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supreme court aur highcourt se Jude update
#🎞️आज के वायरल अपडेट्स #Legal Update #🆕 ताजा अपडेट #Up police ने गुमशुदा केस में 9% से भी कम की कार्यवाही
🎞️आज के वायरल अपडेट्स - यूपी पुलिस ने २०२४ से १ .०८ लाख गुमशुदा लोगों की शिकायतों में से ९% से भी कम पर की कार्रवाईः हैरान हाईकोर्ट ने PIL दर्ज की Case title Vikrama Prasad vS State ofUP Thru Prin Secy Home Lko and 3 others इलाहाबाद हाई कोर्ट Legal  @legal_knowledge  Judgianto JUSTIOEBABITI RAN JUSIIUEABDULMIOI यूपी पुलिस ने २०२४ से १ .०८ लाख गुमशुदा लोगों की शिकायतों में से ९% से भी कम पर की कार्रवाईः हैरान हाईकोर्ट ने PIL दर्ज की Case title Vikrama Prasad vS State ofUP Thru Prin Secy Home Lko and 3 others इलाहाबाद हाई कोर्ट Legal  @legal_knowledge  Judgianto JUSTIOEBABITI RAN JUSIIUEABDULMIOI - ShareChat
धारा 35 BNSS के अनुसार, बिना वारंट गिरफ्तारी तभी संभव है जब— 1. धारा 35(1)(b)(i) के तहत पुलिस को यह कारणयुक्त विश्वास हो कि अभियुक्त ने अपराध किया है; और 2. धारा 35(1)(b)(ii) के तहत कम-से-कम एक आवश्यकता मौजूद हो (जैसे आगे अपराध रोकना, साक्ष्य से छेड़छाड़ रोकना, गवाहों की सुरक्षा, जांच में सहयोग, या अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करना)। इन दोनों शर्तों की एकसाथ पूर्ति आवश्यक है। इसके बावजूद भी गिरफ्तारी स्वतः अनिवार्य नहीं है; पुलिस को निर्णय लेना होगा और कारण लिखित रूप में दर्ज करने होंगे—चाहे गिरफ्तारी करे या न करे। धारा 35(3): नोटिस देना “नियम” धारा 35(3) के तहत पुलिस गिरफ्तारी के बजाय नोटिस देकर उपस्थित होने को कह सकती है। कोर्ट ने कहा कि 7 वर्ष तक की सज़ा वाले अपराधों में इस प्रावधान को धारा 35(1)(b) और उसके प्रावधानों के साथ पढ़ा जाना चाहिए। यदि नोटिस का पालन किया जाता है और अभियुक्त उपस्थित होता है, तो धारा 35(5) के अनुसार उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। कोर्ट की टिप्पणी: “7 वर्ष तक की सज़ा वाले अपराधों में धारा 35(3) के तहत नोटिस देना नियम है, जबकि धारा 35(6) सहपठित धारा 35(1)(b) के तहत गिरफ्तारी स्पष्ट अपवाद है।” सुप्रीम कोर्ट के निष्कर्ष (संक्षेप में) i. गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं, बल्कि जांच को सुगम बनाने का विवेकाधीन साधन है। ii. पुलिस को पहले यह तय करना होगा कि गिरफ्तारी आवश्यक है या नहीं। iii. 7 वर्ष तक की सज़ा वाले अपराधों में गिरफ्तारी से पहले धारा 35(1)(b) की शर्तें पूरी होना आवश्यक है। iv. धारा 35(3) का नोटिस नियम है; गिरफ्तारी अपवाद। v. नोटिस के बाद भी गिरफ्तारी रूटीन नहीं, केवल अत्यावश्यक होने पर। vi. पुलिस को गिरफ्तारी/गैर-गिरफ्तारी—दोनों के कारण लिखित रूप में दर्ज करने होंगे। यह फैसला व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा और अनावश्यक गिरफ्तारियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🆕 ताजा अपडेट #Legal Update
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#⚖️सुप्रीम कोर्ट पहुंची CM ममता बनर्जी #🆕 ताजा अपडेट #🎞️आज के वायरल अपडेट्स
⚖️सुप्रीम कोर्ट पहुंची CM ममता बनर्जी - पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की, जिसमें राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को चुनौती दी गई। की गई। उन्होंने पहले मुख्य यह याचिका २८ जनवरी को दायर ' चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि यह प्रक्रिया रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट और नियमों का उल्लंघन करके की जा रही है। इससे पहले, TMC सांसद डेरेक ओं ब्रायन ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था, अधिकारियों को अनौपचारिक निर्देश दे रहा है जिसमें कहा गया कि ECI चुनावी Case : Mamata Banerjee v Eection Commission of India WP() No.129/2026 @egelmowledge ) Etilita , पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की, जिसमें राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को चुनौती दी गई। की गई। उन्होंने पहले मुख्य यह याचिका २८ जनवरी को दायर ' चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि यह प्रक्रिया रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट और नियमों का उल्लंघन करके की जा रही है। इससे पहले, TMC सांसद डेरेक ओं ब्रायन ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था, अधिकारियों को अनौपचारिक निर्देश दे रहा है जिसमें कहा गया कि ECI चुनावी Case : Mamata Banerjee v Eection Commission of India WP() No.129/2026 @egelmowledge ) Etilita , - ShareChat
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🎞️आज के वायरल अपडेट्स - यूपी पुलिस ने २०२४ से १ .०८ लाख गुमशुदा लोगों की शिकायतों में से ९% से भी कम पर की कार्रवाईः हैरान हाईकोर्ट ने PIL दर्ज की Case title Vikrama Prasad vS State ofUP Thru Prin Secy Home Lko and 3 others इलाहाबाद हाई कोर्ट Legal  @legal_knowledge  Judgianto JUSTIOEBABITI RAN JUSIIUEABDULMIOI यूपी पुलिस ने २०२४ से १ .०८ लाख गुमशुदा लोगों की शिकायतों में से ९% से भी कम पर की कार्रवाईः हैरान हाईकोर्ट ने PIL दर्ज की Case title Vikrama Prasad vS State ofUP Thru Prin Secy Home Lko and 3 others इलाहाबाद हाई कोर्ट Legal  @legal_knowledge  Judgianto JUSTIOEBABITI RAN JUSIIUEABDULMIOI - ShareChat
एक ही तथ्यों पर 'आपराधिक न्यास भंग' और 'धोखाधड़ी' साथ-साथ लागू नहीं हो सकते: ओडिशा हाईकोर्ट https://hindi.livelaw.in/udisa-high-court/orissa-high-court-criminal-breach-of-trust-cheating-same-facts-516744 #Legal Update #Letest News #🎞️आज के वायरल अपडेट्स
Legal Update - @legal_knowvledge Livel Law JUSTICE RADHA KRISHNA PATTANAIK | @legal_knowvledge Livel Law JUSTICE RADHA KRISHNA PATTANAIK | - ShareChat
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🆕 ताजा अपडेट - वैवाहिक मामलों में Al से अक्सर गढ़े जा रहे हैं सबूत , झूठे आरोप आम हो गए हैं : सुप्रीम कोर्ट @legal_knowledge Legal Wuigili:Tits Divorce Law वैवाहिक मामलों में Al से अक्सर गढ़े जा रहे हैं सबूत , झूठे आरोप आम हो गए हैं : सुप्रीम कोर्ट @legal_knowledge Legal Wuigili:Tits Divorce Law - ShareChat