Divyansh Garg
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भक्ति रस धारा
#😊कृष्ण कथाएं #🌸 बोलो राधे राधे #🎵 राधा-कृष्ण भजन 🙏 #🙏 राधा रानी #🌸 जय श्री कृष्ण😇
😊कृष्ण कथाएं - पेट्रोल डीजल की लड़ाई को देखकर फिर हमें अपने बैल याद आते हैं। GAUL06Y पेट्रोल डीजल की लड़ाई को देखकर फिर हमें अपने बैल याद आते हैं। GAUL06Y - ShareChat
#🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏 राधा रानी #🎵 राधा-कृष्ण भजन 🙏 #🌸 बोलो राधे राधे #😊कृष्ण कथाएं
🌸 जय श्री कृष्ण😇 - जय श्री हरि। सेठजी जयदयाल गोयंदका जी अमृत चचन पुस्तक से, पृष्ठ संख्याः६२ गीता प्रेस गोरखपुर। भगवान से,भगवान के नाम से, सबसे बढ़कर सत्संग है। महापुरुषों कीं स्पर्श की हुई हवा लगने से नरक के सब जीव मुक्त हो गये।आप जल्दी से-जल्दी परमात्मा से मिलना चाहते हों तो दुःखियों के दुःख दूर करें ।बड़ाई एक ऐसी चीज है जो बहुत उत्तम पुरुष को भी से रोक देती है। 377 47 जय श्री हरि। सेठजी जयदयाल गोयंदका जी अमृत चचन पुस्तक से, पृष्ठ संख्याः६२ गीता प्रेस गोरखपुर। भगवान से,भगवान के नाम से, सबसे बढ़कर सत्संग है। महापुरुषों कीं स्पर्श की हुई हवा लगने से नरक के सब जीव मुक्त हो गये।आप जल्दी से-जल्दी परमात्मा से मिलना चाहते हों तो दुःखियों के दुःख दूर करें ।बड़ाई एक ऐसी चीज है जो बहुत उत्तम पुरुष को भी से रोक देती है। 377 47 - ShareChat
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😊कृष्ण कथाएं - Iefiar:II भगवान् पूर्ण हैं उन्हींमें आत्यन्तिक सुख है। वहाँ जरा भी अभाव नहीं है उन्हें प्राप्त करो। उन्हें पा जानेपर सर्वथा सब ओरसे पूर्ण हो जाओगे | अभाव सदाके लिये मिट जायगा | उन्हें एक बार पा लेनेपर फिर कभी उनसे वंचित नहीं रहोगे। (सत्संग के बिखरे मोती, पृष्ठ संख्या ३०) पूज्य भाईजी हनुमानप्रसादजी पोद्दार Iefiar:II भगवान् पूर्ण हैं उन्हींमें आत्यन्तिक सुख है। वहाँ जरा भी अभाव नहीं है उन्हें प्राप्त करो। उन्हें पा जानेपर सर्वथा सब ओरसे पूर्ण हो जाओगे | अभाव सदाके लिये मिट जायगा | उन्हें एक बार पा लेनेपर फिर कभी उनसे वंचित नहीं रहोगे। (सत्संग के बिखरे मोती, पृष्ठ संख्या ३०) पूज्य भाईजी हनुमानप्रसादजी पोद्दार - ShareChat
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🌸 जय श्री कृष्ण😇 - ।|श्रीहरिः|| मनुष्य जीवन की सफलता इसीमें है कि मनुष्य मानव-्जीवन के असली उद्देश्य भगवत्प्राप्ति का लाभ करे- वह सारी अशान्ति, सारी चिन्ता और सर्वथा छूटकर परमानन्दमय चिन्मय सारे दुःखोंसे भगवत्-्स्थिति को प्राप्त करे। यह होगा भोगों के प्रति वैराग्य और अनास्था होने पर तथा भगवान् में अनुराग तथा विश्वास होने पर। (सफलता के शिखर की सीढ़ियां, पृष्ठ संख्या ८०) पूज्य भाईजी हनुमानप्रसादजी पोद्दार ।|श्रीहरिः|| मनुष्य जीवन की सफलता इसीमें है कि मनुष्य मानव-्जीवन के असली उद्देश्य भगवत्प्राप्ति का लाभ करे- वह सारी अशान्ति, सारी चिन्ता और सर्वथा छूटकर परमानन्दमय चिन्मय सारे दुःखोंसे भगवत्-्स्थिति को प्राप्त करे। यह होगा भोगों के प्रति वैराग्य और अनास्था होने पर तथा भगवान् में अनुराग तथा विश्वास होने पर। (सफलता के शिखर की सीढ़ियां, पृष्ठ संख्या ८०) पूज्य भाईजी हनुमानप्रसादजी पोद्दार - ShareChat
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😊कृष्ण कथाएं - ।Iश्रीहरिः Il भगवान् के भक्तों का आश्रय ग्रहण करके उनके वचनों के अनुसार चलने वाला अतिशय से मुक्त मूढ़ पुरुष भी दुःखों होकर परमात्मा को प्राप्त हो जाता है। साधन- नवनीत पृष्ठ संख्या- ३५ -श्रद्धेय सेठजी श्रीजयदयालजी गोयन्दका ।Iश्रीहरिः Il भगवान् के भक्तों का आश्रय ग्रहण करके उनके वचनों के अनुसार चलने वाला अतिशय से मुक्त मूढ़ पुरुष भी दुःखों होकर परमात्मा को प्राप्त हो जाता है। साधन- नवनीत पृष्ठ संख्या- ३५ -श्रद्धेय सेठजी श्रीजयदयालजी गोयन्दका - ShareChat
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🌸 जय श्री कृष्ण😇 - ।Iश्रीहरिः Il भगवान् अपने प्रति शत्रुता करनेवाले के साथ भी स्नेहमयी जननीका-सा बर्ताव करते हैं। जब लौकिक माता ही कभी अपने बच्चों के प्रति निर्दय नहीं हो सकती , तब संसार की सारी भूत, भविष्य, वर्तमान की माताओं का स्नेह जिन श्यामसुन्दर के स्नेहनसागर की एक नन्हीनसी बूँद है, वे भगवान् जीवों के प्रति कैसे निर्दय हो सकते हैं ? (कल्याण कुंज, ३०) पृष्ठ संख्या पूज्य भाईजी हनुमानप्रसादजी पोद्दार ।Iश्रीहरिः Il भगवान् अपने प्रति शत्रुता करनेवाले के साथ भी स्नेहमयी जननीका-सा बर्ताव करते हैं। जब लौकिक माता ही कभी अपने बच्चों के प्रति निर्दय नहीं हो सकती , तब संसार की सारी भूत, भविष्य, वर्तमान की माताओं का स्नेह जिन श्यामसुन्दर के स्नेहनसागर की एक नन्हीनसी बूँद है, वे भगवान् जीवों के प्रति कैसे निर्दय हो सकते हैं ? (कल्याण कुंज, ३०) पृष्ठ संख्या पूज्य भाईजी हनुमानप्रसादजी पोद्दार - ShareChat
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😊कृष्ण कथाएं - गो॰माँ की रक्षा करें दें रोटी दो चार। लोक ओर परलोक से,गाय करेंगी पार।। -PSPI GAULOGY गो॰माँ की रक्षा करें दें रोटी दो चार। लोक ओर परलोक से,गाय करेंगी पार।। -PSPI GAULOGY - ShareChat
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🌸 जय श्री कृष्ण😇 - हपारे ऋषियों ने बहुत यीभीर और लबे विचार कै बादयह पता लघाया किईशरकी जो शक्ति शौ केरूप पं प्रकटहुई है वह्ीयाय है कल्याण गो अंक विशेषांक  ل हपारे ऋषियों ने बहुत यीभीर और लबे विचार कै बादयह पता लघाया किईशरकी जो शक्ति शौ केरूप पं प्रकटहुई है वह्ीयाय है कल्याण गो अंक विशेषांक  ل - ShareChat
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😊कृष्ण कथाएं - I|श्रीहरिः |l भक्ति के साधन में भी यदि काम, क्रोध, लोभ कभी सतावें तो उनको भगवान् के प्रति ही लगा देना चाहिये। जो बातें हमारे मार्ग में बाधक होती हैं, वे ही भगवान् के प्रति प्रयुक्त होने पर साधक बन जाती हैं। यह निश्चय रखना चाहिये। (प्रेम दर्शन, पृष्ठ संख्या १२२) पूज्य भाईजी हनुमानप्रसादजी पोद्दार I|श्रीहरिः |l भक्ति के साधन में भी यदि काम, क्रोध, लोभ कभी सतावें तो उनको भगवान् के प्रति ही लगा देना चाहिये। जो बातें हमारे मार्ग में बाधक होती हैं, वे ही भगवान् के प्रति प्रयुक्त होने पर साधक बन जाती हैं। यह निश्चय रखना चाहिये। (प्रेम दर्शन, पृष्ठ संख्या १२२) पूज्य भाईजी हनुमानप्रसादजी पोद्दार - ShareChat
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🌸 जय श्री कृष्ण😇 - श्रीहरिः बड़ोंकी और सब बात माननी , उनकी सेवा करनी f&3 चाहिये, भगवान् की भक्तिके लिये मना करें तो वह बात नहीं माननी चाहिये। घरवाले जितना भी कष्ट देवें सह लेे, परन्तु ईश्वरकी भक्ति नहीं छोड़नी चाहिये। उदाहरण प्रह्लादका। संत श्री जयदयालजी (सेठजी) మ श्रीभोलारामजी झुनझुनवाला यात्रामें पूज्य सेठजीके साथ थे। गंगाजल समाप्त हो गया।  संस्मरण उनकी पत्नी सेठजीके पास गयी और कहा - गंगाजल समाप्त हो गया, थोड़ा गंगाजल चाहिये। पूज्य सेठजीने कहा गंगाजल खतम नहीं हुआ। आकर देखा पात्र भरा हुआ था, भोजन बनाया, पीया, नहीं हुआ।  ক্িল্ু  समाप्त श्रीहरिः बड़ोंकी और सब बात माननी , उनकी सेवा करनी f&3 चाहिये, भगवान् की भक्तिके लिये मना करें तो वह बात नहीं माननी चाहिये। घरवाले जितना भी कष्ट देवें सह लेे, परन्तु ईश्वरकी भक्ति नहीं छोड़नी चाहिये। उदाहरण प्रह्लादका। संत श्री जयदयालजी (सेठजी) మ श्रीभोलारामजी झुनझुनवाला यात्रामें पूज्य सेठजीके साथ थे। गंगाजल समाप्त हो गया।  संस्मरण उनकी पत्नी सेठजीके पास गयी और कहा - गंगाजल समाप्त हो गया, थोड़ा गंगाजल चाहिये। पूज्य सेठजीने कहा गंगाजल खतम नहीं हुआ। आकर देखा पात्र भरा हुआ था, भोजन बनाया, पीया, नहीं हुआ।  ক্িল্ু  समाप्त - ShareChat