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#🆕 ताजा अपडेट नयी तकनीकी का उपयोग एआई आधारित हैंड होल्ड एक्स-रे मशीन से जोखिम वाली आबादी की टीबी जांच रायबरेली, 10 अप्रैल 2026 प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जनपद में 24 मार्च से 100 दिवसीय विशेष टीबी अभियान शुरू हुआ है | इसी के तहत शुक्रवार को जिला टीबी क्लिनिक क्षेत्र स्थित वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य शिविर आयोजित हुआ जिसमें नई तकनीकी का उपयोग करते हुए एआई आधारित हैंड होल्ड एक्सरे मशीन से टीबी के संभावित लक्षणों वाले 31 वृद्धजनों की जांच की गई | मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी अभियान का उद्देश्य है कि हर गाँव में टीबी की इलाज और जांच की सुविधा पहुँचें जिससे कि कोई भी मरीज छूट न जाए | जनपद में तीन सीएचसी ऊंचाहार, सलोन और डलमऊ ब्लाक में एआई आधारित पोर्टेबेल हैंड होल्ड एक्सरे मशीन का उपयोग हो रहा है | बहुत शीघ्र तीनऔर एक्स रे मशीन शासन से मिल जाएंगी | उन्होंने बताया कि यह मशीन आकार में छोटी व हाथ में पकड़कर इस्तेमाल करने वाली होती है | यह स्वास्थ्य शिविरों में जांच करने में काफी उपयोगी साबित हो रही है | जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह ने बताया कि 24 मार्च से शुरू हुए अभियान में अब तक 48 जगहों पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर टीबी के संभावित लक्षणों वाले कुल 3600 व्यक्तियों की जांच की जा चुकी है जिसमें 09 में टीबी की पुष्टि हुई है और उनका इलाज शुरू किया जा चुका है | इसके अलावा लोगों को टीबी के लक्षणों – दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, बुखार, वजन में कमी, रात में पसीना आना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दिए जाने के साथ निक्षय पोषण योजना और निक्षय मित्र के बारे में भी बताया जा रहा है | इस कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम समन्वयक अभय मिश्रा एवं जिला पब्लिक प्राइवेट मिक्स समन्वयक मनीष श्रीवास्तव, अतुल कुमार पीएमडीटी समन्वयक, के.के. श्रीवास्तव वरिष्ठ उपचार वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक, धनंजय सिंह वृद्ध आश्रम प्रबंधक , हिमांशु सिंह लेखाकार अनुज श्रीवास्तव आलोक कुमार सूरजदीन, राहुल आदि उपस्थित थे।
🆕 ताजा अपडेट - 8 1 "   a /74 TT 8 3T87 TLai  Tiict ` HII शाम ५:४० 14411 ' TTTTTITTTTITT WTTWITITIr . a शाम ५:४० 8 1   a /74 TT 8 3T87 TLai  Tiict ` HII शाम ५:४० 14411 ' TTTTTITTTTITT WTTWITITIr . a शाम ५:४० - ShareChat
#🆕 ताजा अपडेट जनपद में शुरू हुआ एचपीवी टीकाककरण अभियान रायबरेली, 28 मार्च 2026 महिलाओं में होने वाले गर्भाशय ग्रीवा कैंसर (सर्वाइकल कैंसर) की रोकथाम के उद्देश्य से 14 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ शनिवार को जिला महिला चिकित्सालय स्थित प्रसव पश्चात केंद्र में हुआ। अभियान का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने किया । पहले दिन कुल सात किशोरियों को एचपीवी टीका लगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है और टीकाकरण से इसका प्रभावी बचाव संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों का एचपीवी टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में उन्हें इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। सभी किशोरियों को गार्डसिल की सिंगल डोज वैक्सीन दी जाएगी । शासन की ओर से जिले को गार्डसिल वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है ।अभियान के तहत उन किशोरियों को पात्र माना जाएगा जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया हो, लेकिन 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं की हो तथा जो किशोरियाँ अभियान शुरू होने की तिथि से 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष की होने वाली हैं वह भी तीन माह के गहन एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत पात्र होंगी | अभियान का लक्ष्य जिले की लगभग 36 हज़ार किशोरियों का टीकाकरण करना है l जिला प्रशिक्षण अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि एचपीवी टीका उन सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर लगेगा जहां कोल्ड चेन प्वाइंट की सुविधा है | जिले में महिला अस्पताल स्थित पीपीसी सेंटर सहित सभी 19 सीएचसी पर लगेगा | प्रारंभिक तीन माह तक यह अभियान सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होगा। इसके बाद यह नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक बुधवार और शनिवार को आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि टीकाकरण पूर्णतः स्वैच्छिक है तथा इसके लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति अनिवार्य होगी। अभिभावक यू-विन पोर्टल पर स्वयं पंजीकरण कर डिजिटल सहमति दे सकते हैं। इंटरनेट उपलब्ध न होने की स्थिति में लिखित सहमति ली जाएगी, जिसे बाद में पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। आयु सत्यापन के लिए पहचान पत्र आवश्यक होगा तथा टीकाकरण प्रमाणपत्र भी यू-विन पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा। टीका खाली पेट नहीं लगाया जाएगा और इसे एएनएम, स्टाफ नर्स या लेडी हेल्थ विजिटर (एलएचवी) द्वारा लगाया जाएगा | अभियान में शिक्षा एवं आईसीडीएस विभाग का भी समन्वय रहेगा | जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस. अस्थाना ने बताया कि एच.पी.वी. टीका पूरी तरह सुरक्षित है। टीकाकरण के बाद यदि बुखार, सिरदर्द, मतली या चक्कर जैसे सामान्य लक्षण दिखाई दें तो पैरासिटामॉल की एक गोली दी जा सकती है और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पिलाना चाहिए। इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, सूजन या लालिमा होने पर बर्फ से सिकाई करना लाभकारी रहेगा। अभी तक किसी भी किशोरी में टीके के प्रतिकूल प्रभाव नहीं दिखाई दिए हैं | इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. निर्मला साहू, अर्बन नोडल अधिकारी डा राकेश यादव,प्रभारी सी डी पी ओ संध्या श्रीवास्तव, अर्बन कोआर्डिनेटर विनय पांडे, अंकित मौर्या, जिला समन्वयक गावी यूनिसेफ वन्दना त्रिपाठी , वैक्सीन कोल्ड चेन मैनेजर दीपक शुक्ला , तारावती, नीतू पाल, अमिता सिंह,लाभार्थीऔर उनके अभिभावक आदि उपस्थित रहे।
🆕 ताजा अपडेट - #4Gil 45% 43j9 VEa ৫ ৪ 5:27 0 111 মনীংা থুনলা ওল্গাব Mataram ೧ १० मिनट पहले HPV का टीका संकल्प सुरक्षा  का a নশিতরী কালীনল ননাল লমা িকল ~೭ 7ೆ< 84 जवाब दें #4Gil 45% 43j9 VEa ৫ ৪ 5:27 0 111 মনীংা থুনলা ওল্গাব Mataram ೧ १० मिनट पहले HPV का टीका संकल्प सुरक्षा  का a নশিতরী কালীনল ননাল লমা িকল ~೭ 7ೆ< 84 जवाब दें - ShareChat
#🆕 ताजा अपडेट अधिवक्ताओं ने शहीद दिवस के उपलक्ष में कार्यक्रम किया व सेवानिवृत्ति सैनिकों को सम्मानित भी किया इटावा -युवा अधिवक्तागढ़ों द्वारा डीबीए हाल इटावा में शहीद भगत सिंह, शहीद सुखदेव, व शहीद राजगुरू की पुण्यतिथि मनाई गई। शहीदों के चित्र पर व भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण किया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यशवीर जी विभाग प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इटावा की अध्यक्षता में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अधिवक्ताओं ने यह मांग की कि कुछ ऐसे हमारे अमर शहीद है जिन्हें इतिहास से बुलाने की कोशिश की जाती है या उनके नाम पर कोई शहीद दिवस नहीं मनाया जाता है इस पर बुद्धिजीवियों प्रशासन और शासन के अधिकारियों को ध्यान देना अति आवश्यक है, ताकि जिन शहीदों ने हमारे देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी और देश को सर्वोच्च स्थान स्वतंत्रता आदि प्राप्त कराने के लिए रातों दिन लग रहे उनका स्मरण इसलिए जरूरी है ताकि नई पीढ़ी भी उन अमर शहीदों के बारे में जान सके इसी अवसर पर शांति स्वरूप पाठक पूर्व अध्यक्ष डी बी ए इटावा नें अपने उद्बोधन में कहा कि शहीद दिवस के अवसर पर हमारे अधिवक्तागणों ने यह कार्यक्रम कर बहुत सुंदर कार्य किया है मुझे बड़ा हर्ष है कि हमारे अधिवक्ताओं ने शहीदों की तरफ शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने के लिए जो प्रयास किया जा रहा हैं बहुत ही सुंदर है मैं सभी अधिवक्ताओं का आवाहन करता हूं कि आप सब मिलकर इस नेक कार्य के लिए अपना सहयोग प्रदान करें। राजेश त्रिपाठी अध्यक्ष डी बी ए ने उपस्थित वरिष्ठ और युवा साथियों का आभार जताते हुए इस शहीद दिवस कार्यक्रम के उपलक्ष में सहयोग के लिए विशेष सराहना की व सभी का आभार भी जताया। नितिन तिवारी महामंत्री डीबी ए इटावा ने कार्यक्रम में आए सभी अधिवक्ताओ का हृदय से आभार जताया और धन्यवाद भी दिया। बृजनंद शर्मा जी पूर्व प्रधानाचार्य जी आई सी इंटर कॉलेज इटावा ने कार्यक्रम में भारत सरकार के पूर्व सेवानिवृत्ति सैनिकों को सम्मानित किया।कार्यक्रम का संचालन विवेक राजपूत ने किया। कार्यक्रम के अंत में संचालन करता विवेक राजपूत ने सभी उपस्थित गणमान्यअधिवक्ताओं का आभार जताते हुए कार्यक्रम में सहयोग देने के लिए धन्यवाद भी प्रस्तुत किया।कार्यक्रम संयोजक आशीष तिवारी अमरीश पाण्डेय अनिल कश्यप अमित चौरसिया रामेंद्र मिश्रा और पंकज मिश्रा मनीष कुमार बघेल गौरव दुबे मनोज शंखवार आशीष मिश्रा गौरव मिश्रा अतुल पाण्डेय आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे ।
🆕 ताजा अपडेट - 0 [ माय शहीद राजगुरूजी शहीद सुखदेव जी शहीद भगत सिंह जी आप मभी देश भक्तों #े निवेदक हे कि पिण्ले वर्ष की भाति इम वर्ष भी दिनांक २३ मार्चं २०२६, का युवा अधिवक्तागण पा श्रद्धंजलि सभा का आरोजन किया जा गहाहे। एवं समाज सेवियों के द्वाता अमा " पुण्यतिधि  शहीद চৌী সুাবে সনিশি HசIdR 5ll பuuணம TEUTHம HU ScluD বিথিদ্ গনিথি शाति स्वरूप पाठक जीी Tamudat ಹಶಾ muaum विशिष्ठ अतिटि राठेश निपाठी जी সযেন ডাবরা इटावा विशिष्ठ अतिचि शी शिव कमारशकलाछी @ीजीःमी॰काडम उटाचा  সবায় dollolor' নিনিবা  रटावा ঘরনন ப@I@ ப@@ भनत फिहरगी RIE৫ dখcdJll  ಹOaನ 7#-4 #7751150எப151757=75சT 4iப57--1-"9i 0 ~ { 41 शहीद भगत सिंह जी शहीद सुखदेव जी शहीद राजगुरूजी आप सभी देश भक्तों से निवेदक हैकि पिठले वर्ष की भांति इस् वर्ष भी दिनांक २३ मार्च २०२६, का युवा  एवं समाज सेवियों के द्वाग़ा अमर शहीदों की " | पुण्यतिथि पर श्रृद्धंजलि सभा का आयोजन किया जा - সাবে সনিথি श्री यशतीर जी तविभाग प्रचारक  राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ, इटावा विशिष्ठ अतिथि श्री शाति स्वरूप पाठक जी पूर्व अष्यद डीःबीःए॰ कार्टक्रम अध्यन विशिष्ठ अतिथि शी राजेश निपाठी जी अप्यन डीःबी॰ए॰ इटावा বিহিষ্ব সনিখি : থfী शिव शक्ला जी @डीःजी॰मी॰ क्राइम, इटाव अतिथि तिथि 0 [ माय शहीद राजगुरूजी शहीद सुखदेव जी शहीद भगत सिंह जी आप मभी देश भक्तों #े निवेदक हे कि पिण्ले वर्ष की भाति इम वर्ष भी दिनांक २३ मार्चं २०२६, का युवा अधिवक्तागण पा श्रद्धंजलि सभा का आरोजन किया जा गहाहे। एवं समाज सेवियों के द्वाता अमा " पुण्यतिधि  शहीद চৌী সুাবে সনিশি HசIdR 5ll பuuணம TEUTHம HU ScluD বিথিদ্ গনিথি शाति स्वरूप पाठक जीी Tamudat ಹಶಾ muaum विशिष्ठ अतिटि राठेश निपाठी जी সযেন ডাবরা इटावा विशिष्ठ अतिचि शी शिव कमारशकलाछी @ीजीःमी॰काडम उटाचा  সবায় dollolor' নিনিবা  रटावा ঘরনন ப@I@ ப@@ भनत फिहरगी RIE৫ dখcdJll  ಹOaನ 7#-4 #7751150எப151757=75சT 4iப57--1-"9i 0 ~ { 41 शहीद भगत सिंह जी शहीद सुखदेव जी शहीद राजगुरूजी आप सभी देश भक्तों से निवेदक हैकि पिठले वर्ष की भांति इस् वर्ष भी दिनांक २३ मार्च २०२६, का युवा  एवं समाज सेवियों के द्वाग़ा अमर शहीदों की " | पुण्यतिथि पर श्रृद्धंजलि सभा का आयोजन किया जा - সাবে সনিথি श्री यशतीर जी तविभाग प्रचारक  राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ, इटावा विशिष्ठ अतिथि श्री शाति स्वरूप पाठक जी पूर्व अष्यद डीःबीःए॰ कार्टक्रम अध्यन विशिष्ठ अतिथि शी राजेश निपाठी जी अप्यन डीःबी॰ए॰ इटावा বিহিষ্ব সনিখি : থfী शिव शक्ला जी @डीःजी॰मी॰ क्राइम, इटाव अतिथि तिथि - ShareChat
#🆕 ताजा अपडेट रायबरेली में टीबी उन्मूलन को नई गति जागरूकता से जनभागीदारी तक मजबूत पहल रायबरेली, 25 मार्च 2026। विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च) के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर, दरीबा में “सम्पूर्ण सुरक्षा रणनीति” विषय पर जिला स्तरीय जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंजूलता (आईएएस) द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता (आईएएस) ने कहा, “टीबी उन्मूलन में जनभागीदारी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब तक समाज में व्यापक जागरूकता नहीं होगी, तब तक इस बीमारी का पूर्ण उन्मूलन संभव नहीं है।” उन्होंने कहा कि संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान, निःशुल्क जांच एवं उपचार, निक्षय पोषण योजना तथा निक्षय मित्र जैसी पहलों के माध्यम से सरकार निरंतर प्रयासरत है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए “Break the silos, build synergies” की अवधारणा को साकार करना है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि जनपद में टीबी उन्मूलन एवं समग्र स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर प्रयास तेज किए गए हैं। “सरकार द्वारा निःशुल्क जांच, दवा और पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रत्येक मरीज तक समयबद्ध उपचार पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने “जन-जन का रखें ध्यान, टीबी-मुक्त भारत अभियान” का संदेश देते हुए कहा कि समय पर जांच, नियमित उपचार और समुचित पोषण से टीबी का पूर्ण उन्मूलन संभव है। उत्तर प्रदेश स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी द्वारा संचालित सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र (एसएसके) की नोडल डॉ. ऋचा त्रिपाठी ने कहा, “सम्पूर्ण सुरक्षा रणनीति के अंतर्गत विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से टीबी उन्मूलन को गति दी जा रही है।” उन्होंने बताया कि टीबी रोगियों में एचआईवी संक्रमण तथा एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों में टीबी होने की संभावना अधिक रहती है। एचआईवी संक्रमित मरीजों में अन्य अवसरवादी संक्रमण भी पाए जाते हैं, जिनके उपचार हेतु विभिन्न दवाओं का सेवन करना पड़ता है, जिससे टीबी का उपचार अधिक जटिल एवं चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने आगे कहा कि सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्रों पर ऐसे व्यक्तियों, जिनमें एचआईवी या टीबी संक्रमण की आशंका होती है, को काउंसलिंग के माध्यम से जागरूक कर संक्रमण से बचाव हेतु आवश्यक परामर्श एवं सहयोग प्रदान किया जाता है। इस अवसर पर 11 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रधानों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से डॉ. सुनील अग्रवाल, सीपीएम दिशा क्लस्टर प्रयागराज के डॉ. रोहित पांडे, नगेंद्रमणि मिश्रा, एआरटी सेंटर से सुशील तिवारी, सूर्य प्रकाश सिंह, सीमा, प्रीति, अमित दुबे, सूर्य प्रकाश शुक्ला, जय प्रकाश सहित जिला क्षय रोग विभाग के जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर अभय मिश्रा, पीपीएम मनीष श्रीवास्तव, टीबी-एचआईवी कोऑर्डिनेटर अतुल वर्मा, शिवेंद्र सिंह, शिव शंकर यादव, अखिलेश त्रिपाठी, सुनीत श्रीवास्तव, वरुण देव शर्मा, विवेक, अरुण, ऋषिकेश त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, दीपू पटेल, सुनील कुमार, अनिल कुमार, देवानंद प्रजापति, गौरव पाल, शुभम, शिवम, केके श्रीवास्तव, प्रदीप वर्मा, करुणा शंकर मिश्रा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
🆕 ताजा अपडेट - विशव क्षय रोग fu 24 Tl  2026 ` ~ विशव क्षय रोग fu 24 Tl  2026 ` ~ - ShareChat
#🆕 ताजा अपडेट किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शीघ्र एचपीवी टीकाकरण शुरू जिला स्तरीय अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण हरदोई, 24 फरवरी 2026। सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा प्रमुख कैंसर है। इस गंभीर बीमारी से किशोरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हरदोई सहित प्रदेश के 30 जनपदों में सिंगल डोज ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। यह विशेष अभियान तीन माह तक संचालित होगा। इसी क्रम में मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में एक दिवसीय जनपद स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में टीकाकरण से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी एवं व्यवस्थागत पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भवनाथ पांडे ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन का शुभारंभ संभवतः अगले सप्ताह माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा किया जा सकता है, जिसके उपरांत जनपद में अभियान प्रारंभ होगा। उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण जिला महिला अस्पताल सहित सभी 19 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर किया जाएगा। प्रारंभिक तीन माह तक यह अभियान सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में संचालित रहेगा। तीन माह की अवधि पूर्ण होने के पश्चात यह टीका नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे वर्ष प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को उपलब्ध रहेगा। उन्होंने जानकारी दी कि इस अभियान के अंतर्गत वे किशोरियां पात्र होंगी जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है, लेकिन अभी 15 वर्ष की आयु पूर्ण नहीं की है। अभियान का लक्ष्य कुल जनसंख्या का एक प्रतिशत निर्धारित किया गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि आगामी दो दिनों में ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यू-विन पोर्टल पर किशोरियों के अभिभावक स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद ओटीपी के माध्यम से डिजिटल सहमति देने की सुविधा उपलब्ध होगी। आयु सत्यापन हेतु पहचान पत्र अनिवार्य होगा तथा टीकाकरण प्रमाणपत्र भी यू-विन पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा। भारत सरकार के प्रतिनिधि डॉ. सैयद कादरी ने प्रशिक्षण के दौरान टीकाकरण के तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, एआरओ तथा सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
🆕 ताजा अपडेट - a ~ ~ (HPV) Papillomavirus Human Vaccination Training Hardon 24th Feb 2026 a ~ ~ (HPV) Papillomavirus Human Vaccination Training Hardon 24th Feb 2026 - ShareChat
#🆕 ताजा अपडेट निजी संस्था ने 20 टीबी रोगियों को लिया गोद टीबी उन्मूलन के साथ फ़ाइलेरिया जागरूकता पर जोर अमेठी।राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को सीएचसी फुरसतगंज में टीबी रोगियों को गोद लेने हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके तहत अडानी फाउंडेशन द्वारा 20 टीबी रोगियों को गोद लिया गया। पोषण पोटली में चना, मूंगफली, गुड़ आदि खाद्य सामग्री थी | सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक शुक्ला ने उपस्थित लोगों को टीबी के लक्षणों एवं बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपने आसपास के लोगों को टीबी के लक्षणों एवं उपचार के बारे में जागरूक करें। नियमित रूप से दवाओं का सेवन तथा पौष्टिक आहार लेने से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है। साथ ही टीबी की जांच एवं उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक ने उपस्थित लोगों ने टीबी के साथ साथ मच्छरजनित रोगों जसिएय डेंगू, मलेरिया और फ़ाइलेरिया से बचाव के बारे में भी बताया | उन्होंने कहा कि इन सभी बिमारियों से बचाव के लिए जरूरी है कि घर में यह घर के अस –पास साफ सफाई रखें, मच्छर न पनपने दें | फ़ाइलेरिया तो लाइलाज बीमारी है | इसलिए मच्छरों के काटने से बचें | सभी डेंगू मलेरिया और फ़ाइलेरिया की जाँच और इलाज स्वास्थ्य केन्द्रों पर निशुल्क है | इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा फ़ाइलेरिया पीड़ितों को बीमारी के प्रबन्धन और फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल के लिए रुग्णता प्रबन्धन और दिव्यान्गता उपचार (एमएमडीपी)का प्रशिक्षण और किट निःशुल्क दी जाती है | इस अवसर पर वरिष्ठ क्षय रोग पर्यवेक्षक अजय प्रताप सिंह, टीबी मरीज सहित सीएचसी के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे | इनसेट में – मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि टीबी रोगियों को गोद लेने की यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान का हिस्सा है। वर्तमान में जनपद में 327 निक्षय मित्रों द्वारा 2906 टीबी रोगियों को गोद लिया गया है। निक्षय मित्रों द्वारा टीबी रोगियों को उपचार के दौरान पोषणात्मक, मनोवैज्ञानिक अथवा अन्य आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, शैक्षणिक या औद्योगिक संस्थान टीबी रोगियों को गोद लेकर टीबी उन्मूलन में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर सकते हैं। अडानी फाउंडेशन द्वारा जनवरी माह से अब तक 810 टीबी रोगियों को गोद लिया जा चुका है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक व्यक्ति एवं संस्थाएं आगे आकर टीबी रोगियों को गोद लें तथा उन्हें भावनात्मक एवं पोषणात्मक सहयोग प्रदान कर टीबी मुक्त जनपद बनाने में अपना योगदान दें।
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00:29
#🆕 ताजा अपडेट टीकाकरण से जुड़े विषयों पर बालरोग विशेषज्ञों को मिला समाधान लखनऊ, 16 फरवरी 2026 भारतीय बाल चिकित्सा अकादमी के प्रेसिडेंशियल एक्शन प्लान 2026 के अंतर्गत बालरोग विशेषज्ञों के लिए टीकाकरण विषय पर वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ अमित रस्तोगी की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजित हुयी। जनपद के एक होटल में आयोजित इस कार्यशाला में प्रमुख सूत्रधार एवं राष्ट्रीय वैज्ञानिक संयोजक डॉ जयदीप चौधरी (कोलकाता) ने प्रतिभागियों के टीकाकरण से जुड़े विभिन्न प्रश्नों का संतोषजनक समाधान किया। उन्होंने बताया कि किसी भी स्तनधारी पशु द्वारा काटने या खरोंचने की स्थिति में चिकित्सकीय परामर्श लेना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आवश्यकता अनुसार रैबीज टीका एवं इम्युनोग्लोब्युलिन लगाया जा सके। आगरा के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ आर.एन. शर्मा ने कहा कि फ्लू एवं टाइफाइड के टीके अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, हालांकि ये अभी राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल नहीं हैं। वहीं, डॉ विनय कुमार मित्तल ने बताया कि बीसीजी टीकाकरण के पश्चात बाएं हाथ पर निशान बनना सामान्य प्रक्रिया है तथा यदि किसी बच्चे को यह टीका जन्म के समय नहीं लग पाया हो तो इसे पाँच वर्ष की आयु तक लगाया जा सकता है। लखनऊ के डॉ उत्कर्ष बंसल ने जानकारी दी कि हेपेटाइटिस-ए एवं चिकन पॉक्स के टीके संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के तुरंत बाद लगाने से बीमारी से बचाव संभव है। ये दोनों टीके भी अभी राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं हैं। इसी क्रम में डॉ सलमान खान ने बताया कि किशोरावस्था में प्रत्येक बच्चे को ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) का टीका अवश्य लगवाना चाहिए, जो जननांग एवं मुख से संबंधित कई प्रकार के कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है। कार्यक्रम में कुल 47 चिकित्सकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन सचिव डॉ आशीष वर्मा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कोषाध्यक्ष डॉ एकांश राठौरिया द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस कार्यशाला की विशेषता यह रही कि बालरोग विशेषज्ञों के समक्ष प्रतिदिन आने वाली टीकाकरण संबंधी व्यावहारिक समस्याओं को उदाहरण सहित प्रस्तुत कर उनके प्रभावी समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।
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#🆕 ताजा अपडेट एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की राज्य स्तरीय बैठक में लिए गये महत्वपूर्ण निर्णय एनीमिया प्रबन्धन के लिए आईएफए संरचना में बदलाव को मंजूरी महिलाओं एवं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम के लिए विभागीय अभिसरण पर जोर लखनऊ, 14 फरवरी 2026 एनीमिया मुक्त भारत (AMB) कार्यक्रम की राज्य स्तरीय टास्क फोर्स (STF) बैठक अमित घोष, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की अध्यक्षता में लाल बहादुर शास्त्री भवन में सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश में एनीमिया की रोकथाम एवं प्रभावी उपचार को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण एवं ठोस निर्णय लिए गए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में एनीमिया एक प्रमुख जनस्वास्थ्य समस्या है, जिसका सीधा प्रभाव महिलाओं, शिशुओं, बच्चों एवं किशोरियों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। बच्चों, किशोरों एवं महिलाओं में एनीमिया की प्रभावी रोकथाम से न केवल स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि बच्चों एवं किशोरों के शैक्षणिक प्रदर्शन में वृद्धि, कार्यक्षमता में सुधार तथा भविष्य की सशक्त कार्यशक्ति का निर्माण भी संभव होगा। इससे प्रदेश की उत्पादकता बढ़ेगी और “विकसित उत्तर प्रदेश” के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। प्रदेश सरकार एनीमिया मुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने तथा प्रत्येक परिवार तक स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सभी संबंधित विभागों के अभिसरण के माध्यम से समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) डॉ. पिंकी जॉवेल ने कहा कि मातृ एनीमिया के प्रभावी प्रबंधन हेतु Ferric Carboxy Maltose (FCM) की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं में एनीमिया के उन्नत उपचार को बल मिलेगा। यह पहल मातृ स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के साथ-साथ मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। डॉ. मिलिंद वर्धन, महाप्रबंधक (शिशु स्वास्थ्य) एवं एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने आईएफए (Iron Folic Acid) की संरचना को Ferrous Sulphate के स्थान पर Ferrous Ascorbate में परिवर्तित करने का प्रस्ताव रखा, जिससे हीमोग्लोबिन स्तर में शीघ्र सुधार हो तथा दुष्प्रभाव कम हों। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृत करते हुए अपर मुख्य सचिव ने यूपीएमएससीएल को नई संरचना की आईएफए गोलियों की खरीद प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने के निर्देश दिए। डॉ. अजय गुप्ता, अपर निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम की डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली को और प्रभावी बनाने हेतु ई-कवच पोर्टल में AMB मॉड्यूल को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इससे सभी आयु वर्ग के लाभार्थियों की एनीमिया जांच, उपचार एवं फॉलो-अप की सटीक एवं समयबद्ध ट्रैकिंग सुनिश्चित की जा सकेगी। प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रदेश में एक समग्र डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली विकसित करने का निर्णय लिया गया, जिससे एनीमिया प्रबंधन की निरंतर एवं प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों में एनीमिया की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, आईसीडीएस, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं पंचायती राज विभाग के अभिसरण से समन्वित कार्यवाही की जाएगी। कार्यक्रम को और प्रभावी बनाने के लिए संयुक्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि सभी संबंधित विभाग मिलकर लक्ष्य आधारित क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकें। समुदाय की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताते हुए प्रदेश में “एनीमिया मुक्त पंचायत” एवं “एनीमिया मुक्त कक्षा/विद्यालय” पहल प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। जिला प्रशासन के सहयोग से इन पहलों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जन-जागरूकता बढ़ाने हेतु एनएचएम द्वारा सोशल मीडिया अभियान तथा एनीमिया विषयक आवधिक न्यूज़लेटर भी प्रारंभ किया जाएगा।
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#🆕 ताजा अपडेट टीबी मरीजों के साथ खड़ा हुआ चरक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन 25 मरीजों को दिया पोषण एवं सहारा लखनऊ, 13 फरवरी 2026 टीबी से जूझ रहे मरीजों को उपचार के साथ-साथ पोषण और भावनात्मक सहयोग प्रदान करने की दिशा में शुक्रवार को चरक इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में एक संवेदनशील पहल की गई। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को जिलाधिकारी विशाख जी के निर्देश एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.बी.सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थान के प्रबंधन ने 25 टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण पोटली प्रदान की, जिससे कि उपचार के दौरान उनकी ताकत और स्वास्थ्य बेहतर बना रहे। पोषण पोटली में चना, मूंगफली, दलिया, दालें, गुड़ और फल जैसी पौष्टिक सामग्री शामिल थी, जो मरीजों की रिकवरी में सहायक होगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना था कि टीबी मरीज अकेले नहीं हैं — समाज उनके साथ खड़ा है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. ए.के. सिंघल ने बताया कि टीबी मरीजों को पोषणात्मक एवं भावनात्मक सहयोग देने की दिशा में जनपद में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न संस्थान और समाज के लोग आगे आकर मरीजों को गोद ले रहे हैं, जिससे उन्हें उपचार के दौरान सहारा और आत्मविश्वास मिल रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि अधिक से अधिक लोग इस पहल से जुड़कर टीबी मुक्त जनपद के लक्ष्य को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि इलाज के दौरान हर माह पोषण पोटली देकर मरीजों की मदद की जा सकती है। संस्थान की निदेशक श्रीमती रितु सिंह ने कहा कि टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने में सहयोग देना हम सभी का सामाजिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि जब समाज के सभी वर्ग मिलकर कार्य करेंगे, तो वंचित एवं जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहयोग प्राप्त होगा और जनपद को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य अवश्य हासिल किया जा सकेगा। एरा मेडिकल कॉलेज के टीबी रोग नोडल अधिकारी डॉ. रचित शर्मा ने बताया कि टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है। उन्होंने मरीजों और उनके परिवारों को जागरूक करते हुए टीबी के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी दी तथा इस मरीज-केंद्रित पहल के लिए चरक इंस्टीट्यूट का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य डॉ. अनुराधा त्रिपाठी, टीबी यूनिट के एसटीएस श्री लाल जी गुप्ता, एसटीएलएस विजय कुमार मौर्य, टीबी एचवी सुरेश कुमार सहित संस्थान का स्टाफ एवं आमजन उपस्थित रहे।
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#🆕 ताजा अपडेट *पशु सखी क्षमता विकास कार्यक्रम का रायबरेली में शुभारंभ* रायबरेली। पशुधन विकास, ग्रामीण आजीविका एवं स्वावलंबन कार्यक्रम के अंतर्गत पशु सखी क्षमता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वास संस्थान के तत्वाधान से रायबरेली जनपद में किया गया। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन डिप्टी वेटरिनरी ऑफिसर श्री संजय सिंह, संस्थान सचिव बिपिन बाजपाई द्वारा दीप प्रज्वलित कर विधिवत रूप से किया गया। उद्घाटन अवसर पर श्री संजय सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी से गांवों में आर्थिक समृद्धि लाई जा सकती है। उन्होंने पशु सखियों से प्राप्त प्रशिक्षण का सही उपयोग कर अपने गांव में पशुपालकों को जागरूक करने का आह्वान किया। आगे बिपिन बाजपाई ने परियोजना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान के किस तरह से जनपद के सताव विकास खण्ड का चयन कर 20 गॉव को शामिल कर के लगभग 700 बकरी पलकों के साथ हम इस परियोजना को आगे बढ़ा रहे महिलाओ की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रहे है इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न गांवों से चयनित कुल 20 पशु सखियां भाग ले रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बकरी पालन के आधुनिक एवं वैज्ञानिक तरीकों, उन्नत नस्ल विकास, पशु पोषण, टीकाकरण, रोग प्रबंधन, स्वच्छता, पशु आवास व्यवस्था तथा कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से नस्ल सुधार की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही प्रतिभागियों को पशुपालन से संबंधित सरकारी योजनाओं, बाजार से जुड़ाव तथा आय बढ़ाने के उपायों के बारे में भी मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें। विश्वास संस्थान द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से पशु सखियों को गांव स्तर पर पशुपालकों की सहायता करने हेतु प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि पशुधन की उत्पादकता बढ़ाई जा सके और किसानों की आय में वृद्धि हो। यह पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 10 फरवरी 26 से प्रारंभ होकर 14 फरवरी 26 तक संचालित किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम में विश्वास संस्थान के पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे ग्रामीण विकास एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर संस्थान की कार्यक्रम डायरेक्टर रेखा सिंह कार्यक्रम समन्वय विकास बाजपेई AI मैनेजर हिमांशु चौधरी सहित प्रशिक्षण साथियों में संगीता, दुर्गा, नाजरा, सुमन,गुड़िया, सहित अन्य को लोग उपस्थित थे
🆕 ताजा अपडेट - qgeஎ` तकरियों के गुख्य सक्ामक रोग विकास , ग्रामीण आजीविका న एव स्वावलबन पयाषन विकास ग्रामीण आजीविक क्रम रयावलचन बीय म S [ यतच प्रशिक्षण कासरवम Lபப पश सखी शष ]|!!]|[!][ 4 a িহবায आयोज्जक शाम 6:२२ HD qgeஎ` तकरियों के गुख्य सक्ामक रोग विकास , ग्रामीण आजीविका న एव स्वावलबन पयाषन विकास ग्रामीण आजीविक क्रम रयावलचन बीय म S [ यतच प्रशिक्षण कासरवम Lபப पश सखी शष ]|!!]|[!][ 4 a িহবায आयोज्जक शाम 6:२२ HD - ShareChat