Divya  Patil
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Divya Patil
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मैत्री, मस्ती आणि शेअरचॅट 👌
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🔱हर हर महादेव #🌺राधा कृष्ण💞
🕉️सनातन धर्म🚩 - भक्त को ये समजना चाहिए, उसके जीवन में जो सत्कर्म है, भगवान की ही कृपा है। QI  भक्त को ये समजना चाहिए, उसके जीवन में जो सत्कर्म है, भगवान की ही कृपा है। QI - ShareChat
#🔱हर हर महादेव #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🔱हर हर महादेव - मनुष्य मे सदा शांती रहनि चाहिये , संसार की यह बडी आनंददायक भावना है। मनुष्य मे सदा शांती रहनि चाहिये , संसार की यह बडी आनंददायक भावना है। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌺राधा कृष्ण💞
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - সম্মলীব্ধ ब्रह्मलोक ये ब्रह्माजी का लोक है। जहा সম্মাতী नित्यनिवास करते है। ब्रह्मलोक इस ब्रह्मांड का सर्वोच्च लोक है। जहा लिए कोई भी नही जा सकता। वहा जाने के पात्रता की आवश्यकता है। सिद्ध संन्यासीयो को ही ब्रह्मलोक भेजा जाता है किंतु  कालक्रम से ब्रह्मा तथा ब्रह्मलोक के के नियमानुसार मरणशील सारे वासी प्रकृती होते हे। मरने के बाद ब्रह्म लोक गये हुए लोक पुन्हा लोक आ जाते है पृथ्वी ब्रम्हा तथा उनकी सृष्टी भौतिक ब्रम्हांडके अंग है, फलसरूप निरंतर परिवर्तित होते रहते है। इस ब्रह्मांड में ब्रह्मलोक जैसे देवताओ के अनेक लोक हे। সম্মলীব্ধ ब्रह्मलोक ये ब्रह्माजी का लोक है। जहा সম্মাতী नित्यनिवास करते है। ब्रह्मलोक इस ब्रह्मांड का सर्वोच्च लोक है। जहा लिए कोई भी नही जा सकता। वहा जाने के पात्रता की आवश्यकता है। सिद्ध संन्यासीयो को ही ब्रह्मलोक भेजा जाता है किंतु  कालक्रम से ब्रह्मा तथा ब्रह्मलोक के के नियमानुसार मरणशील सारे वासी प्रकृती होते हे। मरने के बाद ब्रह्म लोक गये हुए लोक पुन्हा लोक आ जाते है पृथ्वी ब्रम्हा तथा उनकी सृष्टी भौतिक ब्रम्हांडके अंग है, फलसरूप निरंतर परिवर्तित होते रहते है। इस ब्रह्मांड में ब्रह्मलोक जैसे देवताओ के अनेक लोक हे। - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏शुभ मंगलवार🌸 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🕉️सनातन धर्म🚩 - ShareChat
#🙏शुभ मंगलवार🌸 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏शुभ मंगलवार🌸 - भगवान का स्मरण करे, जप करे, तो भगवान को प्यार करने के लिए करे, भक्ती के दिखावे के लिये ना करे। भगवान का स्मरण करे, जप करे, तो भगवान को प्यार करने के लिए करे, भक्ती के दिखावे के लिये ना करे। - ShareChat
#🙏शुभ मंगलवार🌸 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🙏शुभ मंगलवार🌸 - शुभ मंगलवार शुभ मंगलवार - ShareChat
#🙏शुभ मंगलवार🌸 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🔊सुन्दर कांड🕉️
🙏शुभ मंगलवार🌸 - सुप्रभातः शुभ मगलवार सुप्रभातः शुभ मगलवार - ShareChat
#🙏शुभ मंगलवार🌸 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🙏शुभ मंगलवार🌸 - शुभ मंगलवार ।हनुमान सदा सहायते।। शुभ मंगलवार ।हनुमान सदा सहायते।। - ShareChat
#🌺राधा कृष्ण💞 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏गीता ज्ञान🛕
🌺राधा कृष्ण💞 - Iश्री कृष्ण कहते है।l प्रत्येक व्यक्ती को कर्म करना ही पडता है লিভ  कोई भी व्यक्ती एक क्षणभर के भी कर्म किये बिना नही रह सकता | Iश्री कृष्ण कहते है।l प्रत्येक व्यक्ती को कर्म करना ही पडता है লিভ  कोई भी व्यक्ती एक क्षणभर के भी कर्म किये बिना नही रह सकता | - ShareChat
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌺राधा कृष्ण💞
🌸 जय श्री कृष्ण😇 - यज्ञ करणे से क्या होता है? १, देवतांचे कार्य का अधिकार प्राप्त होता है, प्रत्येक जीव को शरीर धारण करने के लिए, आवश्यक वायू प्रकाश जल तथा अन्य सारे वर देवताओ के अधिकार मे होते है। २ कुछ योग्य इन्ही विशेष देवतांओ को प्रसन्न करने के लिए होते है। ३, जब ये योग्य सुविचार रूप से संपन्न किये जाते है, तो देवता प्रसन्न होते हे, और पदार्थ का जीवन मे अभाव प्राकृतिक नही रहता। ४ यज्ञ कोसंपन्न करने से अन्य लाभ भी होते जैसे की भवबंधन से मुक्ती मिल जाना। ५,यज्ञ करणे से मनुष्य के सारे कर्म पवित्र हो जाते है। ६, इसीलिए भौतिक इच्छाओ के लिये हमे छोटे छोटे योग्य करने चाहिए।  यज्ञ करणे से क्या होता है? १, देवतांचे कार्य का अधिकार प्राप्त होता है, प्रत्येक जीव को शरीर धारण करने के लिए, आवश्यक वायू प्रकाश जल तथा अन्य सारे वर देवताओ के अधिकार मे होते है। २ कुछ योग्य इन्ही विशेष देवतांओ को प्रसन्न करने के लिए होते है। ३, जब ये योग्य सुविचार रूप से संपन्न किये जाते है, तो देवता प्रसन्न होते हे, और पदार्थ का जीवन मे अभाव प्राकृतिक नही रहता। ४ यज्ञ कोसंपन्न करने से अन्य लाभ भी होते जैसे की भवबंधन से मुक्ती मिल जाना। ५,यज्ञ करणे से मनुष्य के सारे कर्म पवित्र हो जाते है। ६, इसीलिए भौतिक इच्छाओ के लिये हमे छोटे छोटे योग्य करने चाहिए। - ShareChat