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#न_जन्मा_न_मरा हिंदू राजा बीर सिंह बघेल और मुस्लिम राजा बिजली खाँ—दोनों कबीर साहेब के शिष्य थे। कबीर साहेब ने कहा—जो मिलेगा आधा-आधा बाँट लेना। अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj App डाउनलोड करें। 508th God Kabir NirvanDiwas #भ भक्ति भावनाएं
भ भक्ति भावनाएं - तl ज्ञन्म त। म२ ~ परमात्मा कबीर साहेब जी तो आदिन्अनंत अविनाशी है | माँ के गरभ से परे, लहारतारा के जल पर प्रकट होने वाले हान   कबी२ णहेब जी ही पूर्ण पशमात्मा है । सुंत गरीबदास नी की वाणी में प्रृमाण है : गरीब अनंत कोटि ब्रहांड में बंदी छोड कहाय सो तो एक कबीर है, जननी जन्या न माय Sant Rampal Ji YOUTUBE fiee Buuk : Maharaj 7496801845 CHANNEL CSanIRpaMaa SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG  SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ तl ज्ञन्म त। म२ ~ परमात्मा कबीर साहेब जी तो आदिन्अनंत अविनाशी है | माँ के गरभ से परे, लहारतारा के जल पर प्रकट होने वाले हान   कबी२ णहेब जी ही पूर्ण पशमात्मा है । सुंत गरीबदास नी की वाणी में प्रृमाण है : गरीब अनंत कोटि ब्रहांड में बंदी छोड कहाय सो तो एक कबीर है, जननी जन्या न माय Sant Rampal Ji YOUTUBE fiee Buuk : Maharaj 7496801845 CHANNEL CSanIRpaMaa SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPALJIM SUPREMEGODORG  SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ - ShareChat
#508वां_GodKabir_निर्वाणदिवस पांच तत्व का धड़ नहीं मेरा, जानूं ज्ञान अपारा। कबीर साहेब स्वयं कहते हैं—मैं अविनाशी परमात्मा हूँ। न मेरा जन्म होता है, न मृत्यु। सबका उद्धार करने ही परमेश्वर कबीर साहेब आए थे। SatLok Ashram #भगवान
भगवान - न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः  सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1miRpa AMnll ral ' न जन्मा, नमरा महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि॰ स. १५७५, सन् १५१८ को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान धाम जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त ९३ मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है। गरीब, ` काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर। काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।। [ ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त ९३ मंत्र २ ] शिशुः  सम् मातृभिः न वावशानः वृषा दधन्वे पुरुवरः अरिः मर्यः न योषाम् अभि निष्कृतम् यन्त् सम् गच्छते कलश उस्त्रियाभिः Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj 7496801825 CHANNEL CS1miRpa AMnll ral ' - ShareChat
#मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा कबीर साहेब ने मृत्यु के डर को सदा के लिए मिटा दिया। जो सशरीर सतलोक गया, वही पूर्ण परमात्मा है। 2Days Left For Nirvan Diwas #🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - मगहर से सतलोक गया कबोरा , जाका पाया नहों शरोरा | संत गरीबदास जी महाराज की वाणी ( पारख के अंग से वाणी ):- बिछाये , सिज्या छाड़ी पदहि समाये। तहां वहां चादर ह्दहूँदन फुूलई, নী বান  ताके मध्य कबीर न पाई।।11३१ || तहां वहां अबिगत फूल सुवासी , मगहर घोर और चौरा काशी।  अबिगत रूप अलख निरवोणी , तहां वहां नीर क्षीर दिया छांनी। ।११३२१| वर्तमान समय में मगहर में कबीर परमेश्वर जी की याद में मुस्लिम लोगों ने मज़ार और हिंदुओं ने समाधि बनाई हुई है जिसमें मात्र सौ फीट की जहां बैठकर कबीर सॉहेब सत्संग किया करते थे वहां दूरी का अंतर है। काशी-चौरा नाम से यादगार बनाई गई है। कबीर परमात्मा सशरीर सतलोक गए थे। Sant Rampal Ji YOUTUBE Free Book : Maharaj CHANNEL 7496801825 @SalniRampal JIMaharal मगहर से सतलोक गया कबोरा , जाका पाया नहों शरोरा | संत गरीबदास जी महाराज की वाणी ( पारख के अंग से वाणी ):- बिछाये , सिज्या छाड़ी पदहि समाये। तहां वहां चादर ह्दहूँदन फुूलई, নী বান  ताके मध्य कबीर न पाई।।11३१ || तहां वहां अबिगत फूल सुवासी , मगहर घोर और चौरा काशी।  अबिगत रूप अलख निरवोणी , तहां वहां नीर क्षीर दिया छांनी। ।११३२१| वर्तमान समय में मगहर में कबीर परमेश्वर जी की याद में मुस्लिम लोगों ने मज़ार और हिंदुओं ने समाधि बनाई हुई है जिसमें मात्र सौ फीट की जहां बैठकर कबीर सॉहेब सत्संग किया करते थे वहां दूरी का अंतर है। काशी-चौरा नाम से यादगार बनाई गई है। कबीर परमात्मा सशरीर सतलोक गए थे। Sant Rampal Ji YOUTUBE Free Book : Maharaj CHANNEL 7496801825 @SalniRampal JIMaharal - ShareChat
#मगहर_से_सतलोक_गया_कबीरा कबीर साहेब किसी एक धर्म के नहीं, पूरे मानव समाज के उद्धारक हैं #भगवान कौन है । हिंदू उन्हें देव कहते हैं, मुसलमान पीर—यही कबीर साहेब की महिमा है। 2Days Left For Nirvan Diwas
भगवान कौन है - न जन्मा, न मरा बंदीछोड कबीर परमेश्वर जी सन् में काशी शहर 1398 में प्रकट होकर १२० वर्ष लीला करने के बाद सन् जिला, में मगहर ;वर्तमान कबीर नगर उत्तरप्रदेशद्घ 1518 से सशरीर सतलोक गए थे। ऋग्वेद मण्डल 93 T7 ९ सूक्त सूक्त मण्डल 20 10 4 मंत्र 3 में यह प्रमाण है कि परमात्मा सशरीर आता है और सशरीर अपने अविनाशी है। থাম লী৫ জানা ছ @ ؟٤ # পাম निःशुल्क पवित्र पुस्तक খাল  अपना नॉम , पूरा पता भेजें নান যযা +91 7496801823 न जन्मा, न मरा बंदीछोड कबीर परमेश्वर जी सन् में काशी शहर 1398 में प्रकट होकर १२० वर्ष लीला करने के बाद सन् जिला, में मगहर ;वर्तमान कबीर नगर उत्तरप्रदेशद्घ 1518 से सशरीर सतलोक गए थे। ऋग्वेद मण्डल 93 T7 ९ सूक्त सूक्त मण्डल 20 10 4 मंत्र 3 में यह प्रमाण है कि परमात्मा सशरीर आता है और सशरीर अपने अविनाशी है। থাম লী৫ জানা ছ @ ؟٤ # পাম निःशुल्क पवित्र पुस्तक খাল  अपना नॉम , पूरा पता भेजें নান যযা +91 7496801823 - ShareChat
#SacrificedAll_LostMoksha बिना गुरु की साधना दिशाहीन होती है। करौंत लकड़ी काटने का औज़ार था, मोक्ष का साधन नहीं। अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj App डाउनलोड करें। God KabirJi Nirvan Diwas #असली भगवान पृथ्वी पर
असली भगवान पृथ्वी पर - करौत काहे लेही , काशी बिना भजन नही ढंग रे | है, ग्रंथ का योहि अर्थ कोटि  /| सत्संग करो साध कबीर साहेब ने कहा है कि पंडितों के बहकावे में आकर भोली जनता ने काशी में करौत से गर्दन भी g यह मोक्ष मार्ग नर्हीं है। कठवा दी परमात्मा ने मोक्ष मार्ग के लिए सच्चे संत की शरण में जाने का समर्थन गीता जी ने किया है। आदेश दिया है। ೯ क Sant Rampal Ji YOUTUBE fet Bnuk : Maharaj CHANNEL 7696001825 | @Saintrarnpalikianaras करौत काहे लेही , काशी बिना भजन नही ढंग रे | है, ग्रंथ का योहि अर्थ कोटि  /| सत्संग करो साध कबीर साहेब ने कहा है कि पंडितों के बहकावे में आकर भोली जनता ने काशी में करौत से गर्दन भी g यह मोक्ष मार्ग नर्हीं है। कठवा दी परमात्मा ने मोक्ष मार्ग के लिए सच्चे संत की शरण में जाने का समर्थन गीता जी ने किया है। आदेश दिया है। ೯ क Sant Rampal Ji YOUTUBE fet Bnuk : Maharaj CHANNEL 7696001825 | @Saintrarnpalikianaras - ShareChat
#पहचान_अविनाशी_प्रभु_की मंदिर और मजार—100-100 फुट की दूरी पर आज भी मगहर में मौजूद हैं। यह धार्मिक सामंजस्य की अनोखी मिसाल है। —कबीर साहेब का स्पष्ट संदेश। अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj App डाउनलोड करें। 5Days Left For Nirvan Diwas #🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - इस भ्रम को तोड़ने के लिए किजो इस भ्रम को तोड़ने के लिए कि जो मगहर में मरता है वह गधा बनता है और मगहर में मरता है वह गधा बनता है और काशी में मरने वाला स्वर्ग जाता है। काशी में मरने वाला स्वर्ग जाता   है। कबीर परमात्मा मगहर गए। कबीर परमात्मा मगहर गए। ट्रैफिक) का नदी पर जा कर साहेब ने हाथ से ऐसे इशारा किया था जैसे यातायात उस सिपाही रूकी हुई गा़ड़ियों को जाने का संकेत करता है। वह आमी नदी पूरी भरकर चल पड़ी। (यह आमी नदी वहाँ पर अभी भी विद्यमान है) सब ने जय जयकार की। -এমে সন যমপাল তী সনাযাত पहचान प्रभुकी Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj CHANNEL 7496801825 | @SalntRampalJMaharal इस भ्रम को तोड़ने के लिए किजो इस भ्रम को तोड़ने के लिए कि जो मगहर में मरता है वह गधा बनता है और मगहर में मरता है वह गधा बनता है और काशी में मरने वाला स्वर्ग जाता है। काशी में मरने वाला स्वर्ग जाता   है। कबीर परमात्मा मगहर गए। कबीर परमात्मा मगहर गए। ट्रैफिक) का नदी पर जा कर साहेब ने हाथ से ऐसे इशारा किया था जैसे यातायात उस सिपाही रूकी हुई गा़ड़ियों को जाने का संकेत करता है। वह आमी नदी पूरी भरकर चल पड़ी। (यह आमी नदी वहाँ पर अभी भी विद्यमान है) सब ने जय जयकार की। -এমে সন যমপাল তী সনাযাত पहचान प्रभुकी Sant Rampal Ji YOUTUBE fee Buuk Maharaj CHANNEL 7496801825 | @SalntRampalJMaharal - ShareChat
#SacrificedAll_LostMoksha गीता कहती है— तद्विद्धि प्रणिपातेन… तत्त्वदर्शी संत के बिना ज्ञान नहीं। पूर्ण संत की शरण में गए बिना मुक्ति संभव नहीं। अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj App डाउनलोड करें। God KabirJi Nirvan Diwas # # सच्चा -सतगुरु -कौन
# सच्चा -सतगुरु -कौन - कटूया , ৪মি ঠালা 9 নম্ভা पाया काशी करौंत काहे लेही, बिना भजन नहीं ढंग रे। कोटी ग्रंथ का योही अर्थ है , करो साध सत्संग रे।। मोक्ष ग्राप्ति के लिए पूर्ण और सच्चे संत की शरण में जाना अनिवार्य है। इसी का समर्थन श्रीमद्भगवद्गीता भी करती है तद्विद्धि ग्रणिपातेन परिग्रश्नेन सेवया। उस  परम ज्ञान को जानने के लिए तत्वदर्शी संत के पास  जाओ , उन्हें दंडवत ग्रणाम करो और निष्कपट भाव से सवाकरो। Sant Rampal Ji YOUTUBE 00 300  Maharaj 7496801825 CHANNEL a कटूया , ৪মি ঠালা 9 নম্ভা पाया काशी करौंत काहे लेही, बिना भजन नहीं ढंग रे। कोटी ग्रंथ का योही अर्थ है , करो साध सत्संग रे।। मोक्ष ग्राप्ति के लिए पूर्ण और सच्चे संत की शरण में जाना अनिवार्य है। इसी का समर्थन श्रीमद्भगवद्गीता भी करती है तद्विद्धि ग्रणिपातेन परिग्रश्नेन सेवया। उस  परम ज्ञान को जानने के लिए तत्वदर्शी संत के पास  जाओ , उन्हें दंडवत ग्रणाम करो और निष्कपट भाव से सवाकरो। Sant Rampal Ji YOUTUBE 00 300  Maharaj 7496801825 CHANNEL a - ShareChat
#salvation #ganges #maghar #kashi #banaras #varanas #KabirisGod #SupremeGod God is merciful, not cruel. Suicide can never be a means of salvation. Give up superstition and embrace philosophy. People were robbed by intimidating them with the threat of the Karaunt. #🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - ٤٧٤٧ ٦٧٤ ٧١٦٨٨٢٤ SA3lfI3E ೧ THE ೀFL %ಗ NOT BRNG MOKSHA. Fake priests once claimed  that dying in Kashi leads to heaven and dying in Maghar leads to rebirth as donkey 0 Supreme Sant Rampal Ji Maharaj Ji Supreme God Kabir Sahib Ji corrected them saying that true spiritual practice is the only thing that matters regardless of where one dies 0 0 Sant Rampal Ji YOUTUBE Free Book : Maharaj CHANNEL 7496801845 @SaintRampalJiMaharal ٤٧٤٧ ٦٧٤ ٧١٦٨٨٢٤ SA3lfI3E ೧ THE ೀFL %ಗ NOT BRNG MOKSHA. Fake priests once claimed  that dying in Kashi leads to heaven and dying in Maghar leads to rebirth as donkey 0 Supreme Sant Rampal Ji Maharaj Ji Supreme God Kabir Sahib Ji corrected them saying that true spiritual practice is the only thing that matters regardless of where one dies 0 0 Sant Rampal Ji YOUTUBE Free Book : Maharaj CHANNEL 7496801845 @SaintRampalJiMaharal - ShareChat
#GodNightFriday #MakaraSankranti26 . कबीर साहिब जी भगवान है पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब जी चारों युगों में आए हैं। सृष्टी व वेदों की रचना से पूर्व भी अनामी लोक में मानव सदृश कविर्देव नाम से विद्यमान थे। परमात्मा कबीर साहिब जी ने फिर सतलोक की रचना की, बाद में परब्रह्म, ब्रह्म के लोकों व वेदों की रचना की इसलिए वेदों में कविर्देव का विवरण है। यजुर्वेद के अध्याय नं. 29 के श्लोक नं. 25 जिस समय पूर्ण परमात्मा प्रकट होता है उस समय सर्व ऋषि व सन्त जन शास्त्र विधि त्याग कर मनमाना आचरण अर्थात् पूजा कर रहे होते हैं। तब अपने तत्वज्ञान का संदेशवाहक बन कर स्वयं ही कबीर प्रभु ही आता है। कबीर परमेश्वर चारों युगों में अपने सत्य ज्ञान का प्रचार करने आते हैं। सतगुरु पुरुष कबीर हैं, चारों युग प्रवान। झूठे गुरुवा मर गए, हो गए भूत मसान।। श्रीमद्भगवद गीता अध्याय 8 का श्लोक 3 में गीता ज्ञान दाता ब्रह्म भगवान ने कहा है कि वह परम अक्षर ‘ब्रह्म‘ है जो जीवात्मा के साथ सदा रहने वाला है। वह परम अक्षर ब्रह्म गीता ज्ञान दाता से अन्य है, वह कबीर परमात्मा हैं। परमात्मा शिशु रूप में प्रकट होकर लीला करता है। तब उनकी परवरिश कंवारी गायों के दूध से होती है। ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 यह लीला कबीर परमेश्वर ही आकर करते हैं। ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 17 में कहा गया है कि कविर्देव शिशु रूप धारण कर लेता है। लीला करता हुआ बड़ा होता है। कविताओं द्वारा तत्वज्ञान वर्णन करने के कारण कवि की पदवी प्राप्त करता है अर्थात् उसे ऋषि, सन्त व कवि कहने लग जाते हैं, वास्तव में वह पूर्ण परमात्मा कविर् (कबीर साहेब जी) ही है। पूर्ण परमात्मा कविर्देव (कबीर परमेश्वर) वेदों के ज्ञान से भी पूर्व सतलोक में विद्यमान थे तथा अपना वास्तविक ज्ञान (तत्वज्ञान) देने के लिए चारों युगों में भी स्वयं प्रकट हुए हैं। सतयुग में सतसुकृत नाम से, त्रेतायुग में मुनिन्द्र नाम से, द्वापर युग में करूणामय नाम से तथा कलयुग में वास्तविक कविर्देव (कबीर प्रभु) नाम से प्रकट हुए हैं। कबीर परमात्मा अन्य रूप धारण करके कभी भी प्रकट होकर अपनी लीला करके अन्तर्ध्यान हो जाते हैं। उस समय लीला करने आए परमेश्वर को प्रभु चाहने वाले श्रद्धालु नहीं पहचान पाते, क्योंकि सर्व महर्षियों व संत कहलाने वालों ने प्रभु को निराकार बताया है। वास्तव में परमात्मा आकार में है। मनुष्य सदृश शरीर युक्त है। परमेश्वर का शरीर नाड़ियों के योग से बना पांच तत्व का नहीं है। एक नूर तत्व से बना है। पूर्ण परमात्मा जब चाहे यहाँ प्रकट हो जाते हैं वे कभी मां से जन्म नहीं लेते क्योंकि वे सर्व के उत्पत्ति करता हैं। ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 अभी इमं अध्न्या उत श्रीणन्ति धेनवः शिशुम्। सोममिन्द्राय पातवे।।9।। पूर्ण परमात्मा अमर पुरुष जब लीला करता हुआ बालक रूप धारण करके स्वयं प्रकट होता है उस समय कंवारी गाय अपने आप दूध देती है जिससे उस पूर्ण प्रभु की परवरिश होती है। ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 17 शिशुम् जज्ञानम् हर्य तम् मृजन्ति शुम्भन्ति वह्निमरूतः गणेन। कविर्गीर्भि काव्येना कविर् सन्त् सोमः पवित्रम् अत्येति रेभन्।। विलक्षण मनुष्य के बच्चे के रूप में प्रकट होकर पूर्ण परमात्मा कविर्देव अपने वास्तविक ज्ञानको अपनी कविर्गिभिः अर्थात् कबीर बाणी द्वारा पुण्यात्मा अनुयाइयों को कवि रूप में कविताओं, लोकोक्तियों के द्वारा वर्णन करता है। वह स्वयं सतपुरुष कबीर ही होता है। कबीर परमात्मा हर युग में आते हैं ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 18 कविर्देव शिशु रूप धारण कर लेता है। लीला करता हुआ बड़ा होता है। कविताओं द्वारा तत्वज्ञान वर्णन करने के कारण कवि की पदवी प्राप्त करता है अर्थात् उसे कवि कहने लग जाते हैं, वास्तव में वह पूर्ण परमात्मा कविर् (कबीर प्रभु) ही है। परमात्मा कबीर जी सतयुग में सत सुकृत नाम से प्रकट हुए थे। उस समय अपनी एक प्यारी आत्मा सहते जी को अपना शिष्य बनाया ओर अमृत ज्ञान समझाकर सतलोक का वासी बनाया। त्रेता युग में परमात्मा कबीर मुनींद्र नाम से आए थे उस समय एक लीलामय तरीके से बंके नाम की एक प्यारी आत्मा को अपनी शरण में लिया,सत्य ज्ञान समझाया ओर पार किया। परमेश्वर कबीर साहिब जी चारों युगों में नामांतर करके शिशु रूप में प्रकट होते हैं और एक-एक शिष्य बनाते हैं जिससे कबीर पंथ का प्रचार होता है। सतयुग - सहते जीत्रेता - बंके जी द्वापर - चतुर्भुज जी कलियुग - धर्मदास जी कलयुग में कबीर परमेश्वर अपने वास्तविक नाम कबीर रूप में काशी नगरी में लहरतारा तालाब में कमल के पुष्प पर अवतरित हुए। कलयुग में निसंतान दंपति नीरू और नीमा ने उनका पालन पोषण किया। परमेश्वर कबीर जी त्रेतायुग में ऋषि मुनीन्द्र जी के रूप में लीला करने आए तब हनुमान जी से मिले। तथा सतलोक के बारे में बताया हनुमानजी को विश्वास हुआ कि ये परमेश्वर हैं। सत्यलोक सुख का स्थान है। परमेश्वर मुनीन्द्र जी से दीक्षा ली। अपना जीवन धन्य किया। मुक्ति के अधिकारी हुए। द्वापर युग में कबीर परमेश्वर की दया से पांडवों का अश्वमेध यज्ञ संपन्न हुआ। पांडवों की अश्वमेघ यज्ञ में अनेक ऋषि, महर्षि, मंडलेश्वर उपस्थित थे यहां तक कि भगवान कृष्ण भी उपस्थित थे फिर भी उनका शंख नहीं बजा। कबीर परमेश्वर ने सुदर्शन सुपच वाल्मीकि के रूप में शंख बजाया और पांडवों का यज्ञ संपन्न किया।गरीबदास जी महाराज की वाणी में इसका प्रमाण है गरीब ~सुपच रुप धरि आईया, सतगुरु पुरुष कबीर। तीन लोक की मेदनी, सुर नर मुनि जन भीर।। कबीर साहेब हीं पूर्ण परमात्मा हैं। लगभग एक दर्जन संतो ने इनकी गवाही ठोककर दी है।आएं देखें परमात्मा प्राप्त संतो की वाणी में क्या प्रमाण है। 1. सतगुरु पुरुष कबीर हैं, चारों युग प्रवान। झूठे गुरुवा मर गए, हो गए भूत मसान।। -गरीबदास जी अनंत कोटि ब्रम्हांड में, बंदीछोड़ कहाये। सो तो पुरष कबीर है, जननी जने न माय।। -गरीबदास जी हम सुल्तानी नानक तारे, दादु को उपदेश दिया। जाति जुलाहा भेद न पाया,कशी मे कबीर हुआ। -गरीबदास जी 2. और संत सब कूप हैं, केते झरिता नीर। दादू अगम अपार है, दरिया सत्य कबीर।। -दादु दयाल जी जिन मोको निज नाम दिया,सोई सतगुरु हमार।भ दादु दूसरा कोई नहीं, कबीर सृजनहार।। -दादु दयाल जी 3. खालक आदम सिरजिआ आलम बडा कबीर॥ काइम दिइम कुदरती सिर पीरा दे पीर॥ सजदे करे खुदाई नू आलम बडा कबीर॥ -नानक जी यक अर्ज गुफ्तम पेश तोदर कून करतार। हक्का कबीर करीम तू बेऐब परवरदिगार।। -नानक जी नानक नीच कह विचार, धाणक रूप रहा करतार। -नानक जी 4. वाणी अरबो खरवो, ग्रन्थ कोटी हजार। करता पुरुष कबीर है, रहै नाभे विचार।। नाभादास जी 5. साहेब कबीर समर्थ है, आदी अन्त सर्व काल। ज्ञान गम्य से दे दीया, कहै रैदास दयाल॥ -रविदास जी 6. नौ नाथ चौरसी सिद्धा, इनका अन्धा ज्ञान। अविचल ज्ञान कबीर का, यो गति विरला जान॥ -गोरखनाथ जी 7. बाजा बाजा रहितका, परा नगरमे शोर। सतगुरू खसम कबीर है, नजर न आवै और॥ -धर्मदास जी 8. सन्त अनेक सन्सार मे, सतगुरू सत्य कबीर। जगजीवन आप कहत है, सुरती निरती के तीर॥ -जगजीवन जी 9. तुम स्वामी मै बाल बुद्धि, भर्म कर्म किये नाश। कहै रामानन्द निज हमरा दृढ़ विश्वास।। -रामानन्द जी 10 जपो रे मन साहिब नाम कबीर एक समय सतगुरू बंशी बजाई काल इन्द्री के तीर - मुलक दास जी 11. बंदीछोड़ हमारा नामम्, अजर अमर अस्थिर ठामम्।। -कबीर साहिब तारण तरण अभय पद दाता, मैं हूँ कबीर अविनाशी। -कबीर साहिब कबीर इस संसार को, समझांऊ के बार । पूंछ जो पकङे भेड़ की, उतरया चाहे पार ॥ -कबीर साहिब జ్ఞాన గంగా ##भक्ति भावनाये और ईश्वर आस्था#गुरु महिमा #🙏गुरु की महिमा🙏 #गुरु महिमा भजन संध्या #🙏गुरु की महिमा 🙏
#भक्ति भावनाये और ईश्वर आस्था#गुरु महिमा - सतगुरु पुरुष कबीरहै, चारों युग प्रवाना झूठे गुरुचा मरगरहा गए भूत मसान।। कबीर परमेश्वर चारों में अपने युगों सत्य ज्ञान का प्रचार करने आते है। जगलगुरु तत्वदरशी संत रापपाल गहाराज SATLOKASHRAMSOIAT  SATLOKASHRAMSOJAT SATLOKASHRAMSOJAT SUPREMEGOD ORC सतगुरु पुरुष कबीरहै, चारों युग प्रवाना झूठे गुरुचा मरगरहा गए भूत मसान।। कबीर परमेश्वर चारों में अपने युगों सत्य ज्ञान का प्रचार करने आते है। जगलगुरु तत्वदरशी संत रापपाल गहाराज SATLOKASHRAMSOIAT  SATLOKASHRAMSOJAT SATLOKASHRAMSOJAT SUPREMEGOD ORC - ShareChat
#SupremeGodKabir श्रीमद्भगवद गीता अध्याय 8 श्लोक 3 परम अक्षर ब्रह्म, गीता ज्ञानदाता से भिन्न है। वही कबीर परमात्मा हैं। परमात्मा शिशु रूप में प्रकट होते हैं। ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9 इसका प्रमाण है। Sant RampalJi YouTube #🙏गुरु महिमा😇
🙏गुरु महिमा😇 - फजाईले आमाल मैं प्रमाण , कबीर साहेब भगवान फजाईले आमाल मुसलमानों की एक विश्वसनीय पवित्र पुरतक है जो हदीसों में से चुनी हुरुई हृदीसों का प्रमाण लेकर बनाई गई है | हृदीस fg मुसलमानों के पवित्र कुरआन के पश्चात् दूसरे नम्बर पर है | फजाईले आमाल में एक अध्याय फजाईले जिक्र है उसकी आयत नं॰ १, २, ३, 6 तथा 7 में कबीर अल्लाह की महिमा है | गन कुरआन फ्रा निःशुल्क  पुस्तक पायें। मुसलमान नहीं समझे नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर भेजें क़ुरआन  ज्ञान +91 7496801823 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODRG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ फजाईले आमाल मैं प्रमाण , कबीर साहेब भगवान फजाईले आमाल मुसलमानों की एक विश्वसनीय पवित्र पुरतक है जो हदीसों में से चुनी हुरुई हृदीसों का प्रमाण लेकर बनाई गई है | हृदीस fg मुसलमानों के पवित्र कुरआन के पश्चात् दूसरे नम्बर पर है | फजाईले आमाल में एक अध्याय फजाईले जिक्र है उसकी आयत नं॰ १, २, ३, 6 तथा 7 में कबीर अल्लाह की महिमा है | गन कुरआन फ्रा निःशुल्क  पुस्तक पायें। मुसलमान नहीं समझे नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर भेजें क़ुरआन  ज्ञान +91 7496801823 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL JI @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODRG SAINT RAMPAL JI MAHARAJ - ShareChat