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🚩भगवा की ताकत के आगे, ब्रम्हांड भी सर झुकाता हैं,
. !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌷शुभ सोमवार #📿एकादशी🪔🙏 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🚩जय श्रीराम🙏 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🕉️सनातन धर्म🚩 - सिर को हिला दीजिए बात छोटी है जी धुला लीजिए @IuaI' ٦٩ "ಸ್ತ सिर को हिला दीजिए बात छोटी है जी धुला लीजिए @IuaI' ٦٩ "ಸ್ತ - ShareChat
. !! जय जय श्री महाकाल !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🚩जय श्रीराम🙏 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌷शुभ सोमवार #📿एकादशी🪔🙏 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🚩जय श्रीराम🙏 - शा श्री राम  91 सेतु में गिलहरी का योगदान 7 रामसेतु निर्माण में गिलहरी का योगदान निःस्वार्थ भक्ति और छोटे प्रयासों के महत्व का प्रतीक है। उसने अपने मुख में रेत और छोटे कंकड़ भरकर पुल के बड़े पत्थरों के बीच की खाली जगह को भरा, जिससे सेतु को मजबूती फेरा, मिली। इस समर्पण से प्रसन्न होकर श्री राम ने उसकी पीठ पर हाथ ' जिससे तीन धारियां बन गईं। " आज गिलहरी को अयोध्या के राम मंदिर में भी स्थान दिया गया है" शिक्षाः- बड़े उद्देश्यों में छोटे से छोटा प्रयास भी अमूल्य है, जब वह सच्चे मन से किया जाए। शा श्री राम  91 सेतु में गिलहरी का योगदान 7 रामसेतु निर्माण में गिलहरी का योगदान निःस्वार्थ भक्ति और छोटे प्रयासों के महत्व का प्रतीक है। उसने अपने मुख में रेत और छोटे कंकड़ भरकर पुल के बड़े पत्थरों के बीच की खाली जगह को भरा, जिससे सेतु को मजबूती फेरा, मिली। इस समर्पण से प्रसन्न होकर श्री राम ने उसकी पीठ पर हाथ ' जिससे तीन धारियां बन गईं। " आज गिलहरी को अयोध्या के राम मंदिर में भी स्थान दिया गया है" शिक्षाः- बड़े उद्देश्यों में छोटे से छोटा प्रयास भी अमूल्य है, जब वह सच्चे मन से किया जाए। - ShareChat
🔥"कैसे हुआ द्वापर युग का जन्म? एक रहस्यमयी अंत और एक नई शुरुआत का शास्त्रसम्मत सत्य 🙏🚩 त्रेतायुग के अंत में ऐसा क्या 'पाप' हुआ था जिसने द्वापर युग के विनाशकारी दरवाजे खोल दिए? 🥺​"सोचिए, जब सतयुग की पवित्रता और त्रेतायुग का मर्यादापूर्ण अनुशासन समाप्त हुआ, तो संसार में अधर्म ने अपने पैर कैसे पसारे? कैसे एक युग बदला और भगवान को मनुष्य के कर्मों का फल देने के लिए नए नियम बनाने पड़े? आज हम उस समय की बात करेंगे जब धर्म के चार स्तंभों में से एक और टूट गया और शुरू हुआ— द्वापर युग! जानते हैं इस महापरिवर्तन की असली सत्य क्या हैं?" 📖​ शास्त्रसम्मत कथा और प्रमाण 👇 ​द्वापर युग के प्रारंभ और काल गणना का सबसे सटीक वर्णन श्रीमद्भागवत पुराण के 12वें स्कंध के दूसरे अध्याय और विष्णु पुराण के चौथे अंश में मिलता है। ​ग्रंथ संदर्भ: 📖 ​श्रीमद्भागवत पुराण: स्कंध 12, अध्याय 2, श्लोक 1 से 30 तक। 📖 ​वायु पुराण: अध्याय 58 (युग धर्म वर्णन)। 👉मुख्य श्लोक (संदर्भ हेतु): ​तपः शौचं दया सत्यमिति पादाः कृते कृताः। अधर्मपादैस्त्रिभिरभग्नस्तेऽधर्मस्य मानवैः॥ (श्रीमद्भागवत 12.3.18) (अर्थ: द्वापर में धर्म के दो चरण अधर्म द्वारा नष्ट हो जाते हैं और केवल दो ही शेष बचते हैं।) ☀️​धर्म के चरणों का क्षय: सतयुग में धर्म के 4 चरण (तप, शौच, दया और सत्य) थे। त्रेता में 3 रह गए। द्वापर की शुरुआत तब हुई जब मनुष्य के भीतर 'रजोगुण' की प्रधानता बढ़ने लगी। ​द्वापर का अर्थ: 'द्वा' का अर्थ है दो और 'पर' का अर्थ है बाद वाला। इसमें धर्म के केवल दो चरण शेष रह गए— दया और सत्य। तप और पवित्रता में कमी आने लगी। 💥गूढ़तम कथा (The Dark Mystery Content)💥 ​द्वापर युग की शुरुआत के पीछे एक सबसे बड़ा रहस्य है— 'अधर्म' और 'मिथ्या' (झूठ) का विवाह। ​1. अधर्म का परिवार (The Lineage of Evil): श्रीमद्भागवत पुराण के चौथे स्कंध (अध्याय 8) में एक बहुत गहरा संदर्भ मिलता है। जब ब्रह्मा जी की पीठ से 'अधर्म' उत्पन्न हुआ, तो उसका विवाह 'मृषा' (झूठ) से हुआ। इनसे जो संतानें हुईं, उन्होंने ही त्रेता के अंत में मर्यादाओं को धीरे-धीरे खत्म किया और द्वापर की नींव रखी। ​2. कश्यप ऋषि का वो श्राप: एक गुप्त मान्यता के अनुसार, द्वापर युग की शुरुआत तब हुई जब कश्यप ऋषि के पुत्रों (देवताओं और असुरों) के बीच समुद्र मंथन के बाद भी ईर्ष्या खत्म नहीं हुई। इसी ईर्ष्या के कारण धरती का 'सत्व' खत्म होने लगा और 'रजोगुण' का विस्फोट हुआ, जिसे हम द्वापर कहते हैं। 💦​आयु और रोग का प्रवेश: द्वापर युग के प्रारंभ होते ही मनुष्यों की आयु घटने लगी और संसार में 'रोग' (बीमारियों) और 'अकाल मृत्यु' का प्रवेश हुआ। ​वेदों का विभाजन: द्वापर युग की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसी युग में भगवान विष्णु के अंश महर्षि वेदव्यास ने एक वेद को चार भागों में विभाजित किया ताकि कम बुद्धि वाले मनुष्य भी ज्ञान प्राप्त कर सकें। समय का कालचक्र धर्म और अधर्म के बीच झूलता रहता है। द्वापर की नींव रखने वाली इस गूढ़ कथा को अपने जीवन में आत्मसात करें और धर्म के मार्ग पर दृढ़ता से चलें। ​👍 Like करके धर्म का समर्थन करें। 📣 Comment में अपनी जिज्ञासा ब्यक्त करें। 🚀 Share करके लोगों को युग-परिवर्तन के रहस्यों से अवगत कराएं। 🌟 Follow करके अधिक आध्यात्मिक और गूढ़ जानकारियों से जुड़े रहें। ​. !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🙏शिव पार्वती #🌷शुभ सोमवार #🔱हर हर महादेव #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #📿एकादशी🪔🙏 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🙏शिव पार्वती - अधर्म मृषा रर्यादाएँ # মনান ঈনা 81 अधर्म मृषा रर्यादाएँ # মনান ঈনা 81 - ShareChat
मंदिर में भगवान के गोल-गोल घूमना कोई अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक 'महाविज्ञान' है! 😱✨ क्या आपने कभी सोचा है कि शिव जी की केवल 'आधी' परिक्रमा क्यों होती है? या प्राचीन मंदिरों में लोग नहाकर गीले कपड़ों में परिक्रमा क्यों करते थे? आइए आज सनातन धर्म के इस सबसे अद्भुत रहस्य और इसके पीछे छिपे विज्ञान को समझते हैं... 🌀 परिक्रमा का वैज्ञानिक रहस्य (The Science of Energy) मंदिर में जहाँ मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होती है, उसके चारों ओर एक जबरदस्त ईश्वरीय ऊर्जा (Aura) का निर्माण हो जाता है। हमारी पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) में ऊर्जा प्राकृतिक रूप से घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में बहती है। जब हम भगवान के दाहिनी ओर से (दक्षिणवर्ती) परिक्रमा करते हैं, तो हम उस सकारात्मक ऊर्जा को सीधे अपने भीतर सोख लेते हैं। (ध्यान दें: उल्टी परिक्रमा करने से हमारी ऊर्जा का टकराव होता है और हमारा तेज नष्ट होता है!) 💦 गीले कपड़ों में परिक्रमा क्यों? प्राचीन मंदिरों में हमेशा एक जल कुंड (कल्याणी) होता था। इसका गहरा वैज्ञानिक कारण है—गीला शरीर या गीले कपड़े उस ईश्वरीय ऊर्जा (Cosmic Energy) को सूखे शरीर की तुलना में बहुत तेजी से और गहराई से ग्रहण करते हैं। 🙏 किस देवता की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए? (इसे सेव कर लें) शास्त्रों के अनुसार हर देवता की ऊर्जा का स्तर अलग होता है, इसलिए परिक्रमा की संख्या भी अलग है: शिव जी (½): केवल आधी परिक्रमा! (अभिषेक की धार (जलहरी) को कभी लांघना नहीं चाहिए, क्योंकि वहाँ शिव-शक्ति की ऊर्जा का तीव्र प्रवाह होता है)। मां दुर्गा/देवी (1): एक परिक्रमा (नवार्ण मंत्र के साथ)। श्री गणेश और हनुमान जी (3): तीन परिक्रमा (मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु)। भगवान विष्णु और उनके अवतार (4): चार परिक्रमा (सकारात्मक सोच और संकल्प के लिए)। सूर्य देव (7): सात परिक्रमा (रोग नाश और पवित्रता के लिए)। ⚠️ परिक्रमा के जरूरी नियम दिशा: हमेशा अपने दाहिने हाथ की तरफ से (Clockwise) परिक्रमा शुरू करें। निरंतरता: बीच में रुकें नहीं, जहाँ से शुरू की है, वहीं आकर खत्म करें। मौन: परिक्रमा करते समय बातचीत, हँसी-मज़ाक या धक्का-मुक्की न करें। केवल अपने इष्ट का ध्यान करें। महा-मंत्र: परिक्रमा करते हुए इस मंत्र का मन में जाप करने से हर कदम पर अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है: "यानि कानि च पापानि जन्मांतर कृतानि च। तानि सवार्णि नश्यन्तु प्रदक्षिणे पदे-पदे।।" (अर्थ: हे प्रभु! जाने-अनजाने व पूर्वजन्म के मेरे सारे पाप इस परिक्रमा के हर कदम के साथ नष्ट हो जाएं।) विवाह के फेरे हों (अग्नि परिक्रमा), गोवर्धन पर्वत की हो, या मां नर्मदा की... सनातन धर्म में 'परिक्रमा' सिर्फ एक कर्मकांड नहीं, बल्कि खुद को सीधे ब्रह्मांड से जोड़ने का एक रास्ता है। क्या आपको परिक्रमा के इन वैज्ञानिक और शास्त्रीय नियमों के बारे में पता था? कमेंट्स में 'जय श्री राम' या 'हर हर महादेव' जरूर लिखें और इस जानकारी को अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर करें! 👇🚩 . !! जय जय श्री महाकाल !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #📿एकादशी🪔🙏 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏शिव पार्वती #🌷शुभ सोमवार #🔱हर हर महादेव https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
📿एकादशी🪔🙏 - देव मन्दिर की परिक्रमाः महत्त्व एवं विधान परिक्रमा का विज्ञान गर्भगृह के ऊर्जा भंवर को ग्रहण करने का दक्षिणावर्त मार्ग श्रेष्ठ है। कल्याणी में डुबकी लगाकर गीले कपड़ों में परिक्रमा गीले कपडे़ और बाल दिव्य ऊर्जा के अवशोषण को बढ़ाते हैं। किस देवता की, कितनी परिक्रमा गणेशजी और विष्णु सूर्य देव (७) शिवजी (आधा) ননী সাঁ (1) भगवान हनुमानजी (३) Hk HddR (4) विवजी नो करबनी नही idovs 3 ar सूर्व देव बवा पाका को | @శిబ] ' पानी चनल ती जालाडी। दिव्य ऊर्जा का बतते हे। सयतार के अवसानण गगदाओी गीर बावात [3olಹ auidi1 को बढ़ाते है। उतिषग को बदाते ह। अराण को बटाते ऐ। परिक्रमा के नियम मन में मंत्र जाप, बातचीत न करें निंदा न करें নকং ಟ6]; 9/475. परिक्रमा मंत्र कृतानि च। यानि कानि च पापानि जन्मांतर सवार्णि नश्यन्तु प्रदक्षिणे पदे-पदे।। ١٨ यानि कानि च पापानि जन्मांतर कृतानि च।  तानि सवार्णि नश्यन्तु प्रदशिणे पदे-पदे।।  परिक्रमा पूर्ण कर साष्टांग प्रणाम व आशीर्वाद लें। देव मन्दिर की परिक्रमाः महत्त्व एवं विधान परिक्रमा का विज्ञान गर्भगृह के ऊर्जा भंवर को ग्रहण करने का दक्षिणावर्त मार्ग श्रेष्ठ है। कल्याणी में डुबकी लगाकर गीले कपड़ों में परिक्रमा गीले कपडे़ और बाल दिव्य ऊर्जा के अवशोषण को बढ़ाते हैं। किस देवता की, कितनी परिक्रमा गणेशजी और विष्णु सूर्य देव (७) शिवजी (आधा) ননী সাঁ (1) भगवान हनुमानजी (३) Hk HddR (4) विवजी नो करबनी नही idovs 3 ar सूर्व देव बवा पाका को | @శిబ] ' पानी चनल ती जालाडी। दिव्य ऊर्जा का बतते हे। सयतार के अवसानण गगदाओी गीर बावात [3olಹ auidi1 को बढ़ाते है। उतिषग को बदाते ह। अराण को बटाते ऐ। परिक्रमा के नियम मन में मंत्र जाप, बातचीत न करें निंदा न करें নকং ಟ6]; 9/475. परिक्रमा मंत्र कृतानि च। यानि कानि च पापानि जन्मांतर सवार्णि नश्यन्तु प्रदक्षिणे पदे-पदे।। ١٨ यानि कानि च पापानि जन्मांतर कृतानि च।  तानि सवार्णि नश्यन्तु प्रदशिणे पदे-पदे।।  परिक्रमा पूर्ण कर साष्टांग प्रणाम व आशीर्वाद लें। - ShareChat
महंगी 'Anti-Aging' क्रीम और दवाइयां आपको हमेशा जवां नहीं रख सकतीं, लेकिन हमारे प्राचीन आयुर्वेद का यह रहस्य जरूर रख सकता है! 🌿✨ क्या आपने कभी सोचा है कि प्राचीन काल में ऋषि-मुनि 300 से 500 साल तक कैसे स्वस्थ और युवा बने रहते थे? और आज हम 40-50 की उम्र में ही बीमारियों और बुढ़ापे का शिकार क्यों होने लगते हैं? प्रदूषण और जंक फूड के इस दौर में अगर आप भी लंबी उम्र और हमेशा जवां रहने का रहस्य जानना चाहते हैं, तो इन 7 प्राचीन सिद्ध नियमों को आज ही अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लें: 👇 १. कछुए की तरह सांसें लें 🐢 कछुए और व्हेल की लंबी उम्र का राज उनकी धीमी और गहरी सांसें हैं। प्राणायाम (जैसे अनुलोम-विलोम) को अपनी दिनचर्या बनाएं। घर के आसपास पीपल या बड़ का पेड़ लगाएं क्योंकि— "वनों से वायु, वायु से आयु।" २. पानी को 'चबाकर' पिएं 💧 पानी कभी भी एक साथ न गटकें, इसे घूंट-घूंट कर आराम से पिएं। सुबह उठकर तांबे के बर्तन का बासी पानी पिएं। याद रखें, दुनिया की 70% बीमारियां अशुद्ध जल और गलत तरीके से पानी पीने से होती हैं। पानी हमेशा बैठकर ही पिएं। ३. सात्विक आहार और उपवास (Fasting) 🥗 'जैसा खाओ अन्न, वैसा बने मन।' हफ्ते में कम से कम एक दिन उपवास जरूर रखें (इस दिन केवल फलों का रस लें)। आधुनिक विज्ञान भी मानता है कि आहार पर नियंत्रण रखकर उम्र को 30% तक बढ़ाया जा सकता है। ४. भारी जिम नहीं, नियमित अंग संचालन 🚶‍♂️ ज्यादा भारी कसरत या जिम के बजाय, शरीर के हर जोड़ को आराम से हिलाने वाले सूक्ष्म व्यायाम करें। अगर कुछ न कर पाएं, तो नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करें या रोज़ 2 किलोमीटर पैदल जरूर चलें। ५. नींद की क्वालिटी सुधारें (योग निद्रा और ध्यान) 🧘‍♂️ देर रात तक जागना आपके शरीर को समय से पहले बूढ़ा कर रहा है। ध्यान (Meditation) और 'योग निद्रा' से अपनी नींद को गहरा बनाएं। सही वक्त पर सोना और ब्रह्म मुहूर्त में उठना सबसे बड़ी दवा है। ६. चमत्कारिक जड़ी-बूटियों का सहारा 🌱 आंवला, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, गिलोय और जटामासी जैसी जड़ी-बूटियां हमारे शरीर के क्षरण को रोकती हैं और 'एंटी-एजिंग' का काम करती हैं। किसी आयुर्वेदाचार्य की सलाह से इन्हें अपनी डाइट में शामिल करें। ७. साल में एक बार 'शरीर की सर्विसिंग' (पंचकर्म) 💆‍♂️ जैसे गाड़ी को सर्विसिंग की जरूरत होती है, वैसे ही शरीर के अंदर जमे विषैले तत्वों (Toxins) को बाहर निकालने के लिए साल में एक बार पंचकर्म जरूर करवाएं। ✨ आज की सीख: उम्र का बढ़ना प्राकृतिक है, लेकिन समय से पहले बूढ़ा होना हमारी गलतियों का नतीजा है। आपको इनमें से सबसे आसान और असरदार रहस्य कौन सा लगा? कमेंट्स में जरूर बताएं! 👇 और हाँ, अपने परिवार और चाहने वालों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए इस पोस्ट को शेयर करना न भूलें। 🙏 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🔱हर हर महादेव #🌷शुभ सोमवार #📿एकादशी🪔🙏 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏शिव पार्वती https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🔱हर हर महादेव - प्राचीन काल का ५०० साल तक युवा बने रहने का रहस्य योग और आयुर्वेद का प्राचीन महाविज्ञान १. पहला रहस्य- कछुए की तरह सांस लें २. दूसरा रहस्य : जल को चबाते हुए पीएं तांबे के पात्र का जल, घूंट घूंट कर पीएं, बैठें  वायु लें, वृक्ष लगाएं प्राणायाम करें, शुद्ध चौथा रहस्य : नियमित अंग संचालन ३. तीसरा रहस्य- उचित आहार और उपवास 4 ச गाथक उपवास गाय सूक्ष्म व्यायाम , सूर्य नमस्कार, पैदल चलें सात्विक भोजन, आनुवंशिक संयम , उपवास करें ६. छठा रहस्य : जडी बूटियों का सहारा ५. पांचवां रहस्य : योग निद्रा और थ्यान सोमवल्ली எளி गिलोय आंवला सोमवल्ली , ब्राह्मी , जिंगसिंग , आयुर्वेद लें गहरी नींद, योग निद्रा, आत्मिक शांति  बूटियों का सहारा ७. सातवां रहस्य : पंचकर्म करवाएं ६. छठा रहस्य : जड़ी सोमवल्ली सोमवल्ली , ब्राह्मी , जिंगसिंग , आयुर्वेद लें वर्ष में एक बार, शरीर शोधन , दीर्घायु Ayurveoa Sanatan Dharma Veoic Wisoom प्राचीन काल का ५०० साल तक युवा बने रहने का रहस्य योग और आयुर्वेद का प्राचीन महाविज्ञान १. पहला रहस्य- कछुए की तरह सांस लें २. दूसरा रहस्य : जल को चबाते हुए पीएं तांबे के पात्र का जल, घूंट घूंट कर पीएं, बैठें  वायु लें, वृक्ष लगाएं प्राणायाम करें, शुद्ध चौथा रहस्य : नियमित अंग संचालन ३. तीसरा रहस्य- उचित आहार और उपवास 4 ச गाथक उपवास गाय सूक्ष्म व्यायाम , सूर्य नमस्कार, पैदल चलें सात्विक भोजन, आनुवंशिक संयम , उपवास करें ६. छठा रहस्य : जडी बूटियों का सहारा ५. पांचवां रहस्य : योग निद्रा और थ्यान सोमवल्ली எளி गिलोय आंवला सोमवल्ली , ब्राह्मी , जिंगसिंग , आयुर्वेद लें गहरी नींद, योग निद्रा, आत्मिक शांति  बूटियों का सहारा ७. सातवां रहस्य : पंचकर्म करवाएं ६. छठा रहस्य : जड़ी सोमवल्ली सोमवल्ली , ब्राह्मी , जिंगसिंग , आयुर्वेद लें वर्ष में एक बार, शरीर शोधन , दीर्घायु Ayurveoa Sanatan Dharma Veoic Wisoom - ShareChat
क्या आप भी सुबह आँख खुलते ही सबसे पहले जमीन पर पैर रखते हैं? रुकिए! 🛑 विज्ञान और हमारे प्राचीन शास्त्रों... दोनों का मानना है कि सुबह का यह पहला कदम आपके पूरे दिन की सफलता और स्वास्थ्य तय करता है। आइए जानते हैं कि बिस्तर से नीचे पैर रखने से पहले आपको क्या करना चाहिए और क्यों: विज्ञानी कारण: क्यों न रखें तुरंत पैर? 🌡️ रातभर बिस्तर में रहने से हमारे शरीर का तापमान गर्म होता है, जबकि सुबह जमीन ठंडी होती है। उठते ही गर्म पैर ठंडी जमीन पर रखने से शरीर का 'तापमान संतुलन' अचानक बिगड़ जाता है, जिससे सर्दी-जुकाम और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसीलिए, उठने के बाद कुछ पल बिस्तर पर ही बैठना चाहिए। शास्त्रों का रहस्य: दिन को मंगलमय बनाने के २ अचूक नियम ✨ हमारे ऋषि-मुनियों ने दिन की शुरुआत के लिए कुछ बेहद शक्तिशाली और वैज्ञानिक नियम बनाए हैं: १. कर-दर्शन (अपने हाथों को देखना) 🙏 आँख खुलते ही सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर देखें और इस चमत्कारी मंत्र का मन में जाप करें: "कराग्रे वसते लक्ष्मी:, करमध्ये सरस्वती। कर मूले तु गोविन्द:, प्रभाते करदर्शनम॥" (अर्थ: मेरे हाथ के अग्र भाग में देवी लक्ष्मी, मध्य में माँ सरस्वती और मूल में भगवान विष्णु का वास है।) यह मंत्र हमें याद दिलाता है कि हमारे भाग्य का निर्माण हमारे ही 'हाथों' (पुरुषार्थ) से होगा। २. धरती माता से क्षमा प्रार्थना 🌍 जमीन पर पैर रखने से पहले, अपने दाहिने हाथ से धरती को छुएं, माथे से लगाएं और क्षमा मांगते हुए यह श्लोक पढ़ें: "समुद्रवसने देवि! पर्वतस्तनमंड्ले। विष्णुपत्नि! नमस्तुभ्यं पाद्स्पर्श्म क्षमस्वे॥" (अर्थ: समुद्र रूपी वस्त्र और पर्वत रूपी स्तन धारण करने वाली, भगवान विष्णु की पत्नी हे पृथ्वी माता! मैं आपको प्रणाम करता हूँ। मेरे पैरों का आपको स्पर्श होगा, कृपया मुझे इसके लिए क्षमा करें।) यह कृतज्ञता का भाव दिनभर की नकारात्मकता और दोषों को समाप्त कर देता है। ब्रह्म मुहूर्त का चमत्कार 🌅 ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से ठीक पहले का समय) में वायुमंडल पूरी तरह प्रदूषण रहित होता है। विज्ञान भी मानता है कि इस समय हवा में ऑक्सीजन का स्तर सबसे अधिक होता है, जो हमारे फेफड़ों और मस्तिष्क के लिए 'संजीवनी' का काम करता है। इस समय मंदिर के पट भी खुलते हैं और दैवीय ऊर्जा चरम पर होती है। कल सुबह उठकर इन छोटे लेकिन गहरे बदलावों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर देखिए, आपके जीवन में सुख, शांति और सफलता अपने आप खिंची चली आएगी! 🌺 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #📿एकादशी🪔🙏 #🙏शिव पार्वती #🔱हर हर महादेव #🌷शुभ सोमवार https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 - सुबह उठकर बिस्तर से नीचे पैर रखने से पहले के नियम Morning Rules Before Stepping Out of Bed शांत रहें १. बिस्तर पर बैठें (1. Sit Up Be Calm) २. कर दर्शन - लक्ष्मी , सरस्वती , गोविंद (2. Hand Sight Lakshmi, Saraswati, Govind ) कराप्रै वसतै लक्षमी; करमृख्ये सरस्चती[ कर मूले तु गोविन्दः Lakshmi, Lakshmi प्रभाते करदर्शनमा] Saraswati, Govind Lord Govind नवग्रह, ऋषियों का स्मरण ३. मत्र जाप (3. Chant Mantras] Remember Planets Sages) नवग्रह  मुरारीस्बिपुरांतकारी / 6! शाशी भूमिसुतो बुधश्च.. भानुः सनत्कमार सप्तर्ि नवग्रह FFSA etc ধ্রবনী সানা মী ৪সা সাংনা पृथ्वी  8. प्रणाम (4. Earth Salutation Ask Forgiveness from Mother Earthl समुद्रवसने दैवि ! पर्वतस्तनर्मडले। विष्णुपल्नि४ नमस्तुथ्य पादूस्पर् क्षमस्वे। OceanandMountain DwellerGoddess VishmusWife fogivethetouchofmyfeet 1180 1920 3 सुबह उठकर बिस्तर से नीचे पैर रखने से पहले के नियम Morning Rules Before Stepping Out of Bed शांत रहें १. बिस्तर पर बैठें (1. Sit Up Be Calm) २. कर दर्शन - लक्ष्मी , सरस्वती , गोविंद (2. Hand Sight Lakshmi, Saraswati, Govind ) कराप्रै वसतै लक्षमी; करमृख्ये सरस्चती[ कर मूले तु गोविन्दः Lakshmi, Lakshmi प्रभाते करदर्शनमा] Saraswati, Govind Lord Govind नवग्रह, ऋषियों का स्मरण ३. मत्र जाप (3. Chant Mantras] Remember Planets Sages) नवग्रह  मुरारीस्बिपुरांतकारी / 6! शाशी भूमिसुतो बुधश्च.. भानुः सनत्कमार सप्तर्ि नवग्रह FFSA etc ধ্রবনী সানা মী ৪সা সাংনা पृथ्वी  8. प्रणाम (4. Earth Salutation Ask Forgiveness from Mother Earthl समुद्रवसने दैवि ! पर्वतस्तनर्मडले। विष्णुपल्नि४ नमस्तुथ्य पादूस्पर् क्षमस्वे। OceanandMountain DwellerGoddess VishmusWife fogivethetouchofmyfeet 1180 1920 3 - ShareChat
पूरी दुनिया 4 मौसमों में जीती है, लेकिन क्या आप जानते हैं भारत में 6 ऋतुएं क्यों होती हैं? 🌸☀️🌧️🍂❄️ पश्चिमी देशों के लोग अक्सर भयंकर सर्दी या चिलचिलाती गर्मी से जूझते रहते हैं, लेकिन यह हम भारतीयों का परम सौभाग्य है कि सनातन संस्कृति और हमारी भौगोलिक स्थिति ने हमें 'षड ऋतु' (छः मौसम) का आशीर्वाद दिया है! प्रकृति हर दो महीने में अपना नया श्रृंगार करती है। आइए आज सनातन खगोल विज्ञान और प्रकृति के इस अद्भुत चक्र को समझते हैं: 🌞 सूर्य की चाल और हमारे 6 मौसम: हमारे ऋषियों ने बहुत ही सूक्ष्मता से बताया है कि जब सूर्य 12 राशियों का भ्रमण करता है, तो हर 2 राशि के भोग-काल (दो महीने) से एक नई ऋतु जन्म लेती है: १. वसंत (Spring) - 'ऋतुराज' 🌸 * महीने: चैत्र - वैशाख (मीन और मेष राशि में सूर्य) मौसमों का राजा! न ज्यादा सर्दी, न ज्यादा गर्मी। प्रकृति नए पत्तों और फूलों से सज जाती है। (मुख्य पर्व: होली, वसंत पंचमी, नवसंवत्सर) २. ग्रीष्म (Summer) ☀️ महीने: ज्येष्ठ - आषाढ़ (वृष और मिथुन राशि) तपती धरती और सूर्य का प्रचंड तेज, जो अगली ऋतु की बारिश के लिए जल वाष्पीकरण का आधार बनता है। ३. वर्षा (Monsoon) 🌧️ महीने: श्रावण - भाद्रपद (कर्क और सिंह राशि) सूखी धरती की प्यास बुझाने वाली जीवनदायिनी ऋतु। (मुख्य पर्व: सावन सोमवार, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी) ४. शरद (Autumn) 🍂 महीने: आश्विन - कार्तिक (कन्या और तुला राशि) आसमान बिल्कुल साफ और मौसम सुहावना होने लगता है। (मुख्य पर्व: नवरात्रि, दशहरा, शरद पूर्णिमा) ५. हेमंत (Pre-Winter) 🪔 महीने: मार्गशीर्ष (अगहन) - पौष (वृश्चिक और धनु राशि) हल्की-हल्की गुलाबी ठंड की शुरुआत। (मुख्य पर्व: दीपावली, भाईदूज) ६. शिशिर (Winter) ❄️ महीने: माघ - फाल्गुन (मकर और कुम्भ राशि) साल का सबसे ठंडा मौसम, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। (मुख्य पर्व: मकर संक्रांति, लोहड़ी, पोंगल) 🏔️ आखिर भारत में ही 6 ऋतुएं क्यों? (सबसे बड़ा रहस्य) इसका पूरा श्रेय जाता है हमारे 'हिमालय' को! महाकवि कालिदास ने हिमालय को 'देवतात्मा' कहा है। अगर हिमालय हमारे रक्षक बनकर न खड़े हों, तो उत्तरी ध्रुव से आने वाली बर्फीली हवाएं भारत को जमा देंगी और हमारी 6 ऋतुओं का चक्र टूट जाएगा। हिमालय ही है जिसने भारत को इतनी विविध वनस्पतियां, गंगा-यमुना जैसी नदियां और विदेशी पक्षियों के लिए एक सुरक्षित आशियाना दिया है। 📖 महाभारत का संदेश: शास्त्रों में काष्ठा, कला, मुहूर्त, दिन, रात, मास, पक्ष और इन छः ऋतुओं को ही 'काल' (समय) का स्वरूप माना गया है। प्रकृति के इस अद्भुत चक्र का आनंद लें, हिमालय का सम्मान करें और अपनी संस्कृति पर गर्व करें! 🚩 ✨ आपकी सबसे पसंदीदा ऋतु कौन सी है? कमेंट्स में जरूर बताएं! 👇 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🌷शुभ सोमवार #🔱हर हर महादेव #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #📿एकादशी🪔🙏 #🙏शिव पार्वती https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🌷शुभ सोमवार - संस्कृति के अनुसार मौसम (ऋतुऐं) सनातन Shad Ritu The Six Seasons वसंत ऋतु ऋतुराज Spring Season होली वसंत पंचमी राम नवमी ग्रीष्म ऋतु गर्मी का मौसम Summers हाथ का पंखा वर्षा ऋतु নিতলী मानसून जल Monsoons कृष्णा जन्माष्टमी रक्षा बंधन शरद ऋतु शरद पूर्णिमा Autumns नवरात्रि   विजयादशमी हेमंत ऋतु ठंड की शुरूआत Pre Winter दिवाली भाईदूज ठंडक शिशिर ऋतु शीत ऋतु Winter Winterval पोंगल लोहरी संस्कृति के अनुसार मौसम (ऋतुऐं) सनातन Shad Ritu The Six Seasons वसंत ऋतु ऋतुराज Spring Season होली वसंत पंचमी राम नवमी ग्रीष्म ऋतु गर्मी का मौसम Summers हाथ का पंखा वर्षा ऋतु নিতলী मानसून जल Monsoons कृष्णा जन्माष्टमी रक्षा बंधन शरद ऋतु शरद पूर्णिमा Autumns नवरात्रि   विजयादशमी हेमंत ऋतु ठंड की शुरूआत Pre Winter दिवाली भाईदूज ठंडक शिशिर ऋतु शीत ऋतु Winter Winterval पोंगल लोहरी - ShareChat
अगर आपको अपनी किस्मत बदलने के लिए जादुई डायरी और सिर्फ 5 मिनट मिलें, तो आप उसमें क्या लिखेंगे? ⏱️📖 हम अक्सर अपनी ज़िंदगी की सबसे कीमती चीज़ें कैसे बर्बाद कर देते हैं, यह कहानी आपकी आँखें खोल देगी... एक दिन एक व्यक्ति को रास्ते में एक प्यासा अजनबी मिला। उस व्यक्ति ने उसे पानी पिलाया। पानी पीने के बाद अजनबी ने अपना असली रूप दिखाया—वे साक्षात यमराज थे! यमराज ने कहा, "मैं तुम्हारे प्राण लेने आया हूँ। लेकिन तुमने मेरी प्यास बुझाई है, इसलिए मैं तुम्हें अपनी किस्मत बदलने का एक आखिरी मौका देता हूँ।" उन्होंने उसे एक डायरी दी और कहा, "तुम्हारे पास सिर्फ 5 मिनट हैं। इस डायरी में तुम जो भी लिखोगे, वही सच हो जाएगा। समय शुरू होता है अब!" ईर्ष्या का खेल शुरू... 🌑 उस व्यक्ति ने घबराहट में डायरी खोली। पहले पन्ने पर लिखा था कि उसका पड़ोसी लॉटरी जीतकर करोड़पति बनने वाला है। जलन के मारे उसने तुरंत पेन से लिख दिया— "पड़ोसी की लॉटरी न निकले।" अगले पन्ने पर लिखा था कि उसका एक दोस्त चुनाव जीतकर मंत्री बनने वाला है। उसने वहाँ लिख दिया— "वह बुरी तरह चुनाव हार जाए।" इसी तरह वह पन्ने पलटता गया और दूसरों की किस्मत पर लकीरें फेरता रहा। अंत में, उसे अपना पन्ना दिखाई दिया। जैसे ही उसने अपनी जान बचाने और खुद को अमीर बनाने के लिए पेन उठाया... समय समाप्त! ⚡ यमराज ने उसके हाथ से डायरी छीन ली और बोले, "वत्स! तुम्हारे 5 मिनट पूरे हुए। तुमने अपनी किस्मत संवारने का पूरा समय केवल दूसरों का बुरा करने में निकाल दिया। अब तुम्हारा अंत निश्चित है।" वह व्यक्ति फूट-फूट कर रोने लगा, लेकिन सुनहरा मौका उसके हाथों से फिसल चुका था। ✨ आज की सबसे बड़ी सीख: ✨ हममें से कई लोग उस व्यक्ति की तरह ही हैं। ईश्वर ने हमें जो ऊर्जा, समय और शक्ति अपनी ज़िंदगी बेहतर बनाने के लिए दी है, उसे हम दूसरों से ईर्ष्या करने, उनकी कमियाँ निकालने और उनका बुरा सोचने में बर्बाद कर देते हैं। याद रखिए, जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वह खुद सबसे पहले उसमें गिरता है। 🌿 आज एक प्रण लें: हम अपने जीवन का एक सेकंड भी किसी का बुरा सोचने में व्यर्थ नहीं करेंगे! अगर इस कहानी ने आपके दिल को छुआ है, तो कमेंट्स में 'सत्य वचन' या 'राधे राधे' जरूर लिखें और इसे अपनों के साथ शेयर करें! 👇 . !! जय जय श्री राधे-कृष्ण !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🙏शिव पार्वती #📿एकादशी🪔🙏 #🌷शुभ सोमवार #🔱हर हर महादेव #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🙏शिव पार्वती - परमात्मा कि आवाज निनट क . पढ़ोमी  लॉटरी निकते পচীকী কী : लॉटरी न निकले कभी किसी का बुरा न सोचो न करो। का भला करने वाला सदा रहता है। सुखी TRI परमात्मा कि आवाज निनट क . पढ़ोमी  लॉटरी निकते পচীকী কী : लॉटरी न निकले कभी किसी का बुरा न सोचो न करो। का भला करने वाला सदा रहता है। सुखी TRI - ShareChat
क्या किसी का विश्वास इतना अटल हो सकता है कि मृत्यु को भी हरा दे? क्या कोई अपनी ही संतान के हत्यारे को माफ़ कर सकता है? 🌿✨ आज सुनिए भगवान शिव की एक ऐसी परम भक्त की कहानी, जिसने भक्ति और क्षमा की एक नई परिभाषा लिख दी... दक्षिण में देवगिरि पर्वत के निकट एक विद्वान ब्राह्मण सुधर्मा रहते थे। उनकी पत्नी सुदेहा निःसंतान थी, इसलिए उसने अपनी छोटी बहन घुश्मा का विवाह अपने ही पति से करवा दिया। घुश्मा महादेव की अनन्य भक्त थी; वह रोज १०१ पार्थिव शिवलिंग बनाती, पूजा करती और पास के सरोवर में विसर्जित करती। शिव कृपा से उसे एक बेहद गुणी पुत्र की प्राप्ति हुई। 🌸 ईर्ष्या का भयानक रूप 🌑 जैसे-जैसे पुत्र बड़ा हुआ, सुदेहा के मन में ईर्ष्या की आग भड़क उठी। उसे लगा सारा सम्मान घुश्मा को मिल जाएगा। एक रात, उसी ईर्ष्या में अंधी होकर सुदेहा ने अपनी ही बहन के बेटे की निर्दयता से हत्या कर दी और उसके टुकड़े उसी सरोवर में फेंक दिए, जहाँ घुश्मा रोज पूजा करती थी। विश्वास की पराकाष्ठा 📿 अगली सुबह घर में हाहाकार मच गया, लेकिन घुश्मा के चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी। उसका बस एक ही जवाब था— "जिसने मुझे यह पुत्र दिया है, वही इसकी रक्षा करेगा।" बिना विचलित हुए, वह रोज की तरह सरोवर गई, पार्थिव शिवलिंग बनाए और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करते हुए विसर्जन करने लगी। साक्षात महादेव और एक अनोखी क्षमा 🔱 जैसे ही घुश्मा ने अंतिम शिवलिंग विसर्जित किया, चमत्कार हुआ! उसका पुत्र सरोवर से जीवित और पूरी तरह स्वस्थ बाहर निकल आया। उसी क्षण साक्षात भगवान शिव प्रकट हुए और क्रोध में सुदेहा को दंड देने के लिए अपना त्रिशूल उठा लिया। लेकिन यहाँ घुश्मा की महानता देखिए—उसने तुरंत महादेव के चरण पकड़ लिए और अपनी बहन को क्षमा करने की याचना की। घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग का प्राकट्य 🕉️ घुश्मा की इस निश्छल भक्ति और क्षमाशीलता से महादेव अत्यंत प्रसन्न हुए। घुश्मा की प्रार्थना पर, लोक-कल्याण के लिए भगवान शिव हमेशा के लिए वहाँ 'घृष्णेश्वर' (घुश्मेश्वर) ज्योतिर्लिंग के रूप में स्थापित हो गए। ✨ आज की सीख: सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति है कि वह असंभव को संभव कर सकती है, और क्षमा वह सबसे बड़ा आभूषण है जो इंसान को भगवान के करीब ले जाता है। कमेंट्स में 'हर हर महादेव' जरूर लिखें और इस अद्भुत कथा को अपनों के साथ शेयर करें! 👇राधे राधे! 🙏 . !! जय जय श्री महाकाल !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🔱हर हर महादेव #🙏शिव पार्वती #📿एकादशी🪔🙏 #🌷शुभ सोमवार https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 - ஏR ज्योतिलिंग OlouolO@ ७० नमः शिवाय भक्त घुश्मा और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा নিং্বাব' की शक्ति महादेव का चमत्कार घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थापना I ஏR ज्योतिलिंग OlouolO@ ७० नमः शिवाय भक्त घुश्मा और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा নিং্বাব' की शक्ति महादेव का चमत्कार घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थापना I - ShareChat
#🙏शिव पार्वती क्या अनजान डर और चिंताएं आपको भी घेर लेती हैं? समाधान आपके बहुत करीब है... 🚩✨ आज की इस भागदौड़ और तनाव भरी ज़िंदगी में, सुकून और सुरक्षा की तलाश में लोग न जाने कहाँ-कहाँ भटकते हैं—कभी ज्योतिषियों के पास, तो कभी तांत्रिकों के चक्कर में। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस कलियुग के सबसे 'जाग्रत' और सर्वशक्तिशाली देव साक्षात हमारे बीच मौजूद हैं? जी हाँ, संकटमोचन हनुमान जी! 🐒🙏 जिनकी कृपा दृष्टि जिस पर पड़ जाए, उसका तीनों लोकों में कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। दस दिशाओं और चारों युगों में केवल उन्हीं का प्रताप है— “चारों जुग परताप तुम्हारा, है परसिद्ध जगत उजियारा।” 🌞 कलियुग का सबसे अचूक उपाय: हनुमान जी से जुड़ने का सीधा अर्थ है—हर संकट का कटना! जो लोग उनकी भक्ति-शक्ति को नहीं पहचानते, वे भटकते रह जाते हैं। प्रति मंगलवार का व्रत, प्रतिदिन हनुमान चालीसा, मंत्र जप या बजरंग बाण का पाठ जीवन की हर बाधा को जड़ से मिटा देता है। किस्मत बदलने वाली महा-चौपाई: 📿 अगर जीवन में कभी भी डर, घबराहट या संकट महसूस हो, तो बस आँख बंद करें और पूरे विश्वास के साथ इस एक सरल चौपाई का निरंतर जाप करें: ✨ "सब सुख लहै तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना।" ✨ (अर्थ: जो भी आपकी शरण में आता है, उसे परम आनंद मिलता है। और जब आप स्वयं रक्षक हों, तो फिर किसी से क्या डरना?) बजरंगबली पर विश्वास रखकर देखिए, आपकी किस्मत और जीवन की दिशा दोनों बदल जाएगी। कमेंट में पूरे दिल से लिखें— ।। जय जय सियाराम ।। या ।। जय बजरंगबली ।। 👇 . !! जय जय श्री राम !! ➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ ऐसी ही अनेकानेक पोस्ट पाने के लिये हमारे फेसबुक पेज ‘शिव पुराण ’ को फॉलो और लाईक करें हमारा पेज का लिंक हमारी फेसबुक पर देखें। फेसबुक लिंक– https://www.facebook.com/share/16z3CgT2xK/ #🚩जय श्रीराम🙏 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🔱हर हर महादेव #🌷शुभ सोमवार https://www.facebook.com/share/17k2bcrKp8/
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