❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
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🚩भगवा की ताकत के आगे, ब्रम्हांड भी सर झुकाता हैं,
14 लोगों का अद्भुत नक्शा #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🌸जय सिया राम #🙏गुरु महिमा😇
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हर ग्रह का तापमान #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸जय सिया राम #🙏गुरु महिमा😇
🙏कर्म क्या है❓ - UPSC GK Study UPSC GK Study @২ ঋ্ঞ্ ঐ্] নতঙ্ন 7144NT ('C) 500 465% @5 డ 400 ಫ9 = [@] 4309@ 300 86[-180%C gி< 8 200 149( డ 10 கு ফখভ] @39@ డ త్డీ ೯ಮ೯[@] : =]459( ப 100 হণি =]789( [ -150 ೫ೌU] = =2249@ -200 -300 9424' -214% [a UPSC GK Study UPSC GK Study UPSC GK Study UPSC GK Study @২ ঋ্ঞ্ ঐ্] নতঙ্ন 7144NT ('C) 500 465% @5 డ 400 ಫ9 = [@] 4309@ 300 86[-180%C gி< 8 200 149( డ 10 கு ফখভ] @39@ డ త్డీ ೯ಮ೯[@] : =]459( ப 100 হণি =]789( [ -150 ೫ೌU] = =2249@ -200 -300 9424' -214% [a UPSC GK Study UPSC GK Study - ShareChat
गंगा का सफर #🙏गुरु महिमा😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸जय सिया राम #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓
🙏गुरु महिमा😇 - ర్రా@ ఆయరలనె@గె எவிது (ತಷ್ಟಟ) [SEENGK शिवजटा (वैगा निर्यद्रण लौक पृथ्वी॰ (नीवन्) [SEENGK PனPR (ఖి) UNSEEN GK ర్రా@ ఆయరలనె@గె எவிது (ತಷ್ಟಟ) [SEENGK शिवजटा (वैगा निर्यद्रण लौक पृथ्वी॰ (नीवन्) [SEENGK PனPR (ఖి) UNSEEN GK - ShareChat
गीता के 3 महायोग #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸जय सिया राम #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕
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जय श्री राधे #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गुरु महिमा😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸जय सिया राम
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ऊँ सनातन धर्म के सोलह संस्कार (16 Sanskar of Hindu Dharma) ফ্র गर्भाधान संस्कार जातकर्म संस्कार सीमन्तोन्नयन संस्कार पुंसवन संस्कार संतान प्राप्ति हेतु शुद्ध गर्भस्थ शिशु के ர%சிஈதிஈக शिशु के जन्म के समय एवं शारीरिक शांति हेतु किया जाने वाला संस्कार स्वास्थ्य व संरक्षण भाव व सकल्प चूड़ाकर्म (मुंडन) निष्क्रमण संस्कार नामकरण संस्कार अन्नप्राशन संस्कार R शिशु का शुभ शिशु को प्रथम बार शिशु को प्रथम बार बालों का प्रथम संस्कार घर से बाहर ले जाना नामकरण अन्न ग्रहण कराना वेदारंभ संस्कार कर्णवेध संस्कार মমাননন ম্োৎ उपनयन संस्कार शिक्षा पूर्ण कर गृहस्थ वेद एवं शास्त्र कान छेदन संस्कार विद्या आरंभ एवं जीवन की तैयारी का प्रवेश अध्ययन का प्रारंभ ब्रह्मचर्य  विवाह संस्कार वानप्रस्थ संस्कार संन्यास संस्कार अंत्येष्टि संस्कार धर्मपूर्वक गृहस्थ पूर्ण वैराग्य व मोक्ष देह त्याग के पश्चात सांसारिक मोह से मार्ग की ओर गमन धीरे-धीरे विरक्ति जीवन का आरंभ अंतिम संस्कार ऊँ सनातन धर्म के सोलह संस्कार (16 Sanskar of Hindu Dharma) ফ্র गर्भाधान संस्कार जातकर्म संस्कार सीमन्तोन्नयन संस्कार पुंसवन संस्कार संतान प्राप्ति हेतु शुद्ध गर्भस्थ शिशु के ர%சிஈதிஈக शिशु के जन्म के समय एवं शारीरिक शांति हेतु किया जाने वाला संस्कार स्वास्थ्य व संरक्षण भाव व सकल्प चूड़ाकर्म (मुंडन) निष्क्रमण संस्कार नामकरण संस्कार अन्नप्राशन संस्कार R शिशु का शुभ शिशु को प्रथम बार शिशु को प्रथम बार बालों का प्रथम संस्कार घर से बाहर ले जाना नामकरण अन्न ग्रहण कराना वेदारंभ संस्कार कर्णवेध संस्कार মমাননন ম্োৎ उपनयन संस्कार शिक्षा पूर्ण कर गृहस्थ वेद एवं शास्त्र कान छेदन संस्कार विद्या आरंभ एवं जीवन की तैयारी का प्रवेश अध्ययन का प्रारंभ ब्रह्मचर्य  विवाह संस्कार वानप्रस्थ संस्कार संन्यास संस्कार अंत्येष्टि संस्कार धर्मपूर्वक गृहस्थ पूर्ण वैराग्य व मोक्ष देह त्याग के पश्चात सांसारिक मोह से मार्ग की ओर गमन धीरे-धीरे विरक्ति जीवन का आरंभ अंतिम संस्कार - ShareChat
राम मंदिर के नीचे दबा ‘काल पत्र’ – इतिहास को अमर करने का प्रयास राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत चेतना का प्रतीक है। इसी भावना को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने के उद्देश्य से मंदिर निर्माण के दौरान एक विशेष ‘काल पत्र’ (Time Capsule) दबाने की परिकल्पना की गई। मान्यता है कि यह काल पत्र लगभग 2,000 फीट नीचे सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। इसका उद्देश्य यह है कि यदि हजारों वर्षों बाद भी कोई प्राकृतिक आपदा, सामाजिक परिवर्तन या समय की मार से वर्तमान संरचनाएँ नष्ट हो जाएँ, तब भी राम जन्मभूमि का सत्य और इतिहास सुरक्षित रहे। काल पत्र में क्या सुरक्षित किया गया है? इस काल पत्र में शामिल माने जाते हैं: राम जन्मभूमि का संपूर्ण ऐतिहासिक विवरण मंदिर का वास्तुशिल्प नक्शा और संरचनात्मक जानकारी राम मंदिर आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा प्रामाणिक विवरण उस काल की सभ्यता, संस्कृति और मान्यताओं का सार यह सब इस तरह सुरक्षित किया गया है कि समय, नमी, तापमान और प्रकृति का उस पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। काल पत्र क्यों जरूरी माना गया? इतिहास गवाह है कि समय के साथ कई सभ्यताओं के प्रमाण मिट गए, जिससे विवाद और भ्रम उत्पन्न हुए। काल पत्र का उद्देश्य है: इतिहास को प्रमाण सहित सुरक्षित रखना भविष्य में किसी भी प्रकार के संदेह या विवाद को रोकना आने वाली पीढ़ियों को सत्य से जोड़ना यह केवल वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि हजारों वर्षों आगे की मानवता के लिए एक संदेश है। यह केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि संदेश है राम मंदिर के नीचे रखा गया काल पत्र यह संदेश देता है कि सत्य को दबाया नहीं जा सकता, इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता, और आस्था को समय की सीमा में नहीं बाँधा जा सकता। निष्कर्ष राम मंदिर और उससे जुड़ा काल पत्र यह दर्शाता है कि भारत अपनी जड़ों, अपने इतिहास और अपनी आस्था को लेकर कितना सजग है। यह प्रयास इतिहास को अमर बनाने की दिशा में एक अनोखा और दूरदर्शी कदम माना जाता है। यह इतिहास है — और यह अमर रहेगा। !! जय जय श्री राम !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🌸जय सिया राम #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गुरु महिमा😇
🌸जय सिया राम - राम मंदिर के २००० फुट नीचे दवाया गया `काल पत्र' अमर इतिहास सुरहिन! कालपत्र राम जन्मभूमि का इतिहास और नवरा सुाकित रहे, इसलिए इसे भूमिगत ` काल पत्र ' मॅ रखा गया हे, जो हजारों वर्घ वाद भी सुरिहित रहेमा ! यह इतिहास अमर रहेगा ! राम मंदिर के २००० फुट नीचे दवाया गया `काल पत्र' अमर इतिहास सुरहिन! कालपत्र राम जन्मभूमि का इतिहास और नवरा सुाकित रहे, इसलिए इसे भूमिगत ` काल पत्र ' मॅ रखा गया हे, जो हजारों वर्घ वाद भी सुरिहित रहेमा ! यह इतिहास अमर रहेगा ! - ShareChat
रामलला का सूर्य तिलक | विज्ञान और आस्था का अद्भुत संगम ☀️🙏 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸जय सिया राम #🙏कर्म क्या है❓
🙏गुरु महिमा😇 - ऐसे होगा राम लला सूर्य तिलक @ UPSC GK Study राम नवमी के दिन सूर्य की रोशनी  UPSC GK Study 1 मंदिर के तीसरे तल पर लगे पहले दर्पण पर गिरेगी , यहाँ से परावर्तित होकर पीतल की पाइप में प्रवेश करेगी। २. पीतल की पाइप में लगे 2 UPSC GK Study ಹಾ್ಷ್ಕ दर्पण से टकराकर डिग्री पर पुनः 90 परावर्तित हो जाएँगी। पीतल के पाइप में लंबवत जाते [5೯ಶ' 3 UPSC GK Study किरणें तीन अलग-्अलग लेंस सेँ गुजरेंगी। गर्भगृह में लगे दर्पण से 6 टकराने के बाद किरणें सीधे राम लला के मस्तक पर UPSC GK Study ७५ मिमी का गोलाकार सूर्य लंबवत पाइप के सिरे पर लगे दर्पण से दूसरे  तिलक लगाएंगी। किरणें पुनः " ९० डिग्री पर परावर्तित टकराकर होकर क्षैतिज रेखा में चलेंगी। 6 কিতৌ নীল লম মী সুলমন ক নান লননন 5 के गर्भगृह वाले सिरे पर लगे दर्पण से पाइप टकराएँगी| 5 UPSC GK Study दोपहर १२ बजे किरणें रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी। निरंतर चार मिनट तक रामलला के मुख मंडल को प्रकाशित करेंगीK ऐसे होगा राम लला सूर्य तिलक @ UPSC GK Study राम नवमी के दिन सूर्य की रोशनी  UPSC GK Study 1 मंदिर के तीसरे तल पर लगे पहले दर्पण पर गिरेगी , यहाँ से परावर्तित होकर पीतल की पाइप में प्रवेश करेगी। २. पीतल की पाइप में लगे 2 UPSC GK Study ಹಾ್ಷ್ಕ दर्पण से टकराकर डिग्री पर पुनः 90 परावर्तित हो जाएँगी। पीतल के पाइप में लंबवत जाते [5೯ಶ' 3 UPSC GK Study किरणें तीन अलग-्अलग लेंस सेँ गुजरेंगी। गर्भगृह में लगे दर्पण से 6 टकराने के बाद किरणें सीधे राम लला के मस्तक पर UPSC GK Study ७५ मिमी का गोलाकार सूर्य लंबवत पाइप के सिरे पर लगे दर्पण से दूसरे  तिलक लगाएंगी। किरणें पुनः " ९० डिग्री पर परावर्तित टकराकर होकर क्षैतिज रेखा में चलेंगी। 6 কিতৌ নীল লম মী সুলমন ক নান লননন 5 के गर्भगृह वाले सिरे पर लगे दर्पण से पाइप टकराएँगी| 5 UPSC GK Study दोपहर १२ बजे किरणें रामलला के मस्तक पर पड़ेंगी। निरंतर चार मिनट तक रामलला के मुख मंडल को प्रकाशित करेंगीK - ShareChat
दृष्टि का परिवर्तन | माया, चेतना और मुक्ति का मार्ग 🌸✨ #🙏कर्म क्या है❓ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏कर्म क्या है❓ - दृष्टि का परिवर्तन UPSC GK Study UPSC GK Study ள মায়া चेतना 7 का अर्थ है  माया का अर्थ है - ঘনো ক সাথ মী' সীৎ ঐনাI घटना को घटित होने देना। i टूटती, क्योंकि मुक्ति का अर्थ संसार छोड़ना नहीं, माया त्याग से नहीं যয ক্ন নালা ঞী 'ম' ৪ী ম্ীনা ট1 दृष्टि का बदल जाना है। ন UPSC GK Study का मार्ग মুনি UPSC GK Study UPSC GK Study और ॰भैं ' सबसे सूक्ष्म माया है। है साक्षी बनने से। टूटती  মায়া दृष्टि का परिवर्तन UPSC GK Study UPSC GK Study ள মায়া चेतना 7 का अर्थ है  माया का अर्थ है - ঘনো ক সাথ মী' সীৎ ঐনাI घटना को घटित होने देना। i टूटती, क्योंकि मुक्ति का अर्थ संसार छोड़ना नहीं, माया त्याग से नहीं যয ক্ন নালা ঞী 'ম' ৪ী ম্ীনা ট1 दृष्टि का बदल जाना है। ন UPSC GK Study का मार्ग মুনি UPSC GK Study UPSC GK Study और ॰भैं ' सबसे सूक्ष्म माया है। है साक्षी बनने से। टूटती  মায়া - ShareChat
🕉️ नागा साधु: रहस्यमयी तपस्वी और धर्म के रक्षक योद्धा 🕉️ नागा साधु—यह नाम सुनते ही मन में एक रहस्यमयी और विस्मयकारी छवि उभरती है। भस्म लपेटे, जटाधारी, नग्न रहने वाले ये साधु भारतीय सनातन धर्म का एक अद्भुत पहलू हैं। 🌿 कौन हैं नागा साधु? ये भगवान शिव और अग्नि के अनन्य भक्त हैं। दिगंबर (आकाश ही जिनका वस्त्र हो) रहने वाले ये साधु कुंभ मेलों में ही मुख्य रूप से दर्शन देते हैं। इनकी दिनचर्या कठोर तप और संयम से भरी होती है। वे हिमालय की कड़कड़ाती ठंड में भी तीन प्रकार के विशेष योग के बल पर जीवित रहते हैं। ⚔️ इतिहास: धर्म रक्षा के लिए शस्त्र उठाए नागा साधुओं का इतिहास केवल तपस्या का नहीं, बल्कि शौर्य का भी है। 8वीं शताब्दी में जब भारत पर बाहरी आक्रमण हो रहे थे और सनातन धर्म चुनौतियों का सामना कर रहा था, तब आदिगुरु शंकराचार्य ने धर्म की रक्षा के लिए अखाड़ों की स्थापना की। उन्होंने साधुओं को केवल शास्त्र ही नहीं, शस्त्र विद्या भी सिखाई। मठों को 'अखाड़ा' कहा जाने लगा, जहाँ व्यायाम और शस्त्र संचालन का अभ्यास होता था। 🛡️ युद्धों में योगदान: इतिहास गवाह है कि नागा साधुओं ने कई बार धर्म और देश की रक्षा के लिए युद्ध किए। अहमद शाह अब्दाली के आक्रमण के समय हजारों नागा योद्धाओं ने गोकुल की रक्षा की थी। आजादी के बाद, अखाड़ों ने अपना सैन्य चरित्र त्याग दिया और पूरी तरह से आध्यात्मिक मार्ग अपना लिया। 🔥 नागा बनने की कठिन प्रक्रिया: नागा साधु बनना आसान नहीं है। इसमें लगभग 6 साल लग जाते हैं। कठोर ब्रह्मचर्य, लंबी तपस्या और अंत में महाकुंभ के दौरान अपना ही पिंडदान और दंडी संस्कार करने के बाद कोई नागा साधु बनता है। 🏰 भारत के 13 प्रमुख अखाड़े: आज भारत में 13 प्रमुख अखाड़े हैं, जो सनातन धर्म के विभिन्न संप्रदायों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनमें प्रमुख हैं: श्री निरंजनी अखाड़ा: (स्थापना 826 ई.) ईष्ट देव कार्तिकस्वामी। श्री जूना अखाड़ा: (स्थापना 1145 ई.) इसे भैरव अखाड़ा भी कहते हैं। इनका शाही स्नान देखने लायक होता है। श्री महानिर्वाण अखाड़ा: (स्थापना 671 ई.) इनके नागा साधुओं ने कनखल मंदिर की रक्षा की थी। ...और भी कई अखाड़े जैसे अटल, आह्वान, आनंद, पंचाग्नि, गोरखनाथ, वैष्णव, उदासीन और निर्मल अखाड़ा। ये अखाड़े आज भी भारतीय संस्कृति और सनातनी मूल्यों की रक्षा कर रहे हैं। 🙏 जय महाकाल! जय सनातन धर्म! 🙏 !! जय जय श्री राधे !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गुरु महिमा😇 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गीता ज्ञान🛕
🕉️सनातन धर्म🚩 - नागा साधुः तपस्या और शौर्य की गाथा नागा साधुः तपस्या और शौर्य की गाथा - ShareChat
🔱 श्री बगलामुखी साधना: शत्रु नाश और मनोकामना पूर्ति का अचूक उपाय 🔱 दस महाविद्याओं में से एक, माँ बगलामुखी की साधना तंत्र ग्रंथों, पुराणों और संहिताओं में अत्यंत प्रभावशाली बताई गई है। यह साधना साधक को सभी प्रकार की सिद्धियाँ और मनोवांछित फल प्रदान करने में सक्षम है। ✨ बगलामुखी साधना के प्रमुख लाभ: 🔹 शत्रु नाश: बाहरी और आंतरिक (काम, क्रोध आदि) दोनों प्रकार के शत्रुओं पर विजय प्राप्ति के लिए यह सर्वश्रेष्ठ साधना है। 🔹 मुकदमे में विजय: कोर्ट-कचहरी के मामलों में इच्छानुसार सफलता के लिए यह रामबाण उपाय है। 🔹 सर्व मनोकामना पूर्ति: धन लाभ, संतान सुख, रोग शांति, जेल से मुक्ति, आकर्षण, वशीकरण आदि सभी इच्छाओं की पूर्ति इस साधना से संभव है। 🟡 साधना विधि और नियम: स्थान: एकांत और पवित्र स्थान, जैसे नदी का संगम, पर्वत, जंगल या घर का कोई शांत कोना। खुले आसमान के नीचे साधना न करें, ऊपर कोई आवरण (चंदोबा) अवश्य हो। वस्त्र और आसन: साधना में 'पीला' रंग अनिवार्य है। पीले वस्त्र (धोती, दुपट्टा) धारण करें और पीले आसन पर ही बैठें। सामग्री: पीले पुष्प, हल्दी की गांठ की माला (जप के लिए), और पूजन सामग्री भी पीली ही होनी चाहिए। भोजन: फलाहार, दूध, केसर की खीर, बेसन के लड्डू, केला आदि सात्विक और पीले रंग का भोजन ग्रहण करें। मंत्र: ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्व दुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वा कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा || जप संख्या: अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य अनुसार 10 हजार या सवा लाख मंत्रों का अनुष्ठान 7, 9, 11 या 21 दिनों में पूरा करें। प्रतिदिन निश्चित संख्या में ही जप करें। हवन: जप का दशांश हवन, हवन का दशांश तर्पण, तर्पण का दशांश मार्जन और उसका दशांश ब्राह्मण भोजन कराना चाहिए। 🔥 विशिष्ट कामना पूर्ति हेतु हवन सामग्री: धन प्राप्ति: चावल, तिल और दूध मिश्रित खीर। संतान प्राप्ति: अशोक और कनेर के पत्ते। शत्रु विजय: सेमर के फल। जेल से मुक्ति: गूगल और तिल। रोग शांति: रेंडी की लकड़ी, शहद, घी, शक्कर और खील (लाजा)। वशीकरण: पीली सरसों। आकर्षण: शहद, घी, शक्कर और नमक। ⚠️ विशेष नोट: बगलामुखी साधना अत्यंत उग्र और शक्तिशाली होती है। इसे किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही करना उचित है। यह साधना रात्रि के प्रथम प्रहर के बाद आरंभ करनी चाहिए। 🙏 जय माँ बगलामुखी! 🙏 क्या आप भी माँ बगलामुखी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं? अपने विचार कमेंट में साझा करें और इस जानकारीपूर्ण पोस्ट को अपने मित्रों और परिवार के साथ शेयर करें। !! जय जय श्री राधे !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गीता ज्ञान🛕
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - fr मुखं पदं स्तंभय  कीलय  ಕಕೆ' बुद्धिं <&1  दुष्टानां ` డ్డీ ೩ సః *  fr मुखं पदं स्तंभय  कीलय  ಕಕೆ' बुद्धिं <&1  दुष्टानां ` డ్డీ ೩ సః * - ShareChat