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#🔥 टीम इंडिया 🇮🇳 #👑विराट कोहली🔥 #🔥 सचिन तेंदुलकर 😍 #💪रोहित शर्मा 🏏 #🏏 क्रिकेट अपडेट 🏆
🔥 टीम इंडिया 🇮🇳 - वनडे सीरीज़ बनाम न्यूज़ीलैंड  बल्लेबाज़ शुभमन गिल (कप्तान) रोहित शर्मा विराट कोहली श्रेयस अय्यर (उपकप्तान * यशस्वी जायसवाल विकेट कीपर्स केएल राहुल ऋषभ पंत ऑल राउंडर्स वॉशिंगटन सुंदर रचिंद् जडेजा RF1 नितीश कुमार रेड्डी गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज हर्षित राणा प्रसिद्ध कृष्णा कुलदीप ' यादव अर्शदीप सिह फिटनेस के अधीन वनडे सीरीज़ बनाम न्यूज़ीलैंड  बल्लेबाज़ शुभमन गिल (कप्तान) रोहित शर्मा विराट कोहली श्रेयस अय्यर (उपकप्तान * यशस्वी जायसवाल विकेट कीपर्स केएल राहुल ऋषभ पंत ऑल राउंडर्स वॉशिंगटन सुंदर रचिंद् जडेजा RF1 नितीश कुमार रेड्डी गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज हर्षित राणा प्रसिद्ध कृष्णा कुलदीप ' यादव अर्शदीप सिह फिटनेस के अधीन - ShareChat
#Narmadapuram #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट #🫨नए साल पर बम ब्लास्ट, 40 मौतें, 100+ घायल💣 #😮ईरान की सड़कों पर फिर उबाल, 6 की मौत🗞️
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01:23
#🙏राम राम जी #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🌞 Good Morning🌞 #❤️शुभकामना सन्देश #🌞सुप्रभात सन्देश
🙏राम राम जी - कलिजुग सम जुग आन नहिं, जौं नर कर बिस्वास। गाइ राम गुन गन बिमल, भव तर बिनहिं प्रयास। | 30 39 3 जनवरी जय शुभ 5 शनिवार 26 श्रीरम श्रीरामा जय हनूमा यदि मनुष्य विश्वास करे, तो कलियुग के समान दूसरा युग नहीं इस युग में श्री रामजी के निर्मॅल गुणसमूहों को गाभ्गाकर 6 मनुष्य बिना ह्री परिश्रम संसार से तर जाता है।। कलिजुग सम जुग आन नहिं, जौं नर कर बिस्वास। गाइ राम गुन गन बिमल, भव तर बिनहिं प्रयास। | 30 39 3 जनवरी जय शुभ 5 शनिवार 26 श्रीरम श्रीरामा जय हनूमा यदि मनुष्य विश्वास करे, तो कलियुग के समान दूसरा युग नहीं इस युग में श्री रामजी के निर्मॅल गुणसमूहों को गाभ्गाकर 6 मनुष्य बिना ह्री परिश्रम संसार से तर जाता है।। - ShareChat
#🏫शीतलहर: इन तारीखों तक स्कूल रहेंगे बंद😮 #🙏कल से शुरू होगा माघ मेला, नोट करें तारीखें✍️ #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🆕 ताजा अपडेट #🫣वर्ल्ड इंट्रोवर्ट डे🗣️
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00:34
#🌞सुप्रभात सन्देश #🌞 Good Morning🌞 #❤️शुभकामना सन्देश #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #😇प्रेरणा संग शुभकामना मित्रों आज शनिवार है, आज हम आपको बतायेगें कि,शनिदेव - कैसे हुआ जन्म और कैसे टेढ़ी हुई नजर?????? अक्सर शनि का नाम सुनते ही शामत नजर आने लगती है, सहमने लग जाते हैं, शनि के प्रकोप का खौफ खा जाते हैं। कुल मिलाकर शनि को क्रूर ग्रह माना जाता है लेकिन असल में ऐसा है नहीं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनि न्यायधीश या कहें दंडाधिकारी की भूमिका का निर्वहन करते हैं। वह अच्छे का परिणाम अच्छा और बूरे का बूरा देने वाले ग्रह हैं। अगर कोई शनिदेव के कोप का शिकार है तो रूठे हुए शनिदेव को मनाया भी जा सकता है। शनि जयंती का दिन तो इस काम के लिये सबसे उचित माना जाता है। आइये जानते हैं शनिदेव के बारे में, क्या है इनके जन्म की कहानी और क्यों रहते हैं शनिदेव नाराज। शनिदेव जन्मकथा?????? शनिदेव के जन्म के बारे में स्कंदपुराण के काशीखंड में जो कथा मिलती वह कुछ इस प्रकार है। राजा दक्ष की कन्या संज्ञा का विवाह सूर्यदेवता के साथ हुआ। सूर्यदेवता का तेज बहुत अधिक था जिसे लेकर संज्ञा परेशान रहती थी। वह सोचा करती कि किसी तरह तपादि से सूर्यदेव की अग्नि को कम करना होगा। जैसे तैसे दिन बीतते गये संज्ञा के गर्भ से वैवस्वत मनु, यमराज और यमुना तीन संतानों ने जन्म लिया। संज्ञा अब भी सूर्यदेव के तेज से घबराती थी फिर एक दिन उन्होंने निर्णय लिया कि वे तपस्या कर सूर्यदेव के तेज को कम करेंगी लेकिन बच्चों के पालन और सूर्यदेव को इसकी भनक न लगे इसके लिये उन्होंने एक युक्ति निकाली उन्होंने अपने तप से अपनी हमशक्ल को पैदा किया जिसका नाम संवर्णा रखा। संज्ञा ने बच्चों और सूर्यदेव की जिम्मेदारी अपनी छाया संवर्णा को दी और कहा कि अब से मेरी जगह तुम सूर्यदेव की सेवा और बच्चों का पालन करते हुए नारीधर्म का पालन करोगी लेकिन यह राज सिर्फ मेरे और तुम्हारे बीच ही बना रहना चाहिये। अब संज्ञा वहां से चलकर पिता के घर पंहुची और अपनी परेशानी बताई तो पिता ने डांट फटकार लगाते हुए वापस भेज दिया लेकिन संज्ञा वापस न जाकर वन में चली गई और घोड़ी का रूप धारण कर तपस्या में लीन हो गई। उधर सूर्यदेव को जरा भी आभास नहीं हुआ कि उनके साथ रहने वाली संज्ञा नहीं सुवर्णा है। संवर्णा अपने धर्म का पालन करती रही उसे छाया रूप होने के कारण उन्हें सूर्यदेव के तेज से भी कोई परेशानी नहीं हुई। सूर्यदेव और संवर्णा के मिलन से भी मनु, शनिदेव और भद्रा (तपती) तीन संतानों ने जन्म लिया। एक अन्य कथा के अनुसार शनिदेव का जन्म महर्षि कश्यप के अभिभावकत्व में कश्यप यज्ञ से हुआ। छाया शिव की भक्तिन थी। जब शनिदेव छाया के गर्भ में थे तो छाया ने भगवान शिव की कठोर तपस्या कि वे खाने-पीने की सुध तक उन्हें न रही। भूख-प्यास, धूप-गर्मी सहने के कारण उसका प्रभाव छाया के गर्भ मे पल रही संतान यानि शनि पर भी पड़ा और उनका रंग काला हो गया। जब शनिदेव का जन्म हुआ तो रंग को देखकर सूर्यदेव ने छाया पर संदेह किया और उन्हें अपमानित करते हुए कह दिया कि यह मेरा पुत्र नहीं हो सकता। मां के तप की शक्ति शनिदेव में भी आ गई थी उन्होंने क्रोधित होकर अपने पिता सूर्यदेव को देखा तो सूर्यदेव बिल्कुल काले हो गये, उनके घोड़ों की चाल रूक गयी। परेशान होकर सूर्यदेव को भगवान शिव की शरण लेनी पड़ी इसके बाद भगवान शिव ने सूर्यदेव को उनकी गलती का अहसास करवाया। सूर्यदेव अपने किये का पश्चाताप करने लगे और अपनी गलती के लिये क्षमा याचना कि इस पर उन्हें फिर से अपना असली रूप वापस मिला। लेकिन पिता पुत्र का संबंध जो एक बार खराब हुआ फिर न सुधरा आज भी शनिदेव को अपने पिता सूर्य का विद्रोही माना जाता है। क्यों है शनिदेव की दृष्टि टेढ़ी????? शनिदेव के गुस्से की एक वजह उपरोक्त कथा में सामने आयी कि माता के अपमान के कारण शनिदेव क्रोधित हुए लेकिन वहीं ब्रह्म पुराण इसकी कुछ और ही कहानी बताता है। ब्रह्मपुराण के अनुसार शनिदेव भगवान श्री कृष्ण के परम भक्त थे। जब शनिदेव जवान हुए तो चित्ररथ की कन्या से इनका विवाह हुआ। शनिदेव की पत्नी सती, साध्वी और परम तेजस्विनी थी लेकिन शनिदेव भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में इतना लीन रहते कि अपनी पत्नी को उन्होंनें जैसे भुला ही दिया। एक रात ऋतु स्नान कर संतान प्राप्ति की इच्छा लिये वह शनि के पास आयी लेकिन शनि देव हमेशा कि तरह भक्ति में लीन थे। वे प्रतीक्षा कर-कर के थक गई और उनका ऋतुकाल निष्फल हो गया। आवेश में आकर उन्होंने शनि देव को शाप दे दिया कि जिस पर भी उनकी नजर पड़ेगी वह नष्ट हो जायेगा। ध्यान टूटने पर शनिदेव ने पत्नी को मनाने की कोशिश की उन्हें भी अपनी गलती का अहसास हुआ लेकिन तीर कमान से छूट चुका था जो वापस नहीं आ सकता था अपने श्राप के प्रतिकार की ताकत उनमें नहीं थी। इसलिये शनि देवता अपना सिर नीचा करके रहने लगे। शनि देव से जुड़ी महत्त्वपूर्ण बातें!!!! शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। शनि देव का वाहन गिद्ध, कुत्ता, भैंस आदि हैं। शनिवार को तेल, काले तिल, काले कपड़े आदि दान करने से शनि देव प्रसन्न रहते हैं। मान्यता है कि शनि देव की अपने पिता सूर्यदेव से अच्छे रिश्ते नहीं हैं। एक कथानुसार हनुमान जी ने शनि देव को रावण की कैद से मुक्त कराया था। तभी से हनुमान जी की आराधना करने वाले जातकों को शनि देव नहीं सताते। शनि देव की गति मंद यानि बेहद धीमी है। इसी कारण एक राशि में वह करीब साढ़ेसात साल तक रहते हैं। !! जय शनिदेव !!
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#🙏🏻हनुमान जी के भजन #🙏राम राम जी #😍वेलकम 2026🎊 #🌞 Good Morning🌞 #❤️शुभकामना सन्देश
🙏🏻हनुमान जी के भजन - ShareChat
00:19
#🙏राम राम जी #🌞 Good Morning🌞 #💐फूलों वाली शुभकामनाएं🌹 #🌞सुप्रभात सन्देश
🙏राम राम जी - शुभ शनिवार 99న ly सुंदर सुमंगलसुप्रभात গুত্রীথনিধ্রয়ঐ্রীমসঃ ऊँ नीलांजनसमाभासमं रविपुत्र यमाग्रजम   छाया मार्तण्ड संभूतं तं नमामि शनैश्चरायू! जय बजरंगबली हनुमान जी संकट कटे मिटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमंत बलबीरा शुभ शनिवार 99న ly सुंदर सुमंगलसुप्रभात গুত্রীথনিধ্রয়ঐ্রীমসঃ ऊँ नीलांजनसमाभासमं रविपुत्र यमाग्रजम   छाया मार्तण्ड संभूतं तं नमामि शनैश्चरायू! जय बजरंगबली हनुमान जी संकट कटे मिटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमंत बलबीरा - ShareChat
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🌸बोलो राधे राधे - शुभ शनिवार राथे राथ राध राध जय श्री कृष्णा Oong Good शुभ शनिवार राथे राथ राध राध जय श्री कृष्णा Oong Good - ShareChat
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📜 Whatsapp स्टेटस - शिक्षा और संस्कार, जीवन के मूल मंत्र हैं; नहीं देती , fT8T স্তুব্ধন संस्कार गिरने नहीं देते! शिक्षा और संस्कार, जीवन के मूल मंत्र हैं; नहीं देती , fT8T স্তুব্ধন संस्कार गिरने नहीं देते! - ShareChat