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✨हारे का सहारा,,, बाबा खाटू श्याम हमारा ✨✨❣️🥰
#🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🖋ग़ालिब की शायरी
🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ - मैँने जी जान लुटाकर देखा हैं बाबा ये पराए लोग कभी अपने नहीं होते !! मैँने जी जान लुटाकर देखा हैं बाबा ये पराए लोग कभी अपने नहीं होते !! - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #👍स्पेशल शायरी🖋
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - सारी दुनिया को Blur करके, जिसको तुम Focus में रखोगे , एक दिन वही तुम्हें Crop कर देगा ! सारी दुनिया को Blur करके, जिसको तुम Focus में रखोगे , एक दिन वही तुम्हें Crop कर देगा ! - ShareChat
#👍स्पेशल शायरी🖋 #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️
👍स्पेशल शायरी🖋 - कोई हमारा बुरा करे यह कर्म उसका है, लेकिन हम किसी का बुरा ना करे, ٦٤ ٤ ٤٩RT٤ ١  700 कोई हमारा बुरा करे यह कर्म उसका है, लेकिन हम किसी का बुरा ना करे, ٦٤ ٤ ٤٩RT٤ ١  700 - ShareChat
#🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🖋ग़ालिब की शायरी #👍स्पेशल शायरी🖋
🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ - ज़िंदगी पूछती हे॰. और कुछ चाहिए मैं कहता हूं  जो था॰ वो ही लौटा दे. ज़िंदगी पूछती हे॰. और कुछ चाहिए मैं कहता हूं  जो था॰ वो ही लौटा दे. - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🖋ग़ालिब की शायरी #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - लिए कौन कब किसके সনলবুত ম্ী আৎ यह वक्त और परिस्थितियों पर निर्भर কনা ই. लिए कौन कब किसके সনলবুত ম্ী আৎ यह वक्त और परिस्थितियों पर निर्भर কনা ই. - ShareChat
#🖋ग़ालिब की शायरी #👍स्पेशल शायरी🖋
🖋ग़ालिब की शायरी - मैं हूं तभी तो शिकायतें हैं कभी सोचा है जब मैंना रही, कौन तुमसे तुम्हारे लिए यूं बेवजह लड़ेगा ..II मैं हूं तभी तो शिकायतें हैं कभी सोचा है जब मैंना रही, कौन तुमसे तुम्हारे लिए यूं बेवजह लड़ेगा ..II - ShareChat
#🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🖋ग़ालिब की शायरी
🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ - آ चाहने वाले को भूल सकती हैं लेकिन सम्मान करने वालों को कभी नहीं भूलती। ந்& آ चाहने वाले को भूल सकती हैं लेकिन सम्मान करने वालों को कभी नहीं भूलती। ந்& - ShareChat
#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #🖋ग़ालिब की शायरी
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - जो ये समझा उसका दुख खत्म जो मिल रहा, शायद वही ज़रूरी है और जो छूट रहा, शायद उसकी जरूरत नहीं जो ये समझा उसका दुख खत्म जो मिल रहा, शायद वही ज़रूरी है और जो छूट रहा, शायद उसकी जरूरत नहीं - ShareChat
#🖋ग़ालिब की शायरी #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
🖋ग़ालिब की शायरी - जैसे कबड्डी में सांस रोककर पकड़ बनानी पड़ती है, वैसे ही ज़िंदगी की दौड़ में ठहरना भी सीखना पडता 81 राश्म प्रभा जैसे कबड्डी में सांस रोककर पकड़ बनानी पड़ती है, वैसे ही ज़िंदगी की दौड़ में ठहरना भी सीखना पडता 81 राश्म प्रभा - ShareChat
#🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🖋ग़ालिब की शायरी
🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ - टेंशन... टेंशन , डिप्रेशन और बेचैनी इंसान को तभी होती है जब वो ख़ुद के लिए कम , दूसरो के लिये ज़्यादा सोचता है..! iliza_writes टेंशन... टेंशन , डिप्रेशन और बेचैनी इंसान को तभी होती है जब वो ख़ुद के लिए कम , दूसरो के लिये ज़्यादा सोचता है..! iliza_writes - ShareChat