
IT SAMACHAR NEWS
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नमस्कार, आप देख रहे हैं IT-समाचार।
मेरठ के गंगा एक्सप्रेसवे से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया। एक्सप्रेसवे पर कुछ युवक थार, स्कॉर्पियो और अन्य गाड़ियों के साथ खतरनाक स्टंट करते नजर आए। वायरल वीडियो में युवक कभी गाड़ियों की खिड़कियों से बाहर लटकते दिखे तो कभी सड़क पर जान जोखिम में डालकर रील बनाते दिखाई दिए।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला मेरठ के गंगा एक्सप्रेसवे का है, जहां सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में युवकों ने कानून और सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया। एक्सप्रेसवे, जहां तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही रहती है, वहां इस तरह की स्टंटबाजी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
वीडियो वायरल होने के बाद मेरठ पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया और स्टंट में इस्तेमाल की गई गाड़ियों को भी जब्त कर लिया।
सबसे दिलचस्प बात यह रही कि जो युवक कल तक एक्सप्रेसवे पर दबंगई दिखाते नजर आ रहे थे, वही पुलिस कार्रवाई के बाद कान पकड़कर माफी मांगते दिखाई दिए। पुलिस ने साफ कहा है कि सड़क पर स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सवाल यह है कि क्या कुछ लाइक्स और व्यूज के लिए अपनी और दूसरों की जान खतरे में डालना सही है? इस मामले पर आपकी क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताइए।
कैमरामैन के बिना, सोशल मीडिया से मिली तस्वीरों के साथ, IT-समाचार।
#🎞️आज के वायरल अपडेट्स #news
✦ नोएडा के सेक्टर-78 में फ्लैट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिल्डर कंपनी, उसके कथित फर्जी डायरेक्टर और ब्रोकर ने मिलकर एक व्यापारी से करीब 87 लाख रुपये ठग लिए। अब कोर्ट के आदेश पर सेक्टर-113 थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
✦ पीड़ित व्यापारी तुलसीदास ने बताया कि उनकी पहचान कई सालों से अवनिंद्र कुमार सिंह नाम के व्यक्ति से थी। अवनिंद्र ने उन्हें सेक्टर-78 स्थित एक बड़ी सोसायटी में फ्लैट दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद उनकी मुलाकात हरेन्द्र यादव और साउद सलीम से कराई गई।
✦ हरेन्द्र यादव ने खुद को कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर बताया और टावर-एफ के फ्लैट नंबर-402 का सौदा करीब 2 करोड़ 10 लाख रुपये में तय किया गया। आरोप है कि आरोपियों ने RTGS, UPI और कैश के जरिए अलग-अलग खातों में किस्तों में करीब 87 लाख 31 हजार रुपये जमा करा लिए।
✦ पीड़ित का कहना है कि लाखों रुपये लेने के बावजूद न तो बायर एग्रीमेंट किया गया और न ही फ्लैट का कब्जा दिया गया। बाद में आरोपियों ने फ्लैट की कीमत बढ़ने का बहाना बनाकर करीब 68 लाख रुपये और मांगने शुरू कर दिए।
✦ इतना ही नहीं, पैसे न देने पर जमा रकम जब्त करने की धमकी भी दी गई। जब पीड़ित को शक हुआ तो उन्होंने जांच कराई, जिसमें पता चला कि खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताने वाला आरोपी असली डायरेक्टर ही नहीं है।
✦ शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस ने बिल्डर कंपनी, कथित फर्जी डायरेक्टर और ब्रोकर समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
✦ वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट से भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां फ्लैट बुकिंग के नाम पर खरीदारों से लाखों रुपये लेने के बाद कब्जा नहीं दिया गया। आरोप है कि एक ही फ्लैट कई लोगों को बेच दिया गया और अवैध निर्माण से जुड़े मामलों की जानकारी भी छिपाई गई।
✦ फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस ठगी में और कितने लोग शामिल हैं। #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #news #noida
✦ समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के परिवार से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है।
✦ अखिलेश यादव के सौतेले भाई और अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि आज सुबह करीब 6 बजे उन्हें गंभीर हालत में लखनऊ के अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
✦ जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले भी उनकी तबीयत बिगड़ी थी और इलाज के बाद वे घर लौट आए थे। लेकिन आज अचानक उनकी हालत फिर खराब हो गई।
✦ डॉक्टरों के अनुसार जब प्रतीक यादव अस्पताल पहुंचे, तब उनकी पल्स पूरी तरह डाउन थी और हार्ट भी काम नहीं कर रहा था। फिलहाल मौत की असली वजह सामने नहीं आई है।
✦ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद ही साफ हो पाएगा कि आखिर उनकी मौत किस कारण हुई।
✦ फिटनेस फ्रीक माने जाने वाले प्रतीक यादव की अचानक मौत से परिवार, समर्थकों और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है।
✦ इस खबर पर आप क्या कहना चाहेंगे? कमेंट करके अपनी राय जरूर बताइए।
#🎞️आज के वायरल अपडेट्स
✦ दिल्ली में 15 मई से ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन के नए नियम लागू
दिल्ली सरकार 15 मई से ई-रिक्शा के नए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। सरकार का मकसद राजधानी में बिना नियम चल रहे ई-रिक्शा को कानूनी दायरे में लाना और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है।
✦ क्या होंगे बड़े बदलाव?
• अब ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन केवल उसी ड्राइवर के नाम पर होगा जो उसे चलाएगा।
• एक व्यक्ति अपने नाम पर सिर्फ एक ही ई-रिक्शा रजिस्टर करा सकेगा।
• किराये और कमीशन पर ई-रिक्शा चलाने वाली पुरानी व्यवस्था खत्म होगी।
• हादसे या विवाद की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना आसान होगा।
• ड्राइवरों को मेंटेनेंस और अतिरिक्त किराये के बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है।
✦ क्यों लिया गया फैसला?
अब तक कई लोग दर्जनों ई-रिक्शा खरीदकर गरीब चालकों को किराये पर चलाने के लिए देते थे। चालक रोजाना किराया देने के साथ-साथ गाड़ी के रखरखाव का खर्च भी उठाते थे। सरकार का कहना है कि नए नियमों से शोषण कम होगा और असली चालकों को फायदा मिलेगा।
✦ यात्रियों को क्या फायदा होगा?
• ज्यादा सुरक्षित सफर
• रजिस्टर्ड ड्राइवर की पहचान आसान
• नियमों के तहत संचालन
• दुर्घटना होने पर कार्रवाई में आसानी
#🎞️आज के वायरल अपडेट्स #📹शॉर्ट अपडेट्स वीडियो 🎥












