K. VISHVAKARMA
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@kam171979
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जय श्री राम
*बुढ़ापा बोझ नहीं, बल्कि जीवन का सबसे खूबसूरत अध्याय है— इसे सम्मान और स्वतंत्रता के साथ जीना सीखें, ताकि हर साँस खुशी और आत्मसम्मान से भरी रहे। 😊* 2 मिनट समय निकालकर #Thread अंत तक अवश्य पढ़े।🧵👇 🔏 लेखक : पंकज सनातनी *🫥⚖️ ०१. ज़मीन के झगड़ों में अपना जीवन मत झोंकिए।* - सिर्फ़ 'पड़ोसी को सबक सिखाना है' इस जिद में कोर्ट-कचहरी की सीढ़ियाँ चढ़ते-उतरते पूरी उम्र मत गुज़ार दीजिए। कई बार फैसला आने से पहले ही इंसान दुनिया छोड़ देता है। और सच तो यह है कि ज़मीन चाहे जिसकी हो— फायदा अक्सर वकीलों का ही होता है। *🫥🚗 ०२. पुरानी गाड़ियों का लालच मत पालिए।* - सस्ता सौदा समझकर पुरानी गाड़ी घर लाना कई बार मुसीबत बन जाता है। अगर गाड़ी सड़क से ज़्यादा समय गैराज में खड़ी रहे, तो खर्च भी बढ़ेगा और तनाव भी। याद रखिए— सुविधा के लिए चीज़ खरीदें, सिरदर्द के लिए नहीं। *🫥🏠 ०३. संपत्ति जल्दबाज़ी में ट्रांसफर मत कीजिए।* - आज बच्चे आपको भगवान समान लगते हैं, यह स्वाभाविक है। लेकिन जीवन की वास्तविकता यह है कि सब कुछ उनके नाम कर देने के बाद वही घर कभी-कभी पराया भी लग सकता है। बच्चों पर भरोसा रखें, पर अपने नाम पर कुछ न कुछ सुरक्षा अवश्य रखें। *🫥💰 ०४. अपनी आख़िरी बचत सुरक्षित रखिए।* - तीस-चालीस साल की मेहनत से बनाई गई पेंशन या जमा पूंजी भावनाओं में आकर किसी के व्यापार में मत लगा दीजिए। बुढ़ापे में दवाइयों और ज़रूरतों के लिए आत्मनिर्भर रहना सबसे बड़ा सम्मान होता है। *🫥☝️ ०५. बच्चों के जीवन में अत्यधिक दख़ल न दें।* - वे आपके बच्चे हैं, यह सच है— लेकिन उनका अपना जीवन भी है। प्यार का मतलब पकड़कर रखना नहीं, बल्कि सम्मानपूर्वक दूरी बनाए रखना भी है। अपने लिए भी एक छोटा-सा स्वतंत्र संसार बनाइए। *🥰⛰️ ०६. तीर्थ और यात्राएँ टालते मत रहिए।* - 'बच्चों को समय मिलेगा तो वे हमें ले जाएँगे'— यह सोचकर वर्षों प्रतीक्षा मत कीजिए। जब तक शरीर में शक्ति है, अपने सपनों के स्थानों पर जाइए। कई बार अकेले की गई यात्रा भी जीवन की सबसे सुंदर स्मृति बन जाती है। *😋🍲 ०७. जो खाना मन चाहे, आज ही खाइए।* - जीवनसाथी के साथ आज ही उनकी पसंद की चीज़ खाइए और खिलाइए। श्मशान में बैठकर कहना— "उन्हें यह बहुत पसंद था" उसका कोई अर्थ नहीं होता। प्रेम का सही समय हमेशा 'आज' होता है। *🥰🛋️ ०८. अपने लिए आराम का समय निकालिए।* - जीवन भर सिर्फ़ काम करते-करते खुद को मत भूल जाइए। शरीर को आराम, मन को शांति और आत्मा को संतोष देना भी उतना ही आवश्यक है जितना कमाना। *☝️✨😴 ०९. अच्छी नींद सबसे बड़ा इलाज है।* - अनावश्यक चिंताओं को छोड़िए और गहरी नींद लेना सीखिए। बीमारी और दर्द की घड़ी में मन की शांति ही सबसे बड़ी ताकत बनती है। *🫥🌘 १०. जीवन का सत्य याद रखिए।* - हम इस दुनिया में अकेले आए हैं और एक दिन अकेले ही जाना है। इसलिए दूसरों पर उम्मीदें कम रखें और स्वयं के साथ खुश रहना सीखें। ✨ खुशी कोई वस्तु नहीं है जो कोई और आपको दे दे; खुशी वह रोशनी है जो इंसान अपने भीतर स्वयं जलाता है। ११. जब तक जीवनसाथी स्वस्थ हैं, छोटे-बड़े काम स्वयं करना सीखिए— यह आत्मनिर्भरता आगे चलकर सहारा बनेगी। १२. वसीयत लिख दी है तो भी याद रखिए— उसे बदलने का अधिकार हमेशा आपके पास रहता है। १३. यदि कोई वारिस आपको परेशान करे, तो डरिए मत— आज कानून और प्रशासन बुज़ुर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए मौजूद हैं। १४. रोज़ थोड़ा टहलना, पुराने मित्रों से मिलना और युवावस्था की यादें साझा करना— मन को जीवंत बनाए रखता है। १५. यह स्वीकार कीजिए कि जीवन का एक अंतिम पड़ाव भी है— और उस दिन के लिए मानसिक रूप से शांत और तैयार रहना ही सच्ची बुद्धिमानी है। १६. अंत में यही सत्य है— हम कुछ भी साथ लेकर नहीं जाते। इसलिए जीवन में जितना संभव हो प्रेम दीजिए, मित्रता निभाइए, ज़रूरतमंदों की सहायता कीजिए और एक अच्छा इंसान बनकर जिएँ 🙏 *꧁࿇࿇࿇ राधे राधे ࿇࿇࿇꧂* #मेरे विचार👈 #👍 डर के आगे जीत👌 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख
कांग्रेसी नेता राजीव शुक्ला ने कहा था कि नरेंद्र मोदी ''अगर '' प्रधानमंत्री नहीं होते तो अमेरिका उन्हें अपने यहां कभी नहीं बुलाता....!! माननीय शुक्ला जी और कांग्रेसियों अब मैं तुम्हे इस "अगर" की कहानी सुनाता हूँ... 1) अगर राहुल गांधी, सोनिया का बेटा नहीं होता तो आज किसी 0ffice में चपरासी होता...!!😂😂 2) अगर सोनिया राजीव की पत्नी नहीं होती तो यूरोप के किसी बार की रिटायर्ड बार बाला होती...!!😂😂 3) अगर राजीव, इंदिरा गांधी का बेटा नहीं होता तो एक ''पायलट'' ही रह कर दिन गुजारता...!!😂😂 4) अगर इंदिरा गांधी, नेहरू की बेटी न होती, तो एक सामान्य गृहिणी बनी रहती...!!😂😂 5) अगर गांधी - नेहरू ने जिन्ना के साथ मिलकर सत्ता के लालच में भारत की जनता से गद्दारी न की होती आज अखंड भारत एक होता....!!. 😂😂 6) “अगर " नेहरू बेइमानी करके सरदार वल्लभ भाई पटेल की जगह प्रधानमंत्री नहीं बनता तो आज चीन इतना प्रभावी नही होता, और न ही पाकिस्तान का जन्म होता, न ही ये कश्मीर समस्या होती...!!😂😂 7) और "अगर" ये कांग्रेस ही नहीं होती, तो फिर ये नकली गांधी परिवार भी नहीं होता. पूरा देश इन गद्दारों और घोटालेबाजों के चंगुल में फंसकर भाई-भतीजा वाद और साम्प्रदायिक हिंसा में बर्बाद न हुआ होता. बल्कि भारत विश्व के समस्त देशों का सरताज होता...!!😂😂 "राजीव शुक्ला जी...." “अगर " नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री नहीं होते तो अमेरिका के प्रमुख की आंखों में आंखें मिला कर बात करने वाला भारत का और कोई प्रधानमंत्री नहीं होता...!! 😂😂 जय हिन्द__जय भारत #पॉलिटिक्स #मोदी योगी फैन क्लब🚩🙏 #🌍भारतीय इतिहास📚
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ भारत सरकार में यदि कोई निष्पक्ष नेता है तो इस पर विचार करें। 📖📖 🔥🗳️ नेता बनने से पहले परीक्षा – देश के साथ समझौता अब नहीं! 🇮🇳💥 क्यों न चुनाव लड़ने से पहले परीक्षा का आयोजन हो 🤔📚, जो पास हो उन्हे चुनाव लड़ने का अधिकार हो! जब एक आम नागरिक को सरकारी नौकरी पाने के लिए सालों मेहनत करनी पड़ती है 💪✍️, तब देश चलाने की जिम्मेदारी बिना किसी योग्यता के किसी को कैसे दी जा सकती है? 😟 ये वही देश है जहाँ चपरासी बनने के लिए भी परीक्षा पास करनी होती है, फिर देश के साथ खिलवाड़ क्यों? 🔥 #जागरूक_नागरिक #लोकतंत्र #सवाल_जरूरी अगर नेताओं के लिए भी परीक्षा अनिवार्य कर दी जाए 💯📖 तो राजनीति में वही लोग आएंगे जिनमें सही ज्ञान, समझ और देशभक्ति हो 🇮🇳❤️ इससे संसद और विधानसभाओं में फैसले ज्यादा समझदारी और जिम्मेदारी के साथ लिए जाएंगे 🧠⚖️ और देश का विकास रफ्तार पकड़ लेगा 🚀🔥 #सही_नेतृत्व #देशहित #नया_विचार आज की राजनीति में कई बार ऐसे लोग दिखते हैं जिन्हें न कानून की जानकारी होती है, न अर्थव्यवस्था की समझ 😕📉 और इसका सीधा असर जनता पर पड़ता है 😞 अगर पहले परीक्षा हो तो केवल वही लोग आगे आएंगे जो सच में देश के लिए काम करना चाहते हैं और जिम्मेदारी निभाने के काबिल हैं 💼✨ #ईमानदार_राजनीति #शिक्षित_नेता #देश_पहले सोचिए एक ऐसा भारत जहाँ हर नेता पढ़ा-लिखा, समझदार और जिम्मेदार हो 🙌📊 जहाँ फैसले भावनाओं से नहीं बल्कि ज्ञान और तर्क से लिए जाएं 🧠📈 और जनता को सही दिशा मिले 🤝💖 यह सपना तभी सच होगा जब हम इस बदलाव की मांग करेंगे और इसे अपनी आवाज बनाएंगे 📣🔥 #सशक्त_भारत #जनता_की_ताकत #भविष्य_का_भारत अब समय आ गया है कि हम चुप न रहें 🛑🔥 बल्कि इस मुद्दे को हर मंच पर उठाएं, चर्चा करें और सिस्टम में सुधार की मांग करें 💥✊ क्योंकि देश के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होना चाहिए 🙏🇮🇳 हमारा वोट, हमारा अधिकार और हमारा भविष्य – सब कुछ सुरक्षित होना चाहिए 💯❤️ #बदलाव_की_आवाज़ #युवा_शक्ति 🚩🚩👏👏 -------------------- 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #पॉलिटिक्स #सामाजिक समस्या #मेरे विचार👈
निपट गए कांग्रेसी नेता स्वामी अविमुक्तेश्वरानंदजी अब ये श्रीमान सोच रहे होंगे कि कद से ज्यादा लंबी जुबान नहीं चलाना थी। जुबान न चलती तो कुकर्म के मामले दबे रहते। लेकिन राजनैतिक हवा और भगवा वस्त्रों की वजह से मिले सम्मान से उत्पन्न अहंकार से खुद को काबू में नहीं रख पाए। आज #यौन_शोषण के आरोपों के मामले में प्रयागराज की रेप एवं पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने झूंसी थाना पुलिस को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने के निर्देश दिए हैं। शाकुंभरी पीठाधीश्वर और श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट से जुड़े आशुतोष ब्रह्मचारी ने 28 जनवरी को धारा 173(4) के तहत अर्जी दाखिल कर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। उनका आरोप है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण होता है। उन्होंने इस संबंध में सबूत के तौर पर एक सीडी भी अदालत को सौंपी थी। मामले में 13 फरवरी को दो नाबालिगों के बयान अदालत में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए थे। कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया और सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि उन्हें न्याय मिला है। उन्होंने घोषणा की कि वह प्रयागराज से विद्या मठ वाराणसी तक पैदल सनातन यात्रा निकालेंगे और लोगों के सामने सच्चाई लाएंगे. उनका आरोप है कि विद्या मठ में ही नाबालिग बच्चों के साथ शोषण होता था। याद रखो। योगी आदित्यनाथ असली योगी हैं। कारण कि ऐश्वर्य, विलासिता और सरकार की चमक धमक के बीच भी वह बैरागी और निर्मोही है, धर्माचरण का पालन करते हैं। योगी सरकार ने जब इस फर्जी को नोटिस जारी किया था, उसी वक्त पिक्चर साफ होने लगी थी कि यदि योगी सरकार में इसे नोटिस जारी हुआ है तो जरूर इसका चिट्ठा काला होगा। लेकिन सिर्फ भगवा देखकर कई लटकने इसके समर्थन में और योगी जी के विरोध में उल्टियां करने लगे थे। ऐसे लोगों को भी ये मामला एक उदाहरण की तरह है कि मामले और लोगों की गहराई जाने समझे सोचे बिना अपनी जुबान तालु पर नहीं फटकारना चाहिए। #पॉलिटिक्स #मोदी योगी फैन क्लब🚩🙏
*चलिए हजारो साल पुराना इतिहास पढ़ते हैं। जातिवाद छुआछूत कैसे आया* *सम्राट शांतनु ने विवाह किया एक मछवारे की पुत्री सत्यवती से।उनका बेटा ही राजा बने इसलिए भीष्म ने विवाह न करके,आजीवन संतानहीन रहने की भीष्म ने प्रतिज्ञा की।* *सत्यवती के बेटे बाद में क्षत्रिय बन गए, जिनके लिए भीष्म आजीवन अविवाहित रहे, क्या उनका शोषण होता होगा?* *महाभारत लिखने वाले वेद व्यास भी मछवारे थे, पर महर्षि बन गए, गुरुकुल चलाते थे वो।* *विदुर, जिन्हें महा पंडित कहा जाता है वो एक दासी के पुत्र थे, हस्तिनापुर के महामंत्री बने, उनकी लिखी हुई विदुर नीति, राजनीति का एक महाग्रन्थ है।* *भीम ने वनवासी हिडिम्बा से विवाह किया।* *श्रीकृष्ण दूध का व्यवसाय करने वालों के परिवार से थे,* *उनके भाई बलराम खेती करते थे, हमेशा हल साथ रखते थे।* *यादव क्षत्रिय रहे हैं, कई प्रान्तों पर शासन किया और श्रीकृषण सबके पूजनीय हैं, गीता जैसा ग्रन्थ विश्व को दिया।* *राम के साथ वनवासी निषादराज गुरुकुल में पढ़ते थे।* *उनके पुत्र लव कुश महर्षि वाल्मीकि के गुरुकुल में पढ़े जो वनवासी थे* *तो ये हो गयी वैदिक काल की बात, स्पष्ट है कोई किसी का शोषण नहीं करता था,सबको शिक्षा का अधिकार था, कोई भी पद तक पहुंच सकता था अपनी योग्यता के अनुसार।* *वर्ण सिर्फ काम के आधार पर थे वो बदले जा सकते थे, जिसको आज इकोनॉमिक्स में डिवीज़न ऑफ़ लेबर कहते हैं वो ही।* *प्राचीन भारत की बात करें, तो भारत के सबसे बड़े जनपद मगध पर जिस नन्द वंश का राज रहा वो जाति से नाई थे ।* *नन्द वंश की शुरुवात महापद्मनंद ने की थी जो की राजा नाई थे। बाद में वो राजा बन गए फिर उनके बेटे भी, बाद में सभी क्षत्रिय ही कहलाये।* *उसके बाद मौर्य वंश का पूरे देश पर राज हुआ, जिसकी शुरुआत चन्द्रगुप्त से हुई,जो कि एक मोर पालने वाले परिवार से थे और एक ब्राह्मण चाणक्य ने उन्हें पूरे देश का सम्राट बनाया । 506 साल देश पर मौर्यों का राज रहा।* *फिर गुप्त वंश का राज हुआ, जो कि घोड़े का अस्तबल चलाते थे और घोड़ों का व्यापार करते थे।140 साल देश पर गुप्ताओं का राज रहा।* *केवल पुष्यमित्र शुंग के 36 साल के राज को छोड़ कर 92% समय प्राचीन काल में देश में शासन उन्ही का रहा, जिन्हें आज दलित पिछड़ा कहते हैं तो शोषण कहां से हो गया? यहां भी कोई शोषण वाली बात नहीं है।* *फिर शुरू होता है मध्यकालीन भारत का समय जो सन 1100- 1750 तक है, इस दौरान अधिकतर समय, अधिकतर जगह मुस्लिम शासन रहा।* *अंत में मराठों का उदय हुआ, बाजी राव पेशवा जो कि ब्राह्मण थे, ने गाय चराने वाले गायकवाड़ को गुजरात का राजा बनाया, चरवाहा जाति के होलकर को मालवा का राजा बनाया।* *अहिल्या बाई होलकर खुद बहुत बड़ी शिवभक्त थी। ढेरों मंदिर गुरुकुल उन्होंने बनवाये।* *मीरा बाई जो कि राजपूत थी, उनके गुरु एक चर्मकार रविदास थे और रविदास के गुरु ब्राह्मण रामानंद थे|।* *यहां भी शोषण वाली बात कहीं नहीं है।* *मुग़ल काल से देश में गंदगी शुरू हो गई और यहां से पर्दा प्रथा, गुलाम प्रथा, बाल विवाह जैसी चीजें शुरू होती हैं।* *1800 -1947 तक अंग्रेजो के शासन रहा और यहीं से जातिवाद शुरू हुआ । जो उन्होंने फूट डालो और राज करो की नीति के तहत किया।* *अंग्रेज अधिकारी निकोलस डार्क की किताब "कास्ट ऑफ़ माइंड" में मिल जाएगा कि कैसे अंग्रेजों ने जातिवाद, छुआछूत को बढ़ाया और कैसे स्वार्थी भारतीय नेताओं ने अपने स्वार्थ में इसका राजनीतिकरण किया।* *इन हजारों सालों के इतिहास में देश में कई विदेशी आये जिन्होंने भारत की सामाजिक स्थिति पर किताबें लिखी हैं, जैसे कि मेगास्थनीज ने इंडिका लिखी, फाहियान, ह्यू सांग और अलबरूनी जैसे कई। किसी ने भी नहीं लिखा की यहां किसी का शोषण होता था।* *योगी आदित्यनाथ जो ब्राह्मण नहीं हैं, गोरखपुर मंदिर के महंत हैं, पिछड़ी जाति की उमा भारती महा मंडलेश्वर रही हैं। जन्म आधारित जातीय व्यवस्था हिन्दुओ को कमजोर करने के लिए लाई गई थी।* *इसलिए भारतीय होने पर गर्व करें और घृणा, द्वेष और भेदभाव के षड्यंत्रों से खुद भी बचें और औरों को भी बचाएं। *🚩🇮🇳 जय हिंदू राष्ट्र🇮🇳🚩 EveryOne #🕉️सनातन धर्म🚩 #🌍भारतीय इतिहास📚 #सामाजिक समस्या #पॉलिटिक्स
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* #विश्व सनातन उत्थान संगठन #🕉️सनातन धर्म🚩 #ईश्वर आस्था ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 *✳️ईश्वर का शुक्रिया करने के लिए 🔟 नायाब कारण..!* 1. टायर चलने पर घिसते हैं, लेकिन पैर के तलवे जीवनभर दौड़ने के बाद भी नए जैसे रहते हैं। 2. *शरीर 75% पानी से बना है, फिर भी लाखों रोमकूपों के बावजूद एक बूंद भी लीक नहीं होती।* 3. कोई भी वस्तु बिना सहारे नहीं खड़ी रह सकती, लेकिन यह शरीर खुद को संतुलित रखता है। 4. *कोई बैटरी बिना चार्जिंग के नहीं चलती, लेकिन हृदय जन्म से लेकर मृत्यु तक बिना रुके धड़कता है।* 5. कोई पंप हमेशा नहीं चल सकता, लेकिन रक्त पूरे जीवनभर बिना रुके शरीर में बहता रहता है। 6. *दुनिया के सबसे महंगे कैमरे भी सीमित हैं, लेकिन आंखें हजारों मेगापिक्सल की गुणवत्ता में हर दृश्य कैद कर सकती हैं।* 7. कोई लैब हर स्वाद टेस्ट नहीं कर सकती, लेकिन जीभ बिना किसी उपकरण के हजारों स्वाद पहचान सकती है। 8. *सबसे एडवांस्ड सेंसर भी सीमित होते हैं, लेकिन त्वचा हर हल्की-से-हल्की संवेदना को महसूस कर सकती है।* 9. कोई भी यंत्र हर ध्वनि नहीं निकाल सकता, लेकिन कंठ से हजारों फ्रीक्वेंसी की आवाजें पैदा हो सकती हैं। 10. *कोई डिवाइस पूरी तरह ध्वनियों को डिकोड नहीं कर सकती, लेकिन कान हर ध्वनि को समझकर अर्थ निकाल लेते हैं।* 11. ईश्वर ने हमें जो अमूल्य वस्तुएं दी हैं,उनके लिए उसका आभार मानिए और उससे शिकायत करने का हमें कोई अधिकार नहीं है। *हर रोज़ सुबह हमारा जागना अपने आप में एक चमत्कार है इसलिए उस सर्वशक्तिमान ईश्वर का धन्यवाद करें..!!* 🛕🛕🛕🛕🛕 🚩🚩🚩🚩🚩🚩 ➖➖➖➖➖➖ 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है
विचार....आखिरी लाइन तक पढ़ें। उचित है शेयर किजीए..जय कर्मा 👉🏻 जब बच्चों की शादी 20 साल में होती है, तो एक सदी में 5 पीढ़ियां होती हैं। 👉🏻 जब बच्चों की शादी 25 साल में होती है, तो एक सदी में 4 पीढ़ियां होती हैं। 👉🏻 जब बच्चों की शादी 33 साल में होती है, तो एक सदी में 3 पीढ़ियां होती हैं। एक आसान सा मैथ दिखाता है कि हिंदू आबादी की ग्रोथ रेट किस तरफ जा रही है। सोचने वाली बात है। क्या हमारा समाज अगली सदी तक ज़िंदा रहेगा? हिंदू समाज के लिए आत्मचिंतन करने का समय आ गया है। आज एक अजीब सा अंधेरा फैल रहा है। 🏚️ गांव वीरान हैं, आस-पास खाली है, घर शांत हैं। लड़कियां 30-35 साल तक कुंवारी रहती हैं। लड़के 35 साल के बाद भी कुंवारी रहते हैं। शादियां बहुत देर से हो रही हैं... सिर्फ़ एक बच्चा पैदा होता है... फिर तलाक़... टूटते परिवार... माता-पिता अकेले रह जाते हैं... पूरी पीढ़ी खालीपन महसूस करती है। क्या हम इसे "पढ़ा-लिखा समाज" कहें या "खुद को नुकसान पहुंचाने वाला समाज"? आबादी कम करने की एक खामोश साज़िश मान लीजिए 100 लोग = 50 जोड़े। अगर हर जोड़े का सिर्फ़ एक बच्चा हो— तो अगली पीढ़ी में सिर्फ़ 45-46 लोग होंगे। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो तीसरी पीढ़ी लगभग गायब हो जाएगी। इसमें चिंता की कोई बात नहीं है— यह मैथ है, और यह पहले से ही हो रहा है! गांव खत्म हो रहे हैं, शहरों में ऊंची इमारतें हैं, लेकिन जॉइंट फैमिली सिस्टम खत्म हो गया है। नई बहुएं "सिर्फ़ एक बच्चा" क्यों चाहती हैं? ताकि वे "ज़िंदगी का मज़ा ले सकें" ताकि उनके करियर पर असर न पड़े ताकि उनके शरीर पर असर न पड़े ताकि समाज में उन्हें "मॉडर्न" माना जाए क्या यही धर्म है? क्या यही हमारा कल्चर है? क्या यही हमारे पुरखों की विरासत है? सच तो यह है... बच्चे अब प्यार की निशानी नहीं रहे, वे समाज में दिखावे की चीज़ बन गए हैं। "देखो, हमारा भी बच्चा है..." यह सोच न सिर्फ़ गैर-धार्मिक है; यह भविष्यहीन है। ⚖️ सबसे बड़ी गलती — लड़की का पिता! वही पिता, जिसने 22-25 साल की उम्र में शादी करके परिवार बसाया, अब 30 साल की उम्र तक अपनी बेटी को 'राजकुमारी' बना रहा है। कभी करियर के नाम पर, कभी यह कहकर कि 'मुझे अच्छा लड़का नहीं मिला', कभी दहेज़ और इज़्ज़त के डर से। 👉 नतीजा — लड़कियां डिप्रेशन, IVF या तलाक के गड्ढे में गिरती हैं। और समाज धीरे-धीरे खत्म होता जाता है। हिंदू समाज की एक डरावनी तस्वीर शादी की औसत उम्र: लड़के – 32, लड़कियां – 29 औसत बच्चे: हर कपल में 1 या 0.5 4 में से 1 कपल – बिना बच्चे या मेडिकल प्रॉब्लम से परेशान तलाक की दर – हिंदू समाज में सबसे तेज़ी से बढ़ रही है हजारों जवान लड़के और लड़कियां – बिना शादी के, लेकिन शादी का कोई चांस नहीं 🧘‍♂️ समाज के समझदार लोग क्या कर रहे हैं? चुप्पी। शादी, परिवार, बच्चे – इन सबको बोझ समझा जा रहा है। लेकिन यह स्पिरिचुअलिटी नहीं है — यह एस्केपिज़्म है। 👉 शादी कोई दुनियावी बंधन नहीं है — यह धर्म का पिलर है, नस्ल और कल्चर को आगे बढ़ाने का एक तरीका है। 💥 खुद को समझने का समय लड़कियों को ‘राजकुमारी’ बनाकर हमने उनकी समझ छीन ली। बच्चों से ज़िम्मेदारी हटा दी गई। शादी टलती रही — और जब हुई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सिर्फ़ एक बच्चा — फिर वही अकेलापन, वही बेइज्ज़ती। अब हमें क्या करना चाहिए? 🔹 लड़कों के लिए 22 के बाद, लड़कियों के लिए 20 के बाद — शादी को प्राथमिकता दें 🔹 एक बच्चा नहीं — कम से कम तीन बच्चे — समाज को इसकी ज़रूरत है 🔹 समाज के नेताओं, संतों, विद्वानों — को इन मुद्दों पर खुलकर बात करनी चाहिए 🔹 लड़कियों के पिता — उनकी उम्र, भावनाएँ, भविष्य को समझें 👉 उम्मीदें कम करें, समझ बढ़ाएँ, अपनी बेटी की जान बचाएँ। 🕯️ आखिरी चेतावनी अगर हम अभी नहीं जागे— 📉 कोई जवान लड़के-लड़कियां नहीं होंगे 📉 कोई बच्चे नहीं, कोई संस्कृति नहीं 📉 कोई समाज नहीं, कोई मंदिर नहीं 🚩 इतिहास लिखेगा “वह हिंदू समाज, जिसने चुपचाप खुद को खत्म कर लिया।” सोचो और एनालाइज़ करो..अगर तुम्हें यकीन है..अगर तुम्हें यकीन नहीं है, तो छोड़ दो क्योंकि तुम बहुत पढ़े-लिखे और संस्कारी और समझदार हो.. #सामाजिक समस्या
🌞🕉️🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 हाई एजुकेटेड बेरोजगार युवक एक बात गांठ बांध लें। 6 महीने में आप बाइक के मैकेनिक बन सकते हो। 6 महीने में आप कार के मैकेनिक बन सकते हो। 6 महीने में आप साइकिल के मकैनिक बन सकते हो। 6 महीने में आप मधुमक्खी पालन सीख सकते हो। 6 महीने में आप दर्जी का काम सिख सकते हो। 6 महीने में आप डेयरी फार्मिंग सीख सकते हो। 6 महीने में आप हलवाई का काम सीख सकते हो। 6 महीने में आप घर की इलेक्ट्रिक वायरिंग सीख सकते हो। 6 महीने में आप घर का प्लंबर का कार्य सीख सकते हो। 6 महीने में आप मोबाइल रिपेयरिंग सीख सकते हो। 6 महीने में आप जूते बनाना सीख सकते हो। 6 महीने में आप दरवाजे बनाना सीख सकते हो। 6 महीने में आप वेल्डिंग का काम सीख सकते हो। 6 महीने में आप मिट्टी के बर्तन बनाना सीख सकते हो। 6 महीने में आप घर की चिनाई करना सीख सकते हैं। 6 महीने में आप योगासन सीख सकते हो। 6 महीने में आप मशरूम की खेती का काम सीख सकते हो। 6 महीने में आप बाल काटने सीख सकते हो। 6 महीने में आप बहुत से काम ऐसे सीख सकते हो जो आपके परिवार को भूखा नहीं सोने देगा। आज भारत में सबसे अधिक दुखी वह लोग हैं जो बहुत अधिक पढ़ लिखकर बेरोजगार हैं। जो शिक्षा आप को रोजगार न दे सके वह शिक्षा किसी काम की नहीं। रोजगार के लिए आपका अधिक पढ़ा लिखा होना कोई मायने नहीं। भारत में 90% रोजगार वे लोग कर रहे हैं जो ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। 10% रोजगार पाने के लिए पढ़े लिखे लोगों में मारामारी है।। स्वंय विचार करें। #बेरोजगार 🚩🚩🌹🌹🙏🙏 🌈🌈🌈🌈🌈🌈 ➖➖➖➖➖➖ 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है #सामाजिक समस्या
समीक्षा की समीक्षा - भ्रमित हिन्दुओं का भयावह भविष्य इस लेख को पढ़ने की पहली शर्त यही है कि आप अपने आवरण को उतार कर अलग रखें और केवल एक व्यक्ति होकर सोचें , एक हिंदू होकर अपने भविष्य का चिंतन करें । ----------------------------------------------- हाल के ही चार बयानों पर चर्चा करते हैं । 1. भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति हिन्दू ही है । 2. भारत में चार तरह के हिन्दू हैं । कुछ गर्व से कहते हैं हम हिन्दू हैं , कुछ कहते हैं" गर्व की क्या बात ", कुछ धीरे से कहते हैं 'हम हिन्दू हैं ', कुछ भूल गए हैं कि वो हिन्दू हैं । 3. भारत आने वाले तीस वर्ष में हिन्दू राष्ट्र बन जाएगा 4. भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की कोई आवश्यकता नहीं क्योंकि ये हिन्दू राष्ट्र ही है । यह चारों बयान अपने आप में कितने भ्रमित करने वाले हैं या और स्पष्ट तरीके से कहूं कि इन बयानों को देने वाला व्यक्ति स्वयं भ्रमित है । यदि भारत में रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति हिंदू है तो फिर आपको एकांत में चिंतन करने की आवश्यकता है क्योंकि आपके लिए तो मार्गदर्शक मण्डल वाला ऑप्शन भी नहीं है । जब 1920 के दशक में खिलाफत मुहिम और असहयोग आंदोलन आरम्भ हुआ और मुस्लिम दंगे शुरू हुए तब पूज्य हेडगेवार जी ने हिंदू समाज की दुर्दशा को देखा और इसके कारणों को समझा, कारण तब भी लगभग वही थे जो आज हैं ..जैसे कांग्रेस का मुस्लिम चरमपंथ को समर्थन, गांधी की हिन्दू मुस्लिम एकता के धोखे के पीछे हिन्दुओं के हितों की अनदेखी हिन्दुओं में संगठन की कमी, आत्मविश्वास की कमी, बल और अनुशासन की कमी । जब हिंदू समाज कमजोर पड़ रहा था और कांग्रेस हिंदू मुस्लिम एकता के धोखे के पीछे हिंदुओं का ही नाश करने पर तत्पर थी तब पूज्य हेडगेवार जी ने संकल्प लिया कि वह एक ऐसा संगठन बनाएंगे जो हिंदुओं को संगठित करेगा, हिंदुओं को अनुशासित रखेगा, हिंदुओं में आत्मविश्वास जगाएगा और हिंदुओं को बलिष्ठ बनाएगा, बलवान बनाएगा ताकि हिन्दू अपनी रक्षा स्वयं कर सकें । तो प्रश्न है कि हिंदू किन से अपनी रक्षा कर सकें तो इसका उत्तर है उन्हीं से जिन्हें आज मोहन भागवत स्वयं हिंदू बता रहे हैं । कोई भी संगठन जब बनता है तो उसके लक्ष्य निश्चित किए जाते हैं, उसके उद्देश्य निश्चित किए जाते हैं तो यह तो हो सकता है कि कार्य करने के तरीकों में बदलाव हो, लक्ष्य तक पहुंचने के रास्ते के चुनाव में कई लोग हों, तो हो सकता है कि रास्ते अलग-अलग हो किंतु रास्तों के बदले जाने से लोगों के बदल जाने से, समूह के मुखिया के बदले जाने से कभी भी लक्ष्य नहीं बदलता, और जिस दिन आपने अपना निश्चित किया हुआ लक्ष्य बदल दिया तो आप वह रहे ही नहीं और जब आप वह रहे ही नहीं तो आपको वह सम्मान भी नहीं मिलना चाहिए जो तब मिल रहा था जब आप अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्पित थे । भारत में चार तरह के हिंदू नहीं है भारत में केवल एक तरीके का हिंदू है जो कहता है कि गर्व से कहो हम हिंदू हैं और वह सिर्फ कहता ही नहीं है वह कहता तब है जब वह इसको मानता है और जब वह यह बात कहता है तो उसकी धमनियों का रक्त संकल्पित होता है कि इस राष्ट्र की रक्षा करने के लिए यदि उसे अपने प्राणों की आहुति भी देनी होगी तो भी वह एक क्षण के लिए चिंतन नहीं करेगा, बाकी के तीन तरह के हिंदू केवल उस हिंदू की टांग खींचने की चेष्टा में लगे हैं, उसको अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंचने देना चाहते, उसकी राह में बाधा उत्पन्न करने के लिए हैं । यदि भारत में सभी हिंदू हैं तो फिर आप घर वापसी किनकी करवाना चाहते हैं फिर आपका लव जिहाद की बात करना तो केवल दोगलापन ही कहा जाएगा । यदि भारत में सब हिंदू ही हैं तो मैं आपके इस कथन से पूरी तरह सहमत हूं कि भारत अगले 30 वर्षों में हिंदू राष्ट्र बन जाएगा जानते हैं क्यों क्योंकि यही बात तो मुस्लिम कह रहे हैं कि अगले 30 वर्षों में गजवा ए हिंद हो जाएगा और जब आप सबको ही हिंदू मान रहे हैं तो फिर चाहे यह मुस्लिम राष्ट्र बने या सनातनी राष्ट्र आपके लिए तो हिंदू राष्ट्र ही रहेगा । मैं कहूं कि जो उद्देश्य,उसका लक्ष्य, उसकी आत्मा होती है वह यह होता है कि आपको अपने लक्ष्य प्राप्ति में या अपने लक्ष्य के प्रति या अपने लक्ष्य को लेकर कभी भी भ्रमित नहीं होना चाहिए । जैसे कि : वीर की तो आयु होती मात्र कुछ क्षण पार्थ अब गांडीव से टंकार कर लो द्वंद्व में जीते नहीं जाते कभी रण हो भ्रमित तो हार को स्वीकार कर लो तो लक्ष्य क्या है गुरु गोलवलकर जी ने कहा था कि हमें अपने राष्ट्र को तीन राक्षसों से बचाना है मेरे विचार से संघ का हर स्वयंसेवक जानता ही होगा कि वह तीनों कौन हैं । भीष्म पितामह बलवान थे पर वह सम्मानित नहीं रहे क्योंकि वह अपने धर्म को भूल गए । द्रोणाचार्य बुद्धिमान थे गुरु थे किंतु वह सम्मानित नहीं हो सके क्योंकि वह अपने धर्म को भूल गए । कृपाचार्य श्रेष्ठ थे विद्वान थे किंतु वह सम्मान प्राप्त नहीं कर सके क्योंकि वह अपने धर्म को भूल गए । कर्ण बलवान था किंतु वह सम्मानित नहीं हो पाया क्योंकि वह अपने धर्म को भूल गया । और जानते हैं सबका धर्म क्या था ? सबका धर्म केवल एक ही था धर्म की रक्षा करना । सदा ध्यान रखिए ... जहां धर्म तहां कृष्ण है और जहां कृष्णा तहां जीत । हां तो अब प्रश्न ये है कि हमें क्या करना चाहिए ... उत्तर है कि इस राष्ट्र की रक्षा, इस राष्ट्र को सम्मान, इस राष्ट्र की ख्याति और इस राष्ट्र का भविष्य केवल वह पहले तरह का हिंदू ही सुनिश्चित करेगा जो गर्व से कहता है कि मैं हिंदू हूं । वह राष्ट्र की रक्षा करने के साथ-साथ धर्म की रक्षा करने के साथ-साथ उन बाकी तीन प्रकार के बचे हुए हिंदुओं का बोझ भी ढोएगा तो आप अपने दिल पर हाथ रखकर पहले तो यह चिंतन कीजिए कि आप किस तरह की हिंदू है यदि आप पहले तरह के हिंदू नहीं है जो गर्व से कहता है कि मैं हिंदू हूं तो आपको पहली तरह का हिंदू बनने का प्रयास करना चाहिए । आपको प्रयास करना चाहिए कि आप उस हिंदू के साथ खड़े रहें जो गर्व से स्वयं को हिंदू कह रहा है आप प्रयास कीजिए कि आपके पास जो भी क्षमता है आप उस हिंदू को लिए समर्पित करें जो गर्व से कह रहा है कि वह हिंदू है क्योंकि वह पहले तरह का हिंदू ही भविष्य में आपको बचाएगा और आपके बच्चों का भविष्य सुरक्षित करेगा । पूज्य हेडगेवार जी और गुरु गोलवलकर जी जैसा हिंदू चाहते थे वैसा हिंदू बनिए । वह चाहते थे कि हिंदू संगठित रहे, हिन्दू आत्मविश्वास से भरा हो, हिंदू बलवान बने, हिंदू भ्रमित न रहे और हिंदू अनुशासित रहे तो जिस हिंदू में इतने सारे गुण होंगे वह स्वयं पर गर्व करेगा ही और वह बिना झिझक के बोलेगा "गर्व से कहो हम हिंदू हैं" और अंतिम बात भ्रमित मत रहिए । संगठित रहिए । सक्षम रहिए । समर्थ रहिये #सामाजिक समस्या #🌍भारतीय इतिहास📚 #विश्व सनातन उत्थान संगठन
🌞 *शास्त्र📜 शस्त्र⚔️* *प्रतिदिन पूजन करे* ⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️⚔️ 📖📖 भारतीय राजनेताओं द्वारा 📚📚 इतिहास में गायब महानायक 📚📚📚 🗞️🗞️ शिवाजी महाराज का जीवन और इतिहास : 📜 जन्म और प्रारंभिक जीवन: शिवाजी महाराज का जन्म 19 फरवरी 1630 (कुछ स्रोतों के अनुसार 1627) को शिवनेरी किले में हुआ था। उनके पिता शाहजी भोंसले एक मराठा सेनापति थे और माता जीजाबाई एक अत्यंत धर्मपरायण और दृढ़ निश्चयी महिला थीं। 📜📜 शिक्षा और दीक्षा: उनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा माता जीजाबाई और गुरु दादाजी कोंडदेव की देखरेख में हुई, जिन्होंने उन्हें युद्ध कला, राजनीति और धर्म की शिक्षा दी। 📜📜 स्वराज्य की शुरुआत: मात्र 16 वर्ष की आयु में, शिवाजी ने बीजापुर सल्तनत के नियंत्रण वाले तोरना किले पर कब्जा कर अपना पहला सैन्य अभियान शुरू किया। 📜📜 प्रमुख संघर्ष और विजय: अफजल खान का वध (1659): प्रतापगढ़ के युद्ध में बीजापुर के सेनापति अफजल खान को मारकर उन्होंने अपनी वीरता साबित की। 📜📜 मुगलों से संघर्ष: औरंगजेब की सेना के साथ लंबे संघर्ष के बाद, 1665 में उन्हें पुरंदर की संधि करनी पड़ी, लेकिन बाद में उन्होंने फिर से किले हासिल किए। 📜📜 सूरत की लूट (1664, 1670): उन्होंने मुगल व्यापारिक केंद्र सूरत पर दो बार धावा बोलकर बड़ी संपत्ति अर्जित की। 📜📜🧧 राज्याभिषेक और साम्राज्य: 6 जून 1674 को रायगढ़ किले में उनका राज्याभिषेक हुआ और उन्होंने 'छत्रपति' की उपाधि धारण की। 📜📜🧧🧧 प्रशासन और नीति: शिवाजी एक कुशल प्रशासक थे। उन्होंने 'अष्टप्रधान' (आठ मंत्रियों की परिषद) की व्यवस्था की और मराठी तथा संस्कृत को प्रशासनिक भाषा के रूप में बढ़ावा दिया। उन्होंने महिलाओं का सम्मान और कृषि को बढ़ावा देने जैसी नीतियां अपनाईं। 📜🧧🧧 नौसेना के पिता: उन्होंने भारत में पहली बार एक मजबूत नौसेना (Navy) का निर्माण किया, जिसके कारण उन्हें 'भारतीय नौसेना का पिता' भी कहा जाता है। 🧾🧾🧾 निधन: 3 अप्रैल 1680 को रायगढ़ किले में उनकी मृत्यु हुई, लेकिन उनके द्वारा स्थापित मराठा साम्राज्य ने आने वाली शताब्दियों तक भारत के इतिहास को प्रभावित किया। शिवाजी महाराज को उनकी वीरता, धर्मनिरपेक्षता और प्रशासनिक क्षमता के लिए आज भी याद किया जाता है। 🚩🚩 #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🌍भारतीय इतिहास📚 🌈 *सदैव प्रसन्न रहिये!!* जो प्राप्त है-पर्याप्त है
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