Gopal Kaneria
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#🙏शुभ मंगलवार🌸 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏शुभ मंगलवार🌸 - नयश्री कूृष्ण ) फाल्गुन मास शुक्लपक्ष सप्तमी २४ फखरी २०२६ शुभ मंगलवार श्रीमद ग्यारह्वों अध्याय WIIRui6ll ' M विश्वरूप दर्शन योग गीता जान ঔতুন ওনাত नभःस्पृशं दीप्तमनेकवर्णव्यात्ताननं दीप्तविशालनेत्रम् | त्वां प्रव्यथितान्तरात्मा धृतिॅ न विन्दामि शमं च विष्णो II (२४) दृष्टवा भावार्थ : हे विष्णो! आकाश को स्पर्श करता हुआ, अनेको प्रकाशमान रंगो से युक्त मुख को फैलाये हुए और आपकी चमकती हुई बड़ी बड़ी आँ्खों को देखकर मेरा मन भयभीत हो रहा है॰ मैं न तो धेर्य धारण कर पा रहा हूँ और न ही शान्ति को प्राप्त कर पा रहा हूँ। (२४) ऊँ श्री हनुमंते नमः।| एबजरंग बली की कृपा आप पर सदेव बनी रहें।" lt WVMMMuಗWMIIIV pngoelawn Rululchl M l _w ndmcmg bine नयश्री कूृष्ण ) फाल्गुन मास शुक्लपक्ष सप्तमी २४ फखरी २०२६ शुभ मंगलवार श्रीमद ग्यारह्वों अध्याय WIIRui6ll ' M विश्वरूप दर्शन योग गीता जान ঔতুন ওনাত नभःस्पृशं दीप्तमनेकवर्णव्यात्ताननं दीप्तविशालनेत्रम् | त्वां प्रव्यथितान्तरात्मा धृतिॅ न विन्दामि शमं च विष्णो II (२४) दृष्टवा भावार्थ : हे विष्णो! आकाश को स्पर्श करता हुआ, अनेको प्रकाशमान रंगो से युक्त मुख को फैलाये हुए और आपकी चमकती हुई बड़ी बड़ी आँ्खों को देखकर मेरा मन भयभीत हो रहा है॰ मैं न तो धेर्य धारण कर पा रहा हूँ और न ही शान्ति को प्राप्त कर पा रहा हूँ। (२४) ऊँ श्री हनुमंते नमः।| एबजरंग बली की कृपा आप पर सदेव बनी रहें।" lt WVMMMuಗWMIIIV pngoelawn Rululchl M l _w ndmcmg bine - ShareChat
#🌷शुभ सोमवार #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
🌷शुभ सोमवार - नयश्री कृष्ण ) फाल्गुन मास शुक्लपक्ष षष्ठी २३ फखरी २०२६ शुभ सोमवार श्रीमद भगवद गीता ग्यारहवो अथ्याय M विश्वरूप दर्शन योग गीता जञान अर्जुन उवाच रूपं महत्ते बहुवक्त्रनेत्रंमहाबाहो बहुबाहूरूपादम् बहुदंष्ट्राकरालंदृष्टवा लोकाः प्रव्यथितास्तथाहम् II (२३) बहूदरं भावार्थ : हे महाबाहु! आपके अनेकों मुख आँखें, अनेको हाथ, जंघा, पैरों, अनेकों पेट और अनेक दाँतों के कारण विराट रूप को देखकर सभी लोक व्याकुल हो रहे हैं और उन्ही की तरह मैं भी व्याकुल हो रहा हूँ। (२३) भौलेनाथ की कृपा आप पर सदैव बनी रहें। MFI6IIW WUIVIIIIlIWIUITIWIWIWNII pngoelawn Rululchl M l _w ndmcmg brne नयश्री कृष्ण ) फाल्गुन मास शुक्लपक्ष षष्ठी २३ फखरी २०२६ शुभ सोमवार श्रीमद भगवद गीता ग्यारहवो अथ्याय M विश्वरूप दर्शन योग गीता जञान अर्जुन उवाच रूपं महत्ते बहुवक्त्रनेत्रंमहाबाहो बहुबाहूरूपादम् बहुदंष्ट्राकरालंदृष्टवा लोकाः प्रव्यथितास्तथाहम् II (२३) बहूदरं भावार्थ : हे महाबाहु! आपके अनेकों मुख आँखें, अनेको हाथ, जंघा, पैरों, अनेकों पेट और अनेक दाँतों के कारण विराट रूप को देखकर सभी लोक व्याकुल हो रहे हैं और उन्ही की तरह मैं भी व्याकुल हो रहा हूँ। (२३) भौलेनाथ की कृपा आप पर सदैव बनी रहें। MFI6IIW WUIVIIIIlIWIUITIWIWIWNII pngoelawn Rululchl M l _w ndmcmg brne - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🪔शुभ शनिवार🙏
🙏गीता ज्ञान🛕 - नयश्री कृष्ण ) चतुर्थी फाल्गुन मास शुक्लपक्ष २१ फखरी २०२६ शुभ शनिवार श्रीमद भगवद गीता TUIKYeI अथ्याय CALdlll विश्वरूप दर्शन योग गीता Rll l अर्जुन उवाच रुद्रादित्या वसवो ये च साध्याविश्वेषश्विनौ मरुतश्चोष्मपाश्च गंधर्वयक्षासुरसिद्धसङ्घावीक्षन्ते त्वां विस्मिताश्चेव सर्वे II (२२) भावार्थ : शिव के सभी रूप, सभी आदित्यगण, सभी वसु, सभी साध्यगण, सम्पूर्ण विश्व के देवता , दोर्नों अश्विनी कुमार तथा समस्त मरुतगण ओर पितर्रों का समूह, सभी गंधर्व, सभी यक्ष, समस्त राक्षस ओर सिर्द्घों के समूह वह सभी आश्चर्यचकित होकर आपको देख रहे है। (२२) MFIITW WGI WIIIII MIUI WWIFIWII Jolgeeta com] Rululchl M r _w ndmcmg brlo नयश्री कृष्ण ) चतुर्थी फाल्गुन मास शुक्लपक्ष २१ फखरी २०२६ शुभ शनिवार श्रीमद भगवद गीता TUIKYeI अथ्याय CALdlll विश्वरूप दर्शन योग गीता Rll l अर्जुन उवाच रुद्रादित्या वसवो ये च साध्याविश्वेषश्विनौ मरुतश्चोष्मपाश्च गंधर्वयक्षासुरसिद्धसङ्घावीक्षन्ते त्वां विस्मिताश्चेव सर्वे II (२२) भावार्थ : शिव के सभी रूप, सभी आदित्यगण, सभी वसु, सभी साध्यगण, सम्पूर्ण विश्व के देवता , दोर्नों अश्विनी कुमार तथा समस्त मरुतगण ओर पितर्रों का समूह, सभी गंधर्व, सभी यक्ष, समस्त राक्षस ओर सिर्द्घों के समूह वह सभी आश्चर्यचकित होकर आपको देख रहे है। (२२) MFIITW WGI WIIIII MIUI WWIFIWII Jolgeeta com] Rululchl M r _w ndmcmg brlo - ShareChat
#🌸शुभ शुक्रवार🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🌸शुभ शुक्रवार🙏 - नयश्री कृष्ण ) फाल्ुन मास शुक्लपक्ष तृतीया २० फखरी २०२६ शुभ शुक्रवार श्रीमद भगवद गीता TUIKYeI अथ्याय M विश्वरूप दर्शन योग गीता 5ll अमी हि त्वां सुरसङ्घा विशन्ति केचिद्नीताः प्राञ्जलयो  गृणन्ति | खस्तीत्युक्वा महर्षिसिद्धसङ्घाः स्तुवन्ति ल्वां स्तुतिभिः पुष्कलाभिः ।I (२१) भावार्थ : सभी देर्वों के समूह आप र्मे प्रवेश कर रहे हैे उनर्मे से कुछ भयभीत होकर हाथ जोड़कर आपका गुणगान कर रहे है॰ ओर महर्षिगण ओर सिर्द्घों के 'कल्याण हो' इस प्रकार कहकर उत्तम वैदिक स्तोर्त्रों द्वारा आपकी स्तुति कर रहे है। (२१) Mit MV iMu6wMinv Jolgeeta com] ஊeao RuluIchl C r D pd नयश्री कृष्ण ) फाल्ुन मास शुक्लपक्ष तृतीया २० फखरी २०२६ शुभ शुक्रवार श्रीमद भगवद गीता TUIKYeI अथ्याय M विश्वरूप दर्शन योग गीता 5ll अमी हि त्वां सुरसङ्घा विशन्ति केचिद्नीताः प्राञ्जलयो  गृणन्ति | खस्तीत्युक्वा महर्षिसिद्धसङ्घाः स्तुवन्ति ल्वां स्तुतिभिः पुष्कलाभिः ।I (२१) भावार्थ : सभी देर्वों के समूह आप र्मे प्रवेश कर रहे हैे उनर्मे से कुछ भयभीत होकर हाथ जोड़कर आपका गुणगान कर रहे है॰ ओर महर्षिगण ओर सिर्द्घों के 'कल्याण हो' इस प्रकार कहकर उत्तम वैदिक स्तोर्त्रों द्वारा आपकी स्तुति कर रहे है। (२१) Mit MV iMu6wMinv Jolgeeta com] ஊeao RuluIchl C r D pd - ShareChat
#🌷शुभ गुरुवार #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🌷शुभ गुरुवार - नयश्री कूृष्ण ) फाल्गुन मास शुक्लपक्ष द्वितीया १९ फखरी २०२६ शुभ गुरुवार श्रीमद ग्यारहर्वों अध्याय भगवद गीता E विश्वरूप दर्शन योग गीता Rll  द्यावापृथिव्योरिदमन्तरं हि व्याप्तं त्वयैकेन दिशश्च सर्वाः 6 दृष्ट्वाद्धुतं रूपमुग्रं तवेदंलोकत्रयं प्रव्यथितं महात्मन् II (२०) भावार्थ : हे महापुरूष! सम्पूर्ण आकाश लेकर पृथ्वी तक के बीच केवल आप ही अकेले सभी दिशाओं में व्याप्त हैं और आपके इस भयंकर आश्चर्यजनक रूप को देखकर तीनों लोक भयभीत हो रहे हैं। (२०) MFITWI WGW WIIIIMIUI WWIFIWII pngoela wn Tcmu brlo Paludb I / ம pd नयश्री कूृष्ण ) फाल्गुन मास शुक्लपक्ष द्वितीया १९ फखरी २०२६ शुभ गुरुवार श्रीमद ग्यारहर्वों अध्याय भगवद गीता E विश्वरूप दर्शन योग गीता Rll  द्यावापृथिव्योरिदमन्तरं हि व्याप्तं त्वयैकेन दिशश्च सर्वाः 6 दृष्ट्वाद्धुतं रूपमुग्रं तवेदंलोकत्रयं प्रव्यथितं महात्मन् II (२०) भावार्थ : हे महापुरूष! सम्पूर्ण आकाश लेकर पृथ्वी तक के बीच केवल आप ही अकेले सभी दिशाओं में व्याप्त हैं और आपके इस भयंकर आश्चर्यजनक रूप को देखकर तीनों लोक भयभीत हो रहे हैं। (२०) MFITWI WGW WIIIIMIUI WWIFIWII pngoela wn Tcmu brlo Paludb I / ம pd - ShareChat
#🙏शुभ मंगलवार🌸 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏शुभ मंगलवार🌸 - नयश्री कृष्ण ) फाल्गुन मास कृष्णपक्ष अमावस्थया १७ फरवरी २०२६ शुभ मंगलवार श्रीमद ग्यारहर्वों अध्याय भगवद गीता 0 विश्वरूप दर्शन ्योग गीता ज्ञान अनादिमध्यान्तमनन्तवीर्यमनन्तबाहुं शशिसूर्यनेत्रम् पश्यामि त्वां दीप्तहुताशवक्त्रंस्वतेजसा विश्वमिदं तपन्तम् II (१९) भावार्थ : आप अनादि है, अनन्त हैे ओर मध्य रहित है आपकी महिमा अनन्त हे, आपकी असंख्य भुजार्ऐंँ हे, चन्द्र ओर सूर्य आपकी और्खे हे, ्मै आपके मुख से जलती हुई अग्नि के निकलने वाले तेज के तपते हुए 7 देख रहा हू। (१९) कारण इस संसार को "बजरंग बली की कृपा आप पर सदेव बनी रहे।" MFI W WGI WIITIIWIUI WWIFIWI pngoela @n Tcmu blo nuuIchl R  Uu pd नयश्री कृष्ण ) फाल्गुन मास कृष्णपक्ष अमावस्थया १७ फरवरी २०२६ शुभ मंगलवार श्रीमद ग्यारहर्वों अध्याय भगवद गीता 0 विश्वरूप दर्शन ्योग गीता ज्ञान अनादिमध्यान्तमनन्तवीर्यमनन्तबाहुं शशिसूर्यनेत्रम् पश्यामि त्वां दीप्तहुताशवक्त्रंस्वतेजसा विश्वमिदं तपन्तम् II (१९) भावार्थ : आप अनादि है, अनन्त हैे ओर मध्य रहित है आपकी महिमा अनन्त हे, आपकी असंख्य भुजार्ऐंँ हे, चन्द्र ओर सूर्य आपकी और्खे हे, ्मै आपके मुख से जलती हुई अग्नि के निकलने वाले तेज के तपते हुए 7 देख रहा हू। (१९) कारण इस संसार को "बजरंग बली की कृपा आप पर सदेव बनी रहे।" MFI W WGI WIITIIWIUI WWIFIWI pngoela @n Tcmu blo nuuIchl R  Uu pd - ShareChat
#🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕
🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩 - नयश्री कृष्ण ) फाल्गुन मास कृष्णपक्ष त्रयोदशी १५ फखरी २०२६ शुभ रविवार महा शिवरात्रि श्रीमद भगवद गीता ग्यारह्वों अथ्याय 0 विश्वरूप दर्शन योग गीता ज्ञान त्वमक्षरं परमं वेदितव्यंत्वमस्य विश्वस्य परं निधानम् 11 शाश्वतधर्मगोप्ता सनातनस्त्वं সনী ম Il (৪৫) पुरुषो त्वमव्ययः भावार्थ : हे भगवन! आप ही जानने योग्य परब्रह्म परमात्मा ्है॰ आप ही इस जिगत के परम आधार है आप ही अविनाशी सनातन धर्म के पालक हैं ओर मेरी समझ से आप ही अविनाशी सनातन पुरुष हे। (१८) ओनमःपंर्वती पतये महादेव का आशीर्वाद हरहुरभहुदिव आप पर बना रहे। lt WVTIMMVಗWMIIIV Jolgeeta com] Tcm bilo Paludb I / ம pd नयश्री कृष्ण ) फाल्गुन मास कृष्णपक्ष त्रयोदशी १५ फखरी २०२६ शुभ रविवार महा शिवरात्रि श्रीमद भगवद गीता ग्यारह्वों अथ्याय 0 विश्वरूप दर्शन योग गीता ज्ञान त्वमक्षरं परमं वेदितव्यंत्वमस्य विश्वस्य परं निधानम् 11 शाश्वतधर्मगोप्ता सनातनस्त्वं সনী ম Il (৪৫) पुरुषो त्वमव्ययः भावार्थ : हे भगवन! आप ही जानने योग्य परब्रह्म परमात्मा ्है॰ आप ही इस जिगत के परम आधार है आप ही अविनाशी सनातन धर्म के पालक हैं ओर मेरी समझ से आप ही अविनाशी सनातन पुरुष हे। (१८) ओनमःपंर्वती पतये महादेव का आशीर्वाद हरहुरभहुदिव आप पर बना रहे। lt WVTIMMVಗWMIIIV Jolgeeta com] Tcm bilo Paludb I / ம pd - ShareChat
#🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩 - &दम४ शिवाय ०D फाल्गुन मास १५ फरवरी त्रयोदशी 2026 & महादेव नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वर्ा्य | नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मे न _ काराय नमः शिवाय | भगवान शिव आपकी सभी चिंता्ओं का समाधून कर्रें और उनका आशीर्वाद सदा आपके साथ रहे। ६ापको मृद्ञाशिवरात्रि की हार्निक शुभकामनाप! &दम४ शिवाय ०D फाल्गुन मास १५ फरवरी त्रयोदशी 2026 & महादेव नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वर्ा्य | नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मे न _ काराय नमः शिवाय | भगवान शिव आपकी सभी चिंता्ओं का समाधून कर्रें और उनका आशीर्वाद सदा आपके साथ रहे। ६ापको मृद्ञाशिवरात्रि की हार्निक शुभकामनाप! - ShareChat
#🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩
🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩 - @ 8 महयादेव महयदेव काल हर |l सर्व रोग हर Il कष्ट हर |l सर्व पाप हर Il ऊँ नमः पार्वती पतये ತತ೯ I हर हर महादेव |I qIRa గౌ II सह्याशिवरात्रि की हदिकशुआकामनाएंँ @ 8 महयादेव महयदेव काल हर |l सर्व रोग हर Il कष्ट हर |l सर्व पाप हर Il ऊँ नमः पार्वती पतये ತತ೯ I हर हर महादेव |I qIRa గౌ II सह्याशिवरात्रि की हदिकशुआकामनाएंँ - ShareChat
#🌸शुभ शुक्रवार🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🌸शुभ शुक्रवार🙏 - नयश्री कृष्ण ) एकादशी फाल्गुन मास कृष्णपक्ष १३ फखरी २०२६ शुभ शुक्रवार श्रीमद भगवद गीता ग्यारहवों अथ्याय 9 विश्वरूप दर्शन योग गीता ज्ञान ঔতুন ওনাত किरीटिनं गदिनं चक्रिणं च तेजोराशिं सर्वतो दीप्तिमन्तम् [ पश्यामि त्वां दुर्निरीक्ष्यं समन्ताद्दीप्तानलार्कद्युतिमप्रमेयम् II (१७) ओर से मुकुट ) पहने हुए, गदा धारण किये भावार्थ : ्मै आपको चार्रों हुए ओर चक्र सहित अपार तेज से प्रकाशित देख र्हा हू ओर आपके रूप को सभी ओर से अग्नि के समान जलता हुआ, सूर्य के समान चकार्चीघ करने वाले प्रकाश को कठिनता से देख पा रहा ्ूl (१७) fit V MufuMoiv pingoela wn "uluohl R5 Uw Tucm bile pd नयश्री कृष्ण ) एकादशी फाल्गुन मास कृष्णपक्ष १३ फखरी २०२६ शुभ शुक्रवार श्रीमद भगवद गीता ग्यारहवों अथ्याय 9 विश्वरूप दर्शन योग गीता ज्ञान ঔতুন ওনাত किरीटिनं गदिनं चक्रिणं च तेजोराशिं सर्वतो दीप्तिमन्तम् [ पश्यामि त्वां दुर्निरीक्ष्यं समन्ताद्दीप्तानलार्कद्युतिमप्रमेयम् II (१७) ओर से मुकुट ) पहने हुए, गदा धारण किये भावार्थ : ्मै आपको चार्रों हुए ओर चक्र सहित अपार तेज से प्रकाशित देख र्हा हू ओर आपके रूप को सभी ओर से अग्नि के समान जलता हुआ, सूर्य के समान चकार्चीघ करने वाले प्रकाश को कठिनता से देख पा रहा ्ूl (१७) fit V MufuMoiv pingoela wn "uluohl R5 Uw Tucm bile pd - ShareChat