K. VISHVAKARMA
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K. VISHVAKARMA
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जय श्री राम
🌞🕉️ *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 माननीय राष्ट्रवादी श्री योगी आदित्यनाथ जी महराज। 👏👏 .......जब आप आए थे...तब हम सच में खतरे मे थे... * हमारी पहचान हमारी आस्था खतरे मे थी...हमारी आवाज दबाई जा रही थी. * हमारे त्योहार सेक्युलरिज्म के नाम पर रोके जा रहे थे...हमारी आवाज कट्टरता कही जा रही थी. * कहीं हमे मारा जा रहा था...कहीं हमे डरा कर चुप कराया जा रहा था...तो कहीं से हम अपना सबकुछ छोड़कर भाग रहे थे. .....फिर आप आगे आया...आपने जिम्मेदारी ली...आप जो कर सकता थे... आपने किया... * आपने हमे डर से बाहर निकाला....हमारे आत्मसम्मान को वापस लाये. * हमारे त्योहारों की रौनक लौटी...हमारे तीर्थ स्थानों का कायाकल्प हुआ....हमारे अराध्य को उनका घर मिला. * उसने वो सबकुछ किया...जो सदियों से नामुमकिन लगा रहा था..... ....नतीजा क्या हुआ...!!.......नतीजा ये हुआ कि जो हमारे दुश्मन थे...वो उसके दुश्मन बन गए...क्यूंकि... * आप हमारे और उनके बीच आ गये थे. * अब वो हम पर हमले नहीं कर पा रहे थे. * अब उनके पुराने तरीके काम नहीं कर पा रहे....अब हम सवाल पूछने लगे हैं...ज़वाब देने लगे हैं...तर्क करने लगे हैं.......और हमे ये ताकत हमें आप इंसान ने दी. ........जो लोग हमे डर मे रखना चाहते थे...अब उनकी राजनीति फेल होने लगी.... * अब ना दंगे हो रहे हैं...ना पलायन. * वो लोग अब हम पर खुलकर हमला नहीं कर पाते रहे. * उनकी फ्रस्ट्रेशन अब उस इंसान पर निकल रही है जो हमारी ढाल बना हुआ है....सीधी बात है....रास्ते मे कोई दीवार बन जाए तो लोग उस दीवार को ही हटाते हैं... ......आज आप हर तरह से हमला हो रहा है.... आपके कार्य पर हमले किए जा रहे हैं... आपके खिलाफ साज़िशें रची जा रही हैं...आपको साईड करने की कोशिश की जा रही है... दिल्ली में मीटिंग प्रयाग पर बयान ब्राह्मणों की बैठक आदि की साजिश रची जा रही है.....आपका दोष क्या है....!!... आपने हमे सुरक्षित किया.... यह आपका दोष है. ..और आप अकेले सब पर भारी पड़ रहे है.... ....आज निशाना आपपर है...क्यूंकि आपकी वजह से हम अब आसान शिकार नहीं रहे....इतिहास गवाह है कि जो समाज की रक्षा करता है....सबसे पहले उसी पर हमला होता है....इसलिए भावनाओं में बहने से पहले....तर्क और ठंढे दिमाग से सोचिए....क्यूंकि अगर वो उनके रास्ते से हटा....तो अगला निशाना फिर हम ही होंगे.... ....कहीं ऐसा ना हो कि...इतिहास और आने वाली पीढ़ियां...हमे भी जयचंद के रूप में याद करे... 🚩🚩👏👏 ---------------- #सामाजिक समस्या #पॉलिटिक्स #योगी फैन क्लब उत्तर प्रदेश सरकार #🙏👑👌 योगी फैन क्लब🕉️🔱🎀🥇 #मोदी योगी फैन क्लब🚩🙏 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार ✅ ऐसा करें ✅ ✅✅✅✅✅✅ 🗞️ सूक्ष्म विचार विचार अवश्य करें 🗞️🗞️ पात्र, लाभार्थी प्रति दलित परिवार को आप मासिक धनराशि, मकान, बिजनेस,बीच शहर दुकान, सरकारी प्राइवेट नौकरी,आवास, आदि आदि जितने देश में संसाधन हैं समस्त प्लेटफॉर्म पर पात्र लाभार्थियों को 100% आरक्षण सुनिश्चित करें 👏👏 ➖➖➖➖➖➖ हिंदू धर्म समाज को आगे बढ़ाने का इतिहास रचो हिंदू समाज साथ देगा। ‼️‼️‼️‼️‼️‼️ ❌ ऐसा न करें ❌ ❌❌❌❌❌❌ *1️⃣हिंदू विनाशकारी कानून न वनाए* ❌ SC/ST एक्ट आमदनी मशीन जिंदाबाद🫡 👉SC/ST एक्ट में बस एक सुधार करने की जरूरत है कि जो भी फर्जी SC/ST एक्ट लगाएगा उसको 10 साल की जेल होगी.. 👉तो 90% केश होना बंद हो जाएगा...💯 आमदनी मशीन जिंदाबाद SC/ST एक्ट खत्म करो भारत सच देखेगा 2️⃣SC/ST एक्ट के दुरुपयोग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त — मुआवज़ा वापसी, 5 लाख जुर्माना, और कड़ी चेतावनी ‼️‼️ 3️⃣हाई कोर्ट ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की एक महिला प्रोफेसर पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। उस महिला ने अपने ही विभाग के तीन प्रोफेसरों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। कोर्ट ने इसे कानून की प्रक्रिया का “घोर दुरुपयोग” बताया।‼️‼️ 4️⃣फिर दरभंगा में पैसे के विवाद में सैकड़ों ब्राह्मण परिवार पर SC-ST एक्ट में केस दर्ज हुआ। लखेंद्र पासवान जी ने एक भी ब्राह्मण परिवार से मुलाकात करने को कहा क्या? एक साथ इतने लोगों पर केस दर्ज करने को लेकर सवाल उठाया क्या? विष्णु तिवारी, अजय तिवारी, श्री प्रकाश शुक्ला, पूर्ण परिवार सोनू सिंह, शिवसागर सिंह, गिरजा सिंह, 100 200 केस तो जुबान पर याद है आदि आदि ही कुछ ने तो फंसी भी लगा ली हिंदू के द्वारा हिंदू का ही विनाश सुनिश्चित करना ठीक नहीं है। कुछ धनराशि के लालच में एक समाज के द्वारा दूसरे को अपराधी बनाकर पतन मंत्रियों के बयान हिंदू विभाजनकारी हैं आदि आदि पूर्ण लेख संभव नहीं है। सामाजिक विचार था बच्चों का भविष्य देश का गौरव सनातन राष्ट्रवाद आप काम करेंगे पर आपने वर्तमान भविष्य दोनों नष्ट करने की राह पर है। भारत सरकार मोदी मंत्रिमंडल लेख पर विचार करें #पॉलिटिक्स #सामाजिक समस्या #मोदी फैन क्लब 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है
🌞🕉️🌞 #सामाजिक समस्या #🔴 क्राइम अपडेट 📗 https://youtu.be/xuKc3Rvcfwk?si=eVQsq2NfP6k-6c0x मैडम पैसा प्लाट मकान सब कुछ लिए बैठी हो फिर भी आज तक धर्म नहीं जान पाई 📗📗 https://chat.whatsapp.com/Kl9DYgMQEsv9zxEEcQVR98?mode=gi_t *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 भारत सरकार विचार करें कानून का सदुपयोग है या दुरुपयोग 📗📗📗📗📗📗 अरे वो हिन्दुओं.. सुनते हो या नहीं 🖐️ देखो मैं आ गयी,... मुल्ले के साथ सोकर अब उसका मेरे जिश्म से पेट भर गया, चलो अब सारे मेरी मदद करो, ये तुम्हारा फर्ज है जी हाँ ये अलीगढ़ की, रश्मि है जिसने अपने 5 साल के बेटे के रहते एक मुल्ले के लिए अपने पति को छोड़ दिया मुल्ला ज़ब इसे नोच नोच के थक गया तो उसने इसका धर्म परिवर्तन कराया, फिर शायद गौमांस भी खिलाया, फिर परिवार सहित इसको नोचा, और इसने जैसे ही आवाज निकाली, इसके पिछवाड़े लात मारकर भगा दिया... अब ये हिन्दुओं से मदद मांग रही.... भाय मेरी तरफ से तो ऐसी लड़कियों के लिए मदद के रास्ते बंद हैं...और ना ही इनके लिए दिल मे सिम्पति आपका क्या कहना है ? मेरी नजरो मे हिन्दुओं को भी जागरुप होना पड़ेगा, जो लड़की जिहादी से शादी करे और गाय का मांस खा ले, उसे हिंदू समाज से पूर्ण रूप से उसका बहिष्कार करना होगा ये हिंदू धर्म धर्मशाला नहीं है ।😡😡😡 🚩🚩👏👏 ------------------- 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है
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सेवा में , माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी, OBC प्रधानमंत्री , भारत सरकार , नई दिल्ली विषय- भारत में आरक्षण को समाप्त किये जाने एवं पदोन्नति में आरक्षण हेतु 117वें संबिधान संशोधन बिल को निरस्त किये जाने विषयक | माननीय महोदय , सौभाग्य की बात है कि बहुत समय बाद भारत में आपके कुशल नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की केन्द्रीय सरकार विद्यमान है। आपके मेक इन इंडिया , स्वच्छता अभियान व नोट बंदी जैसी कई योजनाओं का हम ह्रदय से पूर्ण समर्थन करते हैं । *माननीय महोदय* , जैसा कि आप जानते हैं कि समाज के पिछडे वर्गों के लिये संविधान में मात्र *दस वर्षों के लिये आरक्षण* की व्यवस्था की गयी थी, किन्तु जातिवादी व निहित कारणों से जाति आधारित आरक्षण की अवधि व क्रीमीलेयर की सीमा को बारंबार बिना समीचीन समीक्षा के बढाया जाता रहा है , जिसे कि 10-- 10 वर्ष करते करते आज 67 वर्ष पूरे हो गए हैं । *आज तक ऐसे आरक्षण प्राप्त डॉक्टर, इंजीनियर , प्रोफेसर , शिक्षक, कर्मचारी किसी ने नहीं कहा कि अब वह दलित या पिछड़ा नहीं रहा व अब उसे जातिगत आरक्षण की जरुरत नहीं है।* *इससे सिद्ध होता है कि आरक्षण का आधार पिछड़ा वर्ग या समूह के बजाय जाति किये जाने से इन 67 सालों में कोई लाभ नहीं हुआ है।* महोदय , *इस जातीय आरक्षण का लाभ जहां कुछ खास लोग परिवार समेत पीढी दर पीढी लेते जा रहें हैं वहीं वे इसे निम्नतम स्तर वाले अपने ही जरूरतमंदों लोगों तक भी नहीं पहुंचने दे रहे हैं। अन्यथा इन 67 वर्षों में हर आरक्षित वर्ग के व्यक्ति तक इसका लाभ पहुँच चुका होता।* *ऐसे तबके को वे केवल अपने बार बार लाभ हेतु संख्या या गिनती तक ही सीमित कर दे रहे हैं।* महोदय, *गरीबी जाती देखकर नहीं आती* *आरक्षण का आधार जाति किये जाने से जहाँ सामान्य वर्ग के तमाम निर्धन व जरूरतमंद युवा बेरोजगार व हतोत्साहित हैं , कर्मचारी कुंठित व उत्साहहीन हो रहे हैं,* *वहीं समाज में जातिवाद का जहर बड़ी तेज़ी से बढ़ता जा रहा है।* अत: आपसे निवेदन है कि राष्ट्र के समुत्थान व विकास के लिये संविधान में संशोधन करते हुये आरक्षण को समाप्त करने का कष्ट करेंगे । किसी भी जाति - धर्म के असल जरूरतमंद निर्धन व्यक्ति को *आरक्षण नहीं बल्कि संरक्षण* देना सरकार को सुनिश्चित करना चाहिए । *आरक्षण को पूर्ण रूप से समाप्त करने से पहले अगर वंचित वर्ग तक इसका ईमानदारी से वास्तव में सरकार लाभ पहुँचाना चाहती है तो इस आरक्षण को एक परिवार से एक ही व्यक्ति , केवल बिना विशेष योग्यता / कार्यकुशलता वाली समूह ग व घ की नौकरियों में मूल नियुक्ति के समय ही दिया जा सकता है।* *आयकर की सीमा में आने वाले व्यक्ति के परिवार को आरक्षण से वंचित किया जाना चाहिये ताकि राष्ट्र के बहुमूल्य संसाधनों का सदुपयोग सुनिश्चित हो सके।* *पदोन्नति में आरक्षण तो पूर्णत: बंद कराया ही जाना चाहिये जिससे कि योग्यता, कार्यकुशलता व वरिष्ठता का निरादर न हो।* आशा है कि महोदय राष्ट्र व आमजन के हित में इन सुझावों पर ध्यान देते हुये समुचित कार्यवाही करने व इस हेतु जन जागरण अभियान प्रारंभ कर मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने का कष्ट करेंगे | 🛕🛕🛕🛕🛕 @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] @ 🇮🇳$HR££ 🕉️ #पॉलिटिक्स #सामाजिक समस्या #मोदी फैन क्लब
BHU में हिंदी PhD जनरल कटऑफ: 100 में 100 ST कटऑफ: 100 में 3.7 ये किसी छात्र का नहीं, पूरे सिस्टम का फेल होना है। जब योग्यता नहीं, जाति ही पैमाना बन जाए,,, तो शिक्षा नहीं, समाज का भविष्य बर्बाद होता है। आज 3.7 नंबर वाला PhD करेगा, कल वही प्रोफेसर बनेगा, और परसों वही हमारी पीढ़ी को पढ़ाएगा। सवाल जाति का नहीं है, सवाल न्याय, योग्यता और राष्ट्र के भविष्य का है। या तो सब एक मापदंड में आए, या फिर “समानता” शब्द बोलना बंद करे। @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] @ 🇮🇳$HR££ 🕉️ #सामाजिक समस्या #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #👍 डर के आगे जीत👌
सामाजिक समस्या - शी हिन्दू BANARAS HINDU 4 UNIVERSITY वविद्यालय कला Department of Hindi Faculty of Arts' tnoro NAMONAUIMPORIANCE ESIABUSHED BYANACTOF PARUIAMENI ಂ7I/ls 2025  26 / নিনাক-27.01.2026  पीएचडी प्रवेश परीक्षा परिणाम सत्र २०२५- २६ हिन्दी (JRF MODE ) पीएचडी (हिन्दी) JRFMODE प्रवेश परीक्षा सत्र २०२५ २६ में चयनित अभ्यर्थियों की १ नि्नवत ८ अनुक्रमांक  कःस इंडेक्स GENERAL 8407021000023 VEK KUMAR 100,000 98.734 GENERAL 0407021000063 ARTI AAR DIVYA BHARTI 8407021000062 POOJA BIND OBC 96.203 0407021000096 EWS MANSI 94,937 8407021000009 SRIVASTAVA OBC' SHWETA 93.671 8407021000006 ABHINAV TURKAR ANJALIPA 50 88,608 8407021000088 3,797 RAVIKUI S 8407021000082 RANA शी हिन्दू BANARAS HINDU 4 UNIVERSITY वविद्यालय कला Department of Hindi Faculty of Arts' tnoro NAMONAUIMPORIANCE ESIABUSHED BYANACTOF PARUIAMENI ಂ7I/ls 2025  26 / নিনাক-27.01.2026  पीएचडी प्रवेश परीक्षा परिणाम सत्र २०२५- २६ हिन्दी (JRF MODE ) पीएचडी (हिन्दी) JRFMODE प्रवेश परीक्षा सत्र २०२५ २६ में चयनित अभ्यर्थियों की १ नि्नवत ८ अनुक्रमांक  कःस इंडेक्स GENERAL 8407021000023 VEK KUMAR 100,000 98.734 GENERAL 0407021000063 ARTI AAR DIVYA BHARTI 8407021000062 POOJA BIND OBC 96.203 0407021000096 EWS MANSI 94,937 8407021000009 SRIVASTAVA OBC' SHWETA 93.671 8407021000006 ABHINAV TURKAR ANJALIPA 50 88,608 8407021000088 3,797 RAVIKUI S 8407021000082 RANA - ShareChat
,जब किसी देश में राष्ट्रभक्ति केवल भावना नहीं बल्कि संकल्प बन जाए, तब इतिहास की दिशा बदलती है। भारत आज उसी दौर से गुजर रहा है, जहाँ देश के भविष्य को लेकर स्पष्ट सोच, मजबूत इरादे और निडर नेतृत्व की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कही गई यह बात कि वह देश की भलाई के लिए आए थे लेकिन अब देश के भीतर और बाहर छिपे गद्दारों से संघर्ष कर रहे हैं, केवल एक राजनीतिक वक्तव्य नहीं है। यह उस पीड़ा और जिम्मेदारी की अभिव्यक्ति है, जिसे एक सच्चा राष्ट्रसेवक ही महसूस कर सकता है। भारत आज अभूतपूर्व विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। आधारभूत ढांचे से लेकर डिजिटल क्रांति तक, रक्षा क्षेत्र से लेकर वैश्विक कूटनीति तक, हर मोर्चे पर देश की स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। लेकिन इतिहास गवाह है कि जब भी कोई राष्ट्र प्रगति करता है, तब उसे रोकने के प्रयास भी तेज हो जाते हैं। कुछ ताकतें बाहर से भारत की बढ़ती ताकत से असहज हैं, तो कुछ अंदर बैठकर विकास की गति को बाधित करने का प्रयास करती हैं। ऐसे तत्वों का उद्देश्य केवल सत्ता या स्वार्थ नहीं, बल्कि देश की एकता और आत्मविश्वास को कमजोर करना होता है। इस चुनौतीपूर्ण समय में प्रधानमंत्री मोदी अकेले नहीं खड़े हैं। उनके पीछे 140 करोड़ भारतीयों का विश्वास, साहस और समर्थन है। यह समर्थन किसी प्रचार से नहीं, बल्कि अनुभव से उपजा है। लोगों ने देखा है कि कैसे वर्षों से लंबित निर्णय लिए गए, कैसे राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई और कैसे भारत की आवाज़ दुनिया के मंचों पर मजबूती से रखी गई। यह लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानित राष्ट्र बनते देखना चाहती है। राष्ट्रभक्ति केवल नारे लगाने तक सीमित नहीं होती। यह अपने कर्तव्यों को समझने, देशहित में सही और गलत की पहचान करने और आवश्यकता पड़ने पर स्पष्ट पक्ष लेने का साहस भी मांगती है। आज सवाल यह नहीं है कि कौन किस पार्टी के साथ है, बल्कि यह है कि कौन देश के साथ खड़ा है। जब राष्ट्रविरोधी ताकतें भ्रम फैलाने, समाज को बांटने और विकास को रोकने का प्रयास करती हैं, तब चुप रहना भी एक तरह की सहमति बन जाता है। विकसित भारत का सपना केवल सरकार का एजेंडा नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यह सपना तभी साकार होगा जब देश के भीतर मौजूद नकारात्मक और विध्वंसक सोच का डटकर सामना किया जाए। आलोचना और असहमति लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन राष्ट्र को कमजोर करने की मंशा किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं हो सकती। यही फर्क होता है स्वस्थ आलोचना और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में। आज भारत की युवा पीढ़ी पहले से अधिक जागरूक है। वह जानती है कि देश को आगे बढ़ाने के लिए सिर्फ अधिकार नहीं, कर्तव्य भी जरूरी हैं। वह समझती है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाले झूठे नैरेटिव, आधे-अधूरे सच और भ्रामक सूचनाएं किस तरह राष्ट्रहित को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में हर जागरूक नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह सही बात के साथ खड़ा हो और गलत को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करे। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने यह दिखाया है कि मजबूत इरादों से बड़े से बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। चाहे आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख हो, या फिर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए गए कदम, हर निर्णय के केंद्र में राष्ट्रहित रहा है। यही कारण है कि देश का बड़ा वर्ग इस नेतृत्व पर भरोसा करता है और उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। अब समय है चुप्पी तोड़ने का। समय है यह स्पष्ट करने का कि हम किसके साथ हैं। अगर आप मानते हैं कि भारत की प्रगति के रास्ते में रोड़े अटकाने वाली ताकतों का विरोध जरूरी है, अगर आप एक सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की कल्पना करते हैं, तो आपकी आवाज़ मायने रखती है। लोकतंत्र में जनता की भागीदारी केवल मतदान तक सीमित नहीं होती, बल्कि विचार और समर्थन के माध्यम से भी सामने आती है। सत्य को कई बार परेशान किया जा सकता है, लेकिन उसे पराजित नहीं किया जा सकता। भारत की आत्मा मजबूत है, और जब देशवासी एकजुट होते हैं, तब कोई भी शक्ति उसे कमजोर नहीं कर सकती। आज आवश्यकता है एकता, स्पष्टता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की। यही रास्ता भारत को न केवल विकसित राष्ट्र बनाएगा, बल्कि विश्व मंच पर एक सशक्त नेतृत्व के रूप में स्थापित करेगा।🇮🇳 @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] #पॉलिटिक्स #मोदी फैन क्लब #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 📜 *बहुत ही सुन्दर कथा श्रवण करें* 📜📜📜 राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत पुराण सुनाते-सुनाते शुकदेव जी महाराज को छह दिन व्यतीत हो चुके थे। तक्षक सर्प के काटने से राजा की मृत्यु में अब केवल एक दिन शेष था, फिर भी राजा परीक्षित के हृदय से शोक और मृत्यु का भय पूर्णतः दूर नहीं हुआ था। मृत्यु की घड़ी निकट आती देखकर उनका मन क्षुब्ध हो रहा था, भीतर कहीं न कहीं जीवन के प्रति आस शेष थी। तब शुकदेव जी महाराज ने एक अर्थपूर्ण कथा आरंभ की— “राजन! बहुत समय पहले की बात है। एक राजा शिकार खेलने जंगल गया। संयोगवश वह मार्ग भटक गया और घने, निर्जन वन में जा पहुँचा। रास्ता खोजते-खोजते संध्या ढल गई। तभी मूसलाधार वर्षा होने लगी। चारों ओर अंधकार छा गया। सिंह, व्याघ्र और अन्य हिंसक पशुओं की गर्जना से जंगल भयावह हो उठा। राजा भयभीत हो गया और रात्रि बिताने के लिए किसी आश्रय की खोज करने लगा। अचानक उसे दूर एक दीपक की क्षीण लौ दिखाई दी। उस ओर बढ़ने पर एक बहेलिये की छोटी-सी झोंपड़ी मिली। झोंपड़ी गंदी, संकरी, अंधेरी और दुर्गंध से भरी थी। बहेलिया चलने-फिरने में असमर्थ था, इसलिए उसी झोंपड़ी के एक कोने में उसने मल-मूत्र त्याग का स्थान बना रखा था। शिकार किए गए पशुओं का मांस छत से लटका हुआ था। दुर्गंध इतनी तीव्र थी कि राजा एक क्षण के लिए ठिठक गया। परंतु पीछे लौटने का कोई उपाय न देखकर राजा ने विनम्रता से बहेलिये से एक रात ठहरने की प्रार्थना की। बहेलिये ने कहा—‘राहगीर यहाँ ठहर तो जाते हैं, पर सुबह होते ही इस झोंपड़ी को छोड़ने में झंझट करने लगते हैं। इसकी गंध उन्हें ऐसी भा जाती है कि वे यहीं बसने लगते हैं। मैं इस झंझट में कई बार पड़ चुका हूँ, इसलिए अब किसी को नहीं ठहराता।’ राजा ने दृढ़ प्रतिज्ञा की कि वह प्रातः होते ही झोंपड़ी खाली कर देगा। उसका उद्देश्य महान है, वह तो केवल मार्गभ्रष्ट होकर यहाँ आ गया है। बहेलिये ने शर्त दोहराते हुए उसे ठहरने की अनुमति दे दी। राजा रात भर झोंपड़ी के एक कोने में पड़ा रहा। आश्चर्य! सुबह होते-होते वही दुर्गंध उसके मन में बस गई। जो स्थान रात में घृणित लग रहा था, वही अब प्रिय प्रतीत होने लगा। राजा अपने वास्तविक उद्देश्य को भूल बैठा और उसी झोंपड़ी में रहने की इच्छा करने लगा। उसने बहेलिये से और ठहरने की प्रार्थना की। इस पर बहेलिया क्रोधित हो उठा। राजा को भला-बुरा कहने लगा। राजा को अब वह स्थान छोड़ना झंझट लगने लगा। देखते-देखते दोनों में उस गंदी झोंपड़ी को लेकर विवाद खड़ा हो गया।” कथा सुनाकर शुकदेव जी महाराज ने पूछा— “राजा परीक्षित! बताओ, क्या उस राजा का उस स्थान पर सदा रहने का आग्रह उचित था?” राजा परीक्षित ने कहा— “भगवन्! वह राजा कौन था? वह तो बड़ा मूर्ख प्रतीत होता है, जो ऐसी गंदी झोंपड़ी में अपनी प्रतिज्ञा तोड़कर और अपने जीवन के उद्देश्य को भूलकर रहना चाहता है।” तब शुकदेव जी महाराज गंभीर स्वर में बोले— “हे परीक्षित! वह मूर्ख कोई और नहीं, स्वयं तुम ही हो। यह मल-मूत्र की गठरी समान देह, जिसमें तुम्हारी आत्मा को जितने समय तक रहना था, वह अवधि कल समाप्त हो रही है। अब तुम्हें उस लोक जाना है, जहाँ से तुम आए हो। फिर भी तुम इस देह को छोड़ने में झंझट कर रहे हो। क्या यह मूर्खता नहीं है?” यह सुनते ही राजा परीक्षित का ज्ञान जाग उठा। मोह का आवरण हट गया। वे बंधन-मुक्ति के लिए सहर्ष तैयार हो गए। वास्तव में यही जीवन का परम सत्य है। जब जीव माता की कोख में होता है, तब वह पीड़ा से व्याकुल होकर भगवान से प्रार्थना करता है—“हे प्रभु! मुझे यहाँ से मुक्त कीजिए, मैं आपका भजन-स्मरण करूँगा।” और जब जन्म लेकर इस संसार में आता है, तो रोते हुए मानो कहता है—“मैं कहाँ आ गया?” 🚩🚩🌹 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है @🌹श्री 🌹 @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] #❤️जीवन की सीख #@सुविचार # अनमोल बाते# #जीवन की अनमोल बाते #📖जीवन का लक्ष्य🤔
दुकानदार तो सिर्फ़ धातु बेचता है, पत्थर बेचता है, हुनर बेचता है। वो विश्वास नहीं बेचता, वो श्रद्धा नहीं बेचता। जैसे ₹10 में दुकानदार पेन बेचता है, वो स्याही बेचता है, वो प्लास्टिक और ढक्कन बेचता है, पर न तो साहित्य बेचता है और न ही ज्ञान। अगर स्याही में ही जादू होता, तो हर दुकानदार कालिदास होता, हर काउंटर से प्रेमचंद पैदा होता, हर पेन से इतिहास लिखा जाता। पर इतिहास पेन नहीं लिखता, लेखक लिखता है। ठीक वैसे ही, मूर्तिकार मूर्ति बनाता है, भगवान नहीं। वो आकार देता है पत्थर को, पर प्राण नहीं भरता। प्राण भरती है हमारी आस्था। प्राण भरती है हमारी भावना। प्राण भरता है हमारा विश्वास। मूर्ति खुद चलकर कुछ नहीं देती, पर जब तुम उसके सामने झुकते हो, तो वो तुम्हारे भीतर एक संकल्प जगा देती है। मूर्ति धन नहीं देती, पर मेहनत करने की हिम्मत देती है। मूर्ति नौकरी नहीं दिलाती, पर हार न मानने की ताक़त देती है। मूर्ति रास्ता नहीं बनाती, पर रास्ते पर चलने का साहस देती है। और जब इंसान के भीतर साहस, संकल्प और इच्छाशक्ति एक साथ जाग जाती है, तो उसे कोई मूर्ति धन नहीं देती वो खुद अपना भाग्य रचता है। इसीलिए पूजा मूर्ति की नहीं, अपने भीतर जगने वाली शक्ति की होती है। विश्वास की होती है और उस विश्वास को एकाग्र बनाए रखने के लिए मूर्ति की आवश्यकता होती है... #🥰अनमोल ♥️बाते🥰 #जीवन की अनमोल बाते #@सुविचार # अनमोल बाते# #सामाजिक समस्या #❤️जीवन की सीख
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 📜📜📜 *महाभारत का सार सिर्फ़ नौ लाइनों में समझें, जिसमें पाँच लाख श्लोक हैं....* 📜📜📜📜📜 आप किसी भी धर्म के हों, चाहे आप औरत हों या मर्द, चाहे आप गरीब हों या अमीर, चाहे आप अपने देश में हों या विदेश में, संक्षेप में... *अगर आप इंसान हैं, तो महाभारत के ये 9 अनमोल मोती ज़रूर पढ़ें और समझें....* 1. `अगर आप समय रहते अपने बच्चों की बेवजह की मांगों और इच्छाओं पर कंट्रोल नहीं करेंगे, तो आप ज़िंदगी में लाचार हो जाएँगे...` *'कौरव'* 2. `आप कितने भी ताकतवर क्यों न हों, अगर आप अधर्म का साथ देंगे, तो आपकी ताकत, हथियार, हुनर और आशीर्वाद सब बेकार हो जाएँगे...` *'कर्ण'* 3. `अपने बच्चों को इतना बड़ा न बनाएँ कि वे अपने ज्ञान का गलत इस्तेमाल करके पूरी तबाही मचा दें...` *'अश्वत्थामा'* 4. `कभी ऐसे वादे न करें कि आपको अधर्मियों के आगे झुकना पड़े...` *'भीष्म पितामह'* 5. `अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल *धन, शक्ति, अधिकार और गलत लोगों का साथ आखिर में पूरी बर्बादी की ओर ले जाता है...` *'दुर्योधन'* 6. `कभी भी सत्ता की बागडोर किसी अंधे व्यक्ति को मत दो, यानी जो स्वार्थ, धन, घमंड, ज्ञान, मोह या वासना में अंधा हो, क्योंकि वह बर्बादी की ओर ले जाएगा...` *'धृतराष्ट्र'* 7. `अगर ज्ञान के साथ समझदारी है, तो आप ज़रूर जीतेंगे...` *'अर्जुन'* 8. `धोखा आपको हर मामले में सफलता नहीं दिलाएगा...` *'शकुनि'* 9. `अगर आप नैतिकता, नेकी और कर्तव्य को सफलतापूर्वक बनाए रखते हैं, तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको नुकसान नहीं पहुंचा सकती।` *'युधिष्ठिर'* यह लेख सभी के लिए फायदेमंद है, इसलिए कृपया इसे बिना किसी बदलाव के विचार करें। *सर्वे भवन्तु सुखिनः* *सर्वे सन्तु निरामयाः* 🟰🟰🟰🟰🟰🟰 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है @🌹श्री 🌹 @🚩[卐] 𝙍𝙞𝙩𝙪_ 𝙗𝙖𝙟𝙥𝙖𝙞 [卐] #सामाजिक समस्या #🌺🌺अनमोल वचन एंव सच्ची बाते🌺🌺 #जीवन की अनमोल बाते #@सुविचार # अनमोल बाते# #🥰अनमोल ♥️बाते🥰
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 🤦‍♂️ *🔹मानसिक रोग एवं चिकित्सा🔹* 🤦‍♂️🤦‍♂️ #सेहत टिप्स #💪 बेहतर सेहत *🔸आज के अशांति एवं कोलाहल भरे वातावरण में दिन-प्रतिदिन मनुष्य का जीवन तनाव, चिंता एवं परेशानियों से ग्रस्त होता जा रहा है। इसी वजह से वह थोड़ी-थोड़ी बात पर चिढ़ने-कुढ़ने लगता है एवं क्रोधित हो जाता है। यहाँ क्रोध, अनिद्रा एवं अतिनिद्रा पर नियंत्रण पाने के लिए कुछ उपचार दिये जा रहे हैं :-* *🔸क्रोध की अधिकता में 🔸* *एक नग आँवले का मुरब्बा प्रतिदिन प्रातःकाल खायें और शाम को एक चम्मच गुलकंद खाकर ऊपर से दूध पी लें। इससे क्रोध पर नियंत्रण पाने में सहायता मिलेगी।* *🔸सहायक उपचार🔸* *(१) भोजन २० से २५ मिनट तक चबा- चबाकर शांति से खायें।* *(२) क्रोध आए उस वक्त अपना विकृत चेहरा आइने में देखने से भी लज्जावश क्रोध भाग जाएगा।* *(३) 'ॐ शांति... शांति... शांति... ॐ.... एक कटोरी में जल लेकर उस जल में देखकर इस मंत्र का २१ बार जप करके और बाद में वही जल पी लेने से क्रोधी स्वभाव में बदलाहट आएगी।* 🚩🚩👏👏 ------------- 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है