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supreme court aur highcourt se Jude update
#🆕 ताजा अपडेट #Legal Update #🎞️आज के वायरल अपडेट्स
🆕 ताजा अपडेट - POCSO मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत Legul Juilglileilta  @legal kpowledge FIR में POCSO एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं जिनमें धारा 3, ५(), ४(२), ६, १६, १७ और ५१ शामिल हैं। विशेष रूप से धारा ५( ) सहपठित धारा 6 के तहत नाबालिग के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न के लिए न्यूनतम २० साल की सजा , जो आजीवन कारावास तक बढ़ सकती है, का प्रावधान है। POCSO मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत Legul Juilglileilta  @legal kpowledge FIR में POCSO एक्ट की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं जिनमें धारा 3, ५(), ४(२), ६, १६, १७ और ५१ शामिल हैं। विशेष रूप से धारा ५( ) सहपठित धारा 6 के तहत नाबालिग के साथ गंभीर यौन उत्पीड़न के लिए न्यूनतम २० साल की सजा , जो आजीवन कारावास तक बढ़ सकती है, का प्रावधान है। - ShareChat
#🎞️आज के वायरल अपडेट्स #Legal Update #🆕 ताजा अपडेट Case Details: HARISH RANA Vs UNION OF INDIA|MA 2238/2025 in SLP(C) No. 18225/2024
🎞️आज के वायरल अपडेट्स - मरीज के सबसे अच्छे हित' में मेडिकल इलाज कब रोका जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार पैसिव यूथेनेशिया की इजाज़त देते हुए समझाया @legal_knowledge PASSIVE EUTHANASIA 71` RIGHITO DIEWIIH DIGNIIY मरीज के सबसे अच्छे हित' में मेडिकल इलाज कब रोका जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार पैसिव यूथेनेशिया की इजाज़त देते हुए समझाया @legal_knowledge PASSIVE EUTHANASIA 71` RIGHITO DIEWIIH DIGNIIY - ShareChat
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🆕 ताजा अपडेट - साक्ष्य अधिनियम की धारा ६५ के सर्टिफिकेट के बिना कॉल डिटेल रिकॉर्ड मान्य नहींः सुप्रीम कोर्ट @legal knowledge Tqul Ougilenta  SECTION 65B/ EVIDENCE ACT साक्ष्य अधिनियम की धारा ६५ के सर्टिफिकेट के बिना कॉल डिटेल रिकॉर्ड मान्य नहींः सुप्रीम कोर्ट @legal knowledge Tqul Ougilenta  SECTION 65B/ EVIDENCE ACT - ShareChat
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🎞️आज के वायरल अपडेट्स - व्हाट्सऐप पर गिरफ्तारी की सूचना , बिना सेवा के प्रमाण पर्याप्त नहींः हाइकोर्ट ने दी जमानत Amir Ahmad गुवाहाटी हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को केवल व्हाट्सऐप के माध्यम से भेज देना और उसकी वास्तविक सेवा का कोई प्रमाण न होना, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) २०२३ की धारा ४८ का पालन नहीं माना समुचित जा सकता। ऐसी स्थिति में गिरफ्तारी अवैध मानी जाएगी और आरोपी जमानत का हकदार होगा| Ltgnl ' 171T T-TTt: @legal_knowledge व्हाट्सऐप पर गिरफ्तारी की सूचना , बिना सेवा के प्रमाण पर्याप्त नहींः हाइकोर्ट ने दी जमानत Amir Ahmad गुवाहाटी हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि किसी आरोपी की गिरफ्तारी की सूचना परिजनों को केवल व्हाट्सऐप के माध्यम से भेज देना और उसकी वास्तविक सेवा का कोई प्रमाण न होना, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) २०२३ की धारा ४८ का पालन नहीं माना समुचित जा सकता। ऐसी स्थिति में गिरफ्तारी अवैध मानी जाएगी और आरोपी जमानत का हकदार होगा| Ltgnl ' 171T T-TTt: @legal_knowledge - ShareChat
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Legal Update - एक वर्ग को क्यों बदनाम करें२ : ' घूसखोर पंडित नाम पर सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति, निर्माताओं से नया टाइटल लगाने को कह्ा| जस्टिस बी॰वी॰ नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने इस मामले में दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते सरकार केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड हुए केंद्र (CBFC) और निर्देशक नीरज पांडे को नोटिस जारी किया। यह याचिका अतुल मिश्रा द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि सीरीज़ का शीर्षक पूरे ब्राह्मण समुदाय को बदनाम करता है। @[egel_knowledge GioosDR Lrgal PANDAT Dudirnte  एक वर्ग को क्यों बदनाम करें२ : ' घूसखोर पंडित नाम पर सुप्रीम कोर्ट की आपत्ति, निर्माताओं से नया टाइटल लगाने को कह्ा| जस्टिस बी॰वी॰ नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की खंडपीठ ने इस मामले में दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते सरकार केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड हुए केंद्र (CBFC) और निर्देशक नीरज पांडे को नोटिस जारी किया। यह याचिका अतुल मिश्रा द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि सीरीज़ का शीर्षक पूरे ब्राह्मण समुदाय को बदनाम करता है। @[egel_knowledge GioosDR Lrgal PANDAT Dudirnte - ShareChat
धारा 35 BNSS के अनुसार, बिना वारंट गिरफ्तारी तभी संभव है जब— 1. धारा 35(1)(b)(i) के तहत पुलिस को यह कारणयुक्त विश्वास हो कि अभियुक्त ने अपराध किया है; और 2. धारा 35(1)(b)(ii) के तहत कम-से-कम एक आवश्यकता मौजूद हो (जैसे आगे अपराध रोकना, साक्ष्य से छेड़छाड़ रोकना, गवाहों की सुरक्षा, जांच में सहयोग, या अदालत में उपस्थिति सुनिश्चित करना)। इन दोनों शर्तों की एकसाथ पूर्ति आवश्यक है। इसके बावजूद भी गिरफ्तारी स्वतः अनिवार्य नहीं है; पुलिस को निर्णय लेना होगा और कारण लिखित रूप में दर्ज करने होंगे—चाहे गिरफ्तारी करे या न करे। धारा 35(3): नोटिस देना “नियम” धारा 35(3) के तहत पुलिस गिरफ्तारी के बजाय नोटिस देकर उपस्थित होने को कह सकती है। कोर्ट ने कहा कि 7 वर्ष तक की सज़ा वाले अपराधों में इस प्रावधान को धारा 35(1)(b) और उसके प्रावधानों के साथ पढ़ा जाना चाहिए। यदि नोटिस का पालन किया जाता है और अभियुक्त उपस्थित होता है, तो धारा 35(5) के अनुसार उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। कोर्ट की टिप्पणी: “7 वर्ष तक की सज़ा वाले अपराधों में धारा 35(3) के तहत नोटिस देना नियम है, जबकि धारा 35(6) सहपठित धारा 35(1)(b) के तहत गिरफ्तारी स्पष्ट अपवाद है।” सुप्रीम कोर्ट के निष्कर्ष (संक्षेप में) i. गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं, बल्कि जांच को सुगम बनाने का विवेकाधीन साधन है। ii. पुलिस को पहले यह तय करना होगा कि गिरफ्तारी आवश्यक है या नहीं। iii. 7 वर्ष तक की सज़ा वाले अपराधों में गिरफ्तारी से पहले धारा 35(1)(b) की शर्तें पूरी होना आवश्यक है। iv. धारा 35(3) का नोटिस नियम है; गिरफ्तारी अपवाद। v. नोटिस के बाद भी गिरफ्तारी रूटीन नहीं, केवल अत्यावश्यक होने पर। vi. पुलिस को गिरफ्तारी/गैर-गिरफ्तारी—दोनों के कारण लिखित रूप में दर्ज करने होंगे। यह फैसला व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा और अनावश्यक गिरफ्तारियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। #🎞️आज के वायरल अपडेट्स #🆕 ताजा अपडेट #Legal Update
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#⚖️सुप्रीम कोर्ट पहुंची CM ममता बनर्जी #🆕 ताजा अपडेट #🎞️आज के वायरल अपडेट्स
⚖️सुप्रीम कोर्ट पहुंची CM ममता बनर्जी - पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की, जिसमें राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को चुनौती दी गई। की गई। उन्होंने पहले मुख्य यह याचिका २८ जनवरी को दायर ' चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि यह प्रक्रिया रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट और नियमों का उल्लंघन करके की जा रही है। इससे पहले, TMC सांसद डेरेक ओं ब्रायन ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था, अधिकारियों को अनौपचारिक निर्देश दे रहा है जिसमें कहा गया कि ECI चुनावी Case : Mamata Banerjee v Eection Commission of India WP() No.129/2026 @egelmowledge ) Etilita , पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की, जिसमें राज्य में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को चुनौती दी गई। की गई। उन्होंने पहले मुख्य यह याचिका २८ जनवरी को दायर ' चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कहा कि यह प्रक्रिया रिप्रेजेंटेशन ऑफ पीपल्स एक्ट और नियमों का उल्लंघन करके की जा रही है। इससे पहले, TMC सांसद डेरेक ओं ब्रायन ने सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया था, अधिकारियों को अनौपचारिक निर्देश दे रहा है जिसमें कहा गया कि ECI चुनावी Case : Mamata Banerjee v Eection Commission of India WP() No.129/2026 @egelmowledge ) Etilita , - ShareChat
#🎞️आज के वायरल अपडेट्स #Legal Update #🆕 ताजा अपडेट #Up police ने गुमशुदा केस में 9% से भी कम की कार्यवाही
🎞️आज के वायरल अपडेट्स - यूपी पुलिस ने २०२४ से १ .०८ लाख गुमशुदा लोगों की शिकायतों में से ९% से भी कम पर की कार्रवाईः हैरान हाईकोर्ट ने PIL दर्ज की Case title Vikrama Prasad vS State ofUP Thru Prin Secy Home Lko and 3 others इलाहाबाद हाई कोर्ट Legal  @legal_knowledge  Judgianto JUSTIOEBABITI RAN JUSIIUEABDULMIOI यूपी पुलिस ने २०२४ से १ .०८ लाख गुमशुदा लोगों की शिकायतों में से ९% से भी कम पर की कार्रवाईः हैरान हाईकोर्ट ने PIL दर्ज की Case title Vikrama Prasad vS State ofUP Thru Prin Secy Home Lko and 3 others इलाहाबाद हाई कोर्ट Legal  @legal_knowledge  Judgianto JUSTIOEBABITI RAN JUSIIUEABDULMIOI - ShareChat