जाने क्यों आती है याद तुम्हारी,
चुरा ले जाती है आँखों से नींद हमारी,
अब यही ख्याल रहता है सुबह_शाम,
कब होगी तुमसे मुलाकात हमारी..!!!♥️🦋🥀
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🪖 “रेगिस्तान की वह रात” – एक फौजी की सच्ची घटना
साल 2018। राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी थी। दिसंबर की ठंडी हवाएँ रेत के टीलों को चीरती हुई गुजर रही थीं। उस रात हवलदार सुरेश की नाइट ड्यूटी थी।
रात के करीब 1:40 बजे का समय था। आसमान बिल्कुल साफ था, लेकिन चारों तरफ अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था। दूर कहीं ऊँटों की घंटियों की हल्की आवाज आ रही थी।
सुरेश पिछले 12 साल से सेना में था। उसने कई कठिन पोस्टिंग देखी थीं, लेकिन उस रात कुछ अलग सा महसूस हो रहा था।
अचानक उसे बॉर्डर फेंस के पास हल्की सी हरकत दिखाई दी। पहले तो उसने सोचा कि शायद कोई जानवर होगा। लेकिन फिर उसे सफेद कपड़े जैसी कोई आकृति दिखाई दी… जो हवा में लहरा रही थी।
रेगिस्तान में अक्सर लोकल लोग “चुड़ैल वाली जगह” की कहानियाँ सुनाते थे। नए जवानों को डराने के लिए ऐसी बातें आम थीं।
लेकिन सुरेश अंधविश्वास में विश्वास नहीं करता था।
उसने अपने साथी जवान को वायरलेस पर सूचना दी—
“सेक्टर 3 में संदिग्ध गतिविधि दिख रही है। मैं जांच करने जा रहा हूँ।”
जैसे ही वह आगे बढ़ा, हवा अचानक तेज हो गई। सफेद आकृति अब साफ दिख रही थी। कुछ सेकंड के लिए उसे भी लगा कि जैसे कोई महिला खड़ी हो… लंबे बाल, सफेद कपड़ा…
दिल की धड़कन बढ़ी, लेकिन कदम नहीं रुके।
जैसे ही वह 20-25 मीटर पास पहुँचा, उसे जमीन पर हल्की सी चमक दिखाई दी। वह तुरंत नीचे झुका। रेत में ताजे पैरों के निशान थे।
अब उसे समझ आया—
यह कोई आत्मा नहीं… कोई चाल है।
सफेद कपड़ा असल में एक बड़ा कपड़ा था जिसे जानबूझकर कांटेदार झाड़ियों में फंसाया गया था ताकि हवा में लहराकर ध्यान भटकाए।
उसी समय थर्मल डिवाइस से जांच की गई तो कुछ गर्मी के संकेत मिले— फेंस के दूसरी तरफ।
टीम तुरंत अलर्ट हुई। कुछ ही देर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे संदिग्ध लोग पकड़े गए।
सुबह जब सूरज निकला, तो सारा “चुड़ैल वाला रहस्य” खत्म हो चुका था।
गांव के कुछ लोगों ने बाद में कहा—
“हमने भी उस जगह पर परछाई देखी थी…”
लेकिन सुरेश जानता था कि डर दिमाग में पैदा होता है, और दुश्मन उसी डर का फायदा उठाता है।
उस रात अगर वह अंधविश्वास में फंस जाता, तो शायद घुसपैठ सफल हो जाती।
सुरेश ने बाद में अपने साथियों से कहा—
“फौजी का सबसे बड़ा हथियार सिर्फ बंदूक नहीं… उसकी समझ और हिम्मत है।”
यह घटना आधिकारिक रिकॉर्ड में एक सफल सतर्कता के रूप में दर्ज हुई।
और उस रात की कहानी आज भी जवानों को सिखाई जाती है—
हर परछाई भूत नहीं होती…
कभी-कभी वह देश की सुरक्षा की परीक्षा होती है।
जय हिंद 🇮🇳🇮🇳🌹
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🔱 भोलेनाथ की कृपा से जीवन में शांति, शक्ति और समृद्धि बनी रहे 🔱
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव से यही प्रार्थना है कि वे आपके हर कष्ट हर लें और जीवन को उजालों से भर दें।
आपको महा शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏
ॐ नमः शिवाय 🕉️
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कैसे जिया होगा वो व्यक्ति ,,
जिसे हराने अपने भी आये,
पराये भी आये और स्वयं भगवान भी..#!#
जय हिन्द 🇮🇳🇮🇳🌹🌹
जय माता दी 🙏🚩🙏💫🌹🌺😊
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फूल देना इश्क़ नहीं..
फ़ूलों की तरह रखना इश्क़ हैं 🌹🌹
🌺🌷🌻🌼🌻🌼
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सरहद पर ऐसे मस्ती मे वो भी रात मे...
देश की रक्षा करते हुए..
क्या जोश क्या ज़ज्बा..
जय हिंद 🇮🇳
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सुफियाना इश्क कि हसरत लिए तेरे दर पे
आयें हम ,,
सूरत ए ग़ुलाब में सनम अपना दिल
लेकर आयें है हम..
मेरी गुलाबों हैप्पी रोज़ डे
🥰😊😀🌹😘🌹🌹
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घना जंगल, ठंडी हवा और अँधेरा…
भारत–नेपाल बॉर्डर पर SSB की 27वीं बटालियन गश्त पर थी।
कमांड कर रहे थे सब-इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह—शांत चेहरा, लेकिन आँखों में आग।
रात करीब 2:30 बजे वॉकी-टॉकी पर आवाज़ आई—
“सर, बॉर्डर पिलर 112 के पास संदिग्ध मूवमेंट।”
अर्जुन ने हाथ का इशारा किया।
पूरी टीम जमीन से चिपककर आगे बढ़ी।
नाइट विज़न में साफ दिख रहा था—
हथियारों की तस्करी करने वाला गिरोह, भारी बैग्स के साथ बॉर्डर पार करने वाला था।
अचानक क्लिक!
एक सूखी टहनी टूटी।
“कौन है?”
अगले ही पल गोलियों की आवाज़ गूँज उठी।
“कवर लो!” अर्जुन गरजे।
जंगल गोलियों से काँप उठा।
एक तस्कर भागने लगा—
हवलदार राकेश ने दौड़ लगाई, छलाँग मारी और उसे ज़मीन पर पटक दिया।
दूसरी तरफ़ दो लोग नदी में कूद गए।
अर्जुन ने बिना सोचे पानी में छलांग लगा दी।
तेज़ बहाव, अँधेरा, लेकिन पकड़ मजबूत।
एक तस्कर ने चाकू निकाला—
धप्प!
अर्जुन की राइफल का बट उसके हाथ पर पड़ा।
चाकू पानी में गिर गया।
10 मिनट का ऑपरेशन।
6 तस्कर गिरफ्तार।
हथियार बरामद।
बॉर्डर सुरक्षित।
सुबह की पहली रोशनी में जवान चुपचाप खड़े थे।
कोई जश्न नहीं, कोई शोर नहीं।
राकेश ने कहा,
“सर, लोग कहते हैं बॉर्डर पर शांति है।”
अर्जुन मुस्कुराए,
“क्योंकि SSB जाग रही है।”
जब देश चैन से सोता है,
तब SSB का जवान जंगल, नदी और अँधेरे से लड़ रहा होता है।
जय हिन्द जय भारत 🇮🇳 🇮🇳🌹
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