kripal singh
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#🙏🏻गुरबानी
🙏🏻गुरबानी - waheguru ji वी लैटा हॅहे घट वे भेठ' ठूग्ठव गृठरु गठीप्वां रा उेठे उग्टे मगघ्ॅउ रा उलग! रडरी ठठव ठभ वला  waheguru ji वी लैटा हॅहे घट वे भेठ' ठूग्ठव गृठरु गठीप्वां रा उेठे उग्टे मगघ्ॅउ रा उलग! रडरी ठठव ठभ वला - ShareChat
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🙏🏻गुरबानी - মঠি মূী পনদ্মনী PRM PPM Saauat 7 भृष्टी हढह्ढ PRM ्ँत्त ची मेग्टी महेठ हर्गग्गृवु नी ची ष्टिँव मेग्टी रग्उ गे PRM Sardarnii] DRM Oon टिल् मग्ढ ठँवे डे हर्गग्गृवु नी चा ठग्भ नथटे ग्गे फ्ग्थ मुधी वे नग्टेगा ১ন নদ্ শষ্ই శరెగకేరె గేిౌ Good Moroing মঠি মূী পনদ্মনী PRM PPM Saauat 7 भृष्टी हढह्ढ PRM ्ँत्त ची मेग्टी महेठ हर्गग्गृवु नी ची ष्टिँव मेग्टी रग्उ गे PRM Sardarnii] DRM Oon टिल् मग्ढ ठँवे डे हर्गग्गृवु नी चा ठग्भ नथटे ग्गे फ्ग्थ मुधी वे नग्टेगा ১ন নদ্ শষ্ই శరెగకేరె గేిౌ Good Moroing - ShareChat
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🙏🏻गुरबानी - ஈத @ c నగో డౌనే FC R 34 »٢ ஈத @ c నగో డౌనే FC R 34 »٢ - ShareChat
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🙏🏻गुरबानी - WAHEGURUJJII सो कमावै लिखिआ होइ II (अंग २२२) gR अर्थः मनुष्य यहाँ लिखित लेखों के अनुसार ही कमाता है। ( भावःनाम सिमरन छोड़ के नाशवंत दार्थों में सुख की तलाश के व्यर्थ प्रयत्न करता है) 24 ইম্ে 7M47 Tತaರdeld मे वभग्हे पठि लिधिभा गेष्टि II (र्ग २२२) Ie पठें लिथे लेथां भठुमग्ठ गे भठुॅ4 ष्िवे वभष्ष्टी वगरा गै। IRISH WAHEGURUJJII सो कमावै लिखिआ होइ II (अंग २२२) gR अर्थः मनुष्य यहाँ लिखित लेखों के अनुसार ही कमाता है। ( भावःनाम सिमरन छोड़ के नाशवंत दार्थों में सुख की तलाश के व्यर्थ प्रयत्न करता है) 24 ইম্ে 7M47 Tತaರdeld मे वभग्हे पठि लिधिभा गेष्टि II (र्ग २२२) Ie पठें लिथे लेथां भठुमग्ठ गे भठुॅ4 ष्िवे वभष्ष्टी वगरा गै। IRISH - ShareChat
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🙏🏻गुरबानी - श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अनमोल वाणी मन तू जोत स्वरूप है, अपना मूल पहचान। বাবম্মী गुठु री घ्ण्ष्टी (हे मन, तू खुद परमात्मा की ज्योति है नीदठ री ग्ग्ग चै अपने असली रूप को पहचान ) ) नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सर्बत दा भला। (नाम से उन्मति होती है और सबका भला होता है) 3 जिस के सिर ऊपर तू स्वामी , 43 कैसा पार्के। (जिसके ऊपर भगवान का हाथ है उसे कोई दुख नहीं छू सकता ) सबना अंदरि एकु वरतदा , सबना का करता एक। (सबके अंदर एक ही परमात्मा है सबका रचयिता एक है) वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अनमोल वाणी मन तू जोत स्वरूप है, अपना मूल पहचान। বাবম্মী गुठु री घ्ण्ष्टी (हे मन, तू खुद परमात्मा की ज्योति है नीदठ री ग्ग्ग चै अपने असली रूप को पहचान ) ) नानक नाम चढ़दी कला, तेरे भाणे सर्बत दा भला। (नाम से उन्मति होती है और सबका भला होता है) 3 जिस के सिर ऊपर तू स्वामी , 43 कैसा पार्के। (जिसके ऊपर भगवान का हाथ है उसे कोई दुख नहीं छू सकता ) सबना अंदरि एकु वरतदा , सबना का करता एक। (सबके अंदर एक ही परमात्मा है सबका रचयिता एक है) वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह - ShareChat
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🙏🏻गुरबानी - सोइन लंका सोइन माड़ी स्मपै किसै न केरी Il (37154) अर्थः-सोने की लंका, सोने के महल, यह दौलत किसी की नहीं रहती ।। म्लॅड 6 MAY gqera WAHEGURU JI मेप्टिठ र्लवा मेप्टिठ भग्ज्ी र्मथै विमै ठ वेठी Il ठ भग्ज्ी मथे वििमे ठ (भंग १५४) 5 मेठे री ्लवग , मेठे रे भग्म्त ष्िग पठ विमे रा डी ठगीं [ 9fenr af सोइन लंका सोइन माड़ी स्मपै किसै न केरी Il (37154) अर्थः-सोने की लंका, सोने के महल, यह दौलत किसी की नहीं रहती ।। म्लॅड 6 MAY gqera WAHEGURU JI मेप्टिठ र्लवा मेप्टिठ भग्ज्ी र्मथै विमै ठ वेठी Il ठ भग्ज्ी मथे वििमे ठ (भंग १५४) 5 मेठे री ्लवग , मेठे रे भग्म्त ष्िग पठ विमे रा डी ठगीं [ 9fenr af - ShareChat