
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
@k_r_kashyap
🚩भगवा की ताकत के आगे, ब्रम्हांड भी सर झुकाता हैं,
#🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩
🕉️ महाशिवरात्रि व्रत विधि: अगर 'अनजाने' में की गई पूजा से मोक्ष मिल सकता है, तो 'विधि-विधान' से क्या नहीं मिलेगा? 🔱
हर हर महादेव! 🙏
जब एक शिकारी द्वारा अनजाने में गिराए गए बेलपत्र से शिव प्रसन्न हो सकते हैं, तो सोचिए पूरे विधि-विधान और श्रद्धा से किए गए व्रत का फल कितना अद्भुत होगा!
आइए जानते हैं महाशिवरात्रि व्रत की सरल और संपूर्ण विधि: 👇
🌅 1. संकल्प (Sankalp):
महाशिवरात्रि की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें। हाथ में थोड़ा जल, चावल और फूल लेकर संकल्प लें:
"हे महादेव! मैं आज पूरे दिन निराहार (या फलाहार) रहकर आपका व्रत करूंगा/करूंगी। मुझे शक्ति दें।"
🥛 2. पूजन विधि (Puja Vidhi):
दिन भर मन ही मन "ॐ नमः शिवाय" का जाप करते रहें। शाम (प्रदोष काल) या रात के चारों प्रहर में शिवलिंग का अभिषेक करें।
🔹 अभिषेक सामग्री: जल, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल (पंचामृत)।
🔹 अर्पण: बेलपत्र (तीनों पत्तियां साबुत हों), धतूरा, आक के फूल और चंदन।
🔥 3. रात्रि जागरण (Jagaran):
महाशिवरात्रि की रात सोने के लिए नहीं, 'जागने' के लिए है। मंदिर में भजन करें, शिव पुराण पढ़ें या रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर ध्यान (Meditation) करें। यही वो समय है जब ब्रह्मांडीय ऊर्जा चरम पर होती है। 🧘♂️
🌞 4. पारण (Breaking the Fast):
अगले दिन सुबह स्नान-पूजा करें और किसी जरूरतमंद को दान देकर ही अपना व्रत खोलें।
✨ सबसे जरूरी बात:
भोलेनाथ धन-वैभव के नहीं, केवल 'भाव' के भूखे हैं। अगर सामग्री कम भी हो, तो एक लोटा जल और सच्ची श्रद्धा ही उन्हें प्रसन्न करने के लिए काफी है।
इस महाशिवरात्रि, अपनी बुराइयों का त्याग करें और शिव भक्ति में लीन हो जाएं।
👇 कमेंट में 'हर हर महादेव' लिखकर अपनी हाजिरी जरूर लगाएं!
शुभ महाशिवरात्रि! 🔱🌿
!! जय जय श्री महाकाल !!
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#🛕महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं🚩
हमारे सभी फैमिली को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं
❤️ महाशिवरात्रि: जब 'वैरागी' महादेव बने 'दूल्हे राजा'! जानिए शिव-शक्ति के मिलन की अद्भुत कथा 🔱👰
हर हर महादेव! 🙏
हम सब जानते हैं कि महाशिवरात्रि शिव-पार्वती के विवाह का उत्सव है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह विवाह इतना खास क्यों था?
यह कहानी है 'असंभव' को 'संभव' करने की!
🏔️ प्यार के लिए तपस्या:
एक तरफ महलों में रहने वाली राजकुमारी पार्वती, और दूसरी तरफ श्मशान में रहने वाले वैरागी शिव। माता पार्वती ने शिवजी को पाने के लिए हजारों साल कठोर तपस्या की, यहाँ तक कि अन्न-जल भी त्याग दिया। उनकी भक्ति के आगे आखिरकार भोलेनाथ को झुकना ही पड़ा।
👻 दुनिया की सबसे अनोखी बारात:
इस शादी में देवता भी थे और भूत-प्रेत भी! जब शिवजी भस्म लगाकर और सांप लपेटकर नंदी पर आए, तो सब डर गए। लेकिन माता पार्वती ने उन्हें उसी रूप में स्वीकार किया। यह सिखाता है कि सच्चा प्रेम बाहरी रूप नहीं, बल्कि आंतरिक सुंदरता देखता है।
✨ शिव-शक्ति का मिलन:
यह केवल एक शादी नहीं थी, बल्कि ज्ञान (शिव) और ऊर्जा (शक्ति) का मिलन था, जिसके बिना यह सृष्टि अधूरी थी।
आज की रात हम उसी महामिलन का जश्न मनाते हैं! 🌌
आइए, हम भी माता पार्वती जैसा समर्पण और शिवजी जैसा भोलापन अपने जीवन में लाएं।
👇 कमेंट में 'जय शिव-शक्ति' लिखकर नव-विवाहित जोड़े को बधाई दें! 🎉
शुभ महाशिवरात्रि! 🔱🌿
!! जय जय श्री महाकाल !!
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🔱 रुद्राभिषेक: महादेव को प्रसन्न करने का सबसे शक्तिशाली उपाय! जानिए किस मनोकामना के लिए किस चीज़ से करें अभिषेक 🕉️
हर हर महादेव! 🙏
शास्त्रों में कहा गया है कि 'अलंकारप्रियो विष्णु:, धाराप्रियो महेश्वर:' अर्थात भगवान विष्णु को अलंकार प्रिय हैं और भोलेनाथ को 'धारा' (अभिषेक)।
स्वयं ब्रह्मा जी ने कहा है कि जब हम शिवलिंग का अभिषेक करते हैं, तो महादेव साक्षात् उस अभिषेक को ग्रहण करते हैं। संसार का ऐसा कोई सुख, वैभव या वस्तु नहीं है जो रुद्राभिषेक से प्राप्त न हो सके!
आइये जानते हैं रुद्राभिषेक के प्रकार और विभिन्न द्रव्यों से होने वाले लाभ: 👇
📜 रुद्राभिषेक के 5 मुख्य भेद (Types of Path):
रूपक (षडंग पाठ): रुद्र के छह अंगों का यथाविधि पाठ।
रुद्री (एकादशिनी): रुद्राध्याय की 11 आवृत्ति (बार) पाठ करना।
लघुरुद्र: एकादशिनी रुद्री का 11 बार पाठ करना (कुल 121 पाठ)।
महारुद्र: लघुरुद्र की 11 आवृत्ति (कुल 1331 पाठ)।
अतिरुद्र: यह सबसे विशाल अनुष्ठान है, जो बहुत पुण्यकारी होता है।
💧 किस कामना के लिए किस द्रव्य से करें अभिषेक? (Benefits of Dravyas)
अगर आप किसी विशेष फल की प्राप्ति चाहते हैं, तो शिवपुराण के अनुसार इन चीजों से अभिषेक करें:
🔸 धन-लक्ष्मी प्राप्ति: गन्ने का रस (इक्षु रस) 🎋
🔸 शत्रु नाश/कोर्ट-कचहरी में विजय: सरसों का तेल 🛡️
🔸 रोग निवारण/ज्वर शांति: शीतल जल की धारा 💧
🔸 पुत्र प्राप्ति: गाय का दूध या शक्कर मिला जल 🥛
🔸 मोक्ष प्राप्ति: घी और तीर्थ जल 🕯️
🔸 व्याधि (बीमारी) शांति: कुशा का जल (कुशोदक) 🌿
🔸 पशु धन प्राप्ति: दही 🍚
🔸 शारीरिक रोग नाश: इत्र मिला जल 🌸
🔸 बाधा शांति/पाप मुक्ति: दूध में काले तिल मिलाकर ⚫
विशेष:
रुद्राभिषेक केवल मनोकामना पूर्ति ही नहीं करता, बल्कि यह 'महापातक' रूपी पापों को जलाकर साधक को विशुद्ध ज्ञान और शांति प्रदान करता है। अश्वमेघ यज्ञ से भी जो पुण्य नहीं मिलता, वह शिवलिंग के अभिषेक से प्राप्त होता है।
इस महाशिवरात्रि या किसी भी सोमवार को विधि-विधान से अभिषेक करें और शिव कृपा पाएं।
👇 कमेंट में 'ॐ नमः शिवाय' लिखकर महादेव का आशीर्वाद प्राप्त करें!
शुभ कामनाएं! 🔱🌿
!! जय जय श्री महाकाल !!
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🔱 सर्वदोष नाश और मनोकामना पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक: संपूर्ण विधि और लाभ 🔱
रुद्राभिषेक अर्थात शिवलिंग पर रुद्रमंत्रों द्वारा अभिषेक करना। वेदों के अनुसार, यह शिव आराधना का सर्वश्रेष्ठ तरीका है। 'रुतम्-दु:खम्, द्रावयति-नाशयतीतिरुद्र:' यानि भोलेनाथ सभी दु:खों को नष्ट कर देते हैं।
🗓️ कब करें?
वैसे तो कभी भी कर सकते हैं, लेकिन सोमवार, प्रदोष और शिवरात्रि के दिन इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है।
✨ किस मनोकामना के लिए किस चीज़ से करें अभिषेक? (दैनिक जीवन के लिए उपाय)
दुखों से मुक्ति: जल से अभिषेक करें। 💧
(मंत्र: ॐ तं त्रिलोकीनाथाय स्वाहा)
शिव कृपा और आशीर्वाद: दूध से अभिषेक। 🥛
(मंत्र: ॐ सकल लोकैक गुरुर्वै नम:)
धन लाभ और कर्ज मुक्ति: गन्ने का रस। 🎋
(मंत्र: ॐ ह्रुं नीलकंठाय स्वाहा)
शत्रु और ग्रह बाधा नाश: सरसों का तेल। 🛢️
(मंत्र: ॐ नाथ नाथाय नाथाय स्वाहा)
कार्य में उन्नति/शुभ आरम्भ: चने की दाल। 🟡
(मंत्र: ॐ शं शम्भवाय नम:)
बुरी नजर/तंत्र बाधा: काले तिल। ⚫
(मंत्र: ॐ क्षौं ह्रौं हुं शिवाय नम:)
संतान सुख और शांति: शहद मिश्रित गंगाजल। 🍯
(मंत्र: ॐ वं चन्द्रमौलेश्वराय स्वाहा)
रोग नाश और लंबी उम्र: घी और शहद। 🧈
(मंत्र: ॐ ह्रौं जूं स: त्रयम्बकाय स्वाहा)
आकर्षक व्यक्तित्व: कुमकुम, केसर और हल्दी। 🏵️
(मंत्र: ॐ ह्रौं ह्रौं ह्रौं नीलकंठाय स्वाहा)
⚠️ विशेष सावधानी:
दूध, दही या पंचामृत के अभिषेक के लिए तांबे (Copper) के पात्र का प्रयोग भूलकर भी न करें। तांबे के संपर्क से दूध विष समान हो जाता है। इसके लिए चांदी, स्टील या अन्य धातु का प्रयोग करें।
हर हर महादेव! 🙏
इस जानकारी को अपने मित्रों के साथ शेयर करें और पुण्य के भागी बनें।
!! जय जय श्री महाकाल !!
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🌸 महाशिवरात्रि विशेष: जब 'भूत-प्रेतों' की बारात लेकर पहुंचे भोलेनाथ! पढ़िए शिव-शक्ति विवाह की अद्भुत कथा 🔱👰
"यह उमा संभु बिबाहु जे नर नारि कहहिं जे गावहीं।
कल्यान काज बिबाह मंगल सर्बदा सुखु पावहीं॥"
*(अर्थात: जो लोग शिव-पार्वती विवाह की इस कथा को कहते और गाते हैं, उनका वैवाहिक जीवन सदा सुखी रहता है।)
हर हर महादेव! 🙏
आज महाशिवरात्रि पर पढ़िए वो कथा जब वैरागी शिव बने थे 'दूल्हे राजा' और प्रकृति (पार्वती) से हुआ था उनका महामिलन।
💀 1. भोलेनाथ का अद्भुत श्रृंगार
जहाँ सभी देवता सोने-चांदी से सज रहे थे, वहीं मेरे महादेव का श्रृंगार उनके गण कर रहे थे। जटाओं का मुकुट, सांपों का मौर, कानों में बिच्छू के कुंडल और शरीर पर भस्म!
भोलेनाथ भस्म क्यों लगाते हैं? क्योंकि उन्हें 'राम नाम' से प्रेम है। जब लोग मुर्दे को जलाकर 'राम नाम सत्य है' कहना छोड़ देते हैं, तो शिवजी उस भस्म को (जिसने अंत तक राम नाम सुना) अपने शरीर पर धारण कर लेते हैं।
👻 2. दुनिया की सबसे विचित्र बारात
शिवजी की बारात में न हाथी थे, न घोड़े। वहां थे—भूत, प्रेत, पिशाच, और डाकिनी-शाकिनी!
किसी का सिर नहीं, तो किसी के बहुत सारे सिर। कोई बहुत मोटा, तो कोई कंकाल।
क्यों? क्योंकि जब भगवान राम का विवाह हुआ, तो सब गए, लेकिन अमंगल और अपशगुन माने जाने वाले भूतों को किसी ने नहीं पूछा। तब करुणासिंधु शिव ने कहा— "मेरे विवाह में सबका स्वागत है।"
😭 3. माता मैना का विलाप
ऐसी डरावनी बारात और दूल्हे को बैल पर सवार देख, माता पार्वती की माँ (मैना) बेहोश हो गईं। होश आने पर उन्होंने रोते हुए कहा— "मैं अपनी कोमल बच्ची का हाथ इस बावले अघोरी के हाथ में नहीं दूँगी, चाहे मुझे समुद्र में कूदना पड़े!"
✨ 4. 'चंद्रशेखर' रूप के दर्शन
तब माता पार्वती की प्रार्थना और भगवान विष्णु के हस्तक्षेप से, शिवजी ने अपना 'चंद्रशेखर स्वरूप' धारण किया।
करोड़ों कामदेव भी जिस रूप के आगे लज्जित हो जाएं, ऐसा दिव्य रूप! भगवान विष्णु ने स्वयं उन्हें सजाया। जब मैना ने इस रूप को देखा, तो वे देखती ही रह गईं और श्रद्धा से उनकी आरती उतारी।
🔥 5. शिव-शक्ति का महामिलन
मंडप में जब सुंदर सुहावने सिंहासन पर शिव-पार्वती विराजे, तो ऐसा लगा मानो ज्ञान और शक्ति एक हो गए हों। ब्रह्मा जी ने विवाह संपन्न कराया और हिमाचल राज ने कन्यादान किया। आकाश से फूलों की वर्षा हुई और पूरा ब्रह्मांड 'हर हर महादेव' के घोष से गूंज उठा।
🙏 फलश्रुति:
तुलसीदास जी कहते हैं कि जो भी इस पवित्र कथा को पढ़ता या सुनता है, उसके जीवन से सारे अमंगल दूर हो जाते हैं और घर में सुख-शांति का वास होता है।
इस महाशिवरात्रि, शिव-गौरी की कृपा आप पर और आपके परिवार पर बनी रहे।
👇 कमेंट में 'जय शिव-शक्ति' लिखकर इस दिव्य जोड़े को नमन करें!
शुभ महाशिवरात्रि! 🔱🌿
!! जय जय श्री महाकाल !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🔱हर हर महादेव #🙏गुरु महिमा😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
#🪖पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि🙏🏻
💔 14 फरवरी: वो तारीख जब पूरा देश रोया था... 🕯️🇮🇳
आज ही के दिन, 2019 में पुलवामा की धरती हमारे 40 वीर जवानों के लहू से लाल हुई थी। यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि उन परिवारों का दर्द और उन वीरों का सर्वोच्च बलिदान है जिसे भारत कभी नहीं भूल सकता।
हँसते-हँसते जो मिट गए देश की आन पर,
लाखों सलाम उन वीरों के बलिदान पर। 🙏
पुलवामा हमले में शहीद हुए माँ भारती के अमर सपूतों को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। आपकी शहादत कर्ज है हम पर, जो हम कभी नहीं चुका पाएंगे।
जय हिन्द, जय भारत! #🙏कर्म क्या है❓ #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸 जय श्री कृष्ण😇
सात धातु शरीर का निर्माण #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏कर्म क्या है❓ #🌸 जय श्री कृष्ण😇
रामायण के प्रमुख दिव्यास्त्र #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓
☀️ सूरज को जल चढ़ाने की परंपरा : आस्था नहीं, विज्ञान
भारतीय संस्कृति में सूर्योदय के समय सूर्य को जल चढ़ाने की परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। आज इसे केवल धार्मिक कर्मकांड समझ लिया गया है, लेकिन इसके पीछे गहरी वैज्ञानिक सोच और स्वास्थ्य से जुड़ा लाभ छिपा हुआ है, विशेषकर आंखों के स्वास्थ्य से।
🌈 जल की धार और सूर्य किरणों का विज्ञान
जब कोई व्यक्ति तांबे या मिट्टी के पात्र से सूर्य की ओर जल की पतली धार छोड़ता है, तो उस जल से होकर गुजरने वाली सूर्य की किरणें प्रिज़्म की तरह सात रंगों में विभाजित हो जाती हैं।
ये सात रंग हैं—
लाल, नारंगी, पीला, हरा, नीला, जामुनी और बैंगनी।
यह प्रक्रिया बिल्कुल वैसी ही है, जैसी विज्ञान में प्रकाश के अपवर्तन (Refraction) में बताई जाती है।
👁️ आंखों पर पड़ने वाला प्रभाव
इन सात रंगों की हल्की और संतुलित रोशनी जब आंखों तक पहुंचती है, तो—
आंखों की नसों को सक्रिय करती है
नेत्रों की थकान कम करती है
दृष्टि शक्ति को संतुलित रखने में सहायक मानी जाती है
लंबे समय तक आंखों को स्वस्थ रखने में मदद करती है
इसी कारण प्राचीन काल में लोग सीधे सूरज को देखने के बजाय जल की धार से छनकर आती रोशनी को देखते थे, जिससे आंखों को नुकसान न हो।
🧠 मानसिक और शारीरिक लाभ
सूर्योदय के समय यह क्रिया करने से—
मन शांत होता है
शरीर की जैविक घड़ी (Body Clock) संतुलित रहती है
सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
दिन की शुरुआत अनुशासन और एकाग्रता के साथ होती है
📜 निष्कर्ष
इस प्रकार सूर्य को जल चढ़ाने की परंपरा
केवल आस्था या पूजा नहीं थी,
बल्कि आंखों की देखभाल, मानसिक शांति और स्वास्थ्य से जुड़ा
एक वैज्ञानिक रूप से सोचा-समझा अभ्यास था।
हमारे पूर्वजों ने विज्ञान को
परंपरा के रूप में
और स्वास्थ्य को
संस्कार के रूप में
हम तक पहुंचाया। #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🕉️सनातन धर्म🚩
देवकी के आठ पुत्र #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕












