@hajimahmad131
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Hajimahmad Hingora

president R.T.I & GREEN activist group of Bhanvad social worker

વિચારવા જેવી વાત આવતી કાલે કદાચ નીચેની ઘટના હકકીત બની શકે એક આદિવાસી યુવક બેન્કમાં ભેંસોની ખરીદી માટે લોન લેવા ગયો. તેને બે લાખ રુપિયાની જરુર હતી. બ્રાન્ચ મેનેજરે તેની સામે જોઇને પુછ્યું: આ લોનની સામે ગેરંટી તરીકે આપ શુ આપવા માંગો છો. જો કે આદિવાસી યુવક સમજી ના શક્યો તો મેનેજરે શાંતિથી સમજ આપી યુવકે કહ્યું લોનની સામે પોતાનું ઘર લખી આપ્યું એટલે તેને પાંચ વરસ માટે નવ ટકાના દરે બે લાખની લોન મળી ગઇ. માત્ર છ જ મહિનામાં તે આદિવાસી યુવકે પુરેપુરી બે લાખની લોન વ્યાજ સાથે ભરપાઈ કરી, તે ઉપરાંત તેની પાસે સારી એવી બચત પણ થઇ હતી. મેનેજર ખુશ થઇ ગયા, લોનનો ટારગેટ પુરો થઇ ગયો હતો હવે મનમાં વિચાર્યું કે ફિકસ ડિપોઝીટનો ટારગેટ પણ પુરો કરી લઇએ. મેનેજરે યુવકને બોલાવ્યો અને કહ્યુ : તમારી પાસે જે નાણા છે તેનું તમે શું કરશો? યુવકે કહેલું અમારા ઘરની તીજોરીના મુકીશ. મેનેજરે યુવકને કહ્યું : જો તમારા નાણા અમારી બેન્કમાં મુકશો તો અમે તમને સાત ટકા વ્યાજ આપીશું જેને કારણે તમારી મુડી વધતી રહેશે. યુવકે મેનેજરને પુછ્યુ મારા નાણાની સામે તમે જામીન તરીકે શુ આપશો? મેનેજર સામે જોઇ રહ્યો આવનારા દિવસોમાં બેંક સાથે આ રીતે જ કામ લેવું પડશે #📖 ચાણક્ય નીતિ
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📖 ચાણક્ય નીતિ

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1 દિવસ પહેલા
દ્વારકા બ્રેકીંગ દેવભૂમિ દ્વારકા જિલ્લાના પત્રકાર પર હૂમલોનો મામલો... દ્વારકા જિલ્લાના ભાણવડ શહેરમાં પેપરના પત્રકાર પર થોડા દિવસો પહેલા હૂમલો... જિલ્લાના તમામ પ્રિન્ટ-ઈલેક્ટ્રોનિક મિડિયાના પત્રકારો ભરાયા રોષે... ભાણવડના શિવ કૃપા સ્કૂલના સંચાલક દ્વારા ન્યુઝ પેપરના પત્રકાર પર જાહેર રોડ પર હુમલો કરી જાનથી મારી નાખવાની ધમકી આપી... સ્કૂલ ના સંચાલક જે પી કરમુર હુમલો કર્યા બાદ 9 દિવસ બાદ પણ પોલીસ પકડ થી દુર હોઈ જિલ્લા ના પત્રકારોએ એસ પી ને આવેદન આપી તાત્કાલિક કાર્યવાહી કરવાની કરી માંગ... એસ.પી.સાહેબે જણાવ્યું હતું કે,આ બાબતે યોગ્ય કાર્યવાહી કરવામા આવશે... આ મામલે જો યોગ્ય કાર્યવાહી કરવામાં નહિ આવે તો જીલ્લાના તમામ પત્રકારો દ્રારા સરકારી કાર્યક્રમોનો બહિષ્કાર કરવામાં આવશે... #📅 તાજા સમાચાર
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📅 તાજા સમાચાર

📅 તાજા સમાચાર - SM BU CHANNEL સમાચાર ટર્ડ ની RANA , No : GUJGUJ / 201137525 ગુજરાતની ધરતીનું ગુજરાતીઓ માટે જ સૌરાષ્ટ્ર હેડ ઓફિક્સ જામનગર સાધના કોલોની , મેન રોડ , જામનગર SAMACHAR TODAY UDL = 12 / 10 / 2017 BREAKING NEWS દ્વારકા એસ પી ને પત્રકાર પર હુમલાને લઈ આવેદન એન્કર - દ્વારકા એસ પી કચેરીએ આજે દ્વારકા જિલ્લાના ભાણવડના ન્યૂઝપેપરના પદ્ગકાર પર થયેલા હુમલા ને લઈ પત્રકારો જિલ્લા પોલીસ વડાને આવેદન આપી આ મામલે યોગ્ય કાર્યવાહી કરવા માંગ કરાઈ હતી વિઓ - ભાણવડના પત્રકાર તેિન્દ્રસિંહ જાડેજા પર 9 દિવસ પહેલા થયેલા હુમલાને લઈ દ્વારકા જિલ્લાના પત્રકારો દ્વારા જિલ્લા એસ . પી ને આવેદન આપવામાં આવ્યું હતું ભાણવડ શિવકૃપા સ્કૂલના સંચાલક જે પી . કરમુરે સરી જાહેર ભાણવૈ રોડપર પત્રકૂારને રસ્તા વચ્ચે કૈાર આડી રાખી હુમલો કૂર્યા બાદ 9 દિવસ બાદ , પણ પોલીસ પકડ થી ધૈર હોઈ જિલ્લાના પત્રકારોએ એસપી ને આવેદન આપી તાત્કાલિક કાર્યવાહી કરવાની માંગ કરી હતી પત્રકાર પર હુમલાને લઈ દ્વારકા જિલ્લા પત્રકાર મંડળમાં ભારે રોષ જોવા મળી રહ્યો છે ત્યારે આરોપી હુમલો કર્યા બાદ પણ 3 દિવસથી પકડ થી દુર e હોઈ પત્રકારોમાં ભારે રોષ જોવા મળી રહ્યો છે - ShareChat
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5 દિવસ પહેલા
#माँ_का_क़र्ज़...!🙏🙏💚💚 💞एक बार बेटे और माँ में बहस शुरू हो गयी। बेटे ने माँ को कहा माँ, तू हमेशा यही कहती रहती है, कि माँ का कर्जा कभी नहीं उतर सकता। अब मैं तंग आ गया हु ये सब सुनकर। आज मैं तेरे अगले पिछले सब क़र्ज़ चूका दूंगा। बता कितना कर्ज़ा है तेरा? तुझे क्या चाहिए? रूपया, सोना, चांदी, जेवर? बता माँ ऐसा क्या दू, जिससे तेरा कर्ज़ा उतर जाए। 💞माँ ने बेटे को बड़े आराम से कहा -- बेटा, ये रुपये पैसे सोने चांदी से तो मेरा कर्जा नहीं उतरेगा। अगर तुझे मेरा क़र्ज़ उतारना है, तो एक काम कर, आज रात तू मेरे पास, मेरे कमरे में सो जा। अगर तू एक रात के लिए मेरे पास सो जाएगा, तो मैं समझूंगी, कि तूने मेरा क़र्ज़ उतार दिया। 💞बेटे ने सोचा, कि सिर्फ एक रात की ही तो बात है, सो जाता हू -- माँ के पास। जैसा तय हुआ था, उस दिन बेटा माँ के कमरे में ही सो गया। 💞जैसे ही बेटे को नींद आनी शुरू हुई, माँ ने बेटे को जगा दिया और कहा -- बेटा, प्यास लगी है, एक ग्लास पानी पिला दे। 💞बेटे ने कहा -- ठीक है माँ, अभी लाता हु। माँ ने थोड़ा पानी पिया और बाकी पानी बेड पर फेंक दिया, जहाँ बेटा सोया था। 💞बेटे ने कहा -- अरे, माँ ये क्या किया? तुमने तो मेरी जगह सारी गीली कर दी। अब मैं कैसे सोऊंगा। 💞माँ ने कहा -- बेटा गलती हो गयी। कोई बात नहीं सो जा। अभी सूख जाएगा। बस एक रात ही तो सोना है तुझे। 💞बेटा जैसे तैसे उस गीले बेड पर सो गया। अभी आँख थोड़ा भारी हुई ही थी, कि माँ ने फिर बेटे को जगा दिया और कहा -- बेटा पानी पिला दे। 💞अब बेटे को थोड़ा गुस्सा आ गया और उसने माँ को कहा -- माँ अभी तो पानी पिया था, इतनी जल्दी प्यास लग गयी? 💞माँ ने कहा -- बेटा गर्मी बहुत ज़्यादा है ना, इसलिए प्यास लग रही है। एक गिलास और पानी पिला दे। 💞बेटे ने थोड़ा मुंह बनाया और पानी का गिलास लेकर आ गया। माँ ने थोड़ा पानी पिया और बाकी पानी फिर बेटे की जगह पर गेर दिया। 💞अब बेटे का गुस्सा सांतवे आसमान पर पहुँच गया। बेटे ने माँ को बहुत अपशब्द कहे। बेटे ने कहा -- माँ तू पागल हो गयी है क्या? तूने मेरी जगह पर पानी गिरा दिया। बार बार मेरा बिस्तर क्यों गीला कर दिया? इस बार बेटे ने दर्जनों बाते सुना दी अपनी माँ को, लेकिन माँ कुछ ना बोली। 💞माँ ने धीमी आवाज़ में कहा -- बूढी हो गयी हु ना बेटा, गलती से गिर गया। कोई बात नहीं एक रात की बात है। तू सो जा, अभी थोड़ी देर में सूख जाएगा। 💞जैसे तैसे बेटा फिर गीले बिस्तर पर लेट गया। काफी देर तक नींद नहीं आयी। लेकिन 1 घंटे बाद फिर से बेटे की आँखें नींद से भारी होने लगी और तभी माँ ने बेटे को फिर से उठा दिया और कहा -- बेटा पानी...! 💞माँ ने अभी इतना कहा ही था, कि बेटा झल्ला उठा और बोला -- भाड़ में जाए तेरा कर्जा, मैं जा रहा हू अपने कमरे में सोने। 💞इतना सुनते ही माँ ने बेटे के गाल पर एक ज़ोरदार तमाचा मारा और कहा -- तू मेरा कर्ज़ा उतारने चला था। तू एक बार मेरे कमरे में सो गया और मैंने सिर्फ दो बार तेरा बिस्तर गीला कर दिया, तो तू भाग रहा है यहाँ से। 💞मैंने तो तेरा बिस्तर साफ़ पानी से गीला किया, लेकिन जब तू छोटा था, तो मेरा बिस्तर अपने पेशाब और मल से गीला करता था और मैं खुद गीले पर लेटती थी और तुझे सूखे बिस्तर पर लिटाती थी। मैं सारी रात तेरी गन्दगी में सोती थी, लेकिन फिर भी मेरा प्यार, कभी भी तेरे लिए कम नहीं हुआ। 💞मैंने तो सिर्फ दो बार पानी माँगा, तो तुझे इतना गुस्सा आ गया। पर जब तू छोटा था, तो रात में कभी पानी, तो कभी दूध मांगता था और मैं हर बार मुस्कुरा कर, अपने हाथो से तुझे पिलाती थी। 💞जब तू रात को बीमार होता था, तो पूरी रात तुझे अपने सीने से लगा कर, आँगन में घूमती थी, ताकि तू सो जाए। 💞और आज तू निकला है, माँ का क़र्ज़ चुकाने। बेटा एक जन्म में तो क्या कभी नहीं उतार सकता। वाकई_में_माँ_का_क़र्ज़_कोई_नहीं #उतार_सकता_और_माँ_बाप_के_महत्त्व_का_तो_तभी #💕 પ્રેમની મહેફિલ
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💕 પ્રેમની મહેફિલ

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19 દિવસ પહેલા
एक काल्पनिक संस्मरण आज शादी के 50 साल बाद जब याद करती हूँ वो लम्हा जब तुम मेरा गौना कराके मुझे लेने आये थे। तो अनायस ही चेहरे पर मुस्कान तैरने लगती है। पहली बार किसी अजनबी के साथ अकेले सफर पर जाना, वो भी बैलगाड़ी में। जितना बैलगाड़ी हिलती थी उतना ही मैं और शरमा जाती थी और सिमट के बैठ जाती थी वो मुई हवा भी जैसे मुझसे कोई दुश्मनी निकाल रही थी,बार बार पल्लू उड़ाये दे रही थी। मैंने कनखियों से जितनी बार झाँककर देखा तुमको अपनी ओर शरारती निगाहों से देखते ही पाया। घबराहट से मैं पसीना पसीना हो रही थी।उम्र भी क्या थी मेरी बस यही कोई 16 बर्ष और आपकी 20बर्ष ,राह अन्जान, राही अन्जान, और हम तुम जवान, अब तुम कहोगे मैं अजनबी और अन्जान कैसे हो गया। कहोगे हमारा जीवन भर का साथ है और तुम बार बार मुझे अजनबी सम्बोधित कर रही हो अरेरेरे रे रे .. हाँ अजनबी तो ही थे आप ।भला निकाह और कुछ विवाह की रस्मों में कोई किसी को कितना जान सकता है। पहले फोन की सुविधा कहाँ थी जो हम एक दूसरे से बात कर पाते। और तो और अब तो लड़की-लड़के की पसन्द देखी जाती है। हमारा रिश्ता तो घर के बड़ों ने तय किया था।शादी में मैं लम्बे घूँघट में थी और आपका चेहरा सेहरे के पीछे था। हमने तब भी एक दूसरे को नहीं देखा था।आज से 50 साल पहले औरतों को लज्जा, शर्मोहया जैसे शब्द बचपन से रटा दिये जाते थे। अब तो खुल्लमखुल्ला फोन पर पूरी रात बात होती है। अरे और तो और रिश्ता तय होती ही लड़का, लड़की को आई फोन गिफट कर देता है। पर हमारा जमाना अलग था। हमारे जमाने में बिल्कुल आजादी नहीं थी। आपने एक जगह बैलगाड़ी रोक दी शायद बैलों को पानी पिलाना था। मुझसे भी पानी को पूछा पर मैंने मना कर दिया जबकि प्यास लगी थी मुझको जोरों की। आप जैसे समझ गये मेरी प्यास को आपने मेरे मना करने के बाद भी मुझे पीने को पानी दिया। मैंने पूरी सुराही एक ही बार में खाली कर दी। आप बोले अरे बाप रे! प्यास ना थी तो इतना पानी पिया प्यास होती तो कितना पीती।आपकी इस बात पर मैं खिलखिला पड़ी थी।तब आपने साहस करके मेरा हाथ अपने हाथ में लिया और कहा ,"काहे घबरात हो हम हैं ना "अब क्या कहती?अचानक से मुँह से निकला आप हो तभी तो घबराहट है" कहकर हाथ पीछे खींचलिया। मेरा इतना कहना था पहले तो यह सकपकाये फिर लगे जोर जोर से हँसने ।मैं पागलों की तरह इनको देखे जा रही थी। मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि मैंने ऐसा क्या कह दिया जो यह इतना हँस रहे हैं। अब ये थोड़ा सा और पास आ गये। मैंने पीछे सरकना चाहा पर अजीब से आकर्षण की वजह से पीछे नहीं हट सकी।यह मुझसे बातें करने लगे बोले ,बैल थक गये हैं इनको आराम की जरुरत है। तुम भी थोड़ी देर मेरी गोदी का तकिया लगाकर लेट जाओ।मैं लेट गयी पर गोदी का तकिया लगाकर नहीं अपनी कपड़ों की गठरी सिर के नीचे लगाकर ।मौसम सुहाना था, हवा बहुत मस्त चल रही थी , थकान भी थी एक शादी की भी और दूसरी सफर की मुझे जल्द ही नींद ने आ घेरा। मेरी नींद भाभी आ गयी भाभी आ गयी की आवाज से टूटी तो देखा ये मुझे हिला रहे थे झुमका उठो घर आ गया। मैं सकपका गयी और शायद नींद की खुमारी में बोली ,"यह हमार घर थोड़े ही है।" इसपर सब लोग ठहाके मारकर हँसने लगे। तभी सासू माँ आगे बढ़ीं और बोली ,"बहू यह तुमरे भरतार को घर है।आज से मेरो बेटा तुम्हारऔर यह घर भी तुम्हार।चलो गाड़ी से उतरो और अपने भरतार और घर को सम्भालो। मैं कभी इनको देखूँ कभी सासू माँको और फिर घर के अन्दर आ गयी तुम्हार भरतार तुम्हार घर जैसे शब्द सुनकर जैसे एकदम सब मेरा हो गया हो। पता ही नहीं चला सारा डर कहाँ गायब हो गया। और मैं उस घर की और वो घर मेरा हो गया। ये आज भी खुद को अजनबी कहकर यदा कदा मुझे चिढ़ा देते हैं। सारा वाक्या याद करके मैं मुस्करा कर रह जाती हूँ और सोचती हूँ ,या अल्लाह मैं कितनी पागल थी। #💕 પ્રેમની મહેફિલ
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💕 પ્રેમની મહેફિલ

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21 દિવસ પહેલા
मुझे Follow नहीं किया है तो करले ताकि आप समय -समय पर इस प्रकार की रोचक जानकारी पढ़ सके साथ ही आपके Follow करने से हमारा मनोबल भी बढ़ता है जिससे की हम अगली बार इससे भी बेहतर लिखने का प्रयास करते है गरीब मिलों चलता है भोजन पाने के लिए , आमिर चलता है ,उसे पचाने के लिए , किसी के पास खाने के लिए ,एक वक़्त की रोटी नहीं है , किसी के पास एक रोटी ,खाने का वक़्त नहीं है , कोई अपनों के लिए ,अपनी रोटी छोड़ देता है , कोई रोटी के लिए ,अपनों को छोड़ देता है , दौलत के लिए सेहत खो देता है , सेहत पाने के लिए अपनों को छोड़ देता है , जीता ऐसा है जैसे कभी मरेगा नहीं , और मर ऐसे जाता है , जैसे कभी जिया ही नहीं , एक मिनट में जिंदगी नहीं बदलती ,एक मिनट में लिया गया फैसला , जिंदगी बदल देता है। जीवन में हमेशा एक दूसरे को ,समझने का प्रयास करो , परखने का नहीं। जीवन का एक नियम है की ,अगर तुम प्रतीक्षा कर सको तो ,सभी चीज़े पूरी हो जाती है। साईकिल और जिंदगी ,तभी बेहतर चल सकती है , जब चैन हो। #💕 પ્રેમની મહેફિલ
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💕 પ્રેમની મહેફિલ

💕 પ્રેમની મહેફિલ - घर से ये सोच के निकला हूँ कि मर जाना है अब कोई राह दिखा दे कि किधर जाना है जिस्म से साथ निभाने की मत उम्मीद रखो इस मुसाफ़िर को तो रस्ते में ठहर जाना है मौत लम्हे की सदा जिंदगी उम्रों की पुकार मैं यही सोच के ज़िंदा हूँ कि मर जाना है नश्शा ऐसा था कि मय - खाने को दुनिया समझा होश आया तो ख़याल आया कि घर जाना है मिरे जज़्बे की बड़ी क़द्र है लोगों में मगर मेरे जज़्बे को मिरे साथ ही मर जाना है - ShareChat
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25 દિવસ પહેલા
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હું આ પોસ્ટની ફરિયાદ કરવા માંગુ છુ, કારણકે આ પોસ્ટ...
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