शिवम दुबे ने 14 साल की उम्र में क्रिकेट छोड़ दिया क्योंकि उनके परिवार के पास कुछ भी नहीं बचा था। उनके पिता राजेश, जो कभी पहलवान थे, ने अपने बेटे के क्रिकेट में सब कुछ न्योछावर कर दिया था। उन्होंने अपनी फैक्ट्री किराए पर दे दी। उन्होंने अपना कारोबार छोड़ दिया। फिर आया कर्ज, निराशा, रोते-रोते दिन। जब हालात सुधरे, तो राजेश ने घर पर पिच बनवाई और अपने बेटे को रोजाना सैकड़ों थ्रोडाउन का अभ्यास करवाया क्योंकि कोच उसे हफ्ते में सिर्फ 1 घंटा देते थे। उन्होंने उसे आठ घंटे बल्लेबाजी करवाई। उन्होंने शिवम को कड़ी मेहनत और दृढ़ विश्वास के दम पर 110 किलो से 75 किलो तक पहुँचते देखा। वह विश्व कप पदक? हमेशा उनके पिता का ही रहा। 🏆🇮🇳 #🏏 क्रिकेट अपडेट 🏆 #🔥 टीम इंडिया 🇮🇳 #🏏T20 अपडेट 📰 #👩💻 शिखे, कमाये और मजे करे 🥰👍🤗 #🔥 शिवम दुबे