मेरी कल्पनाओं में सदैव एक शख्स रहा,वो उनमें हमेशा मेरा ही अक्स रहा, उसके साथ मेने अपना हर दुख बाँट लिया, उसी के साथ मेने हर बुरा समय काट लिया, उसी के साथ मेने अपनी जिंदगी के खूबसूरत पल भी जी लिए, वो रोज मुझे मेरी कल्पनाओं में मिलता है, मैं उसके लिए लिए जरूरी सी हु बस यही कहता है, उसके कल्पनाओं में होने भर से मैं फिर से जी जाती हूँ, उसके एहसास भर से मैं कलियों सी खिल जाती हूँ,जब हम गुस्सा होते हैं तो बस शांत रहते हैं, होठों से चुप रहकर खामोशी से सारी बातें करते है, कब कहाँ कैसे क्या सही क्या गलत हो गया उसको साथ मिलकर सुधार भी लेते हैं, पर जब हकीकत से सामना करती हूं तब खुद को अकेला ही पाती हूँ, अकेले जी जाना मुस्किल होता है इसलिए मैं फिर उन्हीं कल्पनाओं में लौट जाती हूँ........ #🪖हरियाणवी फौजी #😍 दिल के जज्बात