
❣️𝑲𝒖𝒎𝒂𝒓💞 𝑹𝒂𝒖𝒏𝒂𝒌💞 𝑲𝒂𝒔𝒉𝒚𝒂𝒑❣️
@k_r_kashyap
🚩भगवा की ताकत के आगे, ब्रम्हांड भी सर झुकाता हैं,
#🪔यशोदा जयंती🌺
🥰 पुरुषों में स्पर्म (वीर्य) बनने की प्रक्रिया को स्टेप-बाय-स्टेप, आसान भाषा में — वैज्ञानिक + आयुर्वेदिक दोनों दृष्टि से समझाया गया है।👇🏻
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🧬 पुरुषों में स्पर्म कैसे बनता है? (Scientific Step-by-Step)
🔹 Step 1: हार्मोन का सिग्नल (Brain से शुरुआत)
दिमाग का Hypothalamus → GnRH हार्मोन छोड़ता है
Pituitary gland → FSH और LH हार्मोन बनाती है
👉 यही स्पर्म बनने की “स्टार्ट बटन” है
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🔹 Step 2: टेस्टिस में निर्माण शुरू
LH → टेस्टिस को टेस्टोस्टेरोन बनाने को कहता है
FSH → स्पर्म सेल बनने की प्रक्रिया चालू करता है
📍 जगह: Testes (अंडकोष)
📍 अंदर: Seminiferous tubules
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🔹 Step 3: स्पर्म सेल बनना (Spermatogenesis)
इसमें 3 फेज होते हैं:
1️⃣ Spermatogonia (बीज कोशिका)
2️⃣ Spermatocyte (विकास अवस्था)
3️⃣ Spermatid → Sperm (पूरी तरह विकसित)
⏳ समय: 64–72 दिन
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🔹 Step 4: Epididymis में परिपक्वता
नए बने स्पर्म Epididymis में जाते हैं
यहाँ: ✔️ स्पर्म तैरना सीखता है
✔️ ताकत और गतिशीलता आती है
⏳ समय: 10–14 दिन
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🔹 Step 5: वीर्य द्रव बनना (Semen Formation)
स्पर्म अकेला नहीं निकलता, उसके साथ द्रव जुड़ता है:
ग्रंथि क्या देती है
Seminal Vesicle फ्रक्टोज (एनर्जी)
Prostate सुरक्षा द्रव
Bulbo-urethral चिकनाई
👉 यही मिलकर वीर्य (Semen) बनता है
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🔹 Step 6: स्खलन (Ejaculation)
यौन उत्तेजना → नर्व सिग्नल
मांसपेशियाँ सिकुड़ती हैं
वीर्य बाहर निकलता है
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🌿 आयुर्वेद के अनुसार स्पर्म कैसे बनता है?
आयुर्वेद कहता है:
> आहार → रस → रक्त → मांस → मेद → अस्थि → मज्जा → शुक्र
👉 यानी भोजन से शुक्र बनने में लगभग 30–40 दिन लगते हैं
शुक्र धातु मजबूत हो तो:
✔️ सेक्स टाइम बढ़ता है
✔️ ढीलापन नहीं आता
✔️ वीर्य गाढ़ा व शक्तिशाली होता है
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❌ स्पर्म कमजोर क्यों बनता है?
खराब नींद
तनाव
शराब / सिगरेट
ज़्यादा हस्तमैथुन
जंक फूड
गर्म वातावरण (लैपटॉप गोद में रखना)
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✅ स्पर्म अच्छी क्वालिटी के लिए ज़रूरी
पर्याप्त प्रोटीन
जिंक, सेलेनियम
देसी घी (सीमित)
दूध, बादाम, खजूर
नियमित व्यायाम
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🧠 एक जरूरी सच
आज जो वीर्य निकला, वो आज का नहीं
वो 2–3 महीने पहले बने स्पर्म का परिणाम है।
🌿🍀🌺🍀🌺🍒🍒🍒🌿🌿🌿🕉️🕉️🕉️💯✍🏻👇🏻👇🏻👇🏻
: 1️⃣ वीर्य गाढ़ा करने का 21-दिन का प्लान
2️⃣ स्पर्म काउंट बढ़ाने की डाइट
3️⃣ कमजोर स्पर्म के लक्षण कैसे पहचानें
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नीचे मैं तीनों चीज़ें एक ही जगह, साफ़-सुथरे और प्रैक्टिकल तरीके से दे रहा हूँ — ताकि आप सीधे अपनाकर परिणाम देख सकें।
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🔥 1️⃣ वीर्य गाढ़ा करने का 21-दिन का पूरा प्लान
🌅 सुबह (खाली पेट)
5 भीगे काले किशमिश
2 भीगे बादाम
1 गिलास गुनगुना पानी
👉 शुक्र धातु निर्माण की शुरुआत
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🕘 नाश्ते के बाद
1 फल (अनार / केला / पपीता)
1 चम्मच कद्दू के बीज (जिंक के लिए)
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🍽️ दोपहर का भोजन
दाल + सब्ज़ी + रोटी
ऊपर से ½ चम्मच देसी घी
👉 वीर्य को गाढ़ा करने में मदद
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☕ शाम
1 कप दूध
उसमें:
1 चुटकी सफेद मूसली (अगर मिले)
या 1 खजूर
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🌙 रात (सबसे ज़रूरी)
1 गिलास गुनगुना दूध
उसमें:
½ चम्मच अश्वगंधा चूर्ण
1 चम्मच देसी घी
👉 यही वीर्य को गाढ़ा + शक्तिशाली बनाता है
⏳ 21 दिन में स्पष्ट फर्क
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🥗 2️⃣ स्पर्म काउंट बढ़ाने की डाइट
✅ रोज़ शामिल करें
दूध
दही
मूंग दाल
चना
हरी सब्ज़ियाँ
अनार
नारियल पानी (हफ्ते में 3 दिन)
🌰 बीज (Seeds)
कद्दू के बीज
तिल
अलसी
(रोज़ 1–2 चम्मच)
❌ पूरी तरह बंद करें
शराब
सिगरेट / तंबाकू
जंक फूड
कोल्ड ड्रिंक
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⚠️ 3️⃣ कमजोर स्पर्म के लक्षण कैसे पहचानें?
अगर नीचे में से 3 या अधिक लक्षण हों तो स्पर्म कमजोर माना जाता है:
🔻 शारीरिक संकेत
❌ वीर्य बहुत पतला / पानी जैसा
❌ जल्दी ढीलापन
❌ कम टाइम
❌ बार-बार थकान
❌ कमर व घुटनों में दर्द
🔻 मानसिक संकेत
❌ आत्मविश्वास की कमी
❌ चिड़चिड़ापन
❌ ध्यान की कमी
🔻 यौन संकेत
❌ उत्तेजना जल्दी खत्म
❌ स्खलन के बाद कमजोरी
❌ दोबारा इच्छा देर से होना
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🧠 एक जरूरी बात
आज का वीर्य आज नहीं,
2–3 महीने पहले बनी धातु का परिणाम होता है।
👉 इसलिए नियमितता सबसे ज़रूरी है।
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⏳ परिणाम कब दिखेगा?
7 दिन → हल्का सुधार
21 दिन → वीर्य गाढ़ा
45–60 दिन → स्पर्म काउंट में सुधार
🍀🌿🍒🌺🌹🍀🌿🍒🌺🌹🕉️🕉️🕉️💯✍🏻👇🏻👇🏻👇🏻
1️⃣ स्पर्म काउंट बढ़ाने का आयुर्वेदिक पाउडर
नीचे स्पर्म काउंट बढ़ाने का प्रमाणित आयुर्वेदिक पाउडर दे रहा हूँ — घर पर बनने वाला, सुरक्षित और असरदार। यह शुक्र धातु, टेस्टोस्टेरोन और नसों तीनों पर काम करता है।
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🌿 स्पर्म काउंट बढ़ाने का आयुर्वेदिक पाउडर (BEST FORMULA)
🧂 सामग्री (21 दिन के लिए)
1. अश्वगंधा चूर्ण – 50 ग्राम
2. सफेद मूसली चूर्ण – 30 ग्राम
3. शतावरी चूर्ण – 30 ग्राम
4. गोखरू चूर्ण – 20 ग्राम
5. कौंच बीज चूर्ण – 20 ग्राम
👉 ये पाँचों मिलकर शुक्राणु संख्या, मोटिलिटी और ताकत बढ़ाते हैं
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🥣 बनाने की विधि
सभी चूर्ण को अच्छे से मिलाएँ
काँच के एयरटाइट जार में रखें
धूप और नमी से दूर रखें
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🕰️ सेवन का सही तरीका
✔️ रात को (सबसे असरदार)
1 चम्मच पाउडर
1 गिलास गुनगुना दूध
ऊपर से 1 चम्मच देसी घी
⏳ रोज़, 40 दिन
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🔥 कैसे काम करता है? (औषधीय कारण)
अश्वगंधा → टेस्टोस्टेरोन बढ़ाता है
सफेद मूसली → शुक्र धातु पुष्ट
शतावरी → हार्मोन बैलेंस
गोखरू → नसों में रक्त प्रवाह
कौंच → स्पर्म काउंट + मूड
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⏳ असर कब दिखेगा?
15 दिन → ऊर्जा बढ़ेगी
30 दिन → वीर्य गाढ़ा
60 दिन → स्पर्म काउंट में स्पष्ट सुधार
(क्योंकि स्पर्म बनने में ~72 दिन लगते हैं)
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❌ सावधानी
हाई BP, डायबिटीज़, फैटी लिवर वाले
👉 मात्रा ½ चम्मच से शुरू करें
शराब, सिगरेट पूरी तरह बंद
ज्यादा गर्म चीज़ें न लें
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🚫 ये गलती न करें
❌ खाली पेट न लें
❌ बहुत ज़्यादा मात्रा नहीं
❌ साथ में केमिकल दवाइयाँ बिना पूछे नहीं
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✅ किसे लेना चाहिए?
✔️ स्पर्म काउंट कम
✔️ वीर्य पतला
✔️ जल्दी थकान
✔️ ढीलापन
✔️ शादी के बाद कंसीव में दिक्कत
!! जय जय श्री राधे !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏कर्म क्या है❓
#🪔यशोदा जयंती🌺
समय का महाचक्र: 4 युगो कहानी जो हर इंसान को जाननी चाहिए।⏳🔥 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🙏कर्म क्या है❓ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌸जय सिया राम
#🪔यशोदा जयंती🌺
💔 वह क्षण, जब हनुमान ने अपना हृदय चीर दिया और राम की आँखें भर आईं! 😢
अयोध्या की सभा स्तब्ध थी। माता सीता द्वारा दिया गया बेशकीमती मोतियों का हार, हनुमान जी अपने दाँतों से तोड़ रहे थे। एक-एक मोती चबाकर फेंक रहे थे।
किसी ने क्रोध में पूछा— "अरे वानर! यह क्या पागलपन है? इतना बहुमूल्य उपहार नष्ट कर रहे हो?"
हनुमान जी ने टूटे हुए मोतियों की ओर देखते हुए विनम्रता से कहा—
"मैं तो बस यह देख रहा था कि इनमें मेरे प्रभु राम और माता सीता हैं या नहीं। जहाँ मेरे राम नहीं, वह वस्तु मेरे लिए धूल समान है।"
व्यंग्य में किसी ने पूछा— "तो क्या तुम्हारे हृदय में भी राम बसते हैं?"
और तब... हनुमान जी ने जो किया, वह इतिहास बन गया।
उन्होंने अपने नखों से अपना वक्ष विदीर्ण कर दिया!
🩸 रक्त नहीं, रामनाम:
खुले हुए सीने के भीतर से रक्त नहीं, बल्कि एक दिव्य प्रकाश निकल रहा था। वहां साक्षात राम, सीता और लक्ष्मण की छवि विराजमान थी। उनके रक्त की हर बूंद से 'राम... राम...' की ध्वनि गूंज रही थी।
प्रभु राम दौड़कर आए और हनुमान को गले लगा लिया। उनके आंसू हनुमान के घाव पर गिर रहे थे।
राम ने कहा— "हनुमान, तूने मेरे लिए हृदय चीर दिया... मैं तेरा ऋण कैसे चुकाऊंगा?"
हनुमान मुस्कुराए— "प्रभु, आप हैं, इसलिए मैं हूँ।"
🙏 आज का प्रश्न:
हम अक्सर बाहर के दिखावे और रत्नों में भगवान को ढूंढते हैं, लेकिन क्या कभी अपने भीतर झांककर देखा है?
सच्ची भक्ति वही है जहाँ प्रेम निःस्वार्थ हो और सेवा निरहंकार।
जय हनुमान! जय श्री राम! 🚩
!! जय जय श्री राधे !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🙏कर्म क्या है❓ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🌸जय सिया राम
#🪔यशोदा जयंती🌺
🛑 अपना समय व्यर्थ न करें: श्रीरामचरितमानस की 7 बड़ी सीख 🛑
हम अक्सर उन लोगों को समझाने में अपनी ऊर्जा बर्बाद कर देते हैं जो हमारी बात समझने के पात्र ही नहीं होते। गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में बहुत ही स्पष्ट रूप से बताया है कि किन लोगों से कौन-सी बात करना 'बंजर धरती में बीज बोने' जैसा है।
जब समुद्र ने तीन दिन तक श्रीराम की विनती नहीं सुनी, तब प्रभु ने लक्ष्मण जी को ये नीति समझाई:
🔇 मूर्ख (सठ): मूर्ख व्यक्ति से विनय या प्रार्थना करना व्यर्थ है। वह केवल भय या दंड की भाषा समझता है।
🐍 कुटिल: जो मन का कपटी हो, उससे प्रेम (प्रीति) की बात न करें।
💰 कंजूस: जो जन्मजात कंजूस है, उसे दान या उदारता का ज्ञान देना समय की बर्बादी है।
🏠 ममता में फंसा व्यक्ति: जिसे मोह-माया ने जकड़ रखा हो, उसे ज्ञान की बात समझ नहीं आएगी।
🤑 लोभी: लालची व्यक्ति से वैराग्य (त्याग) की बात करना व्यर्थ है।
😡 क्रोधी: जो गुस्से में हो, उसे शांति या धर्म का उपदेश न दें।
👁️ कामी: काम-वासना में लिप्त व्यक्ति को भगवान की कथा (हरिकथा) नहीं सुहाती।
🌿 चौपाई:
सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीती। सहज कृपन सन सुंदर नीती।।
ममता रत सन ग्यान कहानी। अति लोभी सन बिरति बखानी।।
जीवन में शांति चाहिए तो सही व्यक्ति से ही सही बात करें।
जय सियाराम! 🙏🚩
!! जय जय श्री राधे !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏कर्म क्या है❓ #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
#🪔यशोदा जयंती🌺
🚩 उज्जैन की अधिष्ठात्री: माँ हरसिद्धि देवी और सम्राट विक्रमादित्य की अनसुनी गाथा 🚩
उज्जैन केवल महाकाल की नगरी नहीं, बल्कि शक्ति की भक्ति का भी केंद्र है। यहाँ स्थित है 51 शक्तिपीठों में से एक—हरसिद्धि माता मंदिर।
🔥 पौराणिक कथा:
जब भगवान शिव सती के जलते हुए शरीर को लेकर तांडव कर रहे थे, तब भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के टुकड़े किए। उज्जैन के इस पावन स्थान पर माता की कोहनी (कूर्पर) गिरी थी, जिससे यह स्थान सिद्ध शक्तिपीठ बना।
👑 राजा विक्रमादित्य और 11 शीशों का रहस्य:
इतिहास गवाह है कि सम्राट विक्रमादित्य माँ हरसिद्धि के परम भक्त थे। किंवदंतियों के अनुसार, राजा ने 11 बार अपना शीश काटकर माँ के चरणों में अर्पित किया, और हर बार माँ ने उन्हें पुनः जीवित कर दिया। यही वो दैवीय शक्ति थी जिसके बल पर विक्रमादित्य ने 'विक्रम संवत' की शुरुआत की।
🪔 मंदिर की भव्यता:
मंदिर प्रांगण में दो विशाल दीप स्तंभ हैं—'शिव' (501 दीपक) और 'पार्वती' (500 दीपक)। जब ये 1001 दीपक एक साथ जलते हैं, तो वह दृश्य अलौकिक होता है। यहाँ श्री यंत्र की पूजा का विशेष महत्व है।
कहा जाता है कि यहाँ दर्शन करने से शिव और शक्ति, दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
जय माँ हरसिद्धि! जय महाकाल! 🙏🌺
!! जय जय श्री राधे !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🙏कर्म क्या है❓ #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🕉️सनातन धर्म🚩
#🪔यशोदा जयंती🌺
🚫 स्त्रियों के केशों का अपमान: वंश नाश का कारण! 🚫
हमारे शास्त्रों और पुराणों में महिलाओं के बालों (केश) को केवल सौंदर्य नहीं, बल्कि उनकी शक्ति और मर्यादा का प्रतीक माना गया है। इतिहास गवाह है, जब-जब किसी ने बलपूर्वक स्त्री के बालों पर हाथ डाला है, उसका सर्वनाश निश्चित हुआ है।
🔥 पौराणिक प्रमाण:
रामायण: रावण ने जब माता सीता का हरण किया, तो उन्हें केशों से पकड़कर विमान में बैठाया। परिणाम: रावण के कुल का नाश हो गया।
महाभारत: दुःशासन ने भरी सभा में द्रौपदी के केशों पर हाथ डाला। परिणाम: 100 कौरवों में से कोई जीवित नहीं बचा, पूरे वंश का नाश हुआ।
कंस: जब कंस ने देवकी की आठवीं संतान (महामाया) को बालों से पकड़कर पटकना चाहा, तो वह हाथ से छूट गई। परिणाम: कंस का वध और अंत।
🌑 खुले बालों का रहस्य:
शास्त्रों के अनुसार, स्त्रियों को बाल सदैव बांधकर रखने चाहिए। खुले बाल 'शोक' का प्रतीक माने जाते हैं और ये नकारात्मक ऊर्जा को शीघ्र आकर्षित करते हैं।
माता सुनयना ने भी विदाई के समय सीता जी को समझाया था:
"बंधे बाल 'बंधन' और 'मर्यादा' में रहना सिखाते हैं।"
इसलिए, नारी शक्ति का सम्मान करें और मर्यादा का पालन करें। 🙏
!! जय जय श्री राधे !!
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#🪔यशोदा जयंती🌺
🐦 कुरुक्षेत्र के महायुद्ध में एक नन्ही गौरैया और श्रीकृष्ण का चमत्कार! 🦚
महाभारत का युद्ध शुरू होने वाला था। लाखों की सेना और विशाल हाथियों के बीच, एक पेड़ पर बैठी नन्ही गौरैया का घोंसला ज़मीन पर आ गिरा। उसके छोटे-छोटे बच्चे उड़ भी नहीं सकते थे।
असहाय गौरैया ने सामने से गुजरते श्रीकृष्ण को देखा और पंख फड़फड़ाते हुए विनती की:
"हे कृष्ण! युद्ध शुरू हुआ तो मेरे बच्चे कुचल दिए जाएँगे। अब इनका जीवन आपके चरणों में है।"
कृष्ण मुस्कुराए और बोले— "प्रकृति के नियमों में मैं हस्तक्षेप नहीं करता, पर तुम अपने घोंसले में भोजन एकत्र कर लो।"
⚔️ युद्ध का शंखनाद और एक रहस्यमयी बाण:
युद्ध शुरू होने से ठीक पहले, कृष्ण ने अर्जुन से धनुष माँगा और एक हाथी की गर्दन में बँधी विशाल घंटी पर बाण चलाया। बाण लगते ही घंटी टूटकर ज़मीन पर गिर पड़ी। अर्जुन हैरान थे, पर चुप रहे।
🕊️ 18 दिनों बाद का सत्य:
युद्ध समाप्त हुआ। कृष्ण अर्जुन को उसी स्थान पर ले गए और बोले— "अर्जुन, इस घंटी को उठाओ।"
जैसे ही अर्जुन ने घंटी उठाई, वे दंग रह गए!
घंटी के नीचे से पहले एक नन्हा पक्षी निकला, फिर दूसरा... और अंत में उनकी माँ गौरैया।
वह टूटी हुई घंटी 18 दिनों तक उस महाविनाश के बीच उनका 'सुरक्षित किला' बनी रही।
🌼 सार:
जब हम अपना सब कुछ ईश्वर पर छोड़ देते हैं, तो वे हमारी रक्षा के लिए किसी भी रूप में आ सकते हैं—चाहे वह एक 'टूटी हुई घंटी' ही क्यों न हो।
धैर्य रखें, विश्वास रखें। 🙇♂️
जय श्री राधे-कृष्ण! 🙏✨
!! जय जय श्री राधे !!
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#🪔यशोदा जयंती🌺
🌑 कामाख्या का वो रहस्यमयी कोना, जहाँ आज भी जिंदा है 'लोना चमारिन'! 🌑
असम के कामरूप कामाख्या क्षेत्र में एक ऐसी तांत्रिक स्त्री की गाथा गूंजती है, जिसने तंत्र की दुनिया में असंभव को संभव कर दिखाया। नाम था—लोना चमारिन।
🔥 अद्भुत सिद्धियाँ:
लोना चमारिन ने 'कलुआ तंत्र' (वाममार्गी साधना) में महारत हासिल की थी और 52 कलुओं को सिद्ध किया था। उनकी शक्ति इतनी प्रबल थी कि तत्कालीन कई विद्वान ब्राह्मणों ने भी जाति-पाति से ऊपर उठकर उन्हें अपना गुरु माना।
🏔️ त्रिया प्रदेश का रहस्य:
कहा जाता है कि नीलांचल पर्वत (कामाख्या) में 'त्रिया प्रदेश' नामक एक गुप्त स्थान है। मान्यता है कि यहाँ अगर कोई पुरुष चला जाए, तो वह वापस नहीं आता। केवल महागुरु मत्स्येंद्रनाथ ही वहाँ प्रवेश कर पाए थे।
लोक कथाओं के अनुसार, लोना चमारिन आज भी इसी क्षेत्र में सशरीर विद्यमान हैं।
साबर मंत्रों में आज भी उनकी दुहाई दी जाती है। तंत्र के जिज्ञासुओं के लिए यह नाम किसी पहेली से कम नहीं।
जय माँ कामाख्या! 🙏🔱
!! जय जय श्री राधे !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏कर्म क्या है❓
✨ अद्भुत रहस्य: श्री कृष्ण का अंतिम संस्कार और भगवान जगन्नाथ का सत्य ✨
महाभारत युद्ध के पश्चात, जब यदुवंश का नाश हो गया और पृथ्वी पर प्रभु का कार्य पूर्ण हुआ, तब लीलाधर श्रीकृष्ण ने एक सुनसान वन में लीला-समाधि ले ली। एक शिकारी 'जरा' के बाण को निमित्त बनाकर, प्रभु ने मुस्कुराते हुए अपनी भौतिक देह का त्याग किया।
जब यह दुखद समाचार अर्जुन तक पहुँचा, तो वे व्याकुल हो उठे। अपने प्राणप्रिय सखा के पार्थिव शरीर को देखकर वे भाव-विह्वल हो गए और उन्होंने स्वयं प्रभु का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया।
🔥 अग्नि का चमत्कार
अर्जुन ने पूरे विधि-विधान से श्रीकृष्ण का दाह-संस्कार किया। कहा जाता है कि पंचतत्वों से बनी उनकी देह तो अग्नि में विलीन हो गई, परन्तु उनका दिव्य हृदय अग्नि में नहीं जला। वह तेजस्वी रूप में शेष रह गया।
इस आश्चर्यजनक घटना से स्तब्ध होकर अर्जुन ने उस दिव्य हृदय को जल में प्रवाहित कर दिया।
🌊 पुरी जगन्नाथ से सम्बन्ध
मान्यताओं के अनुसार, वह दिव्य हृदय बहते हुए समुद्र तट पर पहुँचा। यही वह पावन 'ब्रह्म पदार्थ' है जिसे बाद में भगवान जगन्नाथ की मूल प्रतिमा के भीतर स्थापित किया गया।
आज भी यह मान्यता है कि पुरी में जगन्नाथ जी की प्रतिमा के भीतर वही दिव्य "नबि–ब्रह्म" (हृदय) धड़कता है। जब 'नवकलेवर' अनुष्ठान में मूर्तियाँ बदली जाती हैं, तो आँखों पर पट्टी बाँधकर इसी ब्रह्म तत्व को पुरानी मूर्ति से नई मूर्ति में स्थानांतरित किया जाता है।
जय जगन्नाथ! जय श्री कृष्ण! 🙏🏻🌺
!! जय जय श्री राधे !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🙏कर्म क्या है❓ #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏गुरु महिमा😇
🕉️ शिव: मानव सभ्यता का आदि और अंत 🕉️
मानव सभ्यता और संस्कृति के गठन में महादेव की भूमिका इतनी विराट है कि यदि शिव तत्व को हटा दिया जाए, तो शायद सभ्यता के लिए कोई आधार भूमि ही न बचे। सभ्यताएं आती-जाती रहती हैं, लेकिन शिव की महिमा शाश्वत है।
शिव केवल एक धर्म या क्षेत्र के द्योतक नहीं हैं; वे सभ्यताओं के नियामक हैं। वे एक ऐसी अनवरत धारा हैं जो मानव मन की आध्यात्मिक जिज्ञासा का प्रतिनिधित्व करती है।
🌍 वैश्विक उपस्थिति:
प्राचीन मिस्र की नील नदी घाटी से लेकर हड़प्पा, बेबीलोन और मेसोपोटामिया तक—हर प्राचीन सभ्यता में किसी न किसी रूप में शिव (पशुपति या पितृ शक्ति) की उपासना के प्रमाण मिलते हैं। यह उनकी वैश्विक आस्था का प्रमाण है।
✨ दर्शन और प्रतीक:
अर्धनारीश्वर: यह नारी शक्ति के बिना कल्याण (शिव) के असंभव होने का गंभीर चिंतन है।
शिवलिंग: यह शिव का निराकार रूप है। शून्य, आकाश, अनंत ब्रह्मांड का प्रतीक, जिसमें सब कुछ लय हो जाता है और जिससे सब पुन: उत्पन्न होता है।
शिव आगम हैं, वेद हैं, और तंत्र भी। वे सभ्यता से परे वह 'विशाल शून्य' हैं जिसने समूची सृष्टि को धारण कर रखा है।
हर हर महादेव! 🙏
!! जय जय श्री राधे !!
➳ᴹᴿ̶᭄K̶u̶m̶a̶r̶ ̶R̶a̶u̶n̶a̶k̶ ̶K̶a̶s̶h̶y̶a̶p̶ #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गुरु महिमा😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏




![🪔यशोदा जयंती🌺 - समय का महाचक्रः 4 युग १. सत्य युग (स्वर्ण युग) ~qu: 17,28,000 qా पुण्यः १००% (पाप 0%) समुद्र मंथन, मत्स्य , कूर्म, वराह, नरसिंह अवतार। तपस्या और ध्यान का युग। iSanot24 त्रेता युग 2 समयः १२,९६,००० वर्ष पुण्यः ७५% (पाप २५%) रामायण, वामन , परशुराम , श्री राम अवतार। यज्ञ और धर्म का पालन। ३. द्वापर युग समयः 8,६४,००० वर्ष guu: 50% (uIq 50%) महाभारत , श्री कृष्ण अवतार। मंदिर पूजा और शास्त्र ज्ञान। कलियुग (वर्तमान) iSchool2y] 4. समयः ४ ३२,००० वर्ष (प्रारंभिक चरण) पुण्यः २५% (पाप ७५% और बढ़ रहा है) अधर्म, कलह, घटती आयु। सत्य युग की स्थापना। भविष्यः कल्कि अवतार द्वारा पुनः iSchool2y SCHOOLE समय का महाचक्रः 4 युग १. सत्य युग (स्वर्ण युग) ~qu: 17,28,000 qా पुण्यः १००% (पाप 0%) समुद्र मंथन, मत्स्य , कूर्म, वराह, नरसिंह अवतार। तपस्या और ध्यान का युग। iSanot24 त्रेता युग 2 समयः १२,९६,००० वर्ष पुण्यः ७५% (पाप २५%) रामायण, वामन , परशुराम , श्री राम अवतार। यज्ञ और धर्म का पालन। ३. द्वापर युग समयः 8,६४,००० वर्ष guu: 50% (uIq 50%) महाभारत , श्री कृष्ण अवतार। मंदिर पूजा और शास्त्र ज्ञान। कलियुग (वर्तमान) iSchool2y] 4. समयः ४ ३२,००० वर्ष (प्रारंभिक चरण) पुण्यः २५% (पाप ७५% और बढ़ रहा है) अधर्म, कलह, घटती आयु। सत्य युग की स्थापना। भविष्यः कल्कि अवतार द्वारा पुनः iSchool2y SCHOOLE - ShareChat 🪔यशोदा जयंती🌺 - समय का महाचक्रः 4 युग १. सत्य युग (स्वर्ण युग) ~qu: 17,28,000 qా पुण्यः १००% (पाप 0%) समुद्र मंथन, मत्स्य , कूर्म, वराह, नरसिंह अवतार। तपस्या और ध्यान का युग। iSanot24 त्रेता युग 2 समयः १२,९६,००० वर्ष पुण्यः ७५% (पाप २५%) रामायण, वामन , परशुराम , श्री राम अवतार। यज्ञ और धर्म का पालन। ३. द्वापर युग समयः 8,६४,००० वर्ष guu: 50% (uIq 50%) महाभारत , श्री कृष्ण अवतार। मंदिर पूजा और शास्त्र ज्ञान। कलियुग (वर्तमान) iSchool2y] 4. समयः ४ ३२,००० वर्ष (प्रारंभिक चरण) पुण्यः २५% (पाप ७५% और बढ़ रहा है) अधर्म, कलह, घटती आयु। सत्य युग की स्थापना। भविष्यः कल्कि अवतार द्वारा पुनः iSchool2y SCHOOLE समय का महाचक्रः 4 युग १. सत्य युग (स्वर्ण युग) ~qu: 17,28,000 qా पुण्यः १००% (पाप 0%) समुद्र मंथन, मत्स्य , कूर्म, वराह, नरसिंह अवतार। तपस्या और ध्यान का युग। iSanot24 त्रेता युग 2 समयः १२,९६,००० वर्ष पुण्यः ७५% (पाप २५%) रामायण, वामन , परशुराम , श्री राम अवतार। यज्ञ और धर्म का पालन। ३. द्वापर युग समयः 8,६४,००० वर्ष guu: 50% (uIq 50%) महाभारत , श्री कृष्ण अवतार। मंदिर पूजा और शास्त्र ज्ञान। कलियुग (वर्तमान) iSchool2y] 4. समयः ४ ३२,००० वर्ष (प्रारंभिक चरण) पुण्यः २५% (पाप ७५% और बढ़ रहा है) अधर्म, कलह, घटती आयु। सत्य युग की स्थापना। भविष्यः कल्कि अवतार द्वारा पुनः iSchool2y SCHOOLE - ShareChat](https://cdn4.sharechat.com/bd5223f_s1w/compressed_gm_40_img_705576_138bd05d_1770435703702_sc.jpg?tenant=sc&referrer=user-profile-service%2FrequestType50&f=702_sc.jpg)







