस्ट में हम जानेंगे इन पावन स्थलों की अनसुनी कहानियाँ। इनमें से आपका पसंदीदा मंदिर कौन सा है? कमेंट्स में अपनी राय और फोटो शेयर करें! 👇 #Sakti #Chhattisgarh #SaktiCity #SpiritualSakti #🙏जय माता दी📿 #😍खूबसूरत पर्यटन स्थल🏝
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सक्ती जिले के अनछुए पहलुओं की एक झलक! 📸 आज हम आपको ले चलते हैं [दमाऊधारा /ऋषभतीर्थ ] की सैर पर, जहाँ की [खासियत - उदा. प्राचीन मंदिर/प्राकृतिक सुंदरता] देख आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। क्या आप इस जगह के बारे में जानते थे? कमेंट में हमें बताएं! 👇 दमऊ दहरा (Damau Dhara) छत्तीसगढ़ के सक्ती (Sakti) जिले का एक बेहद प्रसिद्ध, प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन स्थल है। यह जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, गुफाओं और ऐतिहासिक महत्व के लिए जानी जाती है। यह सक्ती और कोरबा के बीच के मार्ग पर, सक्ती शहर से लगभग 20 किलोमीटर (14 मील) दूर गुंजी (Gunji) गाँव के पास स्थित है। ​दमऊ दहरा के बारे में कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं: ​1. प्राकृतिक आकर्षण (Natural Attractions) ​झरना और गहरी खाई: छत्तीसगढ़ी भाषा में 'दहरा' का अर्थ होता है गहरा कुंड या खाई। यहाँ सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला के दक्षिणी छोर पर स्थित गुप्त गोदावरी नदी से एक सुंदर प्राकृतिक झरना गिरता है, जिसने पहाड़ों के बीच एक गहरी और मनमोहक घाटी (Ravine) का निर्माण किया है। ​पिकनिक स्पॉट: चारों तरफ घने जंगलों और पहाड़ों से घिरे होने के कारण यह स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन पिकनिक स्पॉट है। पहाड़ी की चोटी पर एक छोटा मंदिर भी है, जहाँ से सक्ती और आस-पास के दूर-दराज के इलाकों का सुंदर नजारा दिखता है। ​2. धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व ​प्राचीन शिलालेख (Gunji Inscription): यहाँ झरने के पास की चट्टान पर एक प्राचीन शिलालेख मौजूद है, जिसे पुरातत्वविदों ने पहली शताब्दी ईस्वी (1st Century C.E.) का बताया है। यह शिलालेख पाली (Pali) भाषा में है। ​सांस्कृतिक धरोहर व मंदिर: दमऊ दहरा को प्राचीन 'ऋषभतीर्थ' के रूप में भी जाना जाता है। यहाँ कई प्रमुख मंदिर हैं: ​राम-जानकी मंदिर ​राधा-कृष्ण मंदिर ​जैन तीर्थंकर ऋषभदेव को समर्पित ऋषभदेव मंदिर ​विशेष आयोजन: हर साल जनवरी (माघ महीने) में यहाँ एक बड़ा मेला लगता है। इसके अलावा, सूर्य ग्रहण के समाप्त होने पर यहाँ कुंड में स्नान करने की भी पुरानी धार्मिक परंपरा है। ​3. स्थानीय लोककथाएँ (Folklore) ​यहाँ के शिलालेखों को लेकर एक दिलचस्प लोककथा प्रचलित है कि जो कोई भी इस चट्टान पर लिखी सभी भाषाओं को पूरी तरह डिकोड (समझ) कर लेगा, उसे यहाँ छुपा हुआ अथाक खजाना मिलेगा। लोककथाओं के अनुसार, सक्ती के राजा बहादुर लीलाधर सिंह ने एक बार काशी के पंडितों को इसे पढ़वाने के लिए बुलाया था, लेकिन जब वे इसमें सफल नहीं हो पाए, तो राजा ने गुस्से में आकर वहां गोली चला दी थी, जिससे शिलालेख का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। हालांकि, अब सरकार ने इसे सुरक्षित रखने के लिए इसके ऊपर टिन शेड लगा दिया है। ​घूमने का सबसे अच्छा समय ​मॉनसून के दौरान और उसके ठीक बाद (जुलाई से अक्टूबर/नवंबर) यहाँ का झरना पूरे उफान पर होता है और आस-पास की हरियाली देखने लायक होती है। यदि आप शांति और धार्मिक दर्शन के लिए जाना चाहते हैं, तो सर्दियों का मौसम (दिसंबर-जनवरी) भी बहुत अनुकूल रहता है। #Sakti #Chhattisgarh #LocalDiscovery #😍खूबसूरत पर्यटन स्थल🏝
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चंद्रपुर (सक्ती, छत्तीसगढ़) के बारे में प्रमुख जानकारियां एक-एक लाइन में नीचे दी गई हैं: ​जिला: चंद्रपुर छत्तीसगढ़ के नवगठित सक्ती जिले के अंतर्गत आने वाला एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगर है। ​नदी संगम: यह नगर पवित्र महानदी और मांड नदी के खूबसूरत संगम तट पर बसा हुआ है। ​मुख्य आकर्षण: चंद्रपुर अपने सुप्रसिद्ध मां चंद्रहासिनी देवी मंदिर (शक्तिपीठ) के लिए पूरे प्रदेश में जाना जाता है। ​नाम का कारण: मान्यता है कि माता का मुख चंद्रमा के समान सुंदर (चंद्रहास) होने के कारण इस जगह का नाम चंद्रपुर पड़ा। ​टापू मंदिर: महानदी के बीचो-बीच एक छोटे से टापू पर मां नाथल दाई का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है, जहां नाव से जाया जाता है। ​प्रमुख त्योहार: यहाँ नवरात्रि के दौरान भव्य मेले का आयोजन होता है, जिसमें ओडिशा और छत्तीसगढ़ से लाखों श्रद्धालु आते हैं। ​झांकियां: चंद्रहासिनी मंदिर परिसर में पौराणिक कथाओं, रामायण और महाभारत पर आधारित जीवंत मूर्तियां और झांकियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। ​भौगोलिक स्थिति: यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा के बेहद नजदीक स्थित है, जिससे इसका व्यापारिक महत्व भी है। ​पहुंच मार्ग: यहाँ पहुंचने के लिए नजदीकी रेलवे स्टेशन सक्ती, खरसिया और रायगढ़ हैं, जहां से सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुंचा जा सकता है। #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ #😍खूबसूरत पर्यटन स्थल🏝
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - चंद्रपूर नगर पचायत NAGAR PANCHAYT CHANDRAPUR चंद्रपूर नगर पचायत NAGAR PANCHAYT CHANDRAPUR - ShareChat
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के अंतर्गत आने वाला नगर पंचायत अड़भार (Adbhar) एक ऐतिहासिक, धार्मिक और प्रशासनिक महत्व रखने वाला कस्बा है। यह क्षेत्र विशेष रूप से अपने प्राचीन मंदिरों और धार्मिक आस्था के लिए जाना जाता है। ​अड़भार नगर पंचायत के बारे में मुख्य जानकारियां नीचे दी गई हैं: ​1. धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व ​अड़भार को मुख्य रूप से अष्टभुजी माता (Aashtabhuji Mata) की पावन नगरी के रूप में जाना जाता है। ​अष्टभुजी माता मंदिर: यहाँ देवी दुर्गा का एक बेहद प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है, जहाँ माता की आठ भुजाओं वाली प्रतिमा विराजमान है। नवरात्र के दौरान (क्वार और चैत दोनों) यहाँ भव्य मेले का आयोजन होता है और दूर-दूर से श्रद्धालु मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित कराने आते हैं। ​ऐतिहासिक अवशेष: अड़भार और इसके आसपास के क्षेत्रों में कई प्राचीन मूर्तियां, खंडित शिलालेख और तालाब स्थित हैं, जो इसके समृद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व को दर्शाते हैं। यहाँ शिव जी का भी एक प्राचीन मंदिर (शिव कालेश्वर) है। ​2. प्रशासनिक और भौगोलिक स्थिति ​जिला: सक्ती (पहले यह जांजगीर-चांपा जिले का हिस्सा था, लेकिन सक्ती के नया जिला बनने के बाद अब यह सक्ती जिले के अंतर्गत आता है)। ​निकाय का प्रकार: नगर पंचायत (Urban Local Body)। ​आसपास के प्रमुख केंद्र: यह सक्ती जिला मुख्यालय और खरसिया (रायगढ़) के काफी करीब स्थित है। यहाँ से बाराद्वार और सक्ती जैसे रेलवे स्टेशन भी सुगमता से सुलभ हैं। ​3. जनसांख्यिकी और जनजीवन ​वार्ड व्यवस्था: नगर पंचायत अड़भार विभिन्न वार्डों में विभाजित है, जिसका संचालन पार्षदों और नगर पंचायत अध्यक्ष के माध्यम से होता है। ​मुख्य व्यवसाय: यहाँ के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि, स्थानीय व्यापार और धार्मिक पर्यटन पर आधारित है। मेले और त्योहारों के समय यहाँ स्थानीय स्तर पर व्यापार को काफी बढ़ावा मिलता है। ​भाषा: यहाँ मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ी और हिंदी भाषा बोली जाती है। ​4. भौगोलिक स्थिति और कनेक्टिविटी ​दूरी: अड़भार, जिला मुख्यालय सक्ती से लगभग 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ​सड़क मार्ग: यह डभरा, खरसिया और सक्ती को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित है, जिससे यहाँ आवागमन काफी आसान है। ​नजदीकी रेलवे स्टेशन: यहाँ के निवासियों के लिए सक्ती (SKT) और बाराद्वार (BRDBD) रेलवे स्टेशन सबसे पास हैं, जो हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर आते हैं। ​5. प्रशासनिक एवं नगरीय ढांचा ​वार्डों की संख्या: नगर पंचायत अड़भार कुल 15 वार्डों में विभाजित है। हर वार्ड से एक पार्षद चुना जाता है। ​तहसील/ब्लॉक: यह प्रशासनिक रूप से सक्ती विकासखंड/तहसील के अंतर्गत आता है। ​मूलभूत सुविधाएं: नगर पंचायत के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, साफ-सफाई और स्थानीय स्तर पर प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी नागरिक सुविधाएं संचालित की जाती हैं। ​6. मुख्य आकर्षण और संस्कृति ​मां अष्टभुजी धाम: यह अड़भार की पहचान का मुख्य केंद्र है। माना जाता है कि यहाँ की प्रतिमा अत्यंत प्राचीन (संभवतः कल्चुरी कालीन या उससे भी पुरानी) है। मंदिर परिसर में एक विशाल तालाब भी है। ​छेरछेरा और पोला तिहार: छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहार जैसे पोला, हरेली और छेरछेरा यहाँ बेहद धूमधाम और स्थानीय संस्कृति के साथ मनाए जाते हैं। 7. वर्तमान में अड़भार नगर एक तहसील भी हैं #📖बैंकिंग की तैयारी #🥰Express Emotion
📖बैंकिंग की तैयारी - 31GHR ADBHAR 31GHR ADBHAR - ShareChat
#💕 प्यार भरी शुभकामनाएं
💕 प्यार भरी शुभकामनाएं - ೩೫ ತಳಿಾ 08 अप्रैल जयश्वरी गणेश Dilip Sahul आप सभी को माहुकेदूसरे बुधवरकी हार्दिक शुभकामनाएँ శశ్రీనశరీల1 9Oning Good ೩೫ ತಳಿಾ 08 अप्रैल जयश्वरी गणेश Dilip Sahul आप सभी को माहुकेदूसरे बुधवरकी हार्दिक शुभकामनाएँ శశ్రీనశరీల1 9Oning Good - ShareChat
सोशल मीडिया पर आजकल हर दूसरी रील या मीम के अंत में एक ही दृश्य दिखाई देता है। चाय का गिलास हाथ में लिए एक साधारण सा लड़का जो बेफिक्र होकर खिलखिलाकर हंस रहा है। इस अनोखी हंसी ने लाखों लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। इंटरनेट यूजर्स इसे लाफिंग बॉय या चाय वाला हंसता लड़का के नाम से जानते हैं। लेकिन इस वायरल हंसी के पीछे छिपी है एक गरीब लड़के की संघर्ष भरी कहानी, जो आज शिक्षा की राह पर आगे बढ़ रहा है। अरुण कुमार तेलंगाना के एक छोटे से गांव का रहने वाला है। बचपन से ही गरीबी ने उसे स्कूल की राह से दूर कर दिया। मात्र चौथी कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद आर्थिक तंगी के कारण उसे पढ़ाई छोड़नी पड़ी। स्कूल की किताबें छोड़कर अरुण को जिंदगी की सड़क पर उतरना पड़ा। फिर एक दिन उसकी मुलाकात नेहरू नाम के एक ट्रक ड्राइवर से हुई। नेहरू ने अरुण को ट्रक पर क्लीनर की नौकरी दे दी। दोनों साथ मिलकर देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रक चलाते। लंबी यात्राओं के दौरान समय काटने के लिए नेहरू मोबाइल पर छोटी-छोटी रीलें बनाकर सोशल मीडिया पर डालने लगा। एक दिन की बात है। हाईवे किनारे चाय पीते हुए अरुण किसी बात पर इतना जोर से हंस पड़ा कि नेहरू ने उस पल को कैमरे में कैद कर लिया। अरुण की वो दिल खोलकर वाली हंसी रातोंरात वायरल हो गई। लोग इस हंसी को बार-बार देखने लगे। धीरे-धीरे यह क्लिप हर मीम और रील का हिस्सा बन गई। आज यह हंसी इंटरनेट पर खुशी और फन का सबसे बड़ा सिंबल मानी जा रही है। जिस शख्स ने अरुण की हंसी को वायरल किया, उसी ने उसकी जिंदगी भी संवारी। नेहरू ने अरुण को फिर से पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। गरीबी और काम के बोझ के बावजूद अरुण ने मेहनत की और इस साल मार्च में 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली। यह उपलब्धि न सिर्फ अरुण के लिए बल्कि उसके जैसे हजारों लड़कों के लिए भी प्रेरणा बन गई है। #ViralBoy #LaughingBoy #ArunKumar #MemeBoy #🤣गर्मी के चुटकुले और मीम्स🌞🥵 #😵टाइम पास
🤣गर्मी के चुटकुले और मीम्स🌞🥵 - जागरण jagrancam हंसी के पीछे छुपा है गहरा दर्द कौन है रील में चाय का कप लिए दिखने वाला वायरल लड़का ? जागरण jagrancam हंसी के पीछे छुपा है गहरा दर्द कौन है रील में चाय का कप लिए दिखने वाला वायरल लड़का ? - ShareChat
यह रेलवे स्टेशन भारत के किस राज्य में हैं और उस राज्य के किस जिले के अंतर्गत हैं.. #indian #rail #railway #kolkata #mumbai #nagpur #bilaspur #india #puri #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰
🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ - जेठा JETHA ४६ा रेलवे स्टेशन RAILIIAYSTATIOI  रेतवे २२ेशन  বসুনমল ম জম্ান: 239 8 সীধা FETASTTVEMEEIIEELTAUTA जेठा JETHA ४६ा रेलवे स्टेशन RAILIIAYSTATIOI  रेतवे २२ेशन  বসুনমল ম জম্ান: 239 8 সীধা FETASTTVEMEEIIEELTAUTA - ShareChat
#💕 प्यार भरी शुभकामनाएं ,JAI HANUMAN
💕 प्यार भरी शुभकामनाएं - जय श्री र्म 02/04/2026 रम > A 4 4 & & 91 9 శర్టాడాన్రా श्री राम की हार्दिक शुभकामनाएँ எ்பனினி आप सभी पर सदैव बनी ` DILIP SAHU जय श्री र्म 02/04/2026 रम > A 4 4 & & 91 9 శర్టాడాన్రా श्री राम की हार्दिक शुभकामनाएँ எ்பனினி आप सभी पर सदैव बनी ` DILIP SAHU - ShareChat