Gopal Kaneria
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#🪔माघ पूर्णिमा🌸📿 #🙏माघ पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं
🪔माघ पूर्णिमा🌸📿 - स्नान,दान व तप के पावन पर्व पूणिमा माध की हार्दिक  पूर्णिमा की I शुभकामनाएँ शुभकामनाएँ। ईश्वर आपकी जीवन नैया को शांति, भक्ति और सद्मार्ग  की ओर ले जाए रसंन रविदास् जिर्यंनी पर ह्वार्दिक शुथकामनाए० स्नान,दान व तप के पावन पर्व पूणिमा माध की हार्दिक  पूर्णिमा की I शुभकामनाएँ शुभकामनाएँ। ईश्वर आपकी जीवन नैया को शांति, भक्ति और सद्मार्ग  की ओर ले जाए रसंन रविदास् जिर्यंनी पर ह्वार्दिक शुथकामनाए० - ShareChat
#🙏माघ पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं
🙏माघ पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं - स्नान,दान व तप के पावन पर्व पूणिमा माध की हार्दिक  पूर्णिमा की I शुभकामनाएँ शुभकामनाएँ। ईश्वर आपकी जीवन नैया को शांति, भक्ति और सद्मार्ग  की ओर ले जाए रसंन रविदास् जिर्यंनी पर ह्वार्दिक शुथकामनाए० स्नान,दान व तप के पावन पर्व पूणिमा माध की हार्दिक  पूर्णिमा की I शुभकामनाएँ शुभकामनाएँ। ईश्वर आपकी जीवन नैया को शांति, भक्ति और सद्मार्ग  की ओर ले जाए रसंन रविदास् जिर्यंनी पर ह्वार्दिक शुथकामनाए० - ShareChat
#🌷शुभ रविवार #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🌷शुभ रविवार - नयश्री कृष्ण ) पूर्णिमा माघ मास शुक्लपक्ष १फखरी २०२६ शुभ रविवार श्रीमद् भगवद् गीता ग्यारहर्वों अध्याय Q विश्वरूप दर्शन्योग गीता SIIT एवमेतद्यथात्थ त्वमात्मानं परमेश्वर [ द्रष्टुमिच्छामि ते रूपमैश्वरं पुरुषोत्तम II (३) मन्यसै यदै तच्छक्यं मया प्रभौ | द्रष्टुमिति यौगैश्वर ततौ मै त्वं दर्शयात्मानमव्ययमू Il (४) भावार्थ : हे परमेश्वर! इस प्रकार यह जेसा आप के द्वारा वर्णित आपका fಸ್ಮ हे पुरुषोत्तम! मै आपके वास्तविक रूप है मैं वैसा ही देख रहा हूँ ऐश्वर्य ्युक्त रूप को र्मैं प्रत्यक्ष दर्शन करना चाहता हूँ। (३) भावार्थ : हे प्रभु! यदि आप उचित मानते है कि र्मैं आपके उस रूप को देखने में समर्थ हूँ, तब हे योगेश्वर! आप कृपा करके मुझे अपने उस अविनाशी विश्वरूप में दर्शन दीजिये। (४) Wrlt @MiiMufwnim unseawn "आापकाा दिन शण मगलमय ठो।  g9 नयश्री कृष्ण ) पूर्णिमा माघ मास शुक्लपक्ष १फखरी २०२६ शुभ रविवार श्रीमद् भगवद् गीता ग्यारहर्वों अध्याय Q विश्वरूप दर्शन्योग गीता SIIT एवमेतद्यथात्थ त्वमात्मानं परमेश्वर [ द्रष्टुमिच्छामि ते रूपमैश्वरं पुरुषोत्तम II (३) मन्यसै यदै तच्छक्यं मया प्रभौ | द्रष्टुमिति यौगैश्वर ततौ मै त्वं दर्शयात्मानमव्ययमू Il (४) भावार्थ : हे परमेश्वर! इस प्रकार यह जेसा आप के द्वारा वर्णित आपका fಸ್ಮ हे पुरुषोत्तम! मै आपके वास्तविक रूप है मैं वैसा ही देख रहा हूँ ऐश्वर्य ्युक्त रूप को र्मैं प्रत्यक्ष दर्शन करना चाहता हूँ। (३) भावार्थ : हे प्रभु! यदि आप उचित मानते है कि र्मैं आपके उस रूप को देखने में समर्थ हूँ, तब हे योगेश्वर! आप कृपा करके मुझे अपने उस अविनाशी विश्वरूप में दर्शन दीजिये। (४) Wrlt @MiiMufwnim unseawn "आापकाा दिन शण मगलमय ठो।  g9 - ShareChat
#🪔शुभ शनिवार🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
🪔शुभ शनिवार🙏 - नयश्री कूृष्ण ) माघ मास शुक्लपक्ष त्रयोदशी ३१ जनवरी २०२६ शुभ शनिवार श्रीमद् भगवद् गीता ग्यारहर्वों अध्याय 0 विश्वरूप दर्शन्योग गीता ज्ञान मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसज्ज्ितम् यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोड्यं विगतो मम Il (৪) भवाप्ययो हि भूतानां  विस्तरशो मया | श्रुतो त्वतः कमलपत्राक्ष माहात्म्यमपि चाव्ययम् II (२) मुझ पर कृपा करने के लिए आपने जो अर्जुन ने कहा भावार्थ : परम गोपनीय अध्यात्मिक विषयक ज्ञान दिया हे॰ उस उपदेश से मेरा यह मोह दूर होे गया हे। (१) भावार्थ : हे कमलनयन! मैने आपसे समस्त सृष्टि की उत्पत्ति तथा प्रलय से सुना ओर आपकी अविनाशी महिमा का भी वर्णन विस्तार  / (?) गाभो गीता पढे पoए जीवाप लए। गाजही पजीपनकरा pngeelawn "आापका दिन शण् मगलमय ठो।  g9 नयश्री कूृष्ण ) माघ मास शुक्लपक्ष त्रयोदशी ३१ जनवरी २०२६ शुभ शनिवार श्रीमद् भगवद् गीता ग्यारहर्वों अध्याय 0 विश्वरूप दर्शन्योग गीता ज्ञान मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसज्ज्ितम् यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोड्यं विगतो मम Il (৪) भवाप्ययो हि भूतानां  विस्तरशो मया | श्रुतो त्वतः कमलपत्राक्ष माहात्म्यमपि चाव्ययम् II (२) मुझ पर कृपा करने के लिए आपने जो अर्जुन ने कहा भावार्थ : परम गोपनीय अध्यात्मिक विषयक ज्ञान दिया हे॰ उस उपदेश से मेरा यह मोह दूर होे गया हे। (१) भावार्थ : हे कमलनयन! मैने आपसे समस्त सृष्टि की उत्पत्ति तथा प्रलय से सुना ओर आपकी अविनाशी महिमा का भी वर्णन विस्तार  / (?) गाभो गीता पढे पoए जीवाप लए। गाजही पजीपनकरा pngeelawn "आापका दिन शण् मगलमय ठो।  g9 - ShareChat
#🌸शुभ शुक्रवार🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🌸शुभ शुक्रवार🙏 - नयश्री कृष्ण ) द्वदशी माघ मास शुक्लपक्ष ३० जनवरी २०२६ शुभ शुक्रवार श्रीमद्घगवद्वीता अथ्याय दशम 0I विभूति योग गीता ज्ञान भगवान उवाच किँ ज्ञातैन तवार्जुन ] बहुनैतैन अथवा विष्टभ्याहमिद कृत्स्नमेकांशेन स्थितो जगत्ू Il (४२) {ె भावार्थ : हे अर्जुन। तुझे इस प्रकार सारे ज्ञान को विस्तार से जानने की आवश्यकता ही क्या हैे, ्मै तो अपने एक अंश मात्र से सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को धारण करके सर्वत्र स्थित रहता ्ूॅl (४२) इस ऊँ तत्सदैति श्रीमद्रगवद्नौतासूपनिषत्सनु ब्रह्मविद्यार्यायौगशास्त्रै श्रीकृष्णार्जुनसवादै विभूतियौगौ नाम दशमोडष्यायः [| गाभा गीता पत पए णीवा लए। णाजती पजीपनकणा Jolngeela com] "luchl Rr 9 ' मगलमय ठो।" d नयश्री कृष्ण ) द्वदशी माघ मास शुक्लपक्ष ३० जनवरी २०२६ शुभ शुक्रवार श्रीमद्घगवद्वीता अथ्याय दशम 0I विभूति योग गीता ज्ञान भगवान उवाच किँ ज्ञातैन तवार्जुन ] बहुनैतैन अथवा विष्टभ्याहमिद कृत्स्नमेकांशेन स्थितो जगत्ू Il (४२) {ె भावार्थ : हे अर्जुन। तुझे इस प्रकार सारे ज्ञान को विस्तार से जानने की आवश्यकता ही क्या हैे, ्मै तो अपने एक अंश मात्र से सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड को धारण करके सर्वत्र स्थित रहता ्ूॅl (४२) इस ऊँ तत्सदैति श्रीमद्रगवद्नौतासूपनिषत्सनु ब्रह्मविद्यार्यायौगशास्त्रै श्रीकृष्णार्जुनसवादै विभूतियौगौ नाम दशमोडष्यायः [| गाभा गीता पत पए णीवा लए। णाजती पजीपनकणा Jolngeela com] "luchl Rr 9 ' मगलमय ठो।" d - ShareChat
#🌷शुभ गुरुवार #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🌷शुभ गुरुवार - नयश्री कृष्ण ) माघ मास शुक्लपक्ष एकादशी २९ जनवरी २०२६ शुभ गुरुवार श्रीमद्भगवद्वीता अध्याय दशम 0I विभूति योग गीता ज्ञान भगवान उवाच यद्यद्विभूतिमत्स्त्त्व श्रीमदूर्जितमैव वा ( तत्तदैवावगच्छ ्त्वँ भम तैर्जौंडशसष्भवमू Il (४१) ऐश्वर्ययुक्त, कांतियुक्त ओर भावार्थ : जोनजो शक्तियुक्त वस्तुर्ये हे, उननउन को तू मेरे तेज के अंश से ही उत्पन्न हुआ समझ। (४१) निवैदनः हमारै आसपास ्मेँ हौ रहै विराट हिंदू सम्मेलन सै अपनै आपकौ जौडेै और भाग लें। Wflti @MT NMufuioN  nseaMll "आापकाादि/ शण एव रमगलमय ठो।" नयश्री कृष्ण ) माघ मास शुक्लपक्ष एकादशी २९ जनवरी २०२६ शुभ गुरुवार श्रीमद्भगवद्वीता अध्याय दशम 0I विभूति योग गीता ज्ञान भगवान उवाच यद्यद्विभूतिमत्स्त्त्व श्रीमदूर्जितमैव वा ( तत्तदैवावगच्छ ्त्वँ भम तैर्जौंडशसष्भवमू Il (४१) ऐश्वर्ययुक्त, कांतियुक्त ओर भावार्थ : जोनजो शक्तियुक्त वस्तुर्ये हे, उननउन को तू मेरे तेज के अंश से ही उत्पन्न हुआ समझ। (४१) निवैदनः हमारै आसपास ्मेँ हौ रहै विराट हिंदू सम्मेलन सै अपनै आपकौ जौडेै और भाग लें। Wflti @MT NMufuioN  nseaMll "आापकाादि/ शण एव रमगलमय ठो।" - ShareChat
#🌷शुभ बुधवार #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🌷शुभ बुधवार - नयश्री कृष्ण ) माघ मास शुक्लपक्ष दशर्मी २८ जनवरी २०२६ शुभ बुधवार श्रीमद्भगवद्वीता अथ्याय दशम @kunorlh विभूति योग गीता ज्ञान भगवान उवाच नान्तौडस्ति मम दिव्यानां विभूतीनां परन्तप | एष तूद्देशतः प्रौक्तौ विभूतैर्विस्तरौ मया Il (४०) भावार्थ : हे परन्तप अर्जुन! मेरी लोकिक ओर अलोकिक ऐश्वर्यपुर्ण स्वरूर्पों का अंत नर्हीं हे, मैने अपने इन ऐश्वर्यों का वर्णन तो तेरे लिए संक्षिप्त रूप से कहा हे। (४०) fಿಹ निवैदनः हमारे आसपास र्मैं हौ रहै विराट सम्मैलन सै अपनै आपकौ जौडेै और भाग लें। Mivi @uNMwufuio Migsaam "IIuChT I wu मगलमय ठो।" ए्व नयश्री कृष्ण ) माघ मास शुक्लपक्ष दशर्मी २८ जनवरी २०२६ शुभ बुधवार श्रीमद्भगवद्वीता अथ्याय दशम @kunorlh विभूति योग गीता ज्ञान भगवान उवाच नान्तौडस्ति मम दिव्यानां विभूतीनां परन्तप | एष तूद्देशतः प्रौक्तौ विभूतैर्विस्तरौ मया Il (४०) भावार्थ : हे परन्तप अर्जुन! मेरी लोकिक ओर अलोकिक ऐश्वर्यपुर्ण स्वरूर्पों का अंत नर्हीं हे, मैने अपने इन ऐश्वर्यों का वर्णन तो तेरे लिए संक्षिप्त रूप से कहा हे। (४०) fಿಹ निवैदनः हमारे आसपास र्मैं हौ रहै विराट सम्मैलन सै अपनै आपकौ जौडेै और भाग लें। Mivi @uNMwufuio Migsaam "IIuChT I wu मगलमय ठो।" ए्व - ShareChat
#🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝
🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 - आपको ओरआपके पूरेपरिारको  गणतंत्रदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं Caao आपको ओरआपके पूरेपरिारको  गणतंत्रदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं Caao - ShareChat
#🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝
🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 - C@ajspuary ZXDEA भारतीय हैँ हम गणतंत्र दिवस 851 51fe5| शुभकामनाऐं @kaneria 6 C@ajspuary ZXDEA भारतीय हैँ हम गणतंत्र दिवस 851 51fe5| शुभकामनाऐं @kaneria 6 - ShareChat
#🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 - नयश्री कृष्ण ) माघ मास शुक्लपक्ष अष्टमी २६ जनवरी २०२६ शुभ सोमवार श्रीमद्भगवद्वीता अथ्याय दशम @kunorlm विभूति योग गीता ज्ञान भगवान उवाच यच्चापि सर्वभूतानां बीर्जं तदहमर्जुन (1 न तदस्ति विना यत्स्यान्भयाा भूर्तं चराचरमू Il (३९ ) भावार्थ : हे अर्जुन। वह बीज भी मैं ही हूँ जिनके कारण सभी प्राणीर्यों की उत्पत्ति होती हे, रक्योकि संसार र्में कोई भी ऐसा चर (चलायमान) या अचर (स्थिर) प्राणी नर्ही है, जो मेरे बिना अलग रह सके। (३९) गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं WFIk W WIl VTWGIIIITIWITFIWTIT Miecati "uuohl Rer 9w  मगलमय ठो।" एव नयश्री कृष्ण ) माघ मास शुक्लपक्ष अष्टमी २६ जनवरी २०२६ शुभ सोमवार श्रीमद्भगवद्वीता अथ्याय दशम @kunorlm विभूति योग गीता ज्ञान भगवान उवाच यच्चापि सर्वभूतानां बीर्जं तदहमर्जुन (1 न तदस्ति विना यत्स्यान्भयाा भूर्तं चराचरमू Il (३९ ) भावार्थ : हे अर्जुन। वह बीज भी मैं ही हूँ जिनके कारण सभी प्राणीर्यों की उत्पत्ति होती हे, रक्योकि संसार र्में कोई भी ऐसा चर (चलायमान) या अचर (स्थिर) प्राणी नर्ही है, जो मेरे बिना अलग रह सके। (३९) गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं WFIk W WIl VTWGIIIITIWITFIWTIT Miecati "uuohl Rer 9w  मगलमय ठो।" एव - ShareChat