हम ज़ालिम के सामने झुकना नहीं जानते, चाहे अंजाम कर्बला ही क्यों न हो।
रमज़ान का महीना, कर्बला का वो दिन
जब इमाम हुसैन इब्न अली यज़ीद के सामने नहीं झुके और इस्लाम के लिए शहीद हो गए।
आज फिर तारीख़ इस बात की गवाह है कि अली ख़ामेनेई ने भी जालिमों के सामने घुटने नहीं टेके और खुशी खुशी शहीद हो गए।
इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन
#Khamenei
#🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲अल्लाह हु अक़बर