K. VISHVAKARMA
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जय श्री राम
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 📜📜📜 *संस्कृत में 22 प्राचीन भारतीय स्वास्थ्य युक्तियाँ हिंदी में अनुवादित...* 🌱🌱🌱🌱🌱 *1. अजीर्णे भोजनं विषम ।* अगर पहले खाया गया दोपहर का भोजन पचा नहीं है.. तो रात का खाना खाना जहर खाने के बराबर होगा। भूख एक संकेत है कि पिछला खाना पच गया है *2. अर्धरोगहरी अनिद्रा ।* ठीक से सोने से आधी बीमारियाँ ठीक हो जाती हैं.. *3. मुदगदाली गदव्याली ।* सभी दालों में से हरी दाल सबसे अच्छी है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। बाकी सभी दालों में कोई न कोई साइड इफेक्ट होता है। *4. भग्नास्थि-संधानकरो लहसुनः।* लहसुन टूटी हुई हड्डियों को भी जोड़ता है। *5. अति सर्वत्र वर्जयेत्।* कोई भी चीज सिर्फ इसलिए ज्यादा मात्रा में खाई जाती है क्योंकि उसका स्वाद अच्छा होता है, लेकिन वह स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं होती। संयमित रहें। *6. नास्ति मूलमनोषधम्।* ऐसी कोई भी सब्जी नहीं है जिसका शरीर पर कोई औषधीय लाभ न हो। *7. न वैद्यः प्रभुरायुषः।* कोई भी डॉक्टर दीर्घायु देने में सक्षम नहीं है। (डॉक्टरों की सीमाएँ हैं।) *8. चिंता व्याधि प्रकाशाय।* चिंता से अस्वस्थता बढ़ती है.. *9. व्यायामश्च शनैः शनैः।* कोई भी एक्सरसाइज धीरे-धीरे करें। (शीघ्र व्यायाम अच्छा नहीं है।) *10. अजवत् चर्वणं ​​कुर्यात्।* अपने भोजन को बकरी की तरह चबाएं। (कभी भी जल्दबाजी में खाना न निगलें। लार सबसे पहले पाचन में सहायता करती है।) *11. स्नानं नाम मनःप्रसाधनकरंदुः स्वप्नविध्वंसनम्।* नहाने से डिप्रेशन दूर होता है. यह बुरे सपनों को दूर भगाता है. *12. न स्नानमाचरेद् भुक्त्वा।* खाना खाने के तुरंत बाद कभी भी नहाना नहीं चाहिए। (पाचन क्रिया प्रभावित होती है)। *13. नास्ति मेघसमं तोयम्।* शुद्धता में कोई भी पानी वर्षा जल से मेल नहीं खाता.. *14. अजीर्णे भेषजं वारि।* बदहजमी होने पर सादा पानी का सेवन औषधि की तरह काम करता है। *15. सर्वत्र नूतनं शास्तं, सेवकान्ने पुरातने।* हमेशा ताजी चीजों को प्राथमिकता दें.. जबकि चावल और नौकर पुराने होने पर ही अच्छे होते हैं। *16. नित्यं सर्व रस भक्ष्यः।।* ऐसा भोजन करें जिसमें सभी छह स्वाद हों। (अर्थात: नमक, मीठा, कड़वा, खट्टा, कसैला और तीखा)। *17. जठरं पुरायेदार्धम् अन्नैर्, भागं जलेन च।* *वायोः सत्तार्थाय चतुर्थमवशेषयेत्।।* अपना आधा पेट ठोस पदार्थों से भरें, (एक चौथाई पानी सहित और बाकी खाली छोड़ दें।) *18. भुक्त्वा शतपथं गच्छेद् यदिच्छेत् चिरजीवितम्।* भोजन करने के बाद कभी भी खाली न बैठें। कम से कम आधा घंटा टहलें। *19. क्षुतसाधुतां जनयति।* भूख खाने का स्वाद बढ़ा देती है.. दूसरे शब्दों में, भूख लगने पर ही भोजन करें.. *20. चिंता जरा नाम मनुष्यानाम्* चिंता करने से बढ़ती है उम्र बढ़ने की गति... *21. शतं विहाय भोक्तव्यं, सहस्रं स्नानमाचरेत्।* जब खाने का समय हो तो 100 काम भी किनारे रख दें. *22. सर्वधर्मेषु मध्यमाम्।* हमेशा बीच का रास्ता चुनें। किसी भी चीज़ में अति करने से बचें। *हमारे ऋषियों द्वारा संस्कृत में ज्ञान के स्वर्णिम शब्द।* *कृपया अपने प्रियजनों के साथ साझा करें।* @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] #हमारा खानपान 🌱🌱🌱🌱 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है
**नरेंद्र मोदी कौन है !? "“न्यू यार्क टाइम्स” का मुख्य सम्पादक जोसफ होप ने इसपर एक सनसनीखेज टिप्पणी की है! इसका पूरा विवरण आप लोग के समक्ष रख रहा हूं**,,,,,,,, ✍️ :- जोसफ होप मोदीजी पर टिप्पणी करते हुए कहता है कि “इस आदमी” का “उत्थान”, सारे “संसार” के लिए, “खतरा” है !! इसने केवल “भारत” को एक महान् देश बनाने की इच्छा को प्रकट किया है. उसका एकमात्र उद्देश्य है भारत को सबसे शक्तिशाली बनाना है. यदि इस आदमी को न रोका गया तो भविष्य में, एक दिन “भारत” संसार में बहुत शक्तिशाली हो जाएगा और इससे “अमेरिका” को आश्चर्य होगा. वह (मोदी) एक विशेष रणनीति की अनुसार चलता है, और कोई नहीं जानता कि आगे वह क्या करने वाला है !? उसके(मोदी के) मुस्कराते हुए चेहरे के पीछे एक खतरनाक देशभक्त छिपा हुआ है !! वह, दुनिया के सभी देशों का उपयोग भारत के हितों के लिए करता है !! पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ अमेरिका के सम्बंधों को, बिगाड़कर, और उसके दुश्मन देशों जैसे वियतनाम के साथ गठजोड़ करके, मोदी इन तीनों देशों का उपयोग, चीन के खिलाफ करना चाहता है !! वियतनाम ने चीन के दक्षिण के समुद्र में तेल निकालना शुरू कर दिया है, जिसको वह पूरा भारत को भेजता है !! उसने भारतीय कम्पनी रिलायंस को वहाँ काम करने के लिए भेज दिया है, ताकि अमेरिका का दबदबा खत्म हो जाये !! अब चीन के दुश्मन वियतनाम पर अमेरिका का नियंत्रण होना है, जो कि, भारत के लिए अच्छा है !!. ✍️ :- भारत में आओ लांच इंडिया अभियान में. चीन और अमेरिका दोनों देशों का 15 अरब डालर लगा हुआ है भारत में, जो कि भारत आठ साल में भी, नहीं ला सकता था !! अब यह आदमी, पाकिस्तान को गरीबी की ओर धकेल रहा है !! पाकिस्तान के पुराने दोस्त ईरान में पोर्ट बनाना, जो अफगानिस्तान की सीमा के निकट है,और अफगानिस्तान सीमा पर भारतीय सेना का अड्डा बनाना, इन कदमों से उसने ईरान को वह रास्ता दिखाया है, कि वह पाकिस्तान को अफगानिस्तान में उलझा हुआ छोड़कर, सीधे भारत से व्यापार कर सकता है !! पाकिस्तान ने सेक्शन 2 और 3ए, रद्द कर दिये थे. अब पाक अधिकृत कश्मीर भी, भारत के कब्जे में आ जाएगा !! पाकिस्तान चार टुकड़ों में टूटेगा !! वह मोदी की उँगलियों पर नाचेगा. पाकिस्तान का परम्परागत साथी सऊदी अरब भी, पाकिस्तान को अलग-थलग करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा !!. ✍️ :- इस आदमी ने एशिया में चीन और अमेरिका की भूमिका खत्म कर दिया है और.. सार्क सम्मेलन को रद्द कराके, संसार को अपनी शक्ति दिखा दी है !! मोदी ने एशिया में भारत की सर्वोच्चता स्थापित कर दी है !! इसने एशिया की दो महान शक्तियों रूस और जापान के साथ गठबंधन किया है !! चीन हांगकांग में अपनी शक्ति दिखा सकता है !? लेकिन मोदी चीन अधिकृत कश्मीर को कब्जे में करने को तैयार है ताकि उसकी सीपीईसी परियोजना को रोका जा सके !! चीन मोदी के कहने पर भारत में अपना 40% हिस्सा त्यागने को तैयार है, लेकिन मोदी किसी की सुनने के मूड में नहीं हैं !! और इसीलिए पाकिस्तान की हालत युद्ध के बिना ही भिखारी जैसी बनाये रखना चाहता है !! इसके परिणामस्वरूप चीन का 62 अरब डाॅलर जो उसने पाकिस्तान में लगाया है पानी में, जा रहा है !! मोदी ने अमेरिकी सरकार में लाॅबी बनाकर भारत को MTCR समूह में शामिल कराया है !! मोदी शीघ्र ही परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह NSG को ही बदल डालेगा !!. ✍️ :- अमरीका का आगे बढ़ना कठीन है. इस आदमी ने भारत की राजनीति को नए स्तर पर पहुंचा दिया है, संसार को इस बात पर विचार करना चाहिए कि हर देश के अनेक दुश्मन देश होते हैं, पर भारत का अब पाकिस्तान ओर चीन के अलावा कोई दुश्मन नहीं है !! इसलिए अब यह निश्चित है कि पाकिस्तान की समस्याओं का समाधान, भारत के हाथ में है !! यह व्यक्ति “सर्जिकल स्ट्राइक” करके ही अपनी पकड़ बना सकता है !! यह आदमी पाकिस्तान को किसी युद्ध से भी अधिक हानि पहुँचा रहा है !! मुस्लिम देशों को पाकिस्तान के विरुद्ध उपयोग करके मोदी ने स्वयं को संसार के महानतम नेताओं में से एक सिद्ध कर दिया है !! इन सारी बातों के बीच, इस व्यक्ति की सत्यनिष्ठा पर ध्यान देना चाहिए !! शेष संसार के लिए भारत की प्रगति को रोकना कठिन सिद्ध होगी !! इसीलिए मैं इसके पक्ष में हूँ कि संसार के सभी विचारक मिलकर इस पर चर्चा करें… और कोई उपाय सोचें... *NOTE - इस पोस्ट पर, मैंने अपना कोई नया शब्द नहीं जोड़ा है. जोसफ होप ने इंग्लिश में जो कहा है, उसका हिन्दी अनुवाद किया है,! बस ! *अब तो--- सभी देशभक्तों को,राष्ट्रहित में, हर एक देशभक्त का साथ देना चाहिए* 🇮🇳*भारत माता की जय।*🇮🇳 💕 @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] #पॉलिटिक्स #मोदी फैन क्लब
असली शंकराचार्य का अपमान 2004 दिवाली वाले दिन गिरफ्तारी झूठे केस लगाकर आज जिन कांग्रेसी और उनके चमचों को तथाकथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई घटना में हिन्दू धर्म का अपमान नजर आ रहा है, तो मैं भी एक बात बताना चाहता हूं शायद यह बात सुनकर चमचों को मिर्ची थोड़ी ज्यादा तीखी लगेगी गौरतलब है कि नवंबर 2004 में कांग्रेस के सत्ता में आने के कुछ महीनों के भीतर ही दिवाली के मौके पर असली शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को हत्या के एक केस में गिरफ्तार करवाया गया था दिवाली पूजन भी नहीं करने दिया था जिस वक्त गिरफ्तारी की गई थी, तब वह 2500 साल से चली आ रही त्रिकाल पूजा की तैयारी कर रहे थे गिरफ्तारी के बाद उन पर अश्लील सीडी देखने और छेड़खानी जैसे घिनौने आरोप भी लगाए गए थे?? पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने खुलासा किया था कि सोनिया गांधी ने जानबूझकर हिन्दुओं को नीचा दिखाने के लिए शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को गिरफ्तार करवाया था??? प्रणब मुखर्जी ने अपनी किताब ‘थे the collison years 1996-2012’ में इस घटना का जिक्र करते हुए लिखा, ”मैं इस गिरफ्तारी से बहुत नाराज था और कैबिनेट की बैठक में मैंने इस मसले को उठाया भी था!! मैंने सवाल पूछा कि क्या देश में धर्मनिरपेक्षता का पैमाना सिर्फ हिन्दू संत-महात्माओं तक ही सीमित है? क्या किसी राज्य की पुलिस किसी मुस्लिम मौलवी को ईद के मौके पर गिरफ्तार करने की हिम्मत दिखा सकती है?” सोनिया गैंडी द्वारा शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती महाराज को गिरफ्तार करवाने का सबसे बड़ा कारण शंकराचार्य जी महाराज के द्वारा तमिलनाडु और उसके आसपास के शहरों में ईसाई मिशनरी द्वारा हिन्दुओं के धर्म परिवर्तन पर की जा रही साजिशों के खुलासे थे, क्योंकि सोनिया गांधी उन लोगों की समर्थक थी जो यह हिन्दू कन्वर्जन करवा रहे थे अब जिन हिन्दुओं को लग रहा हो कि कांग्रेस का हृदय परिवर्तन हो गया है और वह हिन्दूओं की भावनाओं का सम्मान कर रही है तो यह बात सुनकर समझ जाना कि कांग्रेस का असली मकसद है क्या.....? आप भूल सकते हो बाकी हम भूलने वालों में नहीं है कांग्रेस से नफरत करते थे नफरत करते हैं और नफरत करते रहेंगे उसी प्रकार जिस प्रकार कांग्रेस हिन्दुओं से नफरत करती थी करती है और करती रहेगी #मोदी फैन क्लब #पॉलिटिक्स #🌍भारतीय इतिहास📚 #सामाजिक समस्या इसलिए जय श्री राम
""लो कर लो तुम भी अपना खून गरम"" ""और जम करके मोदी को गाली दो"" दुनियाँ के 25 सबसे ताकतवर देशों की लिस्ट हुई जारी भारत आया नम्बर 3 पर हम से आगे अमेरिका रूस हैं ये है मोदी का युग,,,* ,,,,,🔺 दूसरी उपलब्धि *,,, 1. 4- 1. 5 लाख करोड़ के पार पहुँचा G S T का मासिक टैक्स कलेक्शन,,,,,ये है एक चाय वाले का गणित और उसका अर्थ शास्त्र,,,* ,,,,🔺 तीसरी उपलब्धि *,,,नए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने में अमेरिका और जापान को पीछे छोड़ करके भारत पहुँचा दूसरे स्थान पर,,,,* ,,,,,,,,,,,,,,,🔺चौथी उपलब्धि *,,,,, 2017 -18 में दो गुना हुआ सौर ऊर्जा का उत्पादन,,,,चीन और अमेरिका भी आज दंग हैं ,,, * ,,,,,,,🔺 पाँचवी उपलब्धि *,,,भारत की आसमान छू रही G D P को देख करके,,,भारत की G D P 8. 2% चीन की 6. 7% और अमेरिका की 4. 2% ! अब भी कहेंगे ये भारतीय की मोदी विदेश क्यों जाते हैं,,,* ,,,,,🔺 छठी उपलब्धि *,,, जल थल और आकाश तीनों क्षेत्रों से सुपर सोनिक मिसाइल दागने वाला दुनियाँ का पहला देश बना भारत,,,ये है मोदी का युग,,,अगर आपको गर्व हुआ हो तो जय हिन्द लिखना न भूलें,,,,* ,,,,,🔺 सातवीं उपलब्धि *,,,, 70 सालों में हमने इस पाकिस्तान को कभी गरीब नहीं देखा,, लेकिन मोदी जी के आते ही पाकिस्तान तो कंगाल हो गया दरअसल पाकिस्तान की कमाई का जरिया भारतीय नकली नोटों का व्यापार था जिसे मोदी जी ने खत्म ही कर दिया,,,* ,,,,,🔺 आठवीं उपलब्धि * को भी पढ़ें,,,,,, एक बात मेरी समझ में नहीं आयी कि 2014 में कांग्रेसी रक्षामंत्री ऐ. के. एंटोनी ने ये कहा था कि देश तो कंगाल है हम लोग राफेल तो क्या छोटा सा जेट भी नहीं ले सकते,,,,पर मोदी जी ने ईरान का कर्ज भी चुका दिया,,,राफेल डील भी कर ली S - 400 भी ले लिया अब एस _५०० भी ले रहे हैं ! आखिर कांग्रेस के समय देश का पैसा कहाँ जाता था,,, ❓* ,,,,,,🔺 नवीं उपलब्धि *,,, सेना को मिला बुलेट प्रूफ स्कार्पियो का सुरक्षा कवच जम्मू कश्मीर में मिली सेना को 2, 500 बुलेट प्रूफ स्कार्पियो * ,,,,,,🔺 दसवीं उपलब्धि *,,,अब आपको बताता हूँ कि भारत का इन 4 सालों में विकास क्या हुआ,,,अर्थ व्यवस्था में फ्रांस को पीछे धकेल कर नम्बर 6 बना भारत,,,* ,,,,,,🔺 ग्यारहवीं उपलब्धि *,,,ऑटो मार्केट में जर्मनी को पीछे छोड़ नम्बर 4 बना भारत,,,* ,,,,,,,🔺 बारहवीं उपलब्धि *,,,,बिजली उत्पादन में रूस को पीछे छोड़ नम्बर 3 बना भारत,,,* ,,,,,,🔺 तेरहवीं उपलब्धि *,,, टेक्स टाइल उत्पादन में इटली को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना भारत,,,* ,,,,🔺 चोदहवीं उपलब्धि *,,, मोबाइल उत्पादन में वियतनाम को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना भारत,,, * ,,,,,,🔺 पंद्रहवी उपलब्धि *,,,स्टील उत्पादन में जापान को पीछे छोड़ नम्बर 2 बना भारत,,,* ,,,,,,🔺 सोलहवीं उपलब्धि *,,, चीनी उत्पादन में ब्राजील को पीछे छोड़ नम्बर 1 बना भारत,,,* ,,,,,,🔺 सतरहवीं उपलब्धि,,,हमेशा ही सोए रहने वाले हिंदूओं में * एक राष्ट्रवाद की लहर * पैदा करके दिखा दी पूरी दुनियां के सवा,,सौ करोड़ हिंदुओं का एक भी राष्ट्र,,नहीं है मैं उनके इस काम को उनका सबसे महत्वपूर्ण काम मानता हूं हूँ,,,,खूंखार आतंकियों का सफाया हुआ,,,,8 महीनों में इन 230 आतंक वादियों को 72 हूरों के पास जहन्नुम में पहुंचाया,,,,,,🔥❗.. "".🙏🙏 जय हिन्द, जय भारत 🇮🇳 जय सनातन🚩 #पॉलिटिक्स #मोदी फैन क्लब
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 बिहार की अंतिम रानी , महारानी कामसुंदरी देवी, दरभंगा राजघराने की आखिरी महारानी थीं, 12 जनवरी 2026 को 96 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिससे बिहार के एक राजसी युग का अंत हो गया; उन्होंने भारत-चीन युद्ध (1962) के दौरान 600 किलो सोना दान कर देशभक्ति दिखाई और बाद में महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना कर मिथिला की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित किया, जो उनके त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। उनका इतिहास और योगदान: दरभंगा राजघराने से संबंध: महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह की तीसरी और अंतिम पत्नी थीं, जो दरभंगा के शक्तिशाली और समृद्ध राजघराने के अंतिम शासक थे। देशभक्ति और दान: 1962 के भारत-चीन युद्ध के समय उन्होंने देश की रक्षा के लिए 600 किलोग्राम सोना दान कर राष्ट्र सेवा का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया, जो उनकी अतुलनीय देशभक्ति को दर्शाता है। सामाजिक और सांस्कृतिक संरक्षण: उनके पति की मृत्यु के बाद, उन्होंने दरभंगा राज की विरासत को सहेजने और मिथिला के सांस्कृतिक-ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए काम किया; उन्होंने 1989 में महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन की स्थापना की, ताकि शाही संपत्ति का उपयोग धर्मार्थ और सांस्कृतिक कार्यों के लिए हो सके। एक युग का अंत: उनके निधन ने न केवल दरभंगा राजघराने बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन से एक गौरवशाली और ऐतिहासिक युग की समाप्ति को चिह्नित किया। निधन: उनका निधन दरभंगा के कल्याणी निवास में हुआ, और उनके निधन से बिहार और देश ने एक समर्पित और त्यागमयी व्यक्तित्व को खो दिया। महारानी कामसुंदरी देवी का जीवन राजसी वैभव के साथ-साथ त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक था, और वह मिथिला की संस्कृति और इतिहास की संरक्षक के रूप में याद की जाएंगी। 🚩🚩👏👏 ------------- 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #हिंदू धर्म और आस्था #ईश्वर आस्था #🌍भारतीय इतिहास📚
अभिनेता अनुपम खेर के तीखे सवाल सुनकर, सुप्रीम कोर्ट के "जजों" का माथा ठनका--. 11 मई से, "तीन तलाक" के मुद्दे की, सुनवाई के लिए, 5 जज़ों की टीम बैठी थीं.......! सुनवाई के पहले ही दिन कोर्ट नें कहा था, कि :----अगर, "तीन तलाक" का मामला इस्लाम धर्म का हुआ .....तो, उसमें हम दखल नही देंगे.... इसपर बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर नें तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए, कहा :--ठीक है, माई लॉर्ड, अगर आप- "धर्म" के मामले में दखल नही देना चाहते, तो :--जलीकट्टू, दही हांड़ी, गो हत्या, राम मंदिर जैसे :--- कई "हिंदुओ" के मामले हैं, जिसमें आप बेझिझक दखल देते हैं.....।क्या - "हिंदू धर्म" आपको धर्म नही लगता ????? या फिर, आप मुसलमानों की धमकियों से डरते हैं ????? अगर आप कुरान में लिखे होनें से, तीन तलाक को मानते हैं ......तो :--- "पुराण" में लिखे, "राम के अयोध्या में पैदा होनें को" क्यों नही मानते????हमें भी बताइए, यह सिर्फ मैं, नही ......पूरा देश जानना" चाहता है।!! गाय का मांस खाना या ,ना खाना उनकी मर्जी पर छोङ देना चाहिये ....लेकिन, सुअर का मांस वो नही खायेगें ....क्योंकि, ये उनके धर्म के खिलाफ है ???? शनि शिंगनापुर मंदिर में, महिलाओं काे, प्रवेश ना देना महिलाओं पर अत्याचार है ..... जबकि, हाजी अली दरगाह में महिलाओं को प्रवेश देना, या ना देना, उनके धर्म का आंतरिक मामला है ??? पर्दा प्रथा एक "सामाजिक बुराई" है .....लेकिन, बुर्का उनके "धर्म का हिस्सा" है ???? जल्लीकट्टू में, "जानवरों पर अत्याचार" होता है....लेकिन, "बकरीद" की "कुर्बानी", इस्लाम की शान है ???? दही हांडी एक खतरनाक खेल है .... जबकि, इमाम हुसैन: की याद में, "तलवारबाजी" उनके धर्म का मामला है ???? शिवजी पर दूध चढाना ... "दूध की बर्बादी" है ....लेकिन मजारों पर चादर चढाने से मन्नतें पूरी होती है ???? हम दो हमारे दो... हमारा परिवार नियोजन है ....लेकिन, उनका- "कीङे-मकौङों" की तरह, बच्चे पैदा करना अल्लाह की नियामत है ??? भारत तेरे टुकङे होगें, ये कहना -अभिव्यक्ति की आजादी है ... और इस बात से देश को कोई खतरा नही है....और वंदे मातरम कहने से, इस्लाम खतरे में, आ जाता है ???? सैनिकों पर पत्थर फैंकने वाले, भटके हुऐ नौजवान है .और अपने बचाव में, एक्शन लेने वाले सैनिक मानवाधिकारों के दुश्मन हैं???? एक दरगाह पर विस्फोट से हिन्दु आंतकवाद शब्द गढ दिया गया और जो रोजाना जगह जगह बम फोङतें है, उन आंतकवादियों का कोई धर्म ही नही है ????. क्या हाल कर दिया है, दलाल मीडिया और सेकुलर जजों ने, हमारे देश का, .......यदि समाज से असमानता दूर करनी हो तो समान भाव से देखें.. जय हिन्द, जय भारत🇮🇳 जय सनातन 🚩 #हिंदू धर्म और आस्था #सामाजिक समस्या
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 👂👂👂 कानों को ठंड से बचाना फैशन नहीं, 🦻🏾🦻🏾🦻🏾🦻🏾🦻🏾 जीवन रक्षा है? जानें 10 चौंकाने वाले सच! 👂👂🦻🏾🦻🏾 सर्दियों की दस्तक होते ही हम भारी जैकेट और दस्ताने तो निकाल लेते हैं, लेकिन अक्सर कानों को खुला छोड़ देते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपके कान केवल सुनने के अंग नहीं हैं, बल्कि वे आपके शरीर के 'थर्मोस्टेट' (तापमान नियंत्रक) की सबसे कमजोर कड़ी हैं? चिकित्सा विज्ञान और आयुर्वेद दोनों ही मानते हैं कि कानों के जरिए घुसने वाली ठंड सीधे आपके मस्तिष्क और हृदय प्रणाली को प्रभावित कर सकती है। आज की इस विशेष रिपोर्ट में हम उन रहस्यों को खोलेंगे कि क्यों कानों को ढकना आपकी सेहत के लिए 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करता है। 👂👂👂 🧠 क्यों है कानों को बचाना इतना जरूरी? कान की बनावट में मांसपेशियों या वसा की कोई सुरक्षात्मक परत नहीं होती। यहाँ की त्वचा के ठीक नीचे तंत्रिकाओं का जाल होता है। जब ठंडी हवा सीधे कान के पर्दे और नलिका से टकराती है, तो यह शरीर के 'कोर टेम्परेचर' को तेजी से गिरा सकती है, जिससे 'थर्मल शॉक' का खतरा बढ़ जाता है। 🤫 10 दुर्लभ और अज्ञात 'सच' (10 दिमाग का सीधा कनेक्शन: कानों के पीछे 'वेगस नर्व' (Vagus Nerve) की शाखाएं होती हैं। यहाँ अत्यधिक ठंड लगने पर यह नस उत्तेजित हो जाती है, जिससे अचानक चक्कर आना (Vertigo) या सिरदर्द शुरू हो सकता है। कानों की अपनी 'हड्डी' का बढ़ना (Exostosis): जो लोग ठंडी हवा में कानों को खुला रखते हैं, उनके कान की नली में रक्षा तंत्र के रूप में अतिरिक्त हड्डी बढ़ने लगती है। इसे 'सर्फर्स ईयर' (Surfer’s Ear) कहते हैं, जो सुनने की क्षमता कम कर सकता है। चेहरे का लकवा (Bell’s Palsy): कड़ाके की ठंड में कान के पीछे से गुजरने वाली 'फेशियल नर्व' में सूजन आ सकती है। इससे चेहरे के एक तरफ की मांसपेशियों में अस्थायी लकवा होने का खतरा रहता है। पाचन से संबंध: आयुर्वेद के अनुसार, कानों का सीधा संबंध 'वात' दोष से है। कानों में ठंड लगने से पेट में गैस, मरोड़ और अपच की समस्या अचानक बढ़ सकती है। ब्लड प्रेशर का जंप: कान ठंडे होने पर शरीर की नसें संकुचित हो जाती हैं। यह संकुचन ब्लड प्रेशर को अचानक 10-15 पॉइंट बढ़ा सकता है, जो बुजुर्गों के लिए खतरनाक है। संतुलन और 'इन्नर ईयर': कान के भीतर तरल पदार्थ होता है जो शरीर का संतुलन (Balance) बनाए रखता है। अत्यधिक ठंड इस तरल के दबाव को प्रभावित कर सकती है, जिससे चलते समय लड़खड़ाने का अहसास हो सकता है। दांतों का दर्द: कई बार हमें लगता है कि दांत में कैविटी है, लेकिन असल में वह कान की नसों में ठंड लगने के कारण होने वाला 'रेफर्ड पेन' होता है। इम्यूनिटी का गिरना: कान ठंडे रहने से शरीर की ऊर्जा केवल उन्हें गर्म रखने में खर्च होती है, जिससे संक्रमण से लड़ने वाली सफेद रक्त कोशिकाएं (WBC) कमजोर पड़ जाती हैं। कान का 'वैक्स' और सुरक्षा: ठंड में कान का वैक्स (Earwax) सख्त हो जाता है, जिससे कान में खुजली और संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। सर्दियों का एंग्जायटी अटैक: कानों के जरिए जाने वाली ठंडी हवा सीधे 'सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम' को सक्रिय कर देती है, जिससे बिना कारण घबराहट और बेचैनी महसूस होने लगती है। 🛡️ कैसे करें बचाव? (Safety Tips) मफलर या मंकी कैप: मफलर को इस तरह लपेटें कि कान पूरी तरह ढके रहें। रुई का प्रयोग: यदि बहुत ज्यादा हवा चल रही है, तो कानों में हल्की रुई (Cotton ball) डालना एक प्रभावी 'विंड-ब्रेकर' का काम करता है। बादाम या तिल का तेल: नहाने के बाद कान के बाहरी हिस्से और पीछे तेल की एक बूंद लगाएं। यह एक 'इंसुलेटिंग लेयर' बनाता है। 💡 निष्कर्ष आपके कान आपके शरीर की खिड़कियां हैं। यदि इन खिड़कियों से ठंडी हवा अंदर आएगी, तो पूरे 'घर' (शरीर) का तापमान बिगड़ जाएगा। इस सर्दी, स्टाइल के साथ-साथ अपनी इन नाजुक इंद्रियों का ख्याल जरूर रखें। 🚩🚩👏👏 -------------------- 🛕🛕🛕🛕🛕 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #स्वास्थ्य
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 🗞️🗞️🗞️ 🧾🧾🧾🧾 जब सुब्रत रॉय सहारा के बेटे की शादी में सदी के महानायक अमिताभ बच्चन अपने पूरे परिवार के साथ बारात में नाच रहे थे, देश के प्रधानमंत्री घुटने ख़राब होने के बावजूद मंच पर चढ़ कर वरवधू को आशीर्वाद दे रहे थे। देश का कोई ऐसा व्यक्ति नहीं बचा था जिसकी गिनती देश के बड़े लोगों में होती हो और वो उस शादी में लखनऊ न पहुँचा हो, पच्चीसों मुख्यमंत्री पूरी केंद्र सरकार और यूपी सरकार वहाँ थी, लोकसभा, राज्यसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं के मेम्बर शायद ही कभी एकसाथ कहीं और जुटे हों। कभी साइकिल पर घूम घूम कर नमकीन बिस्कुट बेचने वाले सहारा उस वक़्त, आज के अंबानी अड़ानी और टाटा से ज़्यादा शक्तिशाली दिखने लगे थे। लेकिन अपने शक्ति और साम्राज्य विस्तार के एक कदम में सहारा ऐसे फँसे की अंत तक एकदम बेसहारा और लाचार हो गए और उसी लाचारी की स्थिति में वो इस दुनिया से विदा भी हो गए।और विदाई भी ऐसी कि बेटा मुखाग्नि देने भी नहीं आया,पोते ने मुखाग्नि दी। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा रहा होगा कि रोशनलाल नाम का एक आदमी जो इंदौर का रहने वाला था वो उनकी जगमगाती हुई दुनिया को बेनूर और कम रोशन कर डालेगा। क़िस्सा 2009 से शुरू हुआ, सहारा ने अपनी रियल स्टेट कंपनियों के नाम से बॉण्ड जारी किए, 3 करोड़ लोगों ने इन बाँड्स को सब्सक्राइब किया और क़रीब 24000 करोड़ रुपये इस समय सहारा ने इन बाँड्स से जुटाये। इन बाँड्स को जारी करने में सहारा ने सेबी द्वारा स्थापित नियम क़ानूनों की जम कर धज्जियाँ उड़ाईं। फिर एक रोशनलाल नाम के व्यक्ति ने, सहारा की शिकायत नेशनल हाउसिंग बैंक कारपोरेशन को कर दी, नेशनल हाउसिंग बैंक ने सहारा को उस चिट्ठी के आधार पर नोटिस भेजा, तो सहारा ने बैंक को ये कहकर दुत्कार दिया, कि ये तुमसे रिलेटेड मामला नहीं है, अगर किसी को पूछने का हक़ बनता भी है तो वो सेबी है, तुम इसमें अपनी नाक मत घुसेड़ो। बैंक के अधिकारियों को ये बात बुरी लग गई, उन्होंने रोशनलाल की चिट्ठी और उस पर सहारा के जवाब को अपनी टिप्पणी और जाँच करने के आग्रह के साथ सेबी को भेज दिया। फिर शुरू हुई सेबी की जाँच, हालाँकि सत्ता के शिखर के तमाम लोगों को अपने जेब में लेकर चलने का मुग़ालता पाले सुब्रत रॉय सहारा ने सेबी की जाँच को भी हल्के में लिया। सेबी ने जब उनसे इन बाँड्स के बारे में पूछताछ की तो सहारा ने 31669 कार्टन से भरे 127 ट्रक भरकर डॉक्यूमेंट्स सेबी के दफ़्तर भेज दिया, कि लो पढ़ लो और कर की जाँच। 127 ट्रकों को सेबी के सामने खड़ा करके सहारा ने ख़ुद को देश की सुर्ख़ियों में ला दिया, मुंबई में सेबी के दफ़्तर के सामने लगे ट्रैफिक जाम ने पूरी मीडिया का ध्यान इस मामले पर आकर्षित कर दिया। उस समय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी थे, प्रणव मुखर्जी ने जाँच पूरी ईमानदारी से हो इस बात को सुनिश्चित करवाया, सेबी ने सहारा से ग़लत तरीक़े से जुटाये निवेशकों के पैसे को 15% ब्याज के साथ लौटने के लिए कहा, सहारा वो पैसा नहीं लौटा पाए। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँचा और सहारा जेल पहुँच गए, उसके बाद दिन ब दिन सहारा बेसहारा होते चले गये, और फिर जो हुआ हम सबने देखा ही है। इसीलिए आप मेहनत क़िस्मत और तिकड़म के सहारे भले शिखर पर पहुँच जायें लेकिन दो बातें हमेशा याद रखिए, पहली, अहंकार मत करिए, दूसरी, शिखर पर पहुँचा जा सकता है, शिखर पर घर नहीं बनाया जा सकता, शिखर पर पहुँचने के बाद आपका बर्ताव तय करता है कि आप शिखर पर कितने समय रहेंगे। स्वर्गीय सुब्रत राय सहारा की जिंदगी फिल्मों सी थी सत्तर के दशक में। बेहिसाब दौलत और बेशुमार ताकत। लखनऊ में नवाबी जाने के बाद उनका ही राज दरबार लगता था। राजसी आमोद प्रमोद तो था ही, निजी सेना जैसी सुरक्षा व्यवस्था भी थी। सन 94, 95 के उस दौर में कपूरथला अलीगंज लखनऊ का चमकदार शानदार कार्यालय, शनिवार का ड्रेस कोड, सहारा गान और लंबे लंबे कॉरपोरेट व्याख्यान नवाबों के शहर लखनऊ के लिए तो सब नया नया ही था। वो भारत के उद्योग जगत के पहले सुपर स्टार थे। एक दौर था, उनकी शोहरत का सूरज कभी अस्त नहीं होता था। राय ने जिस पर भी हाथ रख दिया वो दौलत, शोहरत और ताकत की बुलंदी पर होता था। खुद और सियासत की नजर उतारने के लिए प्रिंट मीडिया के जमाने में उनका अखबार राष्ट्रीय सहारा अपने पथ पर दंभ के साथ अवस्थित रहा। उस दौरे वक्त अखबार की तूती बोल रही थी। उनके इशारों पर शासन सत्ता चलती थी। उनकी व्यक्तिगत जिंदगी की कहानियां किवदंती बनकर फैली हुई थीं। पूरा बॉलीवुड, क्रिकेट टीम, बड़े बड़े राजनेता और हर तबके के स्टार उनके दरबार में नतमस्तक ही रहा करते थे। सेक्रेटरी पद से रिटायर होने वाले ब्यूरोक्रेट की भी चाह होती थी कि आगे की जिंदगी सहारा की चाकरी में बीते। 🚩🚩👏👏 ------------- 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #🌍भारतीय इतिहास📚 #समय बलवान है, समय न किसी के लिए रुका है, न रुकेगा, प्रकृति का चक्र... समय के साथ चलता रहता है।। #समय का चक्र #समय बलवान है, समय न किसी के लिए रुका है, न रुकेगा, प्रकृति का चक्र... समय के साथ चलता रहता है।।
#भिंडरावाला को संत बनाने वाली #इंदिरा खालिस्तान के कारण नहीं मरी" इतिहास के पन्नों में दर्ज है कि इंदिरा गाँधी, #करपात्री जी महाराज के पास पीएम बनने का आशीर्वाद लेने गई थी, क्योंकि करपात्री जी महाराज का आशीर्वाद कभी निष्फल नहीं जाता था। तब करपात्री जी ने इस शर्त पर आशीर्वाद दिया था कि पीएम बनते ही सबसे पहले गौ हत्या के विरुद्ध कानून बना कर गौ हत्या बंद करनी होगी, इंदिरा जी ने वादा किया कि PM बनने पर पहला काम यही करूंगी। करपात्री जी महाराज के आशीर्वाद से इंदिरा गाँधी पीएम बनी। इसके करीब दो महीने बाद करपात्री जी महाराज इंदिरा जी से मिले और उनका वादा याद दिला कर गौ हत्या के विरुद्ध कानून बनाने के लिए कहा तो इंदिरा जी ने कहा कि महाराज जी अभी तो मैं नई नई हूँ, कुछ समय दीजिए। कुछ समय बाद करपात्री जी फिर गए और कानून की मांग की लेकिन इंदिरा ने फिर टाल दिया। कई बार मिलने और वादा याद दिलाने के बाद भी जब इंदिरा ने गौ हत्या बंद नहीं की, कानून नहीं बनाया तो 7 नवम्बर 1966, उस दिन कार्तिक मास, शुक्‍ल पक्ष की अष्‍टमी तिथि थी, जिसे हम-आप #गोपाष्‍ठमी# नाम से जानते हैं, को देश का संत समाज, शंकराचार्य, अपने छत्र आदि छोड़ कर पैदल ही, ने आम जनता के साथ, गायों को आगे आगे करके संसद कूच किया, करपात्री जी महाराज के नेतृत्व में जगन्नाथपुरी, ज्योतिष पीठ व द्वारका पीठ के शंकराचार्य, वल्लभ संप्रदाय के सातों पीठों के पीठाधिपति, रामानुज संप्रदाय, मध्व संप्रदाय, रामानंदाचार्य, आर्य समाज, नाथ संप्रदाय, जैन, बौद्ध व सिख समाज के प्रतिनिधि, सिखों के निहंग व हजारों की संख्या में मौजूद नागा साधुओं को पंडित लक्ष्मीनारायण जी चंदन तिलक लगाकर विदा कर रहे थे। #लालकिला मैदान से आरंभ होकर नई सड़क व चावड़ी बाजार से होते हुए पटेल चौक के पास से संसद भवन पहुंचने के लिए इस विशाल जुलूस ने पैदल चलना आरंभ किया। रास्ते में अपने घरों से लोग फूलों की वर्षा कर रहे थे। हर गली फूलों का बिछौना बन गया था। यह हिंदू समाज के लिए सबसे बड़ा ऐतिहासिक दिन था। इतने विवाद और अहं की लड़ाई होते हुए भी सभी शंकराचार्य और पीठाधिपतियों ने अपने छत्र, सिंहासन आदि का त्याग किया और पैदल चलते हुए संसद भवन के पास मंच पर समान कतार में बैठे। उसके बाद से आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ। नई दिल्ली का पूरा इलाका लोगों की भीड़ से भरा था। संसद गेट से लेकर चांदनी चौक तक सिर ही सिर दिखाई दे रहा था। कम से कम 10 लाख लोगों की भीड़ जुटी थी, जिसमें 10 से 20 हजार तो केवल महिलाएं ही शामिल थीं। #जम्मू-कश्मीर से लेकर केरल तक के लोग गो हत्या बंद कराने के लिए कानून बनाने की मांग लेकर संसद के समक्ष जुटे थे। उस वक्त इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थी और गुलजारी लाल नंदा गृहमंत्री थे। इस सिंहनाद को देख कर इंदिरा ने सत्ता के मद में चूर होकर संतों, साधुओं, गायों और जनता पर अंधाधुंध गोलियों की बारिश करवा दी, हजारों गाय, साधु, संत और आमजन मारे गए। गोरक्षा महाभियान समिति के तत्कालीन मंत्रियों में से एक मंत्री और पूरी घटना के गवाह, प्रसिद्ध इतिहासकार एवं लेखक आचार्य सोहनलाल रामरंग के अनुसार इस गोलीबारी में कम से कम 10 हजार लोग मारे गए थे। ट्रक बुलाकर मृत, घायल, जिंदा-सभी को उसमें ठूंसा जाने लगा। जिन घायलों के बचने की संभावना थी, उनकी भी ट्रक में लाशों के नीचे दबकर मौत हो गई। आखिरी समय तक पता ही नहीं चला कि सरकार ने उन लाशों को कहां ले जाकर फूंक डाला या जमीन में दबा डाला। पूरे शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया, तब करपात्री जी महाराज ने मारी हुई गायों के गले से लिपट कर रोते हुए कहा था कि "हम तो साधु हैं, किसी का बुरा नहीं करते लेकिन तूने माता समान निरपराध गायों को मारा है, जा इसका फल तुझे भुगतना पड़ेगा, मैं श्राप देता हूँ कि एक दिन तेरी देह भी इसी प्रकार गोलियों से छलनी होगी और तेरे कुल और दल का विनाश करने के लिए मैं हिमालय से एक ऐसा तपस्वी भेजूँगा जो तेरे दल और कुल का नाश करेगा"। आम जनमानस इंदिरा के इस दुष्कृत्य पर दुःखी मन से यही दुआ कर रहा था कि भगवान करे ये भी इसी प्रकार मरे। अब इसे संयोग कहेंगे या करपात्री जी महाराज का श्राप कि इंदिरा का शरीर ठीक #गोपाष्टमी के दिन उसी प्रकार गोलियों से छलनी हुआ जैसे करपात्री जी महाराज ने श्राप दिया था और अब हिमालय में 6साल तपस्या करने वाले नरेंद्र मोदी के रूप में वह तपस्वी कांग्रेस के विनाश "कांग्रेस मुक्त भारत" अभियान में जुटा है। जैसे करपात्री जी का आशीर्वाद सदा सफल ही होता था वैसे ही श्राप भी फलीभूत होता था। अब आप खुद सोचिए क्या ये संयोग है ? 1- संजय गांधी दुर्घटना>आकाश में -तिथि थी #गोपाष्टमी 2- इन्दिरा गाँधी >आवास- में तिथि थी #गोपाष्टमी 3- राजीव गाँधी > मद्रास में -तिथि थी #गोपाष्टमी #food #motivational #australia #hindu #hinduism #viratkohli #fitness #history #पॉलिटिक्स #हिंदू धर्म और आस्था #🌍भारतीय इतिहास📚 #ईश्वर आस्था
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 🛥️ पनडुब्बी सिंधु रक्षक डूब गयी और उसमे हमारे 18 नौजवान नाविक डूब के शहीद हो गये। 🛳️⛴️🚢 कारण क्या था❓ 🛥️🛳️⛴️🚢 जिस पनडुब्बी को 2010-13 मे 80 मिलियन डॉलर के खर्चे से अपग्रेड करवाया गया था उसकी बैटरी 700 करोड़ की और चेंज करनी थी। पैसे की कमी की वजह से समय पर नहीं हुई, सिंधु रक्षक मे धमाका हुआ और वो 18 नौजवानो की कब्रगाह बन गयी। देश विचलित हुआ मगर पुलवामा के हमले जैसी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। जबकि वो बड़ा गुनाह था। हमने खुद अपने सैनिकों को मारा था वहां क्योंकि पैसा नहीं था। जिस सरकार की ये जिम्मेदारी थी उसको कोई फर्क नहीं पड़ा। पूर्व रक्षा मंत्री एंथनी ने फरवरी 2014 मे साफ कहा की राफेल खरीदने की बात मत करो पैसा कहां हे। कितने प्रोजेक्ट आधे अधूरे पड़े रह गये। बैंक NPA से गले तक भर गये। लाखों करोड़ों का लोन ऐसे प्रोजेक्ट्स को बंदर बांट कर चुके थे जो कभी पैसा वापस नहीं कर सकते थे। मनमोहन सिंह जी साफ कह चुके थे, "पैसा पेड़ो पर नहीं लगता"। मतलब साफ था ऐसी कोई बात मत करो जिसमे पैसा लगता हो। पैसा नहीं है। ये दिवालियापन की हालत तो तब थी जबकि महान अर्थ शास्त्री मनमोहन सिंह जी और उनके महान काबिल वित्त मंत्री चिदंबरम जी वित्तीय घाटे को इतने ऊंचे स्तर तक पहुंचा चुके थे कि उसके ऊपर जाने पे भारत की रेटिंग गिर के "जंक" पे पहुंच जाती। गिरते हुए रूपये को संभालने के लिए चिदंबरम ने दिवालिये लोगों वाला ही तरीका अपनाया। दो लाख करोड़ के विदेशी भारतीयों के डॉलर 7.50% पे डीपोजीट लेके उसको 2.50% पे अमेरिकी बॉन्ड्स मे डाल दिया। देश को 10000 करोड़ रुपए का ब्याज के अन्तर का भार हर साल लगा दिया। इस दो लाख करोड़ का चुकतारा मोदी सरकार ने पिछले साल चुपचाप किया क्योंकि ख़बर बाहर जाने से भारत के रूपये पे दबाव बढ़ सकता था। इसके अलावा ईरान से उधारी पे तेल लिया 32000 करोड़ का। जिसका चुकाना भी इसी सरकार के जिम्मे आया और इस सरकार ने उसको भी किया। ईस तरह से चारों तरफ़ से कर्जे लेकर भी सरकार पैसा नहीं हे कहती थी। वहीं मोदी सरकार ने काम संभाला तो बैंकों की हालत इतनी खराब थी की सही हालत बाहर आने पर देश पर बहुत बड़ा संकट आ सकता था। मोदी सरकार ने बैंकों को पैसा दिया, ईरान का कर्ज़ चुकाया और आज तक प्रधान मंत्री या किसी भी मंत्री को मैंने कहते हुऐ नहीं सुना कि कोई भी योजना पैसा नहीं हैं इस लिए रुकी हुई हैं। जो काम सबने सोचा कि कितनी भी बात करो असल मे होगा कभी नहीं और इस काम मे पैसा लगाना फालतू हे वो है गंगा की सफाई का प्रोजेक्ट। आखि़र करोड़ो लोगों ने इस बार असम्भव को संभव होता हुआ देखा। गंगा साफ हैं, कुंभ मे लोगों ने अपनी आंखों से देखा और देश को बताया। ये ना आसान था ना बिना 20-30000 करोड़ खर्च किए बिना हो सकता था। इसके अलावा भी भव्य कुंभ हो रहा हे और हर आदमी चकित है कि इस देश मे इतना बड़ा आयोजन इतनी अच्छी तरह हो सकता हैं। बोगीबील का पुल हो या उत्तर पूर्व मे रेलवे लाइन बिछाने का काम हो या जोजिला पास के बजाए आल वेदर 9000 करोड़ रुपए की टनल हो या लद्दाख को नेशनल ग्रिड से जोड़ने का काम हो या 6 करोड़ घरों को मुफ्त मे गैस देने का काम हो या 2022 तक सब गरीब को मुफ्त मे घर देने का काम हो सब तीव्र गति से हो रहा हैं। इसके बाद भी जैसे कुबेर का खज़ाना हाथ लग गया हो तो 12 करोड़ किसानो को 72000 करोड़ रुपए हर साल सहायता देने का काम चालू कर दिया। दुनिया का सबसे बड़ा स्वास्थ्य बीमा का 50 करोड़ लोगों की जिम्मेदारी का काम शुरू हो गया हैं। लाखों लोगों ने फायदा उठा लिया हैं। कहीं कोई गड़बड़ी या हास्पिटल को पैसा नहीं मिलने की शिकायत नहीं दिखी आज तक। 20000 से 40000 करोड़ का खर्च आएगा। पैसे की दिक्कत का नामो निशान नहीं हैं। राफेल अभी आया नहीं हैं लेकिन उसके पेमेंट का 20000 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। सबसे बड़ी बात की प्रोजेक्ट पे प्रोजेक्ट कंप्लीट हो रहे हैं और नए प्रोजेक्ट चालू हो रहे हैं। सब सही वक़्त पर चल रहा है मतलब सरकार के कांट्रेक्टर को भी पैसा टाईम पे मिल रहा हैं। गिनती करते हुए एक के बाद एक ऐसी चीज़ आएगी जिससे लगेगा की जैसे देश को पैसे की कोई दिक्कत नहीं हैं। S400 मिसाइल का ऑर्डर हो गया हैं। इस समय पर दुनिया का सबसे ज्यादा मेट्रो का काम भारत मे हो रहा हैं। कुछ ही दिन पहले पटना मेट्रो के 13000 करोड़ के प्रोजेक्ट को हरि झंडी दी गयी। पटना मे मेट्रो होगी ये 4 साल पहले कोई सोच नहीं पाता। ऐसी हालत हो गयी कि रोज प्रधान मंत्री को कोसने वाले शत्रुघ्न सिन्हा को भी तारीफ करनी पड़ी। सबसे बड़ा वित्तीय प्रबंधन तो GST मे हुआ हैं। अब सब राज्यों का पैसा GST के माध्यम से केन्द्र की जवाबदेही हैं। किसी भी राज्य चाहे वो ममता बनर्जी का बंगाल हो कोई शिकायत नहीं की है कि उनका पैसा एक दिन भी लेट हो रहा हैं। ये सब कैसे हो रहा हैं। अस्त व्यस्त रहने वाला भारत एकदम चुस्त दुरुस्त कैसे हो गया। पैसे का रोना रोने वाली सरकार कुबेर की तरह कैसे हर जरूरी चीज़ पे पैसे खर्च कर रही हैं। कैसे इस देश की हालत को इतना मज़बूत किया गया कि केवल बातें नहीं हो रहे है, काम चल रहा है और कहीं से पैसे की कमी से काम रुका हुआ नहीं हैं। ऐसा इसलिए हो रहा हे क्योंकि चोकीदार प्योर हैं। 🚩🚩👏👏 --------------------* 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] #🌍भारतीय इतिहास📚 #पॉलिटिक्स #मोदी फैन क्लब